
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣
@Murti_Nain • 31,556 subscribers
उसूलों पर जहाँ आँच आए टकराना ज़रूरी है। जो ज़िंदा हो तो फिर ज़िंदा नज़र आना ज़रूरी है।। ***“RTs are not endorsements”***
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Breaking News 🔥 1000 करोड़ के गुप्त फंड का पर्दाफाश! नागपुर और यरूशलम के बीच अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ नागपुर के विजयदशमी उत्सव और यरूशलम में हुई बैठकों के बीच एक बड़ा कूटनीतिक खेल सामने आ रहा है। शुरुआत में ये तीन बड़े सबूत सामने आए हैं... 1. 18 अक्टूबर को यरूशलम में RSS पर किताब लिखने वाले इजराइली शोधकर्ता ने ऑन-रिकॉर्ड कहा कि RSS में उनके कई दोस्तों से उनकी मुलाकात इजराइली डिप्लोमैटिक टीम के इवेंट्स के दौरान हुई थी। 2. इसके ठीक दो दिन बाद 20 अक्टूबर को नागपुर के विजयदशमी उत्सव में भारत में इजराइल के कंसुल जनरल ने आकर कहा कि भारत और इजराइल की चुनौतियां और वैल्यूज एक जैसी हैं। 3. इसी वक्त 'बेलिंगकैट' की रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि अमेरिका की दो संस्थाओं "एकल USA" और "सेवा USA" को पिछले 5 सालों में लगभग 1000 करोड़ रुपये मिले हैं। • यह सारा पैसा "डोनर-एडवाइज्ड फंड्स"के जरिए आता है, जिससे असली पैसा देने वाले कॉर्पोरेट घरानों और अमीरों का नाम हमेशा के लिए छिप जाता है। • कागजों में इसे स्कूल और शिक्षा के नाम पर भेजा जाता है, लेकिन एक तरफ विदेशी फंडिंग का यह नेटवर्क है और दूसरी तरफ जमीन पर 'फॉर्म-7' के जरिए वोटर लिस्ट से मुस्लिमों के नाम काटने के खेल की खबरें हैं। • सरकार खुद मानती है कि गुप्त विदेशी फंडिंग से चुनाव प्रभावित होते हैं, फिर भी संघ से जुड़ी संस्थाओं के लिए ये रास्ते खुले हैं जबकि सवाल पूछने वाले 22,000 NGO बंद कर दिए गए। एक तरफ़ गुप्त अमरीकी फंड का नेटवर्क, मंच पर विदेशी कूटनीति और जमीन पर नागरिकों का वोट काटने का हथियार, यह सब मिलकर एक बड़े 'पावर कैप्चर सिंडिकेट' की तरफ इशारा करते हैं। देश को अब खोखले भाषणों की नहीं, बल्कि इस दोहरे खेल की पूरी सच्चाई और जवाबदेही की जरूरत है।
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣105,568 görüntüleme • 1 gün önce

Breaking News 🔥 गोल्ड पर इतिहास की सबसे बड़ी चेतावनी आ गई है। सोने के चार्ट पर 'डेथ क्रॉस' बन गया है। बैंक ऑफ़ अमेरिका ने यह खतरनाक चेतावनी दी है कि 1980 और 2011 वाला हश्र फिर से होने वाला है। ऊँचे भाव पर खरीदने वालों के हाथ जलने तय हैं। बाजार में तेज़ी कमजोर पड़ गई है और मौजूदा गिरावट अभी शुरुआत भर है। दो साल से ज्यादा की तेजी, 15 साल की मंदी की पूँछ पकड़ कर आती है; गोल्ड का इतिहास यही रहा है। सोने के दाम 2029 तक 50% नीचे चले जाएंगे। यही गोल्ड का भविष्य है। #GoldPrice #StockMarket #MarketCrash #Economy
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣921,441 görüntüleme • 3 ay önce

