
पंडित जगन्नाथ
@pandit_jag • 17,038 subscribers
न त्वहं कामये राज्यं न स्वर्गं नापुनर्भवम् । कामये दुःखतप्तानां प्राणिनाम् आर्तिनाशनम् ॥
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ये तंत्र है , वही तंत्र जिसके लिए लोग अपनी कुर्बानी दिए थे | स्व - तंत्र चाहते थे | यही वह तन्त्र है जिसका बखान करते हुए लोग थकते नही हैं | एक तरफ आंसू है , तो दूसरी तरफ तमाचा है | Gujarat Police को CMO Gujarat की तरफ से खुले तौर पर बेशर्मी करने की छूट है | सरकारी अस्पताल की लापरवाही से पिता की मौत हो गयी तो बेटे को पुलिस थप्पड़ भी नहीं मार सकती क्या ?? नए नए जवान इसीलिए पुलिस में रखे गए हैं ताकि थप्पड़ मार सके | शर्म तो आएगी नही इनको , Amit Shah Narendra Modi के नाम पर ही थोडा शर्म कर लो DGP Gujarat साहब अगर इन पुलिस ववालों को सेवा से बर्खास्त नही किये तो इसका मतलब यही होगा कि आप का वरद हस्त है पुलिस वालों पर |
पंडित जगन्नाथ1,012,727 görüntüleme • 1 yıl önce

इस स्पेस को मुझे सुनना है । किसी के पास रिकॉर्डेड स्पेस का लिंक हो तो शेयर कर दीजिए
पंडित जगन्नाथ68,719 görüntüleme • 4 ay önce

मै पहली बार एक जिलाधिकारी देख रहा हूं जो बिना किसी हिचकिचाहट और आनाकानी के यह स्वीकार कर रहा है कि प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण किसी को कष्ट होता है तो उसके लिए वह जिम्मेदार है। नहीं तो लोग अपनी जिम्मेदारी को दूसरों पर डालकर सफाई देने की कोशिश करते रहते हैं। कलेक्टर साहब का यह व्यवहार और स्वीकार्यता प्रशंसा की पात्र है । सभी अधिकारी इनकी तरह हो जाए तो देश के लोगों की 90% समस्या स्वतः खत्म हो जाए । नमन है जिलाधिकारी महोदय को
पंडित जगन्नाथ82,229 görüntüleme • 7 ay önce

VIP प्रोटोकॉल और हूटर आम आदमी को चिढ़ा रहे हैं, नतीजा दुखद हो जाएगा । कृपया समय रहते ही इसका संज्ञान लीजिए
पंडित जगन्नाथ162,869 görüntüleme • 1 yıl önce

इस वीडियो को देखकर मुझे अपनी बात याद आ गई । बहुत पछताया था कि पैसे क्यों दिए ।
पंडित जगन्नाथ98,731 görüntüleme • 1 yıl önce

मूर्ख परिवार है यह। इसको नहीं पता कि इसको प्यादा बनाया जा रहा है। इसका उपयोग किया जा रहा है । कल तक योगी जी के आश्वासन के बाद भी स्कूल वाले यह कहकर फीस माफ करने से मना कर दिए कि " यह परिपाटी बन जाएगी और हर कोई जनसुनवाई में जाकर फीस माफ करवाने लगेगा " । जब मुद्दा अखिलेश जी ने मीडिया में उठाया तो राजनीतिक मुद्दा बन गया और फीस माफ करवा दी गई । अगर अखिलेश जी ने मुद्दा न उठाया होता तो शायद ही फीस माफ हो पाती । अगर सत्ता पक्ष को इतना ही लोगो की समस्या से ताल्लुकात है । तो इसी आधार पर पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को रेग्यूलेट क्यों नहीं करते । प्राइवेट स्कूल की अधिकतम फीस की सीमा क्यों नहीं निर्धारित कर देते। ये परिवार गोरखपुर से था तो जाकर मिल लिया । नोएडा में क्या इस तरह के परिवार नहीं है । उनका क्या होगा ?? अन्य जिलों के गरीब परिवार की मदद हुई क्या ?? उल्टे सरकारी प्राइमरी स्कूल मर्ज करके कम किए जा रहे हैं । और इस परिवार को सामान्य समझ भी नहीं है ।
पंडित जगन्नाथ18,456 görüntüleme • 1 yıl önce

इस वीडियो को देखकर बहुत दुःख हुआ। अगर बिहार में तेजस्वी की सरकार होती तो सरकार को ढेर सारी अच्छी अच्छी गालियां देते। लेकिन कीचड़ में उगने वाले कमल की सरकार है तो कुछ बोल भी नहीं सकते। अफसोस की बात यह है कि इन भाजपाई समर्थकों को नेहरू के रजाई के अंदर की एक एक बाते याद रहती है, दुनिया में खुद को सबसे बड़ा देशभक्त बताते फिरते हैं। लेकिन देश के लिए इतना बड़ा त्याग देने वाला राजघराना इनको याद नहीं रहता । हो सकता है कि इनको इस बात से गुस्सा हो कि कांग्रेस सरकार के समय में इन्होंने सोना क्यों दिया। भाजपा सरकार में दिए होते तब ही इनके त्याग को भाजपाई सर्टिफिकेट मिलता।
पंडित जगन्नाथ10,673 görüntüleme • 5 ay önce
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