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Official Twitter account of National Crime Investigation Bureau (NGO), Our main objective is to make citizens aware of the rights given by constitution and law.

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क्या आप जानते है कि, ऑर्गन केयर सिस्टम (OCS) एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें डोनर के हृदय को शरीर से बाहर निकालने के बाद भी गर्म, ऑक्सीजनयुक्त और पोषक तत्वों वाले रक्त का लगातार प्रवाह दिया जाता है। इससे हृदय को धड़कती अवस्था में रखा जा सकता है और ट्रांसप्लांट तक उसकी स्थिति की लगातार निगरानी की जाती है। इस दौरान लैक्टेट, रक्त प्रवाह, दबाव, तापमान और हृदय की कार्यक्षमता जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों की निगरानी होती रहती है। इससे डॉक्टर यह आकलन कर सकते हैं कि हृदय ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त है या नहीं। यानी अब डोनर के दिल को सिर्फ बर्फ में सुरक्षित रखने के बजाय, एक विशेष मशीन में गर्म और ऑक्सीजनयुक्त रक्त के साथ “जिंदा और धड़कती अवस्था” में ट्रांसप्लांट सेंटर तक ले जाना संभव है। ❤️

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क्या आप जानते है कि, ऑर्गन केयर सिस्टम (OCS) एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें डोनर के हृदय को शरीर से बाहर निकालने के बाद भी गर्म, ऑक्सीजनयुक्त और पोषक तत्वों वाले रक्त का लगातार प्रवाह दिया जाता है। इससे हृदय को धड़कती अवस्था में रखा जा सकता है और ट्रांसप्लांट तक उसकी स्थिति की लगातार निगरानी की जाती है। इस दौरान लैक्टेट, रक्त प्रवाह, दबाव, तापमान और हृदय की कार्यक्षमता जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों की निगरानी होती रहती है। इससे डॉक्टर यह आकलन कर सकते हैं कि हृदय ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त है या नहीं। यानी अब डोनर के दिल को सिर्फ बर्फ में सुरक्षित रखने के बजाय, एक विशेष मशीन में गर्म और ऑक्सीजनयुक्त रक्त के साथ “जिंदा और धड़कती अवस्था” में ट्रांसप्लांट सेंटर तक ले जाना संभव है। ❤️

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महिलाओं के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच किसी भी सभ्य समाज की पहचान होती है। यही संस्कार एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और उज्ज्वल समाज की नींव रखते हैं। बिहार के जमुई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ स्थानीय लोगो द्वारा एक कपल के साथ मारपीट के अलावा लड़की के साथ अभद्रता करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यदि वीडियो की सत्यता की पुष्टि होती है और इसमें शामिल लोगों की पहचान सुनिश्चित हो जाती है, तो बिहार पुलिस को मामले की निष्पक्ष जाँच करते हुए तत्काल और कानूनसम्मत कार्रवाई करनी चाहिए। कपल के साथ यौन उत्पीड़न एवं अभद्रता करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। लेकिन सवाल केवल दोषियों की पहचान और कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि ऐसी घटनाएँ खुलेआम होने की स्थिति कैसे बनती है? जब किसी महिला या दंपति के साथ सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार हो रहा हो, तब उसे रोकने के बजाय वीडियो बनाना समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। Bihar Police

महिलाओं के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच किसी भी सभ्य समाज की पहचान होती है। यही संस्कार एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और उज्ज्वल समाज की नींव रखते हैं। बिहार के जमुई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ स्थानीय लोगो द्वारा एक कपल के साथ मारपीट के अलावा लड़की के साथ अभद्रता करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यदि वीडियो की सत्यता की पुष्टि होती है और इसमें शामिल लोगों की पहचान सुनिश्चित हो जाती है, तो बिहार पुलिस को मामले की निष्पक्ष जाँच करते हुए तत्काल और कानूनसम्मत कार्रवाई करनी चाहिए। कपल के साथ यौन उत्पीड़न एवं अभद्रता करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। लेकिन सवाल केवल दोषियों की पहचान और कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि ऐसी घटनाएँ खुलेआम होने की स्थिति कैसे बनती है? जब किसी महिला या दंपति के साथ सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार हो रहा हो, तब उसे रोकने के बजाय वीडियो बनाना समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। Bihar Police

