
NCIB Headquarters
@NCIBHQ • 233,390 subscribers
Official Twitter account of National Crime Investigation Bureau (NGO), Our main objective is to make citizens aware of the rights given by constitution and law.
Shorts
Videos

डॉक्टर साहब की गलती बस इतनी थी… कि उन्होंने इंसानियत दिखाई और वकील साहब को अपने छत पर AC लगाने दिया। कुछ साल पहले पड़ोसी वकील ने कहा – “AC लगाना है, आपकी छत की तरफ रहेगा, अनुमति दे दीजिए।” डॉक्टर साहब ने बिना सोचे हाँ कर दी… क्योंकि लगा, पड़ोसी हैं – साथ देना चाहिए। सालों तक चुप रहे… पानी गिरता रहा, गर्म हवा आती रही, परेशानी होती रही... लेकिन उन्होंने कभी शिकायत नहीं की। आज जब वकील साहब से सिर्फ इतना कहा कि अब इसे हटा दीजिए या सही जगह लगा दीजिए, हमें अब अपने छत की जरूरत पड़ेगी। तो जवाब मिला – “नहीं हटेगा… जो करना है कर लो।” तब डॉक्टर साहब को समझ आया – हर कोई आपकी अच्छाई को समझे, ये ज़रूरी नहीं। कुछ लोग उसे आपकी कमजोरी समझ लेते हैं। आप पूरा वीडियो देखिये, उसके बाद डिसाइड करें कि क्या डॉक्टर साहब ने इंसानियत दिखाकर गलत किया?
NCIB Headquarters585,828 次观看 • 2 个月前

श्रीमान DGP Haryana Police जी, भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत DigiLocker और mParivahan ऐप पर डिजिटल रूप से रखे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC), बीमा और अन्य सरकारी दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं। चेकिंग के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी इसे स्वीकार करने से मना नहीं कर सकता। लेकिन हरियाणा पुलिस में कार्यरत इन दोनों ट्रैफिक पुलिसकारियों ने न सिर्फ भारत सरकार के नियमों की अवहेलना करते हुए DigiLocker के डॉक्यूमेंट को मानने से मना किया है बल्कि वाहन चालक का मोबाइल तोड़कर उसके साथ मारपीट भी किया हैं। आपसे अनुरोध है कि, इस घटना की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोप सत्य पाए जाने पर तुरंत इन दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्यवाही करने के साथ साथ अपराधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए गिरफ्तारी करें।
NCIB Headquarters73,504 次观看 • 10 天前
0:56
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

उड़ीसा के फुलबानी में पुलिसकर्मी की पीटपीट कर हत्या के प्रयास की घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी “महान भीड़ संस्कृति” का लाइव प्रदर्शन थी। एक तरफ सिविल कपड़ों में बेसुध पड़ा पुलिसकर्मी अपने जीवन के अंतिम सांसों से जूझ रहा था, वही दूसरी तरफ खुद को दूसरे से ज्यादा ताकतवर और बहादुर मानने वाले दर्शकों की भीड़ में कोई वीडियो बना रहा था, कोई हाथ बांधे चुपचाप खड़ा था, मानो कोई नौटंकी चल रही हो। अगर उसी भीड़ में से 5–10 लोग इंसानियत दिखा देते, तो शायद आज हालात कुछ और होते। लेकिन नहीं, हम तो वही लोग हैं जो हादसे के बाद सबसे पहले लिखते हैं – “बहुत गलत हुआ”। (घटना दिनांक: 27 फरवरी 2026)
NCIB Headquarters239,522 次观看 • 2 个月前

आदरणीय Yogi Adityanath जी, सोशल मीडिया पर ग्रेटर नोएडा स्थित बेनेट यूनिवर्सिटी में कुछ छात्राओं द्वारा रैगिंग के नाम पर जूनियर छात्राओं के साथ मारपीट, अभद्र भाषा का प्रयोग तथा उनके परिवार की गरिमा और सम्मान पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का वीडियो वायरल हो रहा है। यह घटना अत्यंत निंदनीय है और शिक्षा के मंदिर में अनुशासनहीनता एवं गुंडागर्दी को दर्शाती है। विदित हो कि इस प्रकार की घटनाएं प्रायः संस्थान के प्रशासनिक लापरवाही या ढीले रवैये के बिना संभव नहीं होती हैं। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में घटना सत्य पाई जाती है, तो संबंधित कॉलेज प्रशासन एवं दोषी छात्राओं के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने हेतु POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR को निर्देशित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, यह अभिभावकों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि वे अपने बच्चों के आचरण एवं संस्कारों पर विशेष ध्यान दें। उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का भी आधार है। यदि समय रहते इस प्रकार के व्यवहार को नहीं रोका गया, तो इसका दुष्प्रभाव समाज और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। UP POLICE DGP UP DM NOIDA Gautam Buddha Nagar Ministry of Education
NCIB Headquarters171,774 次观看 • 1 个月前

