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खसरा नंबर 136, #Devli में जूनियर इंजीनियर #Sachin_Chaudhary के कार्यकाल के दौरान एक साथ 8 बड़े #अवैध_निर्माण खड़े कर दिए गए। #MCD ने इन्हें सिर्फ कागजों में बुक करके खुली छूट दे दी। ​अब भ्रष्ट #Builder_Mafia इन अवैध इमारतों में भोले-भाले लोगों को 70 से 80 लाख रुपए प्रति फ्लैट के हिसाब से बेच रहे हैं। इन खरीदारों को यह तक नहीं पता कि ये इमारतें MCD द्वारा बुक हैं। ​क्या इस भारी #भ्रष्टाचार के लिए JE सचिन चौधरी की उच्च स्तरीय #Vigilance जांच नहीं होनी चाहिए? आखिर #MCDCommissioner ऐसे दागी अधिकारियों को क्यों बचा रहे हैं, यह एक बहुत बड़ा सवाल है। ​ये सभी 8 अवैध निर्माण बिना कोई नक्शा पास कराए, सारे नियम-कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ाकर बनाए गए हैं। जूनियर इंजीनियर से लेकर MCD के बड़े अधिकारियों ने करोड़ों रुपए की मलाई खाई है। ​दिखावे के लिए इन ढांचों को सिर्फ बुक किया गया है। कार्यवाही के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंकी गई है और बिल्डरों को खुलेआम लूटने का लाइसेंस दे दिया गया है। ​क्या जिनकी जान पहचान BJP Delhi के नेताओं से है, उन्हें हर अवैध काम करने की छूट मिल जाती है? या फिर इस #Illegal_Construction की अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा नीचे से लेकर ऊपर तक बांटा जाता है? ​इसी भ्रष्ट सिस्टम के कारण आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। क्या प्रशासन की आंखें तब खुलेंगी, जब ये कमजोर निर्माण भरभरा कर गिर जाएंगे और मासूमों की जान जाएगी? ​#Delhi की जनता देख रही है कि हमारी माननीय मुख्यमंत्री Rekha Gupta जी इस मामले पर क्या संज्ञान लेती हैं। क्या इन भ्रष्ट अधिकारियों की जांच होगी और इन अवैध इमारतों को ध्वस्त किया जाएगा? ​या फिर इस पूरे मामले को अनदेखा करके, #Delhi_Citizens को चंद रुपयों के लालच में मौत के मुंह में धकेल दिया जाएगा? जनता को तुरंत जवाब और सख्त कार्यवाही का बेसब्री से इंतजार है। ​इस #Corruption से न केवल दिल्ली का विकास खतरे में पड़ रहा है, बल्कि नागरिकों की गाढ़ी कमाई भी लूटी जा रही है। ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बिल्कुल बख्शा नहीं जाना चाहिए। ​हम मांग करते हैं कि इस प्रकरण की एक पारदर्शी और स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए। Municipal Corporation of Delhi को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी ताकि भविष्य में ऐसा कोई भी अवैध काम न हो। PMO India गृहमंत्री कार्यालय, HMO India LG Delhi CMO Delhi Delhi Development Authority

खसरा नंबर 136, #Devli में जूनियर इंजीनियर #Sachin_Chaudhary के कार्यकाल के दौरान एक साथ 8 बड़े #अवैध_निर्माण खड़े कर दिए गए। #MCD ने इन्हें सिर्फ कागजों में बुक करके खुली छूट दे दी। ​अब भ्रष्ट #Builder_Mafia इन अवैध इमारतों में भोले-भाले लोगों को 70 से 80 लाख रुपए प्रति फ्लैट के हिसाब से बेच रहे हैं। इन खरीदारों को यह तक नहीं पता कि ये इमारतें MCD द्वारा बुक हैं। ​क्या इस भारी #भ्रष्टाचार के लिए JE सचिन चौधरी की उच्च स्तरीय #Vigilance जांच नहीं होनी चाहिए? आखिर #MCDCommissioner ऐसे दागी अधिकारियों को क्यों बचा रहे हैं, यह एक बहुत बड़ा सवाल है। ​ये सभी 8 अवैध निर्माण बिना कोई नक्शा पास कराए, सारे नियम-कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ाकर बनाए गए हैं। जूनियर इंजीनियर से लेकर MCD के बड़े