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प्रिय Delhi Police, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो राजधानी दिल्ली का बताया जा रहा है। वीडियो में "गुर्जर" लिखे एक थार चालक कथित तौर पर जानबूझकर खतरनाक तरीके से स्टंट करते हुए राहगीरों को डराता और उसका वीडियो बनवाता दिखाई दे रहा है। स्टंटबाजी, तथाकथित प्रैंक या सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के नाम पर सड़क पर इस तरह की हरकतें आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं और उनमें भय एवं असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। उक्त क्रम में दिल्ली सहित समूचे NCR पुलिस से अनुरोध है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित वाहन एवं चालक की पहचान कर तथ्यों की जांच तथा कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक सड़कों पर ऐसी गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों पर रोक लग सके। CMO Delhi CM Office, GoUP DGP UP POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR DM NOIDA Gautam Buddha Nagar POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD DM Ghaziabad Gurugram Police People’s Police - Faridabad Police⁠

प्रिय Delhi Police, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो राजधानी दिल्ली का बताया जा रहा है। वीडियो में "गुर्जर" लिखे एक थार चालक कथित तौर पर जानबूझकर खतरनाक तरीके से स्टंट करते हुए राहगीरों को डराता और उसका वीडियो बनवाता दिखाई दे रहा है। स्टंटबाजी, तथाकथित प्रैंक या सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के नाम पर सड़क पर इस तरह की हरकतें आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं और उनमें भय एवं असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। उक्त क्रम में दिल्ली सहित समूचे NCR पुलिस से अनुरोध है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित वाहन एवं चालक की पहचान कर तथ्यों की जांच तथा कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक सड़कों पर ऐसी गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों पर रोक लग सके। CMO Delhi CM Office, GoUP DGP UP POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR DM NOIDA Gautam Buddha Nagar POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD DM Ghaziabad Gurugram Police People’s Police - Faridabad Police⁠

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यह अपराध क्षमा योग्य नहीं है – Ministry of Railways कृपया इसकी पहचान करके कठोर दंडात्मक कार्यवाही करें। अगर ये न मिले तो उसकी जानकारी देने वाले को 25–50 हजार रुपए इनाम की घोषणा करें।

यह अपराध क्षमा योग्य नहीं है – Ministry of Railways कृपया इसकी पहचान करके कठोर दंडात्मक कार्यवाही करें। अगर ये न मिले तो उसकी जानकारी देने वाले को 25–50 हजार रुपए इनाम की घोषणा करें।

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इस छपरी का ये वीडियो देखिए, फिर आप खुद डिसाइड करो कि क्या ट्रक वाले ने सही किया?

इस छपरी का ये वीडियो देखिए, फिर आप खुद डिसाइड करो कि क्या ट्रक वाले ने सही किया?

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100 में से 90 बेईमान, फिर भी मेरा भारत महान! 🇮🇳 मेरठ में PM आवास योजना के नाम पर ₹6 हजार की रिश्वत लेते आवास विकास कार्यालय के बाबू जी रंगे हाथ पकड़े गए। महिला की फाइल पास करने के बदले बाबू साहब ने रिश्वत मांगी थी। महिला ने हिम्मत दिखाई और Anti Corruption Organisation, UP. से शिकायत कर दी। फिर क्या था—बाबू अभिनव जी रिश्वत लेते ही धर दबोचे गए। सरकारी योजना गरीब के घर तक पहुंचाने के लिए होती है, लेकिन कुछ बाबू साहब उसे भी कमाई का जरिया बना लेते हैं।

100 में से 90 बेईमान, फिर भी मेरा भारत महान! 🇮🇳 मेरठ में PM आवास योजना के नाम पर ₹6 हजार की रिश्वत लेते आवास विकास कार्यालय के बाबू जी रंगे हाथ पकड़े गए। महिला की फाइल पास करने के बदले बाबू साहब ने रिश्वत मांगी थी। महिला ने हिम्मत दिखाई और Anti Corruption Organisation, UP. से शिकायत कर दी। फिर क्या था—बाबू अभिनव जी रिश्वत लेते ही धर दबोचे गए। सरकारी योजना गरीब के घर तक पहुंचाने के लिए होती है, लेकिन कुछ बाबू साहब उसे भी कमाई का जरिया बना लेते हैं।

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हेलो Haryana Police – ये हरियाणा एवं पंजाब का सिंगर खुद को बादशाह बताते हुए हरियाणा रोडवेज की बस पे स्कूल ड्रैस में लड़कियों को नचाते हुए उनको घोड़ी बनाने की बात कह रहा है। आपसे अनुरोध है कि ऐसे गिरी हुई मानसिकता के इस सिंगर पर तत्काल FIR दर्ज कर कारवाई करें। ~ C.C: NCW, Punjab Police India, DGP Haryana Police, DGP Punjab Police

हेलो Haryana Police – ये हरियाणा एवं पंजाब का सिंगर खुद को बादशाह बताते हुए हरियाणा रोडवेज की बस पे स्कूल ड्रैस में लड़कियों को नचाते हुए उनको घोड़ी बनाने की बात कह रहा है। आपसे अनुरोध है कि ऐसे गिरी हुई मानसिकता के इस सिंगर पर तत्काल FIR दर्ज कर कारवाई करें। ~ C.C: NCW, Punjab Police India, DGP Haryana Police, DGP Punjab Police