5 लाख की डाउन पेमेंट और 84 महीने की EMI भरते ही कुछ लोगों के भीतर का “माफिया डॉन” जाग उठता है… और जैसे ही वे "थार" की सीट पर विराजमान होते हैं, उन्हें लगता है कि सड़क अब उनकी पुश्तैनी जागीर है। ट्रैफिक नियम? वो क्या होता है भाई! इंडिकेटर देना उनकी शान के खिलाफ, और हॉर्न बजाना जैसे उनका जन्मसिद्ध अधिकार है... और बाकी लोग सड़क पर क्यों हैं – ये सवाल उन्हें उतना ही परेशान करता है जितना EMI की अगली किस्त। काली थार, करिया चश्मा और खिड़की से आधा शरीर बाहर निकालकर चलाने का जो “टशन” है, वो भले ही उन्हें किसी फिल्मी विलेन का एहसास दिलाए, लेकिन पीछे चल रही गाड़ियों के लिए वो “सस्पेंस थ्रिलर” बन जाता है कि अब ये भाई साहब अगला स्टंट क्या करेंगे। दरअसल हमें समस्या ये नहीं कि, आपने थार खरीदी है, समस्या ये है कि आपने उसे “जिम्मेदारी” की जगह “रौब दिखाने का लाइसेंस” समझ लिया है। इसलिए याद रखिए कि – सड़क पर आपकी गाड़ी जितनी बड़ी है, आपकी जिम्मेदारी उससे भी बड़ी होनी चाहिए... वरना ये टशन कभी भी दुर्घटना में बदल सकता है, और फिर ना EMI काम आएगी, ना एटीट्यूड। ~ साभार: NCIB Headquarters
NCIB Headquarters217,446 次观看 • 2 个月前

एक वाल्मीकि समाज की बेटी Dr Rohini Ghavari ( रोहिणी ) ने आरोप लगाया है कि भीम आर्मी चीफ़ एवं निर्दलीय सांसद चन्द्रशेखर के खिलाफ दिल्ली पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही। रोहिणी ने प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि – यह हमारे लोकतंत्र पर सबसे बड़ा कलंक होगा यदि दलित समाज की बेटी न्याय की गुहार लगाते-लगाते थककर UN के मंच से अपनी जान देने को मजबूर हो। अपने ही देश में मुझे आत्मसम्मान की लड़ाई नहीं लड़ने दी गई, आरोपी को लगातार Delhi Police बचाती रही और मैं एक FIR तक दर्ज नहीं करा पाई। यह राजनीति की गंदी सच्चाई है — पुलिस पीड़िता की नहीं, नेताओं की सुनती है।
NCIB Headquarters509,038 次观看 • 9 个月前
1:07
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

कल हिसार एवं भवानी विजिलेस विभाग की संयुक्त टीम ने बवानीखेड़ा की महिला सब इंस्पेक्टर मुन्नी देवी को भिवानी लघु सचिवालय में 5 हजार रुपए रिश्वत लेते किया गिरफ़्तार। विदित हो कि, ये वही महिला एसआई हैं जिसे गणतंत्र दिवस पर उनके बेहतर काम और ईमानदारी के लिए सम्मानित किया गया था।
NCIB Headquarters1,398,814 次观看 • 3 年前

अरे, ये TTE हैं या गली छाप गुंडे… दिनांक 02 जनवरी को बिहार के मुजफ्फरपुर में ढोली स्टेशन के पास लोकमान्य तिलक टर्मिनल से जयनगर जा रही पवन एक्सप्रेस ट्रेन में एक यात्री को दो टिकट चेकर्स ने बहसबाजी के बाद ऊपर से खींचकर नीचे गिराया, बुरी तरह पीटा, चेहरे पर भी लात मारी। 😡😡
NCIB Headquarters1,405,235 次观看 • 3 年前

टीटी एवं रेलकर्मियों का यात्रियों के साथ इस तरह अपराधियों जैसे दुर्व्यवहार की घटना सिर्फ भारत जैसे देश में ही संभव हो सकती हैं। अपने घर से सैकड़ों – हजारों किलोमीटर दूर किसी भी यात्री के साथ इस तरह व्यवहार करना उचित नहीं है। Ministry of Railways को चाहिए कि वह यात्रियों के सम्मान की रक्षा हेतु अपने कर्मचारियों को ऐसे मामलों को संभालने के लिए बेहतर प्रशिक्षण दे।
NCIB Headquarters214,762 次观看 • 6 个月前