
Pooja Mathur
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Award Winning Independent Journalist | Chief Editor, Red Chilli Live | Reporting on People, Politics & Social Justice | Views personal.
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एक FIR… दो FIR… या 100 FIR? Press Club of India की Protest Meeting में मैंने जो कहा, उसका सिर्फ एक छोटा-सा हिस्सा इस वीडियो में है। सहारनपुर में मेरी ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद दर्ज हुए मुकदमों और उसके बाद पत्रकारिता पर पड़ने वाले दबाव को लेकर मैंने वहां अपनी बात खुलकर रखी। मुकदमों के दबाव से पत्रकारिता की आवाज़ को कमजोर नहीं किया जा सकता? YouTube पर पूरी वीडियो देखें।👇 🔴 Full Video: [ ] #PoojaMathur #RedChilliLive #UPNews #PressClubOfIndia #Saharanpur #Journalism
Pooja Mathur140,219 görüntüleme • 1 gün önce

साली तुम्हे प्यासा मारूंगी..पानी दूंगी तुझे , तुझे तो डंडो से मारूंगी और फिर लात , जूते और डंडों से मारते गए... मारते गए.. मारते गए। ये हाल है Delhi Police का...नाम पूछ कर अब ये मारते पीटते हैं! इन नफरती लोगों ने क्या हाल बना दिया है देश का..बेहद अफसोस😭 #4PM
Pooja Mathur230,630 görüntüleme • 16 gün önce

जामिया वाले बच्चों सावधान! आंदोलन जामिया से लगभग 20 किमी दूर चल रहा है, लेकिन Delhi Police की वर्दी में बिना नेम प्लेट वाले पुलिसकर्मी जामिया के छात्रों को रोक-रोककर उनके नाम लिख रहे हैं। आख़िर ऐसा क्यों किया जा रहा है? क्या इसका कोई आधिकारिक कारण बताया गया है? क्या यह उचित है? कुछ लोग आशंका जता रहे हैं कि भविष्य में इन छात्रों को परेशान किया जा सकता है। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं फिर से मुस्लिम युवाओं पर NSA या UAPA जैसी कड़ी धाराओं के इस्तेमाल की तैयारी तो नहीं की जा रही। Note- इस तरह से अगर कोई भी पुलिस वाले आपको रोक कर आपका नाम पता पूछे तो उन्हें कुछ भी न बताएं जब तक कि पूछने का कोई ठोस वजह न हो! #CJPProtest #JamiaMiliaIslamia सुनिए, इस वीडियो को बनाने वाले छात्र क्या कह रहे हैं। 👇
Pooja Mathur176,483 görüntüleme • 1 ay önce

आपने रात के अंधेरे में मस्जिद को बुलडोज़ कर दिया। मस्जिद को बुलडोज़ करने के बाद आपने इतना भी वक्त नहीं दिया कि इमाम साहब मस्जिद से कुरान पाक और जरूरी सामान हटा सकें। मस्जिद के मलबे के साथ कुरान पाक को भी ट्रक में भरकर ले जाया गया और उसे कचरे में फेंक दिया गया। कुरान पाक मुसलमानों का मुकद्दस धर्मग्रंथ है। आपने उस पवित्र ग्रंथ की भी बेअदबी की। और जब मैंने इस वीडियो को लोगों तक पहुंचाया, तो मेरे ऊपर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। और अब इमाम साहब के इंटरव्यू और मलबे वाली इस वीडियो को डिलीट करने का दबाव बनाया जा रहा है। योगी जी, आपकी पुलिस चाहे तो 10 FIR और कर दे, मगर मैं यह वीडियो डिलीट नहीं करूंगी। एक महिला पत्रकार के साथ आपकी यह कायराना हरकत साफ दिखाती है कि आप लोग पत्रकारिता के कितने घोर विरोधी हैं। उसी जमीन पर मस्जिद और मंदिर दोनों मौजूद हैं, मगर आपने मस्जिद को शहीद कर दिया और मंदिर को रहने दिया। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर आपकी नीयत क्या है? क्या ऐसी कार्रवाई समाज में अशांति और तनाव को बढ़ावा नहीं देती? मैं एक पत्रकार हूं। जमीनी हकीकत दिखाना मेरा कर्तव्य है। हम बाबा साहब को मानने वाले लोग हैं और आपके पुलिसिया दमन से डरने वाले नहीं हैं। सवाल पूछती रहूंगी। सच दिखाती रहूंगी। पूरी वीडियो आप हमारे यूट्यूब चैनल Red Chilli Live पर देखें और वीडियो को जरूर सेव कर लें क्योंकि कभी भी ये लोग यूट्यूब से वीडियो हटवा सकते हैं। वीडियो लिंक👇 #SaharanpurMosque #PoojaMathur #RedChilliLive
Pooja Mathur12,426 görüntüleme • 8 gün önce

आखिर डर किस बात का है मसूद साहब? जिस तरह 100 साल से भी पुरानी मस्जिद को किसी ऐरे-गैरे दल के एक कार्यकर्ता की याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए बुलडोजर से ढहा दिया गया, यह आखिर कहाँ तक उचित है? अगर मस्जिद, मदरसे और मुस्लिम मुद्दों पर मुस्लिम नेता नहीं बोलेंगे, तो आखिर कौन बोलेगा?
Pooja Mathur17,024 görüntüleme • 13 gün önce

