
Prabhakar Kumar Mishra
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•Journalist/Lawyer •Author : एक रुका हुआ फैसला : अयोध्या विवाद के आखिरी चालीस दिन। किसान बनाम सरकार: आंदोलन की कहानियाँ। देहरी का ताला: अंतर्मन की आवाज़।
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मैंने तो केवल सावधान किया था कि संयम बरतिए, सावधान रहिए! यह बात भी कुछ लोगों को बुरी लग गई!
Prabhakar Kumar Mishra144,513 просмотров • 2 дней назад

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर मंतर की तस्वीर। #JantarMantar #protest #dharmendrapradhan
Prabhakar Kumar Mishra120,773 просмотров • 1 месяц назад

बिहार पुलिस कह रही है कि यह लड़का विक्षिप्त था! कहां से विक्षिप्त लग रहा है? लड़के ने रिवॉल्वर फेंककर सरेंडर कर दिया था। उसके बाद पुलिस ने उसे गोली मार दिया गया। यह निर्मम हत्या है। हत्यारे पुलिस कर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए और हत्या का मुकदमा चलना चाहिए!
Prabhakar Kumar Mishra137,205 просмотров • 2 месяцев назад

अमन चोपड़ा ने झारखंड प्रोटेस्ट को लेकर फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है। उस वीडियो पर कॉमेंट पढ़िए.. उनकी पत्रकारिता की वाहवाही हो रही है। कुछ लोग उनकी पत्रकारिता में कमियां निकालते हैं। इस समाज में सबको चाहने वाले लोग हैं। जो आपको बुरा लगता है, उसे कुछ लोग पसंद भी करते हैं!
Prabhakar Kumar Mishra48,762 просмотров • 1 месяц назад

सोशल मीडिया पर अदालती कार्यवाही का वीडियो शेयर करने पर रोक! सुप्रीम कोर्ट का आदेश।
Prabhakar Kumar Mishra58,118 просмотров • 1 месяц назад

ना रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी। #SupremeCourt
Prabhakar Kumar Mishra47,667 просмотров • 1 месяц назад

जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफे के पीछे की वजह! पहले लोग दबी जुबान में बोलते थे और अब खुलकर बोलेंगे!
Prabhakar Kumar Mishra162,167 просмотров • 5 месяцев назад

मोहन भागवत जी जो अमेरिका में बोल रहे हैं, यही बात यहाँ की शाखाओं में क्यों नहीं बताई जाती!
Prabhakar Kumar Mishra16,541 просмотров • 13 дней назад

बिश्नोई गैंग वाला अनमोल बिश्नोई तो कद काठी में बहुत सामान्य दिख रहा है !
Prabhakar Kumar Mishra236,193 просмотров • 9 месяцев назад

नेताजी मंच से जाति पर भाषण दे रहे थे - आज भी जाति के आधार पर भेदभाव होता है। छुआछूत होता है। छोटी जाति के लोगों को अलग कप में चाय दी जाती है। नेता जी जब बोल रहे थे, उनका गला रूंध जा रहा था, आवाज़ भरभरा जा रही थी। खूब तालियाँ बजीं। भीड़ में रामदीन भी था। वो भी जोर जोर से तालियां बजा रहा था। वह पहली बार मालिक को बोलते हुए सुन रहा था। उसे अपने मालिक पर गर्व हो रहा था! शाम को नेता जी घर लौटे तो देखा रामदीन कुर्सी पर बैठा चाय पी रहा था। नेताजी ने रामदीन को बहुत गालियां दीं थी। रामदीन अब चाय की कप देखकर डरता है।
Prabhakar Kumar Mishra13,284 просмотров • 12 дней назад