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Nirmal Pareek

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काम का ठिया - @thelitmusnews (द लिटमस) Journalist । Ex- @rpbreakingnews | Ex- @JagranNews Ex- @news24tvchannel | All tweets & RT's are personal.

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"भजनलाल जी चून मांगो...चून मांगो... चून मांगो" - ग्रेड फर्स्ट परीक्षा को लेकर चल रहे धरना स्थल पर नारा (इस नारे का कोई तुक बैठता हैं यहां? ऐसा नारा कभी सुना है?) #Jaipur #Rajasthan

"भजनलाल जी चून मांगो...चून मांगो... चून मांगो" - ग्रेड फर्स्ट परीक्षा को लेकर चल रहे धरना स्थल पर नारा (इस नारे का कोई तुक बैठता हैं यहां? ऐसा नारा कभी सुना है?) #Jaipur #Rajasthan

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"संन्यास आश्रम की ओर जाना चाहिए, 75 के बाद यही करना चाहिए" अशोक गहलोत के बहाने PM मोदी को BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की सलाह #Rajasthan #PMModi

"संन्यास आश्रम की ओर जाना चाहिए, 75 के बाद यही करना चाहिए" अशोक गहलोत के बहाने PM मोदी को BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की सलाह #Rajasthan #PMModi

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एक ट्वीट के लिए 16 घंटे और 9 मिनट कैसे लग गए? क्या अशोक गहलोत यहां भी कोई खेल कर रहे हैं? क्या ACB के अधिकारियों से फीडबैक लेकर पोस्ट कर रहे हैं? क्या JJM घोटाले में अशोक गहलोत शामिल नहीं थे? जिस नेता के लिए महेश जोशी ने अपना करियर दांव पर लगाया, गहलोत के कहने पर 25 सितंबर को आलाकमान के खिलाफ जाकर कई नेताओं से दुश्मनी पाली... अगर कुछ गड़बड़ी की भी है तो हिस्सा पहुंचाया ही होगा, लेकिन आज संकट के समय उस नेता की गिरफ्तारी के ठीक 16 घंटे बाद ट्वीट आता है! इस पोस्ट में गहलोत ने 261 शब्द लिखे हैं, और गिरफ्तारी को 960 मिनट हो गए, मतलब 1 शब्द लिखने में अशोक गहलोत को 3.7 मिनट लगी! (नोट:- वीडियो 25 सितम्बर, 2022 की घटना के समय के हैं) #Rajasthan

Nirmal Pareek

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nirmal_pareek93's profile picture

जो काम वर्षों से करते रहे, अबकी बार खुद के लिए छप गया तो दिक्कत हो गई! मंत्री का बयान- "ACB-DG से पूछूंगा कि FIR दर्ज होने से पहले ही मजमून बाहर कैसे आया? उसे वायरल करने का क्या उद्देश्य था? और उसके बाद तुरंत अखबारों में छपवा दिया गया कि इसमें 'मंत्री' और 'डॉक्टर' है।" वैसे वर्षों से बिना ठोस सबूतों के, न्यायालय में विचाराधीन मामलों में, FIR दर्ज हुए बिना ही लोगों पर गंभीर आरोप लगाने का लंबा इतिहास रहा है! हाल ही में जेल में बाबूलाल कटारा से मुलाकात कर सीधे मीडिया के सामने कई लोगों पर आरोप लगा दिए, मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सिर्फ 'बातचीत' के आधार पर कई लोगों का नाम पत्र में लिख दिया, जबकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है! क्या इससे उन लोगों की छवि खराब नहीं होती? क्या विचाराधीन मामले में किसी पर सार्वजनिक आरोप लगाना उचित है? क्या जेल में एक कैदी से हुई बातचीत के आधार पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखना किसी की छवि धूमिल करना नहीं है? ACB अपना काम कर रही है, जैसे अन्य मामलों में करती रही है, तो उसे करने दीजिए! अगर आप सही से जांच चाहते हैं तो इस्तीफा दें, और जांच होने दें... और जो छापमारी की आड़ में ठगी हुई है, उसकी सही से जांच होने दें, निर्णय आने पर जनता अपने आप ही छवि बना देगी! #Rajasthan

Nirmal Pareek

11,854 Aufrufe • vor 2 Monaten

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