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नाम: पूजा कुमारी फॉलोवर्स: 92k काम: लोगों को बेवकूफ बनाना Facebook पर एक हैंडल है जिसने एक वीडियो अपलोड किया है — 📈 Views: 8.7 Million+ ❤️ Likes: 238k 🔁 Shares: 40k 💬 Comments: 1.8k वीडियो में वो कहती हैं – “हमारी प्लेन बहुत बड़ी समुद्र में क्रैश हो चुकी है, और हम सब यहाँ फँसे हुए हैं। कृपया शेयर करो ताकि कहीं से मदद मिल सके… Please जल्दी करो।” पीछे से आवाज़ आती है — “Please Help! Somebody Help!” सबसे हैरानी की बात यह है कि 2000 लोगों ने कमेंट में इंडियन आर्मी, भारतीय सरकार, और एयर इंडिया को टैग किया है। लोग सच में रो रहे हैं, मदद माँग रहे हैं, शेयर कर रहे हैं। लेकिन सच्चाई क्या है❓ 👉 यह AI-generated/ Deepfake वीडियो है। झूठी कहानी, नकली इमोशन्स – बस लोगों की भावनाओं से खेल। अब सोचिए — जिसे AI या Deepfake के बारे में कुछ नहीं पता, क्या वो समझ पाएगा कि ये Real है या Fake? सीख और ज़िम्मेदारी ———————— AI को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं – यह अब मिसइन्फॉर्मेशन का नया हथियार बन चुका है। इसलिए प्लेटफॉर्म्स की ज़िम्मेदारी है कि हर synthetic वीडियो पर clear label/ watermark अनिवार्य करें। साथ ही, Verification system और source tracking भी अनिवार्य हों। इसके अलावा सरकार को भी – Deepfake से लोगों को गुमराह करने वालों पर कड़े कानून और सज़ा लागू होनी चाहिए। Cyber regulations और AI ethics law तुरंत बनाए जाने चाहिए। एनसीआईबी का संदेश: ————————— AI अब सिर्फ कला या मज़ाक नहीं – यह responsibility का मुद्दा है। हर प्लेटफ़ॉर्म, हर सरकार, और हर नागरिक को जागरूक होना पड़ेगा। क्योंकि अगली बार, शायद आप ही किसी Deepfake का निशाना बनें। इसलिए, किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले fact-check करें। भावनाओं में बहकर शेयर न करें। अगर शक हो, report करें – promote नहीं। ~ साभार: NCIB Headquarters

नाम: पूजा कुमारी फॉलोवर्स: 92k काम: लोगों को बेवकूफ बनाना Facebook पर एक हैंडल है जिसने एक वीडियो अपलोड किया है — 📈 Views: 8.7 Million+ ❤️ Likes: 238k 🔁 Shares: 40k 💬 Comments: 1.8k वीडियो में वो कहती हैं – “हमारी प्लेन बहुत बड़ी समुद्र में क्रैश हो चुकी है, और हम सब यहाँ फँसे हुए हैं। कृपया शेयर करो ताकि कहीं से मदद मिल सके… Please जल्दी करो।” पीछे से आवाज़ आती है — “Please Help! Somebody Help!” सबसे हैरानी की बात यह है कि 2000 लोगों ने कमेंट में इंडियन आर्मी, भारतीय सरकार, और एयर इंडिया को टैग किया है। लोग सच में रो रहे हैं, मदद माँग रहे हैं, शेयर कर रहे हैं। लेकिन सच्चाई क्या है❓ 👉 यह AI-generated/ Deepfake वीडियो है। झूठी कहानी, नकली इमोशन्स – बस लोगों की भावनाओं से खेल। अब सोचिए — जिसे AI या Deepfake के बारे में कुछ नहीं पता, क्या वो समझ पाएगा कि ये Real है या Fake? सीख और ज़िम्मेदारी ———————— AI को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं – यह अब मिसइन्फॉर्मेशन का नया हथियार बन चुका है। इसलिए प्लेटफॉर्म्स की ज़िम्मेदारी है कि हर synthetic वीडियो पर clear label/ watermark अनिवार्य करें। साथ ही, Verification system और source tracking भी अनिवार्य हों। इसके अलावा सरकार को भी – Deepfake से लोगों को गुमराह करने वालों पर कड़े कानून और सज़ा लागू होनी चाहिए। Cyber regulations और AI ethics law तुरंत बनाए जाने चाहिए। एनसीआईबी का संदेश: ————————— AI अब सिर्फ कला या मज़ाक नहीं – यह responsibility का मुद्दा है। हर प्लेटफ़ॉर्म, हर सरकार, और हर नागरिक को जागरूक होना पड़ेगा। क्योंकि अगली बार, शायद आप ही किसी Deepfake का निशाना बनें। इसलिए, किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले fact-check करें। भावनाओं में बहकर शेयर न करें। अगर शक हो, report करें – promote नहीं। ~ साभार: NCIB Headquarters

