
Rana Yashwant
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Senior Journalist. Tweets are personal. Sankalp me vikalp nahin hota.
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हथियार बंद प्राइवेट सुरक्षा गार्ड के बीच रेड कारपेट पर चलने का यह शाही अंदाज़,एक व्यक्ति के ऐश्वर्य और शक्ति के प्रदर्शन की गुप्त कुंठा का सार्वजनिक उद्घाटन है. किसी शिक्षक में ऐसी कामना पैदा हो ही नहीं सकती, चाहे वह जितना कमा ले. किसी भी स्तर से यह आदमी आपको शिक्षक लगता है?
Rana Yashwant159,074 просмотров • 3 дней назад

देश के सारे सर अचानक से एक एंकर का सर कलम करने निकल पड़े हैं. मानो उनके अखंड ज्ञान,निःशुल्क राष्ट्र सेवा और बहुमूल्य मार्गदर्शन की अजस्र परंपरा को किसी ने खंडित करने का महापाप कर दिया! भाई,तुम सभी दुकान नहीं चलाते? इनकम बढ़ाने/कोर्स बेचने की मार्केटिंग नहीं करते दिनभर?
Rana Yashwant17,187 просмотров • 7 дней назад

दिल्ली केआर संत नगर ईस्ट ऑफ कैलाश के रहनेवालों में पार्किंग को लेकर रोज़ लफड़ा होता रहता है. किसी रोज़ कोई मारा भी जा सकता है. सरदार जी और उनके परिवार की महिलाओं ने सामने वाले और उसकी पत्नी को धो दिया. अगर कोई बराबरी का मिलता तो सोचिए क्या होता. #Delhi #Parking #Fight
Rana Yashwant1,159,127 просмотров • 2 лет назад
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लड़की डेटिंग ऐप पर मिलेगी और बार ले जाएगी जहां उसकी सेटिंग होती है. वह खटखटा 7-8 एक्सपेंसिव पैग मार लेगी जो फेक होता है. थोड़ी देर में वह बहाना बनाकर निकल जाएगी. बिल 50 हज़ार आएगा और उस लड़के को देकर ही जाना पड़ेगा. #बातों_बातों_में आज रात 8 बजे India News पर. Deepika Narayan Bhardwaj
Rana Yashwant331,260 просмотров • 1 год назад

न्यूज़ इंडिया 24/7 न्यूज़ चैनल के चेयरमैन शालू पंडित का न्यूज़रूम में बर्ताव घोर अपमानजनक था. हायर किए गए तमाम पत्रकारों को सिरे से ख़ारिज करने का तरीका ना सिर्फ़ मनमाना था बल्कि हर लिहाज से ग़लत और अमर्यादित था. एक संपादक के तौर पर बिना आपा खोए मैंने अपना विरोध दर्ज करवाया. इस पूरी घटना की योजनाबद्ध तरीके से रिकॉर्डिंग करवायी गई और वायरल किया गया. यह और भी घटिया हरकत थी. यह वीडियो उस पूरी घटना पर मेरी प्रतिक्रिया है. Yogi Adityanath Office Pushkar Singh Dhami Ministry of Information and Broadcasting PMO India Yogi Adityanath
Rana Yashwant37,048 просмотров • 3 месяцев назад

डॉक्टर अंबेडकर पर Acharya Prashant के साथ मेरे इंटरव्यू के इस टुकड़े पर कुछ लोगों का दिमाग यूँ फिरा कि आचार्य प्रशांत को जान से मारने की धमकी दे दी. ऐसा क्या चुभा भाई? आचार्य प्रशांत कोई पोंगा बाबा, जाहिल नेता या सुपारीखोर बदमाश हैं? वैचारिक रूप से प्रबल-प्रबुद्ध एक युद्धरत चिंतक- समाज को अपने मुताबिक़ सहेजने का अधिकार नहीं रखता क्या? वैसे इन धमकियों को प्रशासन और सरकारों को गंभीरता से लेना चाहिए. CM Office, GoUP POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR DGP UP
Rana Yashwant11,356 просмотров • 1 месяц назад

