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Official Twitter account of National Crime Investigation Bureau (NGO), Our main objective is to make citizens aware of the rights given by constitution and law.
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जमुई मामले में नाबालिग लड़की की पहचान उजागर करने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने 120 सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने लोगों से वीडियो को डाउनलोड, शेयर या दोबारा पोस्ट न करने की अपील की है। विदित हो कि POCSO Act की धारा 23 के तहत नाबालिग की पहचान उजागर करना प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन होने पर 6 महीने से 1 वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इसलिए सोशल मीडिया पर किसी नाबालिग पीड़िता का चेहरा, नाम या ऐसी कोई जानकारी साझा न करें, जिससे उसकी पहचान सार्वजनिक हो।
NCIB Headquarters64,108 次观看 • 6 天前

अब इसे स्मगलिंग कहें या किसी अपने को खुश करने के लिए दिया जाने वाला ‘उपहार’? बिहार में शराब तस्करी का नया तरीका! राजधानी दिल्ली से 1st Class AC ट्रेन के जरिए महंगे लगेज बैग में शराब की कथित तस्करी का एक नया तरीका सामने आया है। वायरल वीडियो के अनुसार, करीब 20–25 वर्ष की एक युवती, जो देखने में किसी अच्छे-खासे परिवार से आती हुई प्रतीत होती है, 1st AC कोच में चार लगेज बैग में ब्रांडेड शराब लेकर बिहार पहुंचने के दौरान रेलवे पुलिस की गिरफ्त में आई है। श्रीमान Bihar Police से अनुरोध हैं कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच करे, कि क्या वाकई यह युवती शराब की तस्करी कर रही थी, या फिर किसी ‘अपने’ को खुश करने के लिए पूरे साल भर का उपहार लेकर बिहार आई थी?
NCIB Headquarters242,602 次观看 • 23 天前

डॉक्टर साहब की गलती बस इतनी थी… कि उन्होंने इंसानियत दिखाई और वकील साहब को अपने छत पर AC लगाने दिया। कुछ साल पहले पड़ोसी वकील ने कहा – “AC लगाना है, आपकी छत की तरफ रहेगा, अनुमति दे दीजिए।” डॉक्टर साहब ने बिना सोचे हाँ कर दी… क्योंकि लगा, पड़ोसी हैं – साथ देना चाहिए। सालों तक चुप रहे… पानी गिरता रहा, गर्म हवा आती रही, परेशानी होती रही... लेकिन उन्होंने कभी शिकायत नहीं की। आज जब वकील साहब से सिर्फ इतना कहा कि अब इसे हटा दीजिए या सही जगह लगा दीजिए, हमें अब अपने छत की जरूरत पड़ेगी। तो जवाब मिला – “नहीं हटेगा… जो करना है कर लो।” तब डॉक्टर साहब को समझ आया – हर कोई आपकी अच्छाई को समझे, ये ज़रूरी नहीं। कुछ लोग उसे आपकी कमजोरी समझ लेते हैं। आप पूरा वीडियो देखिये, उसके बाद डिसाइड करें कि क्या डॉक्टर साहब ने इंसानियत दिखाकर गलत किया?
NCIB Headquarters586,550 次观看 • 5 个月前