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इन दरोगा साहब पर निम्नांकित दंड एवं विभागीय कार्यवाही बनती है: • बिना हेलमेट वाहन चलाना: ₹1000 जुर्माना एवं ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन/अंक कटौती • वाहन चलाते समय वीडियो बनाना: ₹5000 तक जुर्माना • नंबर प्लेट में नंबर के जगह पुलिस लिखना: ₹5000 तक जुर्माना • निजी कार्य के लिए “POLICE” चिन्ह का दुरुपयोग: विभागीय कार्रवाई सहित जुर्माना एवं मुकदमा

इन दरोगा साहब पर निम्नांकित दंड एवं विभागीय कार्यवाही बनती है: • बिना हेलमेट वाहन चलाना: ₹1000 जुर्माना एवं ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन/अंक कटौती • वाहन चलाते समय वीडियो बनाना: ₹5000 तक जुर्माना • नंबर प्लेट में नंबर के जगह पुलिस लिखना: ₹5000 तक जुर्माना • निजी कार्य के लिए “POLICE” चिन्ह का दुरुपयोग: विभागीय कार्रवाई सहित जुर्माना एवं मुकदमा

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बहुत ही सराहनीय पहल है 👏 मेरे हिसाब से समस्त दहेज प्रेमियों को भी दहेज में मिली कार/ मोटर साइकल या अन्य वस्तुओं में "ससुराल से सहायता प्राप्त" जरूर लिखवाना चाहिए। इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी और लड़की पक्ष का सम्मान भी बढ़ेगा।

बहुत ही सराहनीय पहल है 👏 मेरे हिसाब से समस्त दहेज प्रेमियों को भी दहेज में मिली कार/ मोटर साइकल या अन्य वस्तुओं में "ससुराल से सहायता प्राप्त" जरूर लिखवाना चाहिए। इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी और लड़की पक्ष का सम्मान भी बढ़ेगा।

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हैलो Rajasthan Police HelpDesk – ये वायरल वीडियो शांतिनाथ ट्रैवल्स के बस का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि – कैसे स्पीड में चलती बस में ड्राइवर चेंज हो रहे हैं। ऐसे लापरवाही से वाहन चलाना सिर्फ यातायात के नियमों का उल्लंघन ही नहीं बल्कि कई लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ भी है। कृपया इस बस के दोनों चालक पर सख़्त कार्यवाही करें ताकि किसी और के द्वारा भविष्य में ये गलती न दोहराई जाए एवं आमजन सुरक्षित यात्रा कर सकें..!! Dr Prem Chand Bairwa Rajasthan Police जनसंपर्क, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम

हैलो Rajasthan Police HelpDesk – ये वायरल वीडियो शांतिनाथ ट्रैवल्स के बस का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि – कैसे स्पीड में चलती बस में ड्राइवर चेंज हो रहे हैं। ऐसे लापरवाही से वाहन चलाना सिर्फ यातायात के नियमों का उल्लंघन ही नहीं बल्कि कई लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ भी है। कृपया इस बस के दोनों चालक पर सख़्त कार्यवाही करें ताकि किसी और के द्वारा भविष्य में ये गलती न दोहराई जाए एवं आमजन सुरक्षित यात्रा कर सकें..!! Dr Prem Chand Bairwa Rajasthan Police जनसंपर्क, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम

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वाह रे रिलबाजी.... अब इन महामानव को कौन समझाए कि जितना वजन इनका एवं इनके बाइक का होगा उससे ज्यादा वजन रेल के एक पहिया का हैं।

वाह रे रिलबाजी.... अब इन महामानव को कौन समझाए कि जितना वजन इनका एवं इनके बाइक का होगा उससे ज्यादा वजन रेल के एक पहिया का हैं।

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घने कोहरे के बीच POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR की सराहनीय पहल। गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट कोहरे में सुरक्षित चलने की लोगों को दे रही सलाह। दादरी पुलिस NH-91 पर अनाउंसमेंट कर लोगों को धीमी गति, फॉग लाइट का उपयोग और उचित दूरी बनाए रखने की भी अपील कर रही।