अधिकारियों ने करोड़ों रुपए की मलाई खाई है। ​दिखावे के लिए इन ढांचों को सिर्फ बुक किया गया है। कार्यवाही के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंकी गई है और बिल्डरों को खुलेआम लूटने का लाइसेंस दे दिया गया है। ​क्या जिनकी जान पहचान BJP Delhi के नेताओं से है, उन्हें हर अवैध काम करने की छूट मिल जाती है? या फिर इस #Illegal_Construction की अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा नीचे से लेकर ऊपर तक बांटा जाता है? ​इसी भ्रष्ट सिस्टम के कारण आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। क्या प्रशासन की आंखें तब खुलेंगी, जब ये कमजोर निर्माण भरभरा कर गिर जाएंगे और मासूमों की जान जाएगी? ​#Delhi की जनता देख रही है कि हमारी माननीय मुख्यमंत्री Rekha Gupta जी इस मामले पर क्या संज्ञान लेती हैं। क्या इन भ्रष्ट अधिकारियों की जांच होगी और इन अवैध इमारतों को ध्वस्त किया जाएगा? ​या फिर इस पूरे मामले को अनदेखा करके, #Delhi_Citizens को चंद रुपयों के लालच में मौत के मुंह में धकेल दिया जाएगा? जनता को तुरंत जवाब और सख्त कार्यवाही का बेसब्री से इंतजार है। ​इस #Corruption से न केवल दिल्ली का विकास खतरे में पड़ रहा है, बल्कि नागरिकों की गाढ़ी कमाई भी लूटी जा रही है। ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बिल्कुल बख्शा नहीं जाना चाहिए। ​हम मांग करते हैं कि इस प्रकरण की एक पारदर्शी और स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए। Municipal Corporation of Delhi को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी ताकि भविष्य में ऐसा कोई भी अवैध काम न हो। PMO India गृहमंत्री कार्यालय, HMO India LG Delhi CMO Delhi Delhi Development Authority

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🚨 दिल्ली में रसूखदारों का महा-खेल: 28 गज की प्रॉपर्टी को बनाया 300 गज का महल! 🚨 क्या देश की राजधानी में कानून सिर्फ आम जनता के लिए है? जंगपुरा एक्सटेंशन में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध निर्माण का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे देखकर प्रशासन की लाचारी साफ नजर आती है। 📍 विवादित प्रॉपर्टी का सटीक पता:6/1, जंगपुरा एक्सटेंशन, नई दिल्ली-110014 (6/1, Jangpura Extension, New Delhi-110014) क्या है पूरा मामला? कागजों में सिर्फ 28 गज: रजिस्ट्री के अनुसार प्रॉपर्टी नंबर 6/1, जंगपुरा एक्सटेंशन का कुल माप केवल 23.60 वर्ग मीटर (लगभग 28 गज) है। परमिशन सिर्फ दो मंजिल की: नियमों के तहत इस पर केवल ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर बनाने की ही अनुमति थी। मौके पर भारी उल्लंघन: अपने राजनैतिक रसूख के दम पर इस 28 गज की छोटी सी प्रॉपर्टी को करीब 300 गज के अवैध निर्माण में बदल दिया गया। कौन हैं इसके पीछे के रसूखदार नाम? इस पूरे अवैध निर्माण के पीछे सीधे तौर पर बड़े राजनैतिक रसूखदारों का नाम जुड़ा है: 1. श्री तरविंदर सिंह मारवहा (स्थानीय विधायक) 2. श्री अर्जुन पाल सिंह मारवहा (लाजपत नगर के निगम पार्षद) आरोप है कि इन्हीं माननीय नेताओं के भाई और भतीजे द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके इस अवैध निर्माण को अंजाम दिया गया है। अधिकारियों को विधायक की खुली धमकी! 