नरेंद्र मोदी के वाकई बुरे दिन शुरू हो चुके हैं.... अब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लेटर बम फोड़ दिया है। पत्र इतना सख्त है कि बीजेपी हिल जाएगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से "दिमागी नक्सल" शब्द को स्पष्ट रूप से समझाने को कहा है। कैप्टन ने गंभीर सवाल पूछा है कि जब प्रधानमंत्री किसी श्रेणी की पहचान करने और उसे अलग-थलग करने की बात करते हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि 'दिमागी नक्सल' और वैध असहमति के बीच की रेखा कहां है। पत्र में यह भी लिखा है कि लोकतंत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यक है, लेकिन वैध असहमति को नक्सलवाद के दायरे में नहीं लाया जा सकता। एक स्पष्ट सीमा रेखा खींचनी होगी। अमरिंदर ने कहा कि परीक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन करने वाला छात्र, नौकरी की मांग करने वाला बेरोजगार युवक या सरकारी नीति को चुनौती देने वाला किसान मात्र विरोध प्रदर्शन करने से नक्सली नहीं बन जाता। #FarmersProtest #CJP
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣321,314 görüntüleme • 1 ay önce

BIG BREAKING NEWS 🔥 नितिन गडकरी और उनके बेटों ने पर्दे के पीछे से जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन की फंडिंग की है। मोदी और शाह जानकारी मिलने के बाद से ही गडकरी को निपटाने में लग गए हैं। नितिन गडकरी के दोनों बेटे इथेनोल बनाने का प्लांट चलाते हैं। दोनों का मुनाफा कई सौ करोड़ सालाना से ऊपर पहुँच चुका है। गडकरी अपने माथे पर चिपके इथेनोल का दाग धोना चाहते हैं। मौका मिलते ही जंतर-मंतर आंदोलन को पीछे से सपोर्ट करके ध्यान इथेनोल से हटाने की पूरी कोशिश की गई है। मोदी-शाह अब भाँप चुके हैं कि जो छिछालेदारी दोनों की हुई है, संसद और सार्वजनिक मंचों से दोनों गायब हैं। गडकरी को निपटाया जाएगा या कोई और फाँस गडकरी के गले में अटका दी जाएगी। #NitinGadkari #JantarMantar #Modi #Shah #EthanolPlant
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣520,205 görüntüleme • 2 ay önce

🔥 BIG BREAKING NEWS 🔥 नरेंद्र मोदी 2027 में राष्ट्रपति बनेंगे... संविधान में बदलाव करके राष्ट्रपति के अधिकार बढ़ाए जाएंगे। नरेंद्र मोदी पुतिन-जिनपिंग की राह पर चल पड़े हैं। नरेंद्र मोदी अगर राष्ट्रपति बनेंगे, फिर प्रधानमंत्री कौन बनेगा... अमित शाह या योगी आदित्यनाथ? बीजेपी संविधान में बड़े बदलाव करने की फिराक में है, जिससे सत्ता को अपने कब्जे से बाहर न निकलने दे। अमित शाह के रास्ते में बहुत से रोड़े हैं। उत्तर भारत में अमित शाह की स्वीकार्यता नहीं है। ऊंची जातियों में अमित शाह के नाम पर भी सहमति नहीं है, जो बीजेपी को चलाती है। योगी आदित्यनाथ RSS और BJP संगठन की पसंद नहीं हैं। मराठी और गुजरात लॉबी भी योगी के खिलाफ़ है। असल बात है क्या, SIR जैसा कोई दूसरा कदम बीजेपी जल्द तो नहीं उठाने जा रही है, जिससे चुनाव एक खानापूर्ति बनकर रह जाएगा? इस कदम की भनक कुछ सीनियर पत्रकारों और राजनीतिज्ञों को कई साल से है, होगा क्या, यह जल्द ही सामने आने लगेगा।
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣199,874 görüntüleme • 1 ay önce

🔥 RSS बीजेपी का नया प्रधानमंत्री ढूंढ चुकी है... मोदी जी की छुट्टी तय है। अमित शाह और योगी आदित्यनाथ का पत्ता कट चुका है, कोई और चेहरा RSS तलाश चुकी है। दत्तक पुत्र को RSS वारिस नहीं चुनेगी। ये उसी चेहरे पर ही दांव लगाना चाहती थी, जो RSS की संस्कृति में रच-बसकर पल-बढ़कर आया हो। इस कसौटी पर शाह और योगी खरे नहीं उतरते। नरेंद्र मोदी का प्रयोग RSS को तभी तक सुलभ था, जब तक सत्ता और धन की उपलब्धि बढ़ती रही। 2024 के लोकसभा के रिजल्ट के बाद से ही RSS अपने काम पर लग गई थी। उत्तर प्रदेश या उत्तर भारत के किसी भी राज्य के व्यक्ति को RSS प्रधानमंत्री नहीं बनाएगी। संघ को ऐसा व्यक्ति चाहिए था, जो याचक और प्रचारक दोनों बने और कॉर्पोरेट ताकतों से भी प्रगाढ़ संबंध बनाकर चले। कई चेहरे हैं, बस RSS ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। किसी दिन बिना किसी विवाद के मोदी जी चलते बनेंगे और RSS का युवराज बीजेपी का राजा घोषित हो जाएगा।
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣212,806 görüntüleme • 1 ay önce

