
Rajkumar Roat
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Member of Parliament, Banswara Constituency | 2-term MLA, Chorasi Constituency (BAP)
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गरबाड़ा, दाहोद (गुजरात) में विश्व आदिवासी अधिकार दिवस के कार्यक्रम में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला जी से मुलाक़ात हुई। उन्होंने भील प्रदेश राज्य की माँग को खुलकर समर्थन किया। साथ ही कहा कि भील प्रदेश बनने से गुजरात के टूटने की चिंता करने वाले नेता, वर्षों से आदिवासी समाज चार राज्यों में बंटकर अपना अस्तित्व खोता जा रहा है, उसकी चिंता क्यों नहीं कर रहे। वाघेला साहब ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी राज्य बनाकर अपना भविष्य सुरक्षित करना आप लोगों के हाथ में है। पूर्व मुख्यमंत्री वाघेला साहब ने भील प्रदेश की मांग के महत्व को समझा और उसका समर्थन किया, उसके लिए भील प्रदेश के तमाम युवा साथियों की तरफ से खूब खूब आभार धन्यवाद। जोहार
Rajkumar Roat10,595 次观看 • 6 天前

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Madan Rathore, आपने विश्व आदिवासी दिवस मनाने वालो को भेड़चाल कहकर घोर अपमानित किया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस का संबंध भारत से नही है तो विश्व योग दिवस और विश्व महिला दिवस भी तो संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा घोषित किये हैं। फिर तो इनका संबंध भी भारत से नही होना चाहिए। पूरे आदिवासी समाज व आदिवासी की कद्र करने वाले उस प्रत्येक व्यक्ति व संगठन को आपने भेड़चाल चलने वाला कहकर अपमानित किया है। उसका जवाब जरूर मिलेगा आपको। #मदन_राठौड़_माफी_मांगो
Rajkumar Roat37,691 次观看 • 1 个月前

विश्व आदिवासी दिवस पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय जनजाति मंत्री जुएल ओरम, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित भाजपा के आदिवासी नेताओं द्वारा अपनाया गया भेदभावपूर्ण रवैया निंदनीय हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाने वाले जागरूक आदिवासी युवाओं के लिए ‘भेड़चाल चलने वाले’ जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना भी अत्यंत निंदनीय है। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज को शुभकामनाएँ तक नहीं देना भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इस बार विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भाजपा सरकार का जो भेदभावपूर्ण रवैया देखने को मिला है, उससे आदिवासी समाज के प्रति भाजपा-आरएसएस की सोच का असली चेहरा देश के सम्पूर्ण आदिवासी समाज के सामने बेनकाब हो गया हैं। अब आदिवासी युवा आपकी कथनी और करनी के अंतर को भली-भांति समझ चुका है। जागरूक आदिवासी युवा अपने अधिकारों, सम्मान और अस्तित्व के प्रति सजग है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका उचित जवाब जरूर देगा। जोहार। जय आदिवासी President of India Narendra Modi Jual Oram Rahul Gandhi Bhajanlal Sharma Madan Rathore Hemant Soren ians🗯 Press Trust of India ANI NDTV
Rajkumar Roat15,194 次观看 • 1 个月前

सलूम्बर विधानसभा उपचुनाव के अंतिम दो तीन राउंड में गड़बड़ी की गई, उसकी शंका होने पर हमारे BAP पार्टी के प्रत्याशी ने recounting की डिमांड की, लेकिन उस दौरान बीजेपी के पदाधिकारियों द्वारा रिटर्निंग अधिकारी पर दबाव बनाकर प्रमाण पत्र की प्रक्रिया करवा दी। अगर गड़बड़ी नही हुई होती तो रिटर्निंग अधिकारी ने recounting क्यों नहीं की ? दौसा में recounting हो सकती है तो सलूम्बर क्यों नहीं करवायी गयी ? यहां सलूम्बर की जनता के साथ धोखा करके लोकतंत्र की हत्या की गई है।
Rajkumar Roat136,916 次观看 • 1 年前

बच्चों के आँसू का जवाब कौन देगा ? यह वही धरती है, जहाँ ब्रिटिश शासन और सामंतवादी व्यवस्था के खिलाफ शिक्षा की अलख जगाने वाली भील वीरांगना कालीबाई कलासुआ ने अपने गुरु की जान बचाने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। आज उसी धरती पर भाजपा शासनकाल में एक बार फिर शिक्षा और आदिवासी बच्चों के अधिकारों से जुड़ा ऐसा ही पीड़ादायक घटनाक्रम सामने आया है। डूंगरपुर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गड़वटेश्वर में शिक्षक राजेश जी कोटेड का स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए स्थानांतरण करवाए जाने के बाद विद्यालय के बालक-बालिकाओं की पीड़ा और भावनाएँ देखकर मन व्यथित है। राजेश जी न केवल बच्चों को पढ़ाने के प्रति समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि अपनी वेतन राशि से भी आदिवासी बच्चों को आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास करते रहे। ऐसे समर्पित शिक्षक का स्थानांतरण यदि राजनीतिक दबाव और व्यक्तिगत स्वार्थों के कारण किया गया है, तो यह शिक्षा व्यवस्था और आदिवासी समाज के भविष्य के साथ अन्याय है। भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के हित में समर्पित होकर काम करने वाले शिक्षकों को राजनीतिक हस्तक्षेप कर शिकार बनाया जाएगा ? इन मासूम बालक-बालिकाओं की आँखों में आए आँसू केवल भावनाएँ नहीं हैं, बल्कि व्यवस्था से एक सवाल हैं। स्थानांतरण करवाने वाले भाजपा नेताओं को इन बच्चों की पीड़ा देखकर थोड़ी शर्म करनी चाहिए। शिक्षा को राजनीति से मुक्त रखिए। आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद कीजिए। Bhajanlal Sharma Madan Dilawar CMO Rajasthan NDTV Rajasthan ZEE Rajasthan News18 Rajasthan First India News Rajasthan Patrika
Rajkumar Roat12,243 次观看 • 1 个月前

आज डूंगरपुर जिला सभागार में मेरी अध्यक्षता में दिशा कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत बैठक में पहुंचे, तब से योजनाबद्ध तरीके से बैठक को बिगाड़ने का प्रयास किया। हर विषय पर बीच में टोकने और मुद्दों से भटकाने का प्रयास किया। हद तब हुई, जब उनके द्वारा पूर्व दिशा बैठक को ही कबाड़ा और फर्जी जैसे शब्दों से संबोधित किया। मन्नालाल रावत का मकसद था कि हमें किसी भी तरह उकसाकर कुछ कहने-करने पर मजबूर करें ताकि रोजगार गारंटी, राजीविका, हॉस्टलों के खराब हालात, बच्चों की छात्रवृत्तियां, वन अधिकार पट्टे और समय पर किसानों को बिजली उपलब्ध नही होने जैसे ज्वलंत मुद्दे गोण हो जाये। आपने वीडियो में देखा होगा, वो चप्पल निकलाने का संकेत देकर मुझे उकसाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन मैंने और बाप पार्टी के विधायकों ने संयम रखा और उनके मंसूबो को पूरा नही होने दिया। बैठक थी जनता के हक की, पर महाशय तो तमाशा बनाने आए थे। हमे उकसाने के बहुत इशारे हुए, पर संयम ने जीत दिलाई। हम बोले सिर्फ हक की बात हो, पर वो तो बस माहौल बिगाड़ने आए थे।
Rajkumar Roat55,270 次观看 • 8 个月前

संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत के आदिवासी (Indigenous Peoples) समुदाय की ओर से अपनी बात रखने का अवसर मिला। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में भारत सरकार द्वारा लंबे समय से किये जा रहे उस दावे का तथ्यात्मक खंडन किया कि भारत में कोई विशेष आदिवासी (Indigenous) समुदाय नहीं हैं। मैंने स्पष्ट कहा कि मैं इस दावे को स्वीकार नहीं करता। मैंने बताया कि भारत में प्रोटो-ऑस्ट्रालॉइड, नीग्रिटो, द्रविड़ और मंगोलॉयड नस्लीय समूहों से संबंधित आदिवासी निवास करते हैं, जो कुल 705 आदिवासी समूह के रूप में अपनी पहचान बनाये हुए हैं। वर्तमान भारत के संविधान में इन आदिवासी समुदाय को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्रदान की गई है, जिनकी वर्तमान जनसंख्या लगभग 14 करोड़ के करीब है। अतः यह स्पष्ट है कि भारत की अनुसूचित जनजातियां ही भारत के इंडिजिन्स पीपुल्स हैं। मैंने अपने वक्तव्य में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू के Kailas v. State of Maharashtra (2011) निर्णय का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "अनुसूचित जनजातियां भारत के मूल निवासियों की वंशज हैं।" संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसे वैश्विक मंच पर भारत के भील आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह आवाज केवल मेरी नही, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासी भाई-बहनों की आवाज है। जोहार United Nations President of India Narendra Modi Rahul Gandhi Mallikarjun Kharge PMO India Randhir Jaiswal PM's Office of Japan The Times Of India The Wire Hindustan Times BBC BBCWorld Press Trust of India ANI The Indian Express NDTV
Rajkumar Roat17,312 次观看 • 2 个月前

केंद्र सरकार ने मानगढ़ धाम को पुरातात्विक प्रामाणिकता और अखंडता न रखने का हवाला देकर अंग्रेजी-सामंती व्यवस्था के विरुद्ध शहीद हुए 1,500 से अधिक भील आदिवासियों के बलिदान का अपमान किया है। इससे राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासी समाज की भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुँची है। एक ओर भाजपा सरकार जनजातीय गौरव की बात करती है, दूसरी ओर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय पहचान देने से इनकार करती है। मानगढ़ धाम आदिवासी अस्मिता, स्वाधीनता संग्राम और हजारों शहीदों के बलिदान का प्रतीक है। केंद्र सरकार से हमारी मांग स्पष्ट है कि आदिवासी समाज की भावनाओं का सम्मान करे और मानगढ़ को राष्ट्रीय दर्जा दे।
Rajkumar Roat12,264 次观看 • 1 个月前

राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र की सरकार भील प्रदेश को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे। जो राज्य सरकार भील प्रदेश का समर्थन नहीं करती, हम उस सरकार का समर्थन नहीं करेंगे। आदिवासी इस देश के वास्तविक मालिक हैं। उन्होंने संस्कृति, जल, जंगल, जमीन की रक्षा की है। देश की महामहिम राष्ट्रपति महोदय को भील प्रदेश राज्य बनाने का प्रस्ताव भेजेंगे। - शंकरसिंह वाघेला (पूर्व मुख्यमंत्री गुजरात व पूर्व केंद्रीय मंत्री)
Rajkumar Roat15,399 次观看 • 2 个月前

उदयपुर राजपरिवार सत्ता व संपत्ति के लिए सड़क पर पत्थरबाजी-शीशेबाजी की लड़ाई कर गौरवशाली मेवाड़ के इतिहास को शर्मसार व हल्दीघाटी के शहीदों को अपमानित करने का कृत्य किया है। मेवाड़ को गौरवशाली बनाने में भील समुदाय का बहुत बड़ा योगदान रहा है, उसकी गवाही खुद मेवाड़ का राजचिह्न देता है। हल्दी घाटी के युद्ध में सबसे अधिक भीलों का खून बहा है, जबकि राजपरिवार के कार्यक्रम में भील समुदाय की उपेक्षा की गई। पूरे घटनाक्रम की हम कड़ी निंदा करते है।
Rajkumar Roat87,930 次观看 • 1 年前

देवली-उनियारा समरावता में हुई घटना निंदनीय है। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा द्वारा sdm को थप्पड़ मारने का हम कतई समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन शांतिपूर्ण बैठी भीड़ पर पुलिस द्वारा लाठी बरसाना, गोली चलाना, आसु गैस के गोले छोड़ना और पुलिस के द्वारा खड़ी गाड़ियो में आग लगाना सरकार की तानाशाही दर्शाता है!
Rajkumar Roat84,655 次观看 • 1 年前