घने कोहरे के बीच POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR की सराहनीय पहल। गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट कोहरे में सुरक्षित चलने की लोगों को दे रही सलाह। दादरी पुलिस NH-91 पर अनाउंसमेंट कर लोगों को धीमी गति, फॉग लाइट का उपयोग और उचित दूरी बनाए रखने की भी अपील कर रही।

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किन्नरों की गुंडई, यूपी के देवरिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से जबरन पैसा वसूलने से रोकने पर RPF इंस्पेक्टर आस मोहम्मद को किन्नरों लाठी-डंडों से पीटा, मोबाइल भी तोड़ा। लगभग आधे घंटे तक किन्नरों ने रेलवे स्टेशन पर मचाया उत्पात। प्रिय Ministry of Railways, रेलवे का प्रथम दायित्व यात्रियों की सुरक्षा है। परंतु ट्रेनों और स्टेशनों पर किन्नरों द्वारा जबरन वसूली यात्रियों के लिए असुविधा और भय का कारण बन चुकी है। देवरिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के सुरक्षा हेतु तैनात आरपीएफ इंस्पेक्टर आस मोहम्मद के साथ घटी यह घटना बेहद गंभीर है और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अतः आपसे निवेदन है कि यात्रियों को ऐसी घटनाओं से निजात दिलाने हेतु सख्त कदम उठाए जाएँ और रेलवे कर्मचारियों व यात्रियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ~ साभार: NCIB Headquarters

किन्नरों की गुंडई, यूपी के देवरिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से जबरन पैसा वसूलने से रोकने पर RPF इंस्पेक्टर आस मोहम्मद को किन्नरों लाठी-डंडों से पीटा, मोबाइल भी तोड़ा। लगभग आधे घंटे तक किन्नरों ने रेलवे स्टेशन पर मचाया उत्पात। प्रिय Ministry of Railways, रेलवे का प्रथम दायित्व यात्रियों की सुरक्षा है। परंतु ट्रेनों और स्टेशनों पर किन्नरों द्वारा जबरन वसूली यात्रियों के लिए असुविधा और भय का कारण बन चुकी है। देवरिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के सुरक्षा हेतु तैनात आरपीएफ इंस्पेक्टर आस मोहम्मद के साथ घटी यह घटना बेहद गंभीर है और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अतः आपसे निवेदन है कि यात्रियों को ऐसी घटनाओं से निजात दिलाने हेतु सख्त कदम उठाए जाएँ और रेलवे कर्मचारियों व यात्रियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ~ साभार: NCIB Headquarters

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क्लास 3 के बच्चे की किताब, दस प्रतिशत डिस्काउंट के बाद मात्र 23993/– रुपए मुझे ये समझ नहीं आ रहा कि – ये प्राइवेट स्कूल वाले किताबें बच्चों को पढ़ाते या या चासनी बनाकर पिलाते है? #viralvídeo #privateschool

क्लास 3 के बच्चे की किताब, दस प्रतिशत डिस्काउंट के बाद मात्र 23993/– रुपए मुझे ये समझ नहीं आ रहा कि – ये प्राइवेट स्कूल वाले किताबें बच्चों को पढ़ाते या या चासनी बनाकर पिलाते है? #viralvídeo #privateschool

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प्रिय Ministry of Railways – देश के हजारों रेलवे फाटकों पर फाटक के नीचे काफी खाली स्थान होने के कारण प्रतिदिन इस मोटर साइकल चालक जैसे लाखों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर फाटक नीचे से पार करते हैं। यह कार्य न केवल रेलवे नियमों के विरुद्ध है, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकता है। फाटक के नीचे अत्यधिक खाली जगह होने के कारण लोग जल्दबाजी में जानलेवा तरीके से रेलवे लाइन पार कर लेते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। यह स्थिति रेलवे प्रशासन एवं संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही को भी दर्शाती है। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि जनहित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी रेलवे फाटकों के नीचे मौजूद खाली गैप को शीघ्र भरवाने की व्यवस्था की जाए, ताकि लोग अवैध रूप से नीचे से पार न कर सकें तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, इस संबंध में नियमित निगरानी एवं आवश्यक सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जाएँ। हमें पूर्ण विश्वास है कि रेलवे प्रशासन आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस गंभीर समस्या पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करेगा। धन्यवाद। Cc: Ashwini Vaishnaw RailwaySeva Northern Railway North Central Railway Eastern Railway Central Railway Western Railway Southern Railway North Western Railway