Breaking News 🔥 मोदी सरकार ने बुलाया संसद का विशेष सत्र... SIR के बीच चुनाव आयोग में बड़ा फेरबदल, ज्ञानेश कुमार ने तबादलों की झड़ी लगा दी; 20 CEO बदले गए। SIR के बीच हुए इन अचानक तबादलों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दूसरी ओर, खबर है कि सरकार अक्टूबर के अंत में संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। इस विशेष सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को पास कराने की योजना बनाई जा रही है। संसद में परिसीमन बिल पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत (362 सीटें) की जरूरत है, जिसे जुटाना सरकार के लिए बड़ा पेंच बना हुआ है। ज्ञानेश कुमार के इर्द-गिर्द पनपा विवाद अब मोदी सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बन चुका है। विशेष सत्र के जरिए ध्यान भटकाने का यह दांव भी आंकड़ों के पेंच में उलझता नज़र आ रहा है।
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣19,411 görüntüleme • 4 gün önce

ममता बनर्जी ने बीजेपी के ऑपरेशन लोटस का पासा एक झटके में पलट दिया है। शत्रुघ्न सिन्हा ने सब हिला कर रख दिया है। तृणमूल कांग्रेस को लोकसभा में तोड़ने के लिए कम से कम 20 सांसदों की आवश्यकता थी। जिनकी संख्या कल तक 19 थी, वे आज घटकर केवल 17 रह गए हैं; 2 सांसद वापस ममता बनर्जी के पाले में लौट आए हैं। बीजेपी, काकोली घोष के सहारे अपनी जीत की कहानी को पक्का समझ चुकी थी, जिन्हें बीजेपी पर्दे के पीछे 10 साल पहले ही तोड़ चुकी थी। सयानी घोष और सुष्मिता देव की जोड़ी की कोशिशें भी बेकार हो गईं। अब 17 सांसदों के सहारे काकोली घोष के साथ बाकी 16 की भी सदस्यता जाएगी। इनमें से ज्यादातर सांसद महिलाएं हैं। शत्रुघ्न सिन्हा और प्रतिमा मंडल ने पूरी बाजी पलट दी है। #MamataBanerjee #BJP #OperationLotus #TMC
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣469,557 görüntüleme • 4 ay önce

🚨देश का असली दुश्मन CJI सूर्यकांत है🚨 सूर्यकांत को हटाओ, ज्ञानेश और मोदी अपने आप किनारे लग जाएंगे! जब कोर्ट ने खुद यह माना कि ऐसा कोई आदेश पारित नहीं हुआ था, तो यह अदालत की Contempt का मामला बनता है। CJI को तुरंत एक्शन लेना चाहिए था। ऐसा न करने पर उन्होंने CJI सूर्यकांत और जस्टिस बागची के खिलाफ भी महाभियोग लाना चाहिए। 2014 के बाद 99% जुडिशरी सरेंडर कर चुकी है। विपक्षी दल और जनता मिलकर CJI सूर्यकांत और जस्टिस बागची के खिलाफ महाभियोग की मांग करनी चाहिए। रातों-रात लाखों वोट डिलीट किए जाना लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा हमला है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और इस खेल में शामिल अधिकारी सीमा खन्ना के खिलाफ फर्जीवाड़े और कंटेंप्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई व FIR दर्ज़ होनी चाहिए, ताकि असली साजिशकर्ता बेनकाब हो सकें। देश में सैकड़ों सांसद होने और बड़ा जनसमर्थन मिलने के बावजूद विपक्ष और उसकी कानूनी टीम गलत दिशा में हाथ-पांव मार रही है। जब तक व्यवस्था के इन सबसे बड़े शीर्ष चेहरों और संस्थाओं की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक देश के लोकतंत्र को इस दलदल से बाहर नहीं निकाला जा सकता।
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣48,688 görüntüleme • 13 gün önce

