Rubika Liyaquat's banner
Rubika Liyaquat's profile picture

Rubika Liyaquat

@RubikaLiyaquat5,187,268 subscribers

Tv Journalist. Heart belongs to Udaipur,Rajasthan. Soul to India. Life to humanity.

Shorts

पीएम जब आपसे कुछ करने को कहते हैं तो ख़ुद भी करते हैं ये पीएम का क़ाफ़िला है… केवल दो गाड़ियाँ

पीएम जब आपसे कुछ करने को कहते हैं तो ख़ुद भी करते हैं ये पीएम का क़ाफ़िला है… केवल दो गाड़ियाँ

970,887 просмотров

Jaane Pehchaane Anjaane… what an incredible ORDINARY show… ये मोबाइल की दुनिया है… यहां हर चीज़ एक क्लिक पर आपकी है… everything is extraordinary… larger than life… most of the times unbelievable… But the irony is, it fits in the screen. सब कुछ असामान्य… लेकिन मेरा सवाल है…सामान्य कहाँ है? Where is our very own ordinary? As ordinary as watching a theatrical show… आँखों के सामने भावनाओं को उभरते हुए देखना… असामान्य कलाकार… Anupam Kher Swaroop Sampat Rawal meghna malik बग़ैर टेक के, सामान्य तरीक़े से हमें अपने ख़ुद से मिला रहे थे… आम ज़िंदगी के किरदार… अपने अकेलेपन, अपने अतीत.. अपने भविष्य को..अपने आप को खोज रहे थे… और थियेटर की उस साधारण सी कुर्सी पर बैठे मैं, पापा और उदयपुर से आए मेरे मामा को लग रहा था कि स्टेज पर मौजूद वो लोग… हम ही तो हैं… माँ के जाने के बाद पापा का नज़रिया… मामी और मामा के अलग हो जाने के बाद मामा की जद्दोजहद… एक मज़बूत, आत्मनिर्भर लड़की के संघर्ष… सबके जीवन का एक हिस्सा वहाँ स्टेज पर जी रहा था… काफी समय बाद महसूस हुआ कि ज़िंदगी की सबसे गहरी कहानियाँ किसी OTT प्लेटफ़ॉर्म पर नहीं, हमारे सामने साँस लेती हुई खड़ी होती हैं। अपनी माँ-बाबू जी के साथ इस बार कुछ सामान्य सा कीजिए… थिएटर में जाने पहचाने अनजाने देखिए… और एक-दूसरे की भावनाओं का स्पर्श कीजिए। ❤️ #jaanepehchaaneanjaane

Jaane Pehchaane Anjaane… what an incredible ORDINARY show… ये मोबाइल की दुनिया है… यहां हर चीज़ एक क्लिक पर आपकी है… everything is extraordinary… larger than life… most of the times unbelievable… But the irony is, it fits in the screen. सब कुछ असामान्य… लेकिन मेरा सवाल है…सामान्य कहाँ है? Where is our very own ordinary? As ordinary as watching a theatrical show… आँखों के सामने भावनाओं को उभरते हुए देखना… असामान्य कलाकार… Anupam Kher Swaroop Sampat Rawal meghna malik बग़ैर टेक के, सामान्य तरीक़े से हमें अपने ख़ुद से मिला रहे थे… आम ज़िंदगी के किरदार… अपने अकेलेपन, अपने अतीत.. अपने भविष्य को..अपने आप को खोज रहे थे… और थियेटर की उस साधारण सी कुर्सी पर बैठे मैं, पापा और उदयपुर से आए मेरे मामा को लग रहा था कि स्टेज पर मौजूद वो लोग… हम ही तो हैं… माँ के जाने के बाद पापा का नज़रिया… मामी और मामा के अलग हो जाने के बाद मामा की जद्दोजहद… एक मज़बूत, आत्मनिर्भर लड़की के संघर्ष… सबके जीवन का एक हिस्सा वहाँ स्टेज पर जी रहा था… काफी समय बाद महसूस हुआ कि ज़िंदगी की सबसे गहरी कहानियाँ किसी OTT प्लेटफ़ॉर्म पर नहीं, हमारे सामने साँस लेती हुई खड़ी होती हैं। अपनी माँ-बाबू जी के साथ इस बार कुछ सामान्य सा कीजिए… थिएटर में जाने पहचाने अनजाने देखिए… और एक-दूसरे की भावनाओं का स्पर्श कीजिए। ❤️ #jaanepehchaaneanjaane

75,229 просмотров

पलट कर फिर आएगा!!! विश्वास मत करना

पलट कर फिर आएगा!!! विश्वास मत करना

2,930,036 просмотров

Merey Abba keh rahey hain ki…… #T20WorldCup2026final

Merey Abba keh rahey hain ki…… #T20WorldCup2026final

377,612 просмотров

अहमदाबाद से बड़ी ख़बर आ रही है एरपोर्ट पर टेक ऑफ़ के दौरान प्लेन क्रेश हो गया #AirIndia का प्लेन बताया जा रहा है 133 यात्री सवार थे। लंडन जा रही थी फ़्लाइट

