
RIYA🌸🌸
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दिल मत घायल करसी, तू मन की सच्ची बात बता, झूठी मुस्कान के पीछे छुपा दर्द भी साथ बता। हमने तो तुझे अपना समझकर दिल से चाहा है, अब तू ही बता इस रिश्ते का क्या हिसाब बता। दिल को उम्मीदों के सहारे मत तड़पाया कर, जो भी है तेरे दिल में वो खुलकर सुनाया कर। किसी के जज़्बातों से खेलना अच्छा नहीं होता, किसी को अपना कहकर फिर दूर जाना अच्छा नहीं होता। ❤️
RIYA🌸🌸168,505 просмотров • 6 дней назад
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तुम लोग ये क्यों नहीं सोचते कि सामने वाला भी एक इंसान है। किसी की निजी ज़िंदगी या मजबूरी को दुनिया के सामने दिखाना गलत है। हमारा कर्तव्य होना चाहिए कि किसी की इज़्ज़त और निजता की रक्षा करें, न कि उसे बदनाम करें।” “किसी की मजबूरी का तमाशा बनाना गलत है। इंसानियत यही है कि किसी की इज़्ज़त और प्राइवेसी की हिफाज़त की जाए।
RIYA🌸🌸63,576 просмотров • 5 дней назад

साथ में हो हमसफ़र तो सफ़र का मज़ा कुछ और होता है, खामोश रास्तों में भी एक एहसास ख़ास होता है। चाहे मंज़िल दूर हो या रात कितनी भी गहरी, किसी अपने का साथ हो तो हर पल खूबसूरत होता है। ❤️ नींद भी सुकून देती है जब पास किसी अपने का भरोसा होता है, वरना बड़ी से बड़ी खुशी में भी दिल थोड़ा अधूरा होता है। ✨
RIYA🌸🌸31,095 просмотров • 5 дней назад

आपकी बात से साफ है कि यह स्थिति आपको मानसिक रूप से भारी लग रही है। 40 की उम्र के आसपास शादी न हो पाना कई बार सिर्फ “घरवालों की वजह से” नहीं होता, बल्कि इसके पीछे अलग-अलग कारण मिलकर काम करते हैं—परिवार की सोच, जिम्मेदारियाँ, रिश्ते न आना, या फिर आपकी अपनी प्राथमिकताएँ और परिस्थितियाँ भी। सबसे पहले एक बात ज़रूरी है: शादी का फैसला अंततः आपका भी होता है, सिर्फ घरवालों का नहीं। अगर आपको सच में शादी करनी है, तो अब आपको “इंतज़ार” से आगे बढ़कर कुछ ठोस कदम सोचने होंगे। आप कुछ व्यावहारिक रास्ते देख सकती हैं: आप घरवालों से सीधी और शांत बातचीत करें—यह पूछें कि असली रुकावट क्या है: रिश्ता नहीं मिल रहा, या वे टाल रहे हैं, या उनकी कोई चिंता है। जब कारण साफ होगा तभी समाधान निकलेगा। अगर रिश्ते नहीं आ रहे, तो आप खुद भी पहल कर सकती हैं—रिश्ते देखने वाले प्लेटफॉर्म, परिचितों का नेटवर्क, या भरोसेमंद मैट्रिमोनियल सेवाएँ। अगर घरवाले भावनात्मक या सामाजिक कारणों से रोक रहे हैं, तो धीरे-धीरे अपनी financial और personal independence बढ़ाना जरूरी हो जाता है, ताकि फैसले आपके हाथ में भी हों। और एक अहम बात—अगर उम्र को लेकर समाज क्या सोचेगा यह दबाव है, तो उसे बहुत ज्यादा वजन देना जरूरी नहीं है। सही जीवनसाथी उम्र से ज्यादा समझ, सम्मान और compatibility पर मिलता है।
RIYA🌸🌸38,918 просмотров • 12 дней назад
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किसी को परेशान मत करो दूध से धुले हुए कोई नहीं है हर घर में गोग जी की खेजड़ी है किसी की छुप जाती है और किसी की छप जाती है इस बहन को मत परेशान करो जो हुआ वह लिखा हुआ था इतने आप सिर्फ मत बनो कर्मकांड तो आप लोगों ने भी किया होगा इसके ऊपर इतनी हैवी हो रहे हो आप लोग इसके जीवन के ऊपर ठेस पहुंचाना आपका काम नहीं है इसको जीने का अधिकार है तुम इसको खरीद रखे हो क्या अपना जीवन है जी रही है बेचारी मेरे हिसाब से आपको कुछ जलन है जलन की वजह से इसको बदनाम करने पर उतरे हो किसी बहन को बदनाम मत करो जय श्री राम जय श्री कृष्णा धन्यवाद हैप्पी न्यू ईयर
RIYA🌸🌸149,625 просмотров • 5 месяцев назад
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लड़की के साथ हो रही बर्बरता… और खामोश जिम्मेदार लोग! आजकल सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो/घटना सामने आई है जिसे देखकर दिल दहल जाता है। एक लड़की के साथ जिस तरह की बर्बरता की जा रही है, वह सिर्फ इंसानियत पर नहीं बल्कि पूरे समाज पर सवाल खड़ा करती है। सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं था? क्या कोई सिक्योरिटी नहीं थी जो यह सब रोक सके? किसी भी सार्वजनिक जगह पर अगर ऐसी घटना होती है, तो वहां मौजूद लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। सिर्फ तमाशा देखना या वीडियो बनाना समस्या का समाधान नहीं है। चुप रहना भी कहीं न कहीं गलत को बढ़ावा देना है। सिक्योरिटी व्यवस्था का मकसद ही यही होता है कि किसी के साथ अन्याय न हो। अगर वहां सुरक्षा कर्मी मौजूद थे और फिर भी यह सब हुआ, तो यह उनकी लापरवाही है। और अगर सिक्योरिटी ही नहीं थी, तो यह प्रशासन की गंभीर चूक है। सबसे दुखद बात यह है कि अक्सर पीड़ित लड़की ही सवालों के घेरे में आ जाती है — उसके कपड़ों पर, उसके व्यवहार पर, उसके वहां मौजूद होने पर। जबकि असली सवाल उन लोगों से होना चाहिए जो अत्याचार करते हैं और उन लोगों से भी जो इसे रोक सकते थे लेकिन चुप रहे। समाज को यह समझना होगा कि किसी भी लड़की की सुरक्षा सिर्फ उसके परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। हमें ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठानी होगी, प्रशासन से जवाब मांगना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी बर्बरता दोबारा न हो। इंसानियत तभी जिंदा रहेगी जब हम गलत के खिलाफ खड़े होंगे — चाहे वह किसी के साथ भी हो।
RIYA🌸🌸56,339 просмотров • 3 месяцев назад
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