प्रिय Ministry of Railways – देश के हजारों रेलवे फाटकों पर फाटक के नीचे काफी खाली स्थान होने के कारण प्रतिदिन इस मोटर साइकल चालक जैसे लाखों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर फाटक नीचे से पार करते हैं। यह कार्य न केवल रेलवे नियमों के विरुद्ध है, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकता है। फाटक के नीचे अत्यधिक खाली जगह होने के कारण लोग जल्दबाजी में जानलेवा तरीके से रेलवे लाइन पार कर लेते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। यह स्थिति रेलवे प्रशासन एवं संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही को भी दर्शाती है। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि जनहित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी रेलवे फाटकों के नीचे मौजूद खाली गैप को शीघ्र भरवाने की व्यवस्था की जाए, ताकि लोग अवैध रूप से नीचे से पार न कर सकें तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, इस संबंध में नियमित निगरानी एवं आवश्यक सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जाएँ। हमें पूर्ण विश्वास है कि रेलवे प्रशासन आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस गंभीर समस्या पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करेगा। धन्यवाद। Cc: Ashwini Vaishnaw RailwaySeva Northern Railway North Central Railway Eastern Railway Central Railway Western Railway Southern Railway North Western Railway

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"यह देखो! यहां पर हमारा टोल समाप्त हो जाता है। आगे हमारा टोल फिर से शुरू हो गया है। इतनी बड़ी रोड इन्होंने फ्री छोड़ दी है, इसका कितना नुकसान होगा।" #ViralVideo

"यह देखो! यहां पर हमारा टोल समाप्त हो जाता है। आगे हमारा टोल फिर से शुरू हो गया है। इतनी बड़ी रोड इन्होंने फ्री छोड़ दी है, इसका कितना नुकसान होगा।" #ViralVideo

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इन लोगों का अलग ही स्वांग है – अपने गाड़ी के आगे और पीछे बिना नंबर प्लेट की गाड़ी लेकर चलते हैं, दिन में 100 रुपए का कमला पसंद चबा डालते हैं, 500 रुपए रोज चाय–नाश्ता पर भी उड़ा देते हैं... लेकिन बात जब 50 रुपए टोल देने की आती है तो विधानसभा का स्टिकर लगाकर अपने आगे पीछे 10 गाड़िया मुफ्त में निकाल ले जाते हैं। दूसरे तरफ ये टोल वाले, कोई सीधा साधा आदमी अपने परिवार के साथ कहीं जा रहा हो, अगर थोड़ा सा भी सवाल जवाब कर ले तो उसके हाथ पैर तोड़ डालते हैं। लेकिन, इनके सामने वो भी नममत्सक हुए चुपचाप खड़े रहते हैं।

इन लोगों का अलग ही स्वांग है – अपने गाड़ी के आगे और पीछे बिना नंबर प्लेट की गाड़ी लेकर चलते हैं, दिन में 100 रुपए का कमला पसंद चबा डालते हैं, 500 रुपए रोज चाय–नाश्ता पर भी उड़ा देते हैं... लेकिन बात जब 50 रुपए टोल देने की आती है तो विधानसभा का स्टिकर लगाकर अपने आगे पीछे 10 गाड़िया मुफ्त में निकाल ले जाते हैं। दूसरे तरफ ये टोल वाले, कोई सीधा साधा आदमी अपने परिवार के साथ कहीं जा रहा हो, अगर थोड़ा सा भी सवाल जवाब कर ले तो उसके हाथ पैर तोड़ डालते हैं। लेकिन, इनके सामने वो भी नममत्सक हुए चुपचाप खड़े रहते हैं।

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इस वीडियो से जुड़ी सही जानकारी जुटाने में हमारी मदद करें। यह घटना कब और कहां की है? यदि किसी के पास इससे संबंधित कोई विश्वसनीय जानकारी हो, तो कृपया हमें अवश्य अवगत कराएँ। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक ठेकेदार जैसा व्यक्ति एक मजदूर के साथ बेहद बेरहमी से मारपीट कर रहा है। मामले का सही तथ्य सामने आना जरूरी है ताकि मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सके और आवश्यक होने पर उचित कार्रवाई भी हो सके।

इस वीडियो से जुड़ी सही जानकारी जुटाने में हमारी मदद करें। यह घटना कब और कहां की है? यदि किसी के पास इससे संबंधित कोई विश्वसनीय जानकारी हो, तो कृपया हमें अवश्य अवगत कराएँ। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक ठेकेदार जैसा व्यक्ति एक मजदूर के साथ बेहद बेरहमी से मारपीट कर रहा है। मामले का सही तथ्य सामने आना जरूरी है ताकि मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सके और आवश्यक होने पर उचित कार्रवाई भी हो सके।

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अब इसे स्मगलिंग कहें या किसी अपने को खुश करने के लिए दिया जाने वाला ‘उपहार’? बिहार में शराब तस्करी का नया तरीका! राजधानी दिल्ली से 1st Class AC ट्रेन के जरिए महंगे लगेज बैग में शराब की कथित तस्करी का एक नया तरीका सामने आया है। वायरल वीडियो के अनुसार, करीब 20–25 वर्ष की एक युवती, जो देखने में किसी अच्छे-खासे परिवार से आती हुई प्रतीत होती है, 1st AC कोच में चार लगेज बैग में ब्रांडेड शराब लेकर बिहार पहुंचने के दौरान रेलवे पुलिस की गिरफ्त में आई है। श्रीमान Bihar Police से अनुरोध हैं कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच करे, कि क्या वाकई यह युवती शराब की तस्करी कर रही थी, या फिर किसी ‘अपने’ को खुश करने के लिए पूरे साल भर का उपहार लेकर बिहार आई थी?