🔥 मामला तब और गंभीर हो जाता है जब कानून का पालन कराने वाले अधिकारियों को खुलेआम डराया जाता है। इस अवैध निर्माण को लेकर जब पूर्व MCD के DC श्री शाश्वत सौरव ने कार्रवाई करने की कोशिश की, तो विधायक तरविंदर सिंह मारवहा ने उन्हें सीधे शब्दों में धौंस दिखाते हुए कहा था— "मैं आज का नेता नहीं हूं!" यह बयान साफ दर्शाता है कि इन नेताओं को न तो कानून का डर है और न ही प्रशासन का। अपने पुराने रसूख की धौंस दिखाकर ईमानदार अफसरों को काम करने से रोका जा रहा है। जनता पूछे सवाल! जब एक आम इंसान अपने घर में एक छोटी सी दीवार भी खड़ी करता है, तो तुरंत नोटिस आ जाता है। लेकिन जब किसी विधायक और पार्षद का परिवार 28 गज को 300 गज में बदल देता है, और अधिकारियों को धमकाता है, तो विभाग चुप क्यों रहता है? इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि यह रसूखदारों की गुंडागर्दी और अवैध निर्माण का सच उच्च अधिकारियों और एलजी (LG) दफ्तर तक पहुंचे। #DelhiCorruption #IllegalConstruction #MCDDelhi #Jangpura #LajpatNagar #ShashwatSaurabh #DelhiPolitics #VoiceOfDelhi

🚨 दिल्ली में रसूखदारों का महा-खेल: 28 गज की प्रॉपर्टी को बनाया 300 गज का महल! 🚨 क्या देश की राजधानी में कानून सिर्फ आम जनता के लिए है? जंगपुरा एक्सटेंशन में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध निर्माण का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे देखकर प्रशासन की लाचारी साफ नजर आती है। 📍 विवादित प्रॉपर्टी का सटीक पता:6/1, जंगपुरा एक्सटेंशन, नई दिल्ली-110014 (6/1, Jangpura Extension, New Delhi-110014) क्या है पूरा मामला? कागजों में सिर्फ 28 गज: रजिस्ट्री के अनुसार प्रॉपर्टी नंबर 6/1, जंगपुरा एक्सटेंशन का कुल माप केवल 23.60 वर्ग मीटर (लगभग 28 गज) है। परमिशन सिर्फ दो मंजिल की: नियमों के तहत इस पर केवल ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर बनाने की ही अनुमति थी। मौके पर भारी उल्लंघन: अपने राजनैतिक रसूख के दम पर इस 28 गज की छोटी सी प्रॉपर्टी को करीब 300 गज के अवैध निर्माण में बदल दिया गया। कौन हैं इसके पीछे के रसूखदार नाम? इस पूरे अवैध निर्माण के पीछे सीधे तौर पर बड़े राजनैतिक रसूखदारों का नाम जुड़ा है: 1. श्री तरविंदर सिंह मारवहा (स्थानीय विधायक) 2. श्री अर्जुन पाल सिंह मारवहा (लाजपत नगर के निगम पार्षद) आरोप है कि इन्हीं माननीय नेताओं के भाई और भतीजे द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके इस अवैध निर्माण को अंजाम दिया गया है। अधिकारियों को विधायक की खुली धमकी! 🔥 मामला तब और गंभीर हो जाता है जब कानून का पालन कराने वाले अधिकारियों को खुलेआम डराया जाता है। इस अवैध निर्माण को लेकर जब पूर्व MCD के DC श्री शाश्वत सौरव ने कार्रवाई करने की कोशिश की, तो विधायक तरविंदर सिंह मारवहा ने उन्हें सीधे शब्दों में धौंस दिखाते हुए कहा था— "मैं आज का नेता नहीं हूं!" यह बयान साफ दर्शाता है कि इन नेताओं को न तो कानून का डर है और न ही प्रशासन का। अपने पुराने रसूख की धौंस दिखाकर ईमानदार अफसरों को काम करने से रोका जा रहा है। जनता पूछे सवाल! जब एक आम इंसान अपने घर में एक छोटी सी दीवार भी खड़ी करता है, तो तुरंत नोटिस आ जाता है। लेकिन जब किसी विधायक और पार्षद का परिवार 28 गज को 300 गज में बदल देता है, और अधिकारियों को धमकाता है, तो विभाग चुप क्यों रहता है? इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि यह रसूखदारों की गुंडागर्दी और अवैध निर्माण का सच उच्च अधिकारियों और एलजी (LG) दफ्तर तक पहुंचे। #DelhiCorruption #IllegalConstruction #MCDDelhi #Jangpura #LajpatNagar #ShashwatSaurabh #DelhiPolitics #VoiceOfDelhi

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