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Raghav trivedi

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Journalist | Ex-National Dastak & Molitics | Old account compromised, follow my new official handle , old handle is hacked : @raghavtrivedi18

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राजा भैया नाम होने से सिर्फ कोई राजा नहीं होता। अंततः तो आदमी सरकार का गुलाम भैया ही होता है। राजा भैया बता रहे हैं कि जंतर-मंतर पर जो लोग प्रोटेस्ट कर रहे थे, वो देशद्रोही थे। पाकिस्तान से उनको फंडिंग मिल रही थी, चाइना से फंडिंग मिल रही थी, मिडिल ईस्ट से फंडिंग मिल रही थी, आतंकवादियों के समर्थन में नारे लग रहे थे। लेकिन इस आदमी के पास इनमें से किसी भी बात का सबूत नहीं है। तीस दिन तक पेपर लीक के मामले पर छात्र प्रोटेस्ट करते रहे। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा छात्र हैं, वहीं से ये आदमी विधायक है। मगर इसकी इतनी हिम्मत नहीं हुई कि अपनी सरकार से एक सवाल पूछे कि पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। अब जब छात्र जीत गए, तो ऐसे लोग सरकार को बचाने के लिए उन्हें देशद्रोही बता रहे हैं। खुद जिन पर कभी POTA एक्ट में मामला दर्ज रहा, अरे भैया, अपना गिरेबान तो झांको। दस से ज्यादा IPC की धाराओं में आपके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं।

Raghav trivedi

21,016 görüntüleme • 2 gün önce

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प्रधानमंत्री और देश के मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में किसी वैज्ञानिक, एक्टिविस्ट या बड़े बुद्धिजीवी को नहीं बुलाया जाता। कोई JNU का छात्र नहीं, कोई Jamia का छात्र नहीं, कोई IIT का छात्र नहीं—लेकिन ऐसे लोगों को जरूर बुलाया जाता है, जिन पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं और जो धर्म के नाम पर मुसलमानों को गालियां देते हैं और खुद को धर्म का सौदागर बताते हैं। धर्म की परंपरा को देखें तो सीता के सम्मान के लिए रामायण में युद्ध हुआ, द्रौपदी की रक्षा के लिए महाभारत हुआ। लेकिन आज पहली बार धर्म की ऐसी परिभाषा सामने रखी जा रही है, जिसमें धर्म के नाम पर एक 15 साल के बच्चे को निशाना बनाया जा रहा है। क्या धर्म इतना कमजोर हो सकता है कि उसे अपनी रक्षा के लिए एक बच्चे को निशाना बनाना पड़े? शायद नहीं। धर्म अगर सच में धर्म है, तो वह इंसानियत, न्याय और कमजोर की रक्षा के साथ खड़ा होगा—न कि नफरत और डर के साथ।

Raghav trivedi

25,832 görüntüleme • 12 gün önce

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