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242,602 görüntüleme • 23 gün önce

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डॉक्टर साहब की गलती बस इतनी थी… कि उन्होंने इंसानियत दिखाई और वकील साहब को अपने छत पर AC लगाने दिया। कुछ साल पहले पड़ोसी वकील ने कहा – “AC लगाना है, आपकी छत की तरफ रहेगा, अनुमति दे दीजिए।” डॉक्टर साहब ने बिना सोचे हाँ कर दी… क्योंकि लगा, पड़ोसी हैं – साथ देना चाहिए। सालों तक चुप रहे… पानी गिरता रहा, गर्म हवा आती रही, परेशानी होती रही... लेकिन उन्होंने कभी शिकायत नहीं की। आज जब वकील साहब से सिर्फ इतना कहा कि अब इसे हटा दीजिए या सही जगह लगा दीजिए, हमें अब अपने छत की जरूरत पड़ेगी। तो जवाब मिला – “नहीं हटेगा… जो करना है कर लो।” तब डॉक्टर साहब को समझ आया – हर कोई आपकी अच्छाई को समझे, ये ज़रूरी नहीं। कुछ लोग उसे आपकी कमजोरी समझ लेते हैं। आप पूरा वीडियो देखिये, उसके बाद डिसाइड करें कि क्या डॉक्टर साहब ने इंसानियत दिखाकर गलत किया?

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586,550 görüntüleme • 5 ay önce

उड़ीसा के फुलबानी में पुलिसकर्मी की पीटपीट कर हत्या के प्रयास की घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी “महान भीड़ संस्कृति” का लाइव प्रदर्शन थी। एक तरफ सिविल कपड़ों में बेसुध पड़ा पुलिसकर्मी अपने जीवन के अंतिम सांसों से जूझ रहा था, वही दूसरी तरफ खुद को दूसरे से ज्यादा ताकतवर और बहादुर मानने वाले दर्शकों की भीड़ में कोई वीडियो बना रहा था, कोई हाथ बांधे चुपचाप खड़ा था, मानो कोई नौटंकी चल रही हो। अगर उसी भीड़ में से 5–10 लोग इंसानियत दिखा देते, तो शायद आज हालात कुछ और होते। लेकिन नहीं, हम तो वही लोग हैं जो हादसे के बाद सबसे पहले लिखते हैं – “बहुत गलत हुआ”। (घटना दिनांक: 27 फरवरी 2026)
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उड़ीसा के फुलबानी में पुलिसकर्मी की पीटपीट कर हत्या के प्रयास की घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी “महान भीड़ संस्कृति” का लाइव प्रदर्शन थी। एक तरफ सिविल कपड़ों में बेसुध पड़ा पुलिसकर्मी अपने जीवन के अंतिम सांसों से जूझ रहा था, वही दूसरी तरफ खुद को दूसरे से ज्यादा ताकतवर और बहादुर मानने वाले दर्शकों की भीड़ में कोई वीडियो बना रहा था, कोई हाथ बांधे चुपचाप खड़ा था, मानो कोई नौटंकी चल रही हो। अगर उसी भीड़ में से 5–10 लोग इंसानियत दिखा देते, तो शायद आज हालात कुछ और होते। लेकिन नहीं, हम तो वही लोग हैं जो हादसे के बाद सबसे पहले लिखते हैं – “बहुत गलत हुआ”। (घटना दिनांक: 27 फरवरी 2026)

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239,610 görüntüleme • 5 ay önce