बड़ी ख़बर 🔥 EVM के खिलाफ वकीलों का आर-पार की लड़ाई का ऐलान... 📌 17 सितंबर (दोपहर 2 बजे): सुप्रीम कोर्ट (गेट D, दिल्ली) पर आर-पार का मार्च। 📌 10 अक्टूबर: जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन पक्का डेरा। जब तक EVM का नामोनिशान मिटकर पेपर बैलेट वापस नहीं आता, यह निर्णायक जंग रुकने वाली नहीं है! बाबासाहेब के दिए 'एक वोट के अधिकार' पर डाका डालने वाली EVM व्यवस्था अब देश के लिए सबसे बड़ा अभिशाप बन चुकी है! EVM से चुनाव यानी लोकतंत्र पर परमानेंट ताला है। रैलियों में खाली मैदान और नतीजों में चमत्कार... यही वह EVM का खेल है, जिसके दम पर मोदी-शाह सत्ता पर काबिज हैं। चाहे राहुल गांधी हों या अखिलेश यादव, ईवीएम के खिलाफ जैसी ज़मीनी और आर-पार की जंग लड़नी चाहिए थी, वैसी कभी नज़र नहीं आई। सिर्फ़ बयानबाजी से काम नहीं चलता। जब तक विपक्षी नेता भी पूरी ताकत से इस लड़ाई में नहीं कूदते, तब तक देश की सिविल सोसाइटी और वकीलों की फौज खुद मोर्चा संभालेगी। अब बंद कमरों में कोई सौदेबाजी नहीं होगी, हर तकनीकी और कानूनी सवाल पब्लिक डोमेन में खुलेआम होगा। EVM को देश से हमेशा के लिए उखाड़ फेंकना होगा और पेपर बैलेट को वापस लाना होगा। लोकतंत्र को बचाना है तो अब आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी!
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣122,910 görüntüleme • 1 ay önce

रिलायंस ने जियो को टेलीकॉम इंडस्ट्री को कब्ज़ाने के लिए एयरटेल को बर्बाद करने की कई बेईमान कोशिशें की थीं। जहाँ कभी भारत में 12 टेलीकॉम ऑपरेटर होते थे, जियो के आते ही भगदड़ मची और आज केवल 3 ऑपरेटर बचे हैं, जिसमें से आइडिया वोडाफोन की हालत बहुत खराब है। जियो अगर एयरटेल को रास्ते से हटा देता, फिर उसकी मोनोपॉली बाजार में चलती। अपनी मनचाही दरों पर ग्राहकों को लूटा जाता। एयरटेल आज भी जियो से बड़ी कंपनी है टेलीकॉम सेक्टर में। एयरटेल का नेटवर्क भी सबसे अच्छा है। आज भारत में मोबाइल सेवा देने का बाजार कई लाख करोड़ का है, जिसे जियो हथियाना चाहता था। 2010 में 4G डाटा ब्रॉडबैंड के स्पेक्ट्रम की नीलामी को 22 सर्किल में इंफोटेल नाम की छोटी सी कंपनी ने खरीद लिया था। पूरे देश में हंगामा मच गया, अगले ही दिन इस कंपनी का 94% हिस्सा रिलायंस ने खरीद लिया। 6 साल तक मुकेश अंबानी की यह कंपनी चुप रही। 2016 में जियो की शुरुआत की गई, फ्री कॉल, फ्री सिम, फ्री डाटा के साथ। 170 दिन में 10 करोड़ यूजर्स जियो के पास थे। लोग सस्ता डाटा एन्जॉय कर रहे थे, जियो ने बाकी कंपनियों को मार दिया। एयरटेल के मुनाफे में भी 75% की गिरावट आ गई थी। एयरटेल ने प्राइस वॉर और अफ्रीका में विस्तार से खुद को बचाया। #Reliance #Jio #Airtel
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣254,892 görüntüleme • 2 ay önce

