
ravish kumar
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किताब: इश्क में शहर होना, Free Voice, बोलना ही है । https://t.co/8OYAHh77Cp सब्सक्राइब करें ।
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ग़ाज़ीपुर से दिल्ली आने के रास्ते में सड़क की मरम्मत चल रही है। उसके कारण लोग जाम लगा है। सरकार के भीतर लोग इतने कम हैं वरना दो लोग पहले से खड़े होते, साइन बोर्ड लगा होता और एक फ़ास्ट लेन बना दिया जाता। लेकिन इस जाम से कोई परेशान नहीं है। सबके जीवन का हिस्सा है और वे इसे नियति का प्रसाद मान कर रेंगते जा रहे हैं।
ravish kumar697,603 görüntüleme • 1 ay önce

अंत तक देखिए। सड़क पर गड्ढा और गड्ढे में पानी भरा। किसी के घर सामान लेकर जा रहा डिलिवरी ब्वॉय इसमें गिरता है। फिर क्या होता है… बाक़ी कितनी बार कहें कि आम लोगों की ज़िंदगी का क्या मोल है । राज्य जानकर क्या करेंगे? यही अखिल भारतीय चरित्र है। वायरल होता आया है । मूल वीडियोग्राफ़र का नाम नहीं मालूम।
ravish kumar1,490,517 görüntüleme • 1 yıl önce

It’s Bisan from Gaza, I am still alive इसकी घोषणा होते ही दिल धड़क गया और आँखें छलक गईं। ग़ज़ा की इस साहसी पत्रकार को देखकर भारत की हत्यारी मीडिया को शर्म आनी चाहिए। भारत के पत्रकार और उनके चैनलों के मालिक अर्जित लोकतंत्र की हत्या करने में लगे हैं, बिसान अपनी जान पर खेल कर हिंसा का क्रूर चेहरा उजागर कर रही है। बिसान का वीडियो संदेश सुनकर ही झुरझुरी हो गई। Peabody में ग़ज़ा से लेकर अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका की नीतियों के ख़िलाफ़ बनी डॉक्यूमेंट्री थीं जिन्हें सम्मानित किया गया। बिसान को उनकी पत्रकारिता के लिए पुरस्कृत किया गया। कमाल की शाम थी। बिसान के लिए ताली बजाते वक्त लगा कि जीवन सार्थक हुआ। आप भी बिसान के लिए दुआएँ कीजिये और ताली बजाइये। ग़ज़ा के लिए बोलिए।
ravish kumar1,177,636 görüntüleme • 2 yıl önce

AQI की हालत भी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव जैसी हो गई है।युद्ध की विभीषिका को लेकर चेतावनी दी जाती है, निंदा होती है मगर बम बरसते रहते हैं। वैसे ही आप लाख फेफड़ों का बुरा हाल बताएँगे, लोग पटाखे फोड़ेंगे ही। सुप्रीम कोर्ट को अब अपना नाम बदल कर ‘टिप्पणी कोर्ट’ रख लेना चाहिए और पटाखे फोड़ने की पूरी छूट दे देनी चाहिए। वक्त की मांग है कि पटाखे छोड़ने के बाद की हवा को ‘पवित्र पवन’ घोषित किया जाए। हर नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह खुले मैदान में जाकर इस ‘पवित्र पवन’ का सेवन करे। भविष्यवाणी- दिल्ली के अगले चुनाव में एयर प्युरिफ़ायर बाँटने की होड़ शुरू हो सकती है या इस पर सब्सिडी दी जा सकती है। नेता हर मोहल्ले में टावर लगाने का वादा कर सकते हैं जिस पर चढ़ कर जनता पटाखे भी फोड़ सकती है। हम विश्व गुरू हैं। इसे कम से कम सौ बार दोहराएँ। बाक़ी सब ठीक हो जाएगा।
ravish kumar1,338,294 görüntüleme • 2 yıl önce

सारी सरकार मालिकों को धमकाने में लगी है क्या? मंत्री जी मालिक के नाम पर एक पत्रकार को धमकी देती हैं, मंत्री जी जिस मोदी सरकार में काम करती हैं, वो ट्विटर के मालिक को धमकी देती हैं कि पत्रकारों के अकाउंट बंद करें। इनका झगड़ा मुग़लों से नहीं है, उन मालिकों से है जिनके पत्रकार से या प्लेटफ़ार्म पर इनकी पोल खुलती है । एक दिन जनता से भी कह देंगे कि आप हमारे मालिक नहीं हैं। हम सारे मुमालिक में आपकी नाक कटवा चुके हैं।
ravish kumar1,498,820 görüntüleme • 3 yıl önce

यह वीडियो आज का है। भारतीय रिज़र्व बैंक, दिल्ली के बाहर लोग घंटों क़तार में खड़े हैं। तीन-तीन घंटे। दिल्ली के बाहर से भी लोग आए हैं। दो हज़ार का नोट बदलवाने। यहाँ से रोज़ पत्रकार गुजरते होंगे फिर भी दो हज़ार के नोट की लाइन मीडिया से ग़ायब है। तब भी ग़ायब कर दी गई और अब भी ग़ायब है।
ravish kumar1,196,619 görüntüleme • 2 yıl önce

रेलवे की हक़ीक़त अब टीवी पर नहीं आती। दस साल में त्योहारों के समय की भीड़ में कोई सुधार नहीं हुआ। दस साल पहले कम से कम इन बातों को कवर किया जाता था, अब इन्हें ग़ायब कर दिया जाता है। सूरत की यह तस्वीर देख कर याद कुछ नहीं आया क्योंकि भूला ही नहीं था। जो भूल चुके हैं वो याद कर सकते हैं। क्या रेल मंत्री इस तरह से बोगी में घुस कर दिखा सकते हैं? यह किसी को न दिखे इसीलिए वंदे भारत दनादन लाँच की जा रही है ताकि ग़रीब और आम लोग भी पास से गुज़रती वंदे भारत को देख कर चकित हो जाएँ। वो तकलीफ़ भूल कर सपना देखने लग जाएँ। मगर राजधानी से लेकर वंदे भारत तक इन लोगों के लिए कुछ नहीं बदला है।
ravish kumar1,122,378 görüntüleme • 2 yıl önce

NEET UG के रिज़ल्ट को लेकर हंगामा मचा है। हम इस विषय के कम जानकार हैं । नंबर कैसे दिए जाते हैं, रैंक कैसे बनती है, अगर कोई समझता है तो आगे आकर छात्रों को सुनना चाहिए। परीक्षा एजेंसी को छात्रों के सवालों का जवाब विस्तार से देना चाहिए। उन्हें संतुष्ट करना चाहिए। पेपर लीक ने वैसे ही इसकी विश्वसनीयता कमजोर कर दी है । छात्र बहुत परेशान हैं ।
ravish kumar629,926 görüntüleme • 2 yıl önce

मतदान के दिन सपा उम्मीदवार लालजी वर्मा के घर पुलिस छापा मार रही है। यूपी के जानकार कहते हैं कि लालजी वर्मा जी बड़े नेता हैं। अपनी बिरादरी के ही नहीं यूपी के भी। उनके घर छापा पड़ा है। इससे बेहतर होता कि विपक्ष के सभी उम्मीदवारों को जेल में डाल देते। उनके वोटर को भी जेल में डाल देते फिर बीजेपी को चुनाव जीतने से कौन रोक लेता।हर दिन लोकतंत्र की दीवार की खुरचन उतर रही है। लालजी वर्मा जी का बयान देख रहा था। कितने शांत और शालीन तरीक़े से बयान दे रहे थे। आज के दिन छापा मारने के बाद भी उनका संयम देखने लायक़ है। दूसरी तरफ़ आज प्रधानमंत्री का इंटरव्यू चल रहा है। चौथी बार मेगा एक्सक्लूसिव! चौथी बार? वो भी एक्सक्लूसिव? उसी चैनल को? टेम्पो वाले को? पीएम को अब एक चैनल खोल लेना चाहिए। रिकार्डिंग का सामान तो है ही। शीशे के सामने बैठकर घंटों बात करनी चाहिए और उसका सीधा प्रसारण करना चाहिए। क़ानून बने कि जब पीएम का प्रसारण होगा तब सबको देखना होगा। चुनाव आयुक्त से लेकर गन्ना आयुक्त को भी देखना होगा। इससे होगा यह कि इंटरव्यू के नीचे पाँच हज़ार पचास हज़ार व्यूज़ लिखा नहीं आएगा। हर इंटरव्यू का व्यूज़ वन बिलियन जाएगा।
ravish kumar605,351 görüntüleme • 2 yıl önce

प्रधानमंत्री जी, देश को बताइये, देश को नहीं बता सकते तो औरंगज़ेब को बताइये, गोदी मीडिया के मालिक और ऐंकर औरंगज़ेब से ही पूछ लेंगे लेकिन बताइये कि भारत ने क्या किया है कि ट्रंप ने बेनक़ाब कर दिया? भारत कब तक इस बेइज़्ज़ती को सहन करेगा? क़ायदे से आपको इस्तीफ़ा दे देना चाहिए या फिर ट्रंप को जवाब देना चाहिए। इस ख़बर को मैनेज मत कीजिए। जवाब दीजिए। और नहीं दे सकते तो ED को व्हाइट हाउस भेज दीजिए। ट्रंप और वेंस दोनों आपकी पार्टी में आ जाएंगे और मोदी मोदी करने लग जाएंगे। प्रधानमंत्री जी, जिस विदेश नीति को आपने तमाशा नीति बनाया है उसी को ट्रंप ने तमाशा बना दिया। शर्मनाक है यह सुनना भी।
ravish kumar381,643 görüntüleme • 1 yıl önce

जीवन भले दो दिन का हो मगर राजनीति दो दिन की नहीं होती। राजनीति में कई जीवन होते हैं। जपते रहिए। मुझे नहीं पता था कि आप इतना अच्छा गाते हैं। आपने गाया तो अच्छा है ही, भजन भी अच्छा है। जनवरी में राम भजन का एक कार्यक्रम तो होना ही चाहिए। अयोध्या में आमंत्रित होंगे ही! एक सवाल है- क्या वाक़ई नेताओं के जीवन में इतना आध्यात्म होता है ?
ravish kumar667,330 görüntüleme • 2 yıl önce

मध्य प्रदेश के एम एस मेवाड़ा से यह वीडियो प्राप्त हुआ है। सिहोर ज़िले के गाँव चंदेरी का है। जो भी आज जीते उसमें इतनी करुणा आए कि वह इन समस्याओं को दूर करने का ठोस प्रयास करे। आज जब दिल्ली जश्न की तैयारी कर रही है, जनता पानी के लिए कैसे-कैसे कुओं में उतर रही है। इस वीडियो का एक ही मतलब है कि जीत में भी विनम्रता बनी रहे। यह समस्या अब भारत के कई हिस्सों में है।
ravish kumar505,508 görüntüleme • 2 yıl önce

रेलवे को एक बार में बता देना चाहिए कि अब पहले जैसी भर्ती नहीं निकलेगी। इससे वोट कम नहीं होगा। वोट तो फिर भी धर्म के नाम पर ही मिलेगा लेकिन एक बार में बता देने से इतनी बड़ी संख्या में युवा भर्तियों का इंतज़ार नहीं करेंगे और कोचिंग के लिए खेत नहीं बेचेंगे और कर्ज़ नहीं लेंगे। भर्ती निकलेगी तभी तो आरक्षण भी मिलेगा। अफ़सोस है कि युवाओं को यह सब झेलना पड़ता है। उनके जीवन में इतना तनाव हैं । इन युवाओं को ‘परीक्षा पर चर्चा’ में प्रधानमंत्री का प्रवचन सुनाना चाहिए। उसमें असफ़लताओं का सामना करने के उपाय बताए जाते हैं। जब भर्ती नहीं निकलेगी, परीक्षा नहीं होगी तो असफल भी नहीं होंगे। ज़ाहिर है तनाव नहीं होगा। परीक्षा नहीं होगी मगर परीक्षा पर चर्चा होगी। #RailwayJobPeCharcha #alp
ravish kumar577,168 görüntüleme • 2 yıl önce