कांवर के नाम पर आतTanक का नंगा नाच? हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ पुल के नीचे का यह वीडियो बताया जा रहा है। आरोप है कि एक मालिश करने वाले व्यक्ति से मामूली गलती हुई, जिसके बाद कुछ लोगों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। आखिर किसी इंसान को जानवरों की तरह पीटना और उसकी जान लेने पर उतारू हो जाना किस तरह की 'आस्था' है? भक्ति और यात्रा का मूल आधार संयम, करुणा और अनुशासन होता है। लेकिन यदि आस्था के नाम पर सड़क पर उत्पात मचाया जाए, किसी को भीड़ बनकर पीटा जाए, लिंचिंग की कोशिश की जाए, गाड़ियाँ तोड़ी जाएँ या लूटपाट की जाए, तो उसे भक्ति नहीं कहा जा सकता। यह सीधा-सीधा कानून और इंसानियत पर हमला है। बताया जा रहा है कि यदि उत्तराखंड भीम आर्मी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप न किया होता, तो एक निर्दोष व्यक्ति की जान जा सकती थी। नमाज़ पर रोज़ ज्ञान देने वाले तथाकथित गोदी पत्रकारों को भी अपने समाज में फैल रही ऐसी हिंसक मानसिकता पर सवाल उठाने चाहिए। हिंसा किसी भी धर्म, आस्था या परंपरा का हिस्सा नहीं हो सकती। जो लोग आस्था के नाम पर कानून हाथ में लेते हैं, वे आस्था नहीं, बल्कि अराजकता और भय का माहौल पैदा करते हैं। हमें एक समाज के रूप में गंभीरता से सोचना होगा कि हम किस दिशा में बढ़ रहे हैं। क्या हमारी संवेदनशीलता इतनी खत्म हो चुकी है कि भीड़ की हिंसा भी सामान्य लगने लगी है? - पूजा माथुर #KanwarYatra #StopMobViolence #PeaceAndSanity #LawAndOrder
Pooja Mathur44,357 görüntüleme • 1 ay önce

मुस्लिम महिला पत्रकार शाहीन और नफीसा के साथ पुलिस ने किस हद तक ज्यादती की, इसे आप वकील मेराजुल हसन की बातों को सुनकर समझ सकते हैं। वकील हसन का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने पत्रकारों के साथ न सिर्फ बुरी तरह मारपीट की, बल्कि उन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से छुआ भी। #4PM #Shaheen
Pooja Mathur12,924 görüntüleme • 16 gün önce

पूरी दुनिया को देखने की जरूरत है किस तरह भारत में मुसलमानों और उनके धर्मस्थलों पर हिंदुत्व दंगाइयों द्वारा हमला किया जा रहा है। ये हिंदुत्व का कैसा त्यौहार है जो बिना उन्माद के मनाया नहीं जा सकता? पिछले 10-15 सालों में त्यौहार के नाम पर बस मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है। हिंदुत्व चरमपंथ अपने चरम पर है और भारतीय न्यायव्यवस्था दम तोड़ चुकी है। ये वीडियो महाराष्ट्र के रत्नागिरी की है जहां होली उत्सव के नाम पर सड़क पर उतरी ये उन्मादी भीड़ जबरदस्ती मस्जिद का गेट तोड़कर अंदर घुस गई और मस्जिद की दीवारों व नमाज़ियों पर गुलाल फेंक दिया। बताया जा रहा है कि जिस वक्त भीड़ मस्जिद का गेट तोड़ रही थी उस वक़्त तरावीह की नमाज़ अदा की जा रही थी, हिंदुत्ववादी संगठन जिस वक्त मस्जिद पर हमला कर रहे थे पुलिस मूर्क़दर्शक बन भीड़ का सहयोग कर रही थी! इन दंगाइयों और आतंकियों को Narendra Modi कपड़े से क्यों नहीं पहचान पाते हैं? #Holi2025 #HindutvaTerror
Pooja Mathur149,544 görüntüleme • 1 yıl önce

इस युवक का नाम मोहम्मद अकबर है जिसे बागेश्वर बाबा हिंदू बना कर जय श्री राम के नारे लगवा रहे हैं और ऐसे 25 परिवार और वहाँ मौजूद हैं जिनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है! बागेश्वर बाबा द्वारा खुलेआम धर्म परिवर्तन का रैकेट चलाया जा रहा है मगर इस पर कोई हो-हल्ला नही! अगर बाबा बागेश्वर धाम की जगह कोई मुसलमान होता और इसी तरह किसी युवा से अल्लाहु अकबर का नारा लगवा कर धर्म परिवर्तन करवाया होता तो अब तक पूरे देश में बवाल मच गया होता! ज्ञात हो की इसी वर्ष उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एनआईए की विशेष अदालत द्वारा अवैध धर्म परिवर्तन के मामले में दोषी करार देते हुए मोहम्मद उमर गौतम और मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 12 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सवाल ये है की अगर अवैध धर्म परिवर्तन के नाम पर मोहम्मद उमर गौतम, मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 12 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा सकती है तो फिर बागेश्वर धाम बाबा के ऊपर यही कारवाई क्यों नही होती है ? क्या कानून केवल मुसलमानों के लिए है ?
Pooja Mathur171,900 görüntüleme • 1 yıl önce