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5 लाख की डाउन पेमेंट और 84 महीने की EMI भरते ही कुछ लोगों के भीतर का “माफिया डॉन” जाग उठता है… और जैसे ही वे "थार" की सीट पर विराजमान होते हैं, उन्हें लगता है कि सड़क अब उनकी पुश्तैनी जागीर है। ट्रैफिक नियम? वो क्या होता है भाई! इंडिकेटर देना उनकी शान के खिलाफ, और हॉर्न बजाना जैसे उनका जन्मसिद्ध अधिकार है... और बाकी लोग सड़क पर क्यों हैं – ये सवाल उन्हें उतना ही परेशान करता है जितना EMI की अगली किस्त। काली थार, करिया चश्मा और खिड़की से आधा शरीर बाहर निकालकर चलाने का जो “टशन” है, वो भले ही उन्हें किसी फिल्मी विलेन का एहसास दिलाए, लेकिन पीछे चल रही गाड़ियों के लिए वो “सस्पेंस थ्रिलर” बन जाता है कि अब ये भाई साहब अगला स्टंट क्या करेंगे। दरअसल हमें समस्या ये नहीं कि, आपने थार खरीदी है, समस्या ये है कि आपने उसे “जिम्मेदारी” की जगह “रौब दिखाने का लाइसेंस” समझ लिया है। इसलिए याद रखिए कि – सड़क पर आपकी गाड़ी जितनी बड़ी है, आपकी जिम्मेदारी उससे भी बड़ी होनी चाहिए... वरना ये टशन कभी भी दुर्घटना में बदल सकता है, और फिर ना EMI काम आएगी, ना एटीट्यूड। ~ साभार: NCIB Headquarters

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217,518 görüntüleme • 5 ay önce

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आदरणीय Yogi Adityanath जी, सोशल मीडिया पर ग्रेटर नोएडा स्थित बेनेट यूनिवर्सिटी में कुछ छात्राओं द्वारा रैगिंग के नाम पर जूनियर छात्राओं के साथ मारपीट, अभद्र भाषा का प्रयोग तथा उनके परिवार की गरिमा और सम्मान पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का वीडियो वायरल हो रहा है। यह घटना अत्यंत निंदनीय है और शिक्षा के मंदिर में अनुशासनहीनता एवं गुंडागर्दी को दर्शाती है। विदित हो कि इस प्रकार की घटनाएं प्रायः संस्थान के प्रशासनिक लापरवाही या ढीले रवैये के बिना संभव नहीं होती हैं। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में घटना सत्य पाई जाती है, तो संबंधित कॉलेज प्रशासन एवं दोषी छात्राओं के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने हेतु POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR को निर्देशित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, यह अभिभावकों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि वे अपने बच्चों के आचरण एवं संस्कारों पर विशेष ध्यान दें। उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का भी आधार है। यदि समय रहते इस प्रकार के व्यवहार को नहीं रोका गया, तो इसका दुष्प्रभाव समाज और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। UP POLICE DGP UP DM NOIDA Gautam Buddha Nagar Ministry of Education

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172,303 görüntüleme • 4 ay önce

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SC/ST एक्ट के तहत मिलने वाली राशि को लेकर एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने रखा है। झांसी के एक अधिवक्ता संतोष कुमार धोहरे और उनके परिवार को SC/ST एक्ट के तहत अब तक ₹23,36,250 की राहत राशि मिल चुकी है। इतना ही नहीं, उसी परिवार से जुड़े करीब 10–12 और दावे अभी जिला समिति के पास लंबित बताए जा रहे हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि केवल केस और दावों की संख्या ज्यादा होने से SC/ST एक्ट के दुरुपयोग की पुष्टि नहीं होती। लेकिन सवाल यह है कि अगर एक ही परिवार से लगातार इतने दावे सामने आ रहे हैं और लाखों रुपये की सरकारी राहत राशि पहले ही दी जा चुकी है, तो क्या इसकी गहराई से जांच नहीं होनी चाहिए? कोर्ट ने झांसी के DM और SSP को तीन महीने के भीतर निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया है। साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में बार-बार राहत का दावा करने वाले मामलों की समीक्षा के निर्देश भी दिए गए हैं। यहां सवाल SC/ST एक्ट की जरूरत पर नहीं है। यह कानून वास्तविक पीड़ितों को न्याय और सुरक्षा देने के लिए बेहद जरूरी है। सवाल सिर्फ इतना है कि क्या इस कानून का कहीं-कहीं दुरुपयोग भी हो रहा है? अगर कोई व्यक्ति या परिवार बार-बार ऐसे मामलों में सामने आता है और सरकारी राहत प्राप्त करता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी ही चाहिए। क्योंकि अगर कानून का दुरुपयोग होता है तो नुकसान सिर्फ सरकारी खजाने का नहीं होता, बल्कि उन वास्तविक पीड़ितों का भी होता है जिन्हें इस कानून के संरक्षण की सच में जरूरत है। कोर्ट ने अभी किसी को दोषी नहीं ठहराया है, लेकिन ये आंकड़े कई गंभीर सवाल जरूर खड़े करते हैं। इस मामले पर आप क्या सोचते हैं, क्या SC/ST एक्ट के तहत बार-बार राहत का दावा करने वाले मामलों की पूरे देश में सख्ती से समीक्षा होनी चाहिए?

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20,660 görüntüleme • 17 gün önce