BIG BREAKING NEWS 🔥 मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विस्फोटक दावा... "यह सरकार चुनाव आयोग के बिना एक दिन नहीं टिकती" इंडियन एक्सप्रेस के SIR खुलासे के बाद सरकार और चुनाव आयोग के बीच की पोल खुल चुकी है। प्रधानमंत्री को तीसरी बार सत्ता की कुर्सी तक पहुँचाने वाले ज्ञानेश कुमार के पास मोदी और अमित शाह के हर एक काले सच, पेनड्राइव और गोपनीय दस्तावेजों का पूरा जखीरा मौजूद है। यही वजह है कि अब बीजेपी का कोई भी प्रवक्ता उनके बचाव में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। जिस तरह पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बागी तेवर सामने आए थे, वैसा ही खतरनाक खेल अब ज्ञानेश कुमार खेलते नजर आ रहे हैं। कल होने जा रही इंडिया गठबंधन की महाबैठक में SIR को पूरी तरह खारिज करने, ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने और तुरंत गिरफ्तार करने की मांग उठने की पूरी तैयारी है। विपक्ष और खासकर राहुल गांधी की रणनीति साफ है कि ज्ञानेश कुमार को सरकारी गवाह बनाकर सरकार के ए-टू-जेड सारे षड्यंत्रों का पर्दाफाश किया जाए। क्या ज्ञानेश कुमार का हश्र भी जगदीप धनखड़ जैसा होगा या फिर लोकतंत्र और संविधान की धज्जियां उड़ाने वाले इस खेल का अंत किसी बहुत बड़े भूचाल के साथ होगा? जनता का गुस्सा उफान पर है और Gen-Z से लेकर पूरा देश इस तानाशाही और वोट चोरी के खेल का हिसाब मांग रहा है।
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣67,379 görüntüleme • 23 gün önce

एक गलत मेडिकल टेस्ट जो 50 साल तक चलता रहा PCOS... देश की 8 करोड़ महिलाओं के शरीर को बर्बाद किया इसके आधार पर इलाज करके। मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' ने अब डॉक्टर्स और रेडियोलॉजिस्ट की मूर्खता को जगजाहिर कर दिया है। लेकिन करोड़ों महिलाओं के ऑपरेशन करके ओवरी निकालकर बांझ बना दिया। PCOS कोई बीमारी नहीं थी, असल समस्या पैदा करता था पैंक्रियाज जो ज्यादा इंसुलिन बनाकर ओवरी को गलत मैसेज देता था। जिसे ओवरी में मौजूद खराब एग्स को सिस्ट समझकर ओवरी निकाल दी जाती थी। भारतीय महिलाओं में ज्यादा इंसुलिन प्रतिरोध क्षमता होती है। जिसके चलते यह समस्या आती है। अब बीमारी को इसका सही नाम दिया गया है PMOS। असली समस्या इवोल्यूशन से जुड़े खान-पान की आदतें रही या न्यूट्रिशन की थी, जो कई हार्मोन के डिस्टर्ब होने से होती है। डॉक्टर्स गलत इलाज में जुटे रहे। #PCOS #MedicalScience
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣246,501 görüntüleme • 3 ay önce

🔥 BIG BREAKING 🔥 ब्लूमबर्ग का बहुत बड़ा धमाका.... रिज़र्व बैंक ने अर्थव्यवस्था बचाने के लिए 12 बिलियन डॉलर में कई टन सोना बेचा है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए रिज़र्व बैंक ने 83 टन सोना बेच दिया है... मोदी सरकार की मर्जी से। देश रसातल में जा रहा है। मौजूदा सरकार सिर्फ गाल बजाने वाली सरकार है। देश का गोल्ड भंडार 880 टन था, इस बार सरकार ने गोल्ड रिज़र्व के आंकड़े छिपा लिए हैं। 1991 में भी सोना गिरवी रखा गया था; देश के इतिहास में किसी भी सरकार ने कभी सोना नहीं बेचा। #Bloomberg #RBI #GoldReserve #IndiaEconomy
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣334,716 görüntüleme • 4 ay önce

बीजेपी बड़े खतरे में है... बीजेपी का सारा चुनावी बोझ सिर्फ़ नरेंद्र मोदी के कंधों पर आ चुका है। मोदी करिश्मा टूट रहा है। दूर से देखने में बीजेपी मजबूत नजर आती है, बिना मोदी के करिश्मे के बीजेपी बेहद कमजोर पार्टी है। युवा वर्ग में बीजेपी आकर्षण खो चुकी है। हालात 2004 जैसे हो चले हैं, समृद्ध भारत का जो ख्वाब बेचा जा रहा था, उसे युवा आबादी खरीदने को तैयार नहीं है। मोदी का ढहता तिलिस्म बीजेपी की नैया डांवाडोल कर चुका है, उपचुनावों में हार इसकी तसदीक कर रही है। खासकर उत्तर प्रदेश में चढ़ावा चोरी और GenZ आंदोलन के बाद समीकरण उल्टे पड़े हैं। बीजेपी का कट्टर वोटर भी संदेह से भरा हुआ है।
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣112,943 görüntüleme • 1 ay önce

BREAKING NEWS 🔥 EVM के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर निकले हजारों वकील... जैसा कि पहले ये तय था आज वकील चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस वक्त सुप्रीम कोर्ट के पास माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि "टैंक तो नहीं लाई पुलिस, अगर टैंक भी ले आएगी तो भी हम पीछे नहीं हटेंगे" मौके पर "वोट चोर, गद्दी छोड़!", "ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर लाओ!" और "हम अपना अधिकार मांगते, किसी से भीख मांगते नहीं!" के नारे गूंज रहे हैं। यह पूरा प्रोटेस्ट EVM हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर हो रहा है। लेकिन हमेशा की ही तरह जब-जब सरकार लोकतांत्रिक आवाजों से डरती है, पुलिस को आगे कर देती है, वही आज भी किया। लोकतंत्र की मूल भावना और जनता के मताधिकार की पवित्रता की रक्षा के लिए EVM पर गहरी आशंकाओं को दूर करना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया ही स्वस्थ लोकतंत्र का मुख्य आधार होती है। सरकार को आज नहीं तो कल EVM को हटाना ही पड़ेगा।
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣85,626 görüntüleme • 1 ay önce

BIG BREAKING NEWS 🔥 नरेंद्र मोदी दो दिन बाद भारत वापस आते ही बड़ा धमाका करने की तैयारी में हैं, धर्मेंद्र प्रधान की मंत्रिमंडल में वापसी होने वाली है। धर्मेंद्र प्रधान सरकार के सूत्र इस बात की पुष्टि कर रहे हैं, मोदी को राजनीति की पहलकदमी पर पहले की तरह नियंत्रण चाहिए। जंतर-मंतर के आंदोलन ने मोदी-शाह से उनकी असल ताकत छीन ली है। सामाजिक नियंत्रण सरकार के विरोध में है, जिस पर सवार विपक्ष ने मोदी सरकार की धज्जियां उड़ा दी हैं। बीजेपी के संगठन की नई टीम में धर्मेंद्र प्रधान को जगह नहीं दी गई। यह सोची-समझी रणनीति है। बीजेपी अपने चेहरे पर लगे दाग धोने की यह जिद्द भरी कवायद है। जुलाई में मजबूरी में इस्तीफा डर से लिया था, क्या कोई नया हंगामा नहीं होगा?
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣120,290 görüntüleme • 1 ay önce

बड़ी ख़बर 🔥 "देश का सबसे ज़्यादा बेड़ा गर्क किसी ने किया, तो सुप्रीम कोर्ट ने किया है" बलराज मलिक सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानेश कुमार से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई शुरू होते ही देश के चुनावी सिस्टम, लोकतंत्र और कानून के दुरुपयोग को लेकर बड़े खुलासे सामने आए हैं। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने चुनाव आयोग को फॉर्म-6 या किसी अन्य मामले में कोई मंजूरी नहीं दी थी, जबकि चुनाव आयोग इसके विपरीत हवाला दे रहा था। इस खुलासे के बाद न्यायिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, क्योंकि एक संवैधानिक संस्था पर सुप्रीम कोर्ट के नाम का गलत इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस देश को न्याय देने के बजाय डराने में मदद की है और अपने कंधे पर बंदूक रखवाई है। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग कानून का सरेआम दुरुपयोग कर रहे हैं। अगर ये अपनी जिम्मेदारियों से भागेंगे तो देश में नेपाल जैसे हालात बनने से कोई नहीं रोक सकता।
𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣36,861 görüntüleme • 14 gün önce