प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, भारत सरकार विषय – महिला दिवस पर महिला सहकर्मी पत्रकारों के सम्मान-स्वाभिमान के लिए न्यूज इंडिया 24/7 न्यूज चैनल के प्रबंधन की पात्रता की गहरी पड़ताल के संदर्भ में. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, देश-दुनिया में महिलाओं के सशक्तिकरण, योगदान, उपलब्धि, सुरक्षा, सम्मान और संभावनाओं का सामूहिक मंगलगान है. स्वावलंबन औऱ स्वाभिमान से भरी आधी आबादी के समुचित औऱ सार्थक योगदान को रेखांकित करने का दिवस. उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने का वैश्विक संकल्प भी. लेकिन आज मैं देश की कुछ योग्य, स्वाभिमानी औऱ कर्मठ महिला पत्रकार सहकर्मियों की पीड़ा आपके सामने रखने आया हूं. यह खुला पत्र अनुशासन औऱ ईमानदारी के ढाई दशक से अधिक के मेरे पत्रकारीय जीवन की सबसे अराजक, पीड़ादायक और भयावह घटना का सार्वजनिक पाठ भी है. तस्वीर साफ करने और मूल बात की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए इसे मैं कुछ प्वांयट्स में रख रहा हूं. 1- न्यूज इंडिया 24/7 न्यूज चैनल के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा उर्फ शालू पंडित के कई बार के अनुरोध और स्वतंत्र रुप से काम करने के भरोसे के बाद मैंने 25 दिसंबर 2025 को बतौर इडिटर इन चीफ चैनल को ज्वॉयन किया. इस चैनल का दफ्तर सेक्टर 63, नोएडा, गौतमबुद्धनगर, यूपी में है. ज्वॉयन करने के बाद मुझे चैनल की अव्यवस्था औऱ शैलेंद्र शर्मा के मनमाने तरीके से चैनल चलाने के रवैये की जानकारी होने लगी. चूंकि मैंने संपादकीय अधिकार औऱ दायित्व के साथ कभी समझौता नहीं किया, इसलिए चैनल को व्यस्थित ढंग से चलाने और खबरों की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए हर अनावश्यक दखल से चैनल को मुक्त रखने का प्रयास करने लगा. 2- इस दौरान कई नियुक्तियां हुईँ. उनमें महिला एंकर, रिपोर्टर औऱ प्रोड्यूसर भी रहीं. लगभग डेढ महीना पूरा होते होते-होते शैलेंद्र शर्मा ने यह कहना शुरु कर दिया कि जितने भी लोग हायर किए गए हैं, वे अपने पेपर जमा नहीं कर रहे हैं. सच्चाई यह थी कि सबों ने एचआर की तरफ से मांगे गए सारे कागजात जमा कर दिए थे. इसके बाद उन्होंने इस बात पर तकरार शुरु कर दी कि ज्यादातर लोगों के दिए कागजात फर्जी हैं. इनमें उन्होंने महिला पत्रकारों को खास तौर से निशाने पर लिया. मैंने सभी साथियों से व्यक्तिगत रुप से मिलकर उनके जरिए दिए गए पेपर्स की वैधता सुनिश्चित की. एचआर इन बैठकों में रहा. दो-तीन अपवाद के मामलों को मैंने वहीं निपटा भी दिया. मगर इस दौरान रात-विरात कई लोगों को टर्मिनेशन या फिर कागजों के पूरा नहीं होने पर सेवा समाप्त किए जाने के कंपनी नियमों के खिलाफ, मेल आते रहे. मेरी महिला साथी इससे ज्यादा आहत और प्रताड़ित महसूस करती रहीं. 3- मैंने संपादक होने के नाते शैलेंद्र शर्मा उर्फ शालू पंडित के इस अराजक औऱ अवैध तरीके पर सवाल उठाया औऱ उनको सलाह दी कि अगर आपको कागजात चेक ही करवाने हैं तो बेहतर है ऑडिट करवा लीजिए. मगर ऐसा नहीं करके उन्होंने एचआर से आधी रात के बाद रात 2.43 बजे एक मैसेज जेनरेट करवाया कि 26 फरवरी को सुबह 11.30 बजे चेयरमैन ने मीटिंग बुलाई है. 4- 26 फरवरी 2026 को शैलेंद्र शर्मा अपने प्राइवेट सुरक्षागार्ड औऱ एक पुलिसगार्ड के साथ न्यूजरुम में आए. पूरे न्यूजरुम स्टाफ को उन्होंने चारों ओर जमा किया. बीच न्यूजरुम टेबल लगवाया औऱ जितने लोग हायर किए गए थे उनमें से अधिकतर की फाइलें टेबल पर रखवाईं. संपादक होने के नाते मैं भी अपने रुम से निकलकर वहां आ चुका था. मैंने अपने 28 साल के करियर में ऐसा डरावना माहौल औऱ ऐसा आक्रामक-अभद्र व्यवहार चैनल के अंदर नहीं देखा. शैलेंद्र शर्मा ने मेरे एक सीनियर कलीग के साथ जिस तू-तड़ाक और दोयम दर्जे की भाषा में बात करनी शुरु की, उसने खड़े सभी सहकर्मियों को आक्रांत कर दिया. किसी भी व्यवस्था में मुद्दे, असहमति या विरोध हो सकते हैं, लेकिन उन पर चर्चा करने और निपटारे के कुछ तरीके होते हैं. वे निरंकुश, अपमानजनक और भयावह नहीं हो सकते. 5- इसके बाद उन्होंने अपने निजी गार्ड से वीडियो बनावाना शुरु किया औऱ यह कहना भी कि ये फाइलें जितने लोगों की हैं, उन्होंने पेपर जमा नहीं किए हैं, इनकी गारंटी कंपनी नहीं लेती है औऱ इनको सैलरी राणा जी देंगे. मैंने वहां भी इसका विरोध किया औऱ कहा कि हायर किए लोग इसी इंडस्ट्री के हैं, उन्होंने अपने सारे पेपर जमा किए हैं औऱ एचआर के साथ मैंने खुद इसको चेक किया है. घटना के तुरंत बाद वह वीडियो शैलेंद्र शर्मा ने सोशल मीडिया पर डलवाया. उनकी मंशा ताकत का भय पैदा करने औऱ निरंकुश तरीके से न्यूज चैनल चलाने का संदेश देने की थी. वह वीडियो मैं यहां संलग्न कर रहा हूं. 6- क्या कोई भी संस्थान यह बता सकता है कि- जिन लोगों को काम करने के लिए बायोमेट्रिक एंट्री दी गई, उनका ड्यूटी शेड्यूल तैयार करवाया गया, उनसे काम लिया गया - डेढ महीने बाद वह संस्थान किस आधार पर उन कर्मचारियों के डॉकयूमेंट को फर्जी बताते हुए उनको रातों रात टर्मिनेट कर सकता है या फिर काम करने से रोक सकता है? उनको वेतन देने से मना कर सकता है? यह व्यवहार अवांछित, मनमाना तो है ही क्या अवैध भी नहीं है? 7- प्रधानमंत्री जी, मैंने आपका इंटरव्यू लिया है. देश औऱ समाज के प्रति मेरी पत्रकारिता के लिए आपकी तरफ से मुझे प्रशस्ति-पत्र भी भेजा गया. पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरे योगदान पर प्रतिष्ठित पुरस्कारों की मुहर है. औऱ मैंने डेढ दशकों से अधिक के संपादकीय दायित्व के साथ सार्थक औऱ सकारकात्मक पत्रकारिता की है. जीवन में अनुशासन, ईमानदारी, पत्रकारीय मर्यादा और सम्मानजनक व्यवहार को मैंने ना सिर्फ बरता है बल्कि सामनेवाले से अपेक्षा भी की है. 8- इस घटना ने ना सिर्फ मुझे मानसिक रुप से आहत किया है बल्कि न्यूज चैनलों के गलत हाथों में जाने के खतरे से भी अवगत कराया है. मीडिया संस्थान देश औऱ समाज के कई तरह के दायित्वबोध के साथ चलते हैं. वे लोकतंत्र का आवश्यक अंग हैं. उनका मालिकाना हक रखनेवालों की पात्रता की गहरी पड़ताल अनिवार्य है. क्षुद्र स्वार्थों की पूर्ति के लिए चैनल को औजार समझनेवाले और संदेहास्पद पृष्ठभूमि के लोगों को लाइसेंस देना, संस्थान में काम करनेवाले पत्रकारों के सम्मान औऱ सुरक्षा तक के लिए घातक है. इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. ऊपर मैंने जिस मूल चिंता की तरफ आपका ध्यान आकर्षित करने की बात लिखी है, वह यही है. 9- अपने महिला सहकर्मियों के नाम मैं यहां जान बूझकर नहीं लिख रहा हूं. इसमें उनकी भी सहमति है. मैं, महिला औऱ पुरुष सभी साथियों के अधिकार औऱ स्वाभिमान के लिए देश के संविधान और कानून के दायरे में जो भी उचित है, उसकी लड़ाई लड़ रहा हूं औऱ लड़ूंगा. लेकिन मेरा आग्रह यह है कि देश में मीडिया संस्थानों की गरिमा, पत्रकारिता की मर्यादा औऱ पत्रकारों के सम्मानजनक तरीके से काम करने का इकोसिस्टम बनाए रखने के लिए न्यूज चैनल मालिकों की पात्रता और योग्यता अवश्य सुनिश्चित की जाए. आपका राणा यशवंत Narendra Modi PMO India Ministry of Information and Broadcasting Ashwini Vaishnaw गृहमंत्री कार्यालय, HMO India Yogi Adityanath Office Yogi Adityanath CM Office, GoUP
Rana Yashwant15,128 просмотров • 3 месяцев назад

#NEET की परीक्षा में धांधली और रिजल्ट में अंधेरगर्दी साफ़ दिख रही हैं. देश ने पहली परीक्षा है जिसने 67 टॉपर हैं,100% मार्क्स वाले. जिस स्कोर पर अच्छा सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल जाता था,इस बार उससे बहुत ऊपर ही दरवाज़ा बंद है.यह परीक्षा दोबारा होनी चाहिए. #ReNEET PMO India National Testing Agency
Rana Yashwant20,457 просмотров • 2 лет назад
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