एक वाल्मीकि समाज की बेटी Dr Rohini Ghavari ( रोहिणी ) ने आरोप लगाया है कि भीम आर्मी चीफ़ एवं निर्दलीय सांसद चन्द्रशेखर के खिलाफ दिल्ली पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही। रोहिणी ने प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि – यह हमारे लोकतंत्र पर सबसे बड़ा कलंक होगा यदि दलित समाज की बेटी न्याय की गुहार लगाते-लगाते थककर UN के मंच से अपनी जान देने को मजबूर हो। अपने ही देश में मुझे आत्मसम्मान की लड़ाई नहीं लड़ने दी गई, आरोपी को लगातार Delhi Police बचाती रही और मैं एक FIR तक दर्ज नहीं करा पाई। यह राजनीति की गंदी सच्चाई है — पुलिस पीड़िता की नहीं, नेताओं की सुनती है।
NCIB Headquarters509,148 次观看 • 1 年前
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उड़ीसा के फुलबानी में पुलिसकर्मी की पीटपीट कर हत्या के प्रयास की घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी “महान भीड़ संस्कृति” का लाइव प्रदर्शन थी। एक तरफ सिविल कपड़ों में बेसुध पड़ा पुलिसकर्मी अपने जीवन के अंतिम सांसों से जूझ रहा था, वही दूसरी तरफ खुद को दूसरे से ज्यादा ताकतवर और बहादुर मानने वाले दर्शकों की भीड़ में कोई वीडियो बना रहा था, कोई हाथ बांधे चुपचाप खड़ा था, मानो कोई नौटंकी चल रही हो। अगर उसी भीड़ में से 5–10 लोग इंसानियत दिखा देते, तो शायद आज हालात कुछ और होते। लेकिन नहीं, हम तो वही लोग हैं जो हादसे के बाद सबसे पहले लिखते हैं – “बहुत गलत हुआ”। (घटना दिनांक: 27 फरवरी 2026)
NCIB Headquarters239,610 次观看 • 5 个月前
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कल हिसार एवं भवानी विजिलेस विभाग की संयुक्त टीम ने बवानीखेड़ा की महिला सब इंस्पेक्टर मुन्नी देवी को भिवानी लघु सचिवालय में 5 हजार रुपए रिश्वत लेते किया गिरफ़्तार। विदित हो कि, ये वही महिला एसआई हैं जिसे गणतंत्र दिवस पर उनके बेहतर काम और ईमानदारी के लिए सम्मानित किया गया था।
NCIB Headquarters1,398,861 次观看 • 3 年前

5 लाख की डाउन पेमेंट और 84 महीने की EMI भरते ही कुछ लोगों के भीतर का “माफिया डॉन” जाग उठता है… और जैसे ही वे "थार" की सीट पर विराजमान होते हैं, उन्हें लगता है कि सड़क अब उनकी पुश्तैनी जागीर है। ट्रैफिक नियम? वो क्या होता है भाई! इंडिकेटर देना उनकी शान के खिलाफ, और हॉर्न बजाना जैसे उनका जन्मसिद्ध अधिकार है... और बाकी लोग सड़क पर क्यों हैं – ये सवाल उन्हें उतना ही परेशान करता है जितना EMI की अगली किस्त। काली थार, करिया चश्मा और खिड़की से आधा शरीर बाहर निकालकर चलाने का जो “टशन” है, वो भले ही उन्हें किसी फिल्मी विलेन का एहसास दिलाए, लेकिन पीछे चल रही गाड़ियों के लिए वो “सस्पेंस थ्रिलर” बन जाता है कि अब ये भाई साहब अगला स्टंट क्या करेंगे। दरअसल हमें समस्या ये नहीं कि, आपने थार खरीदी है, समस्या ये है कि आपने उसे “जिम्मेदारी” की जगह “रौब दिखाने का लाइसेंस” समझ लिया है। इसलिए याद रखिए कि – सड़क पर आपकी गाड़ी जितनी बड़ी है, आपकी जिम्मेदारी उससे भी बड़ी होनी चाहिए... वरना ये टशन कभी भी दुर्घटना में बदल सकता है, और फिर ना EMI काम आएगी, ना एटीट्यूड। ~ साभार: NCIB Headquarters
NCIB Headquarters217,518 次观看 • 5 个月前

अरे, ये TTE हैं या गली छाप गुंडे… दिनांक 02 जनवरी को बिहार के मुजफ्फरपुर में ढोली स्टेशन के पास लोकमान्य तिलक टर्मिनल से जयनगर जा रही पवन एक्सप्रेस ट्रेन में एक यात्री को दो टिकट चेकर्स ने बहसबाजी के बाद ऊपर से खींचकर नीचे गिराया, बुरी तरह पीटा, चेहरे पर भी लात मारी। 😡😡
NCIB Headquarters1,405,391 次观看 • 3 年前