अहमदाबाद से बड़ी ख़बर आ रही है एरपोर्ट पर टेक ऑफ़ के दौरान प्लेन क्रेश हो गया #AirIndia का प्लेन बताया जा रहा है 133 यात्री सवार थे। लंडन जा रही थी फ़्लाइट

632,622 просмотров

जन्मभूमि बुलाए और पिता साथ हों इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है…. उदयपुर हम आईं रिया है

जन्मभूमि बुलाए और पिता साथ हों इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है…. उदयपुर हम आईं रिया है

191,167 просмотров

एंकाउंटर के बाद आरोपी सरफ़राज़ की पुलिस से बातचीत सुनिए। “ग़लती हो गई अब कभी नहीं करेंगे सर”

एंकाउंटर के बाद आरोपी सरफ़राज़ की पुलिस से बातचीत सुनिए। “ग़लती हो गई अब कभी नहीं करेंगे सर”

696,386 просмотров

मेरा प्यारा ABP News इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना एहतराम मैं ख़ुशनसीब हूँ जो इस परिवार ने मुझे इतना कुछ दिया अब और आगे बढ़ना है, कुछ नया सा गढ़ना है.. रुक जाऊँ ये सीखा नहीं, थम जाऊँ ये होगा नहीं…

मेरा प्यारा ABP News इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना एहतराम मैं ख़ुशनसीब हूँ जो इस परिवार ने मुझे इतना कुछ दिया अब और आगे बढ़ना है, कुछ नया सा गढ़ना है.. रुक जाऊँ ये सीखा नहीं, थम जाऊँ ये होगा नहीं…

1,201,774 просмотров

And here it is….❤️ Liyaquat Amar Saahab entering 2026 like a #Dhurandhar Age is just a number… 😁

And here it is….❤️ Liyaquat Amar Saahab entering 2026 like a #Dhurandhar Age is just a number… 😁

183,004 просмотров

राधिका अक़्ल पर ताले पड़ना तो सुना था, आपके तो कान का भी वही हाल है- 😂 कल से संभल ही नहीं पाई हैं आप… I challenge you अगर मैंने ‘सड़ा’ शब्द का इस्तेमाल किया है तो पत्रकारिता छोड़ दूँगी वरना आप नेतागीरी छोड़ देना इस स्तर पर आ गई हैं आप.. सस्ती सोच और 2 ₹ वाले ट्रोलबाज़ों से दूर रहिए। आईडिया देने वाला या तो आपकी फिरकी ले रहा है या आपको बेवक़ूफ़ दिखाने की फ़ुल प्रूफ़ प्लानिंग कर चुका है। पहली लाईन में ही साफ़ है चलिए,दोहराइए मेरे बाद “बस अलावा… अ ला वा… अलावा मंदिर तोड़ दिया के दिमाग़ में कुछ आता ही नहीं”

राधिका अक़्ल पर ताले पड़ना तो सुना था, आपके तो कान का भी वही हाल है- 😂 कल से संभल ही नहीं पाई हैं आप… I challenge you अगर मैंने ‘सड़ा’ शब्द का इस्तेमाल किया है तो पत्रकारिता छोड़ दूँगी वरना आप नेतागीरी छोड़ देना इस स्तर पर आ गई हैं आप.. सस्ती सोच और 2 ₹ वाले ट्रोलबाज़ों से दूर रहिए। आईडिया देने वाला या तो आपकी फिरकी ले रहा है या आपको बेवक़ूफ़ दिखाने की फ़ुल प्रूफ़ प्लानिंग कर चुका है। पहली लाईन में ही साफ़ है चलिए,दोहराइए मेरे बाद “बस अलावा… अ ला वा… अलावा मंदिर तोड़ दिया के दिमाग़ में कुछ आता ही नहीं”

1,082,484 просмотров

देश की पुलिस पर पत्थरों से हमला करने वालों को विडियो में कोई शख़्स शेर कह रहा है। इससे बड़ी जहालत और क्या हो सकती है! ‘मस्जिद गिरा रहे हैं’ ये झूठ सोशल मीडिया पर फैलाया गया जबकि सच ये हे कि मस्जिद को खरोंच तक नहीं आई कोर्ट ने आदेश दिया कि तुर्कमान गेट पर स्थित फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास किया गया अतिक्रमण हटेगा प्रशासन ने कार्रवाई अचानक नहीं की। 24 नवंबर 2025 को डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में सुनवाई हुई जिसमें DDA, L&DO और दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हुए। फ़ैसला हुआ कि अतिक्रमण हटाया जाएगा, नोटिस भेजा गया फिर किस बात का आक्रोश? ग़ैरक़ानूनी काम को जायज़ कैसे ठहराया जा सकता है?

