ravish kumar's banner
ravish kumar's profile picture

ravish kumar

@ravish_journo4,227,568 subscribers

किताब: इश्क में शहर होना, Free Voice, बोलना ही है । https://t.co/8OYAHh77Cp सब्सक्राइब करें ।

Shorts

एक राहगीर ने यह वीडियो दिया है। हॉट सिटी ग़ाज़ियाबाद की सोसायटी का है।

एक राहगीर ने यह वीडियो दिया है। हॉट सिटी ग़ाज़ियाबाद की सोसायटी का है।

107,163 次观看

सूरत रेलवे स्टेशन। वंदे भारत के अलावा भी रेल यात्रियों के अपने सपने हैं।

सूरत रेलवे स्टेशन। वंदे भारत के अलावा भी रेल यात्रियों के अपने सपने हैं।

483,866 次观看

नारायण मूर्ति कहते हैं कि युवाओं को सप्ताह में सत्तर घंटे काम करना चाहिए।भारत में एक काम कई घंटे लाइन में लगना भी है। यह वीडियो 1 नवबंर का है। मुंबई में रिज़र्व बैंक के बाहर कई लोग बहुत ख़ुशी से क़तार में लगे हैं। दो हज़ार का नोट बदलवाने। 2016 की नोटबंदी आज भी जारी है। बस सच्चाई मीडिया से दूर है और जनता बोलना भूल गई है।

नारायण मूर्ति कहते हैं कि युवाओं को सप्ताह में सत्तर घंटे काम करना चाहिए।भारत में एक काम कई घंटे लाइन में लगना भी है। यह वीडियो 1 नवबंर का है। मुंबई में रिज़र्व बैंक के बाहर कई लोग बहुत ख़ुशी से क़तार में लगे हैं। दो हज़ार का नोट बदलवाने। 2016 की नोटबंदी आज भी जारी है। बस सच्चाई मीडिया से दूर है और जनता बोलना भूल गई है।

457,146 次观看

Videos

ravish_journo's profile picture

It’s Bisan from Gaza, I am still alive इसकी घोषणा होते ही दिल धड़क गया और आँखें छलक गईं। ग़ज़ा की इस साहसी पत्रकार को देखकर भारत की हत्यारी मीडिया को शर्म आनी चाहिए। भारत के पत्रकार और उनके चैनलों के मालिक अर्जित लोकतंत्र की हत्या करने में लगे हैं, बिसान अपनी जान पर खेल कर हिंसा का क्रूर चेहरा उजागर कर रही है। बिसान का वीडियो संदेश सुनकर ही झुरझुरी हो गई। Peabody में ग़ज़ा से लेकर अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका की नीतियों के ख़िलाफ़ बनी डॉक्यूमेंट्री थीं जिन्हें सम्मानित किया गया। बिसान को उनकी पत्रकारिता के लिए पुरस्कृत किया गया। कमाल की शाम थी। बिसान के लिए ताली बजाते वक्त लगा कि जीवन सार्थक हुआ। आप भी बिसान के लिए दुआएँ कीजिये और ताली बजाइये। ग़ज़ा के लिए बोलिए।

ravish kumar

1,177,636 次观看 • 2 年前

ravish_journo's profile picture

AQI की हालत भी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव जैसी हो गई है।युद्ध की विभीषिका को लेकर चेतावनी दी जाती है, निंदा होती है मगर बम बरसते रहते हैं। वैसे ही आप लाख फेफड़ों का बुरा हाल बताएँगे, लोग पटाखे फोड़ेंगे ही। सुप्रीम कोर्ट को अब अपना नाम बदल कर ‘टिप्पणी कोर्ट’ रख लेना चाहिए और पटाखे फोड़ने की पूरी छूट दे देनी चाहिए। वक्त की मांग है कि पटाखे छोड़ने के बाद की हवा को ‘पवित्र पवन’ घोषित किया जाए। हर नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह खुले मैदान में जाकर इस ‘पवित्र पवन’ का सेवन करे। भविष्यवाणी- दिल्ली के अगले चुनाव में एयर प्युरिफ़ायर बाँटने की होड़ शुरू हो सकती है या इस पर सब्सिडी दी जा सकती है। नेता हर मोहल्ले में टावर लगाने का वादा कर सकते हैं जिस पर चढ़ कर जनता पटाखे भी फोड़ सकती है। हम विश्व गुरू हैं। इसे कम से कम सौ बार दोहराएँ। बाक़ी सब ठीक हो जाएगा।

ravish kumar

1,338,294 次观看 • 2 年前

ravish_journo's profile picture

रेलवे की हक़ीक़त अब टीवी पर नहीं आती। दस साल में त्योहारों के समय की भीड़ में कोई सुधार नहीं हुआ। दस साल पहले कम से कम इन बातों को कवर किया जाता था, अब इन्हें ग़ायब कर दिया जाता है। सूरत की यह तस्वीर देख कर याद कुछ नहीं आया क्योंकि भूला ही नहीं था। जो भूल चुके हैं वो याद कर सकते हैं। क्या रेल मंत्री इस तरह से बोगी में घुस कर दिखा सकते हैं? यह किसी को न दिखे इसीलिए वंदे भारत दनादन लाँच की जा रही है ताकि ग़रीब और आम लोग भी पास से गुज़रती वंदे भारत को देख कर चकित हो जाएँ। वो तकलीफ़ भूल कर सपना देखने लग जाएँ। मगर राजधानी से लेकर वंदे भारत तक इन लोगों के लिए कुछ नहीं बदला है।

ravish kumar

1,122,378 次观看 • 2 年前

ravish_journo's profile picture

मतदान के दिन सपा उम्मीदवार लालजी वर्मा के घर पुलिस छापा मार रही है। यूपी के जानकार कहते हैं कि लालजी वर्मा जी बड़े नेता हैं। अपनी बिरादरी के ही नहीं यूपी के भी। उनके घर छापा पड़ा है। इससे बेहतर होता कि विपक्ष के सभी उम्मीदवारों को जेल में डाल देते। उनके वोटर को भी जेल में डाल देते फिर बीजेपी को चुनाव जीतने से कौन रोक लेता।हर दिन लोकतंत्र की दीवार की खुरचन उतर रही है। लालजी वर्मा जी का बयान देख रहा था। कितने शांत और शालीन तरीक़े से बयान दे रहे थे। आज के दिन छापा मारने के बाद भी उनका संयम देखने लायक़ है। दूसरी तरफ़ आज प्रधानमंत्री का इंटरव्यू चल रहा है। चौथी बार मेगा एक्सक्लूसिव! चौथी बार? वो भी एक्सक्लूसिव? उसी चैनल को? टेम्पो वाले को? पीएम को अब एक चैनल खोल लेना चाहिए। रिकार्डिंग का सामान तो है ही। शीशे के सामने बैठकर घंटों बात करनी चाहिए और उसका सीधा प्रसारण करना चाहिए। क़ानून बने कि जब पीएम का प्रसारण होगा तब सबको देखना होगा। चुनाव आयुक्त से लेकर गन्ना आयुक्त को भी देखना होगा। इससे होगा यह कि इंटरव्यू के नीचे पाँच हज़ार पचास हज़ार व्यूज़ लिखा नहीं आएगा। हर इंटरव्यू का व्यूज़ वन बिलियन जाएगा।

ravish kumar

605,351 次观看 • 2 年前

ravish_journo's profile picture

प्रधानमंत्री जी, देश को बताइये, देश को नहीं बता सकते तो औरंगज़ेब को बताइये, गोदी मीडिया के मालिक और ऐंकर औरंगज़ेब से ही पूछ लेंगे लेकिन बताइये कि भारत ने क्या किया है कि ट्रंप ने बेनक़ाब कर दिया? भारत कब तक इस बेइज़्ज़ती को सहन करेगा? क़ायदे से आपको इस्तीफ़ा दे देना चाहिए या फिर ट्रंप को जवाब देना चाहिए। इस ख़बर को मैनेज मत कीजिए। जवाब दीजिए। और नहीं दे सकते तो ED को व्हाइट हाउस भेज दीजिए। ट्रंप और वेंस दोनों आपकी पार्टी में आ जाएंगे और मोदी मोदी करने लग जाएंगे। प्रधानमंत्री जी, जिस विदेश नीति को आपने तमाशा नीति बनाया है उसी को ट्रंप ने तमाशा बना दिया। शर्मनाक है यह सुनना भी।

ravish kumar

381,643 次观看 • 1 年前

ravish_journo's profile picture

रेलवे को एक बार में बता देना चाहिए कि अब पहले जैसी भर्ती नहीं निकलेगी। इससे वोट कम नहीं होगा। वोट तो फिर भी धर्म के नाम पर ही मिलेगा लेकिन एक बार में बता देने से इतनी बड़ी संख्या में युवा भर्तियों का इंतज़ार नहीं करेंगे और कोचिंग के लिए खेत नहीं बेचेंगे और कर्ज़ नहीं लेंगे। भर्ती निकलेगी तभी तो आरक्षण भी मिलेगा। अफ़सोस है कि युवाओं को यह सब झेलना पड़ता है। उनके जीवन में इतना तनाव हैं । इन युवाओं को ‘परीक्षा पर चर्चा’ में प्रधानमंत्री का प्रवचन सुनाना चाहिए। उसमें असफ़लताओं का सामना करने के उपाय बताए जाते हैं। जब भर्ती नहीं निकलेगी, परीक्षा नहीं होगी तो असफल भी नहीं होंगे। ज़ाहिर है तनाव नहीं होगा। परीक्षा नहीं होगी मगर परीक्षा पर चर्चा होगी। #RailwayJobPeCharcha #alp

ravish kumar

577,168 次观看 • 2 年前