आदरणीय Yogi Adityanath जी, सोशल मीडिया पर ग्रेटर नोएडा स्थित बेनेट यूनिवर्सिटी में कुछ छात्राओं द्वारा रैगिंग के नाम पर जूनियर छात्राओं के साथ मारपीट, अभद्र भाषा का प्रयोग तथा उनके परिवार की गरिमा और सम्मान पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का वीडियो वायरल हो रहा है। यह घटना अत्यंत निंदनीय है और शिक्षा के मंदिर में अनुशासनहीनता एवं गुंडागर्दी को दर्शाती है। विदित हो कि इस प्रकार की घटनाएं प्रायः संस्थान के प्रशासनिक लापरवाही या ढीले रवैये के बिना संभव नहीं होती हैं। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में घटना सत्य पाई जाती है, तो संबंधित कॉलेज प्रशासन एवं दोषी छात्राओं के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने हेतु POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR को निर्देशित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, यह अभिभावकों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि वे अपने बच्चों के आचरण एवं संस्कारों पर विशेष ध्यान दें। उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का भी आधार है। यदि समय रहते इस प्रकार के व्यवहार को नहीं रोका गया, तो इसका दुष्प्रभाव समाज और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। UP POLICE DGP UP DM NOIDA Gautam Buddha Nagar Ministry of Education
NCIB Headquarters172,303 次观看 • 4 个月前

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SC/ST एक्ट के तहत मिलने वाली राशि को लेकर एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने रखा है। झांसी के एक अधिवक्ता संतोष कुमार धोहरे और उनके परिवार को SC/ST एक्ट के तहत अब तक ₹23,36,250 की राहत राशि मिल चुकी है। इतना ही नहीं, उसी परिवार से जुड़े करीब 10–12 और दावे अभी जिला समिति के पास लंबित बताए जा रहे हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि केवल केस और दावों की संख्या ज्यादा होने से SC/ST एक्ट के दुरुपयोग की पुष्टि नहीं होती। लेकिन सवाल यह है कि अगर एक ही परिवार से लगातार इतने दावे सामने आ रहे हैं और लाखों रुपये की सरकारी राहत राशि पहले ही दी जा चुकी है, तो क्या इसकी गहराई से जांच नहीं होनी चाहिए? कोर्ट ने झांसी के DM और SSP को तीन महीने के भीतर निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया है। साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में बार-बार राहत का दावा करने वाले मामलों की समीक्षा के निर्देश भी दिए गए हैं। यहां सवाल SC/ST एक्ट की जरूरत पर नहीं है। यह कानून वास्तविक पीड़ितों को न्याय और सुरक्षा देने के लिए बेहद जरूरी है। सवाल सिर्फ इतना है कि क्या इस कानून का कहीं-कहीं दुरुपयोग भी हो रहा है? अगर कोई व्यक्ति या परिवार बार-बार ऐसे मामलों में सामने आता है और सरकारी राहत प्राप्त करता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी ही चाहिए। क्योंकि अगर कानून का दुरुपयोग होता है तो नुकसान सिर्फ सरकारी खजाने का नहीं होता, बल्कि उन वास्तविक पीड़ितों का भी होता है जिन्हें इस कानून के संरक्षण की सच में जरूरत है। कोर्ट ने अभी किसी को दोषी नहीं ठहराया है, लेकिन ये आंकड़े कई गंभीर सवाल जरूर खड़े करते हैं। इस मामले पर आप क्या सोचते हैं, क्या SC/ST एक्ट के तहत बार-बार राहत का दावा करने वाले मामलों की पूरे देश में सख्ती से समीक्षा होनी चाहिए?
NCIB Headquarters20,660 次观看 • 17 天前

टीटी एवं रेलकर्मियों का यात्रियों के साथ इस तरह अपराधियों जैसे दुर्व्यवहार की घटना सिर्फ भारत जैसे देश में ही संभव हो सकती हैं। अपने घर से सैकड़ों – हजारों किलोमीटर दूर किसी भी यात्री के साथ इस तरह व्यवहार करना उचित नहीं है। Ministry of Railways को चाहिए कि वह यात्रियों के सम्मान की रक्षा हेतु अपने कर्मचारियों को ऐसे मामलों को संभालने के लिए बेहतर प्रशिक्षण दे।
NCIB Headquarters214,818 次观看 • 10 个月前