देश की पुलिस पर पत्थरों से हमला करने वालों को विडियो में कोई शख़्स शेर कह रहा है। इससे बड़ी जहालत और क्या हो सकती है! ‘मस्जिद गिरा रहे हैं’ ये झूठ सोशल मीडिया पर फैलाया गया जबकि सच ये हे कि मस्जिद को खरोंच तक नहीं आई कोर्ट ने आदेश दिया कि तुर्कमान गेट पर स्थित फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास किया गया अतिक्रमण हटेगा प्रशासन ने कार्रवाई अचानक नहीं की। 24 नवंबर 2025 को डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में सुनवाई हुई जिसमें DDA, L&DO और दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हुए। फ़ैसला हुआ कि अतिक्रमण हटाया जाएगा, नोटिस भेजा गया फिर किस बात का आक्रोश? ग़ैरक़ानूनी काम को जायज़ कैसे ठहराया जा सकता है?

152,561 просмотров

अयोध्या के लिए उड़ा हमारा विमान… नज़ारा राममयी… जय श्रीराम का नारा… हनुमान चालीसा का पाठ.. और ये एहसास न ख़रीदा जा सकता है, न थोपा जा सकता है..

अयोध्या के लिए उड़ा हमारा विमान… नज़ारा राममयी… जय श्रीराम का नारा… हनुमान चालीसा का पाठ.. और ये एहसास न ख़रीदा जा सकता है, न थोपा जा सकता है..

734,370 просмотров

Ramazan – Day 6 🤍 Something has changed in the house. The same children who once counted every minute to iftaari… “Ammi, how much longer?” “Ammi, I’m hungry…” “Can I just drink water?” Are now quiet. Steady. Composed. Filza is 11. Ozil is 9. This is their third Ramazan. I still remember their first Roza… one tiny fast that felt like climbing a mountain. So many questions. So much restlessness. So much drama before Maghrib. And today? They fast like pros. Less irritation. More sabr. Less complaining. More understanding. Less “I want.” More “It’s okay.” In this fast-paced digital world, where everything is instant, where patience is rare, where even adults struggle with discipline.. I am watching sabr slowly become their best friend. Roza is not just about hunger. It is about self-control. It is about empathy. It is about strengthening the soul quietly. Alhamdulillah for this journey. Alhamdulillah for growth. Alhamdulillah for sabr. May we all carry this discipline beyond Ramazan. 🌙✨

Ramazan – Day 6 🤍 Something has changed in the house. The same children who once counted every minute to iftaari… “Ammi, how much longer?” “Ammi, I’m hungry…” “Can I just drink water?” Are now quiet. Steady. Composed. Filza is 11. Ozil is 9. This is their third Ramazan. I still remember their first Roza… one tiny fast that felt like climbing a mountain. So many questions. So much restlessness. So much drama before Maghrib. And today? They fast like pros. Less irritation. More sabr. Less complaining. More understanding. Less “I want.” More “It’s okay.” In this fast-paced digital world, where everything is instant, where patience is rare, where even adults struggle with discipline.. I am watching sabr slowly become their best friend. Roza is not just about hunger. It is about self-control. It is about empathy. It is about strengthening the soul quietly. Alhamdulillah for this journey. Alhamdulillah for growth. Alhamdulillah for sabr. May we all carry this discipline beyond Ramazan. 🌙✨

103,095 просмотров

आज मेरी कुटिया में प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा विशिष्टोत्सव का निमंत्रण आया है… इसे पा कर में अभिभूत हो गई हूँ… समूचा देश राममयी है… हर दिल में ख़ुशी है और ऐसे में अयोध्या जी में 22 जनवरी को मौजूद रहना मेरे लिए सबसे बड़े सौभाग्य का विषय है.. राम हर भारतीय के हैं.. राम हम सबके हैं.. मैं पहले दिन से जानती थी और ये दुआ किया करती थी कि न्याय की जीत हो.. मैं एक मुसलमान हूँ और सच्चा मुसलमान सच का साथ देने से कतराता नहीं.. मैं ख़ुशनसीब हूँ कि करोड़ों लोगों की आस्था को मुस्कुराते हुए अपनी आँखों से देखूँगी…

आज मेरी कुटिया में प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा विशिष्टोत्सव का निमंत्रण आया है… इसे पा कर में अभिभूत हो गई हूँ… समूचा देश राममयी है… हर दिल में ख़ुशी है और ऐसे में अयोध्या जी में 22 जनवरी को मौजूद रहना मेरे लिए सबसे बड़े सौभाग्य का विषय है.. राम हर भारतीय के हैं.. राम हम सबके हैं.. मैं पहले दिन से जानती थी और ये दुआ किया करती थी कि न्याय की जीत हो.. मैं एक मुसलमान हूँ और सच्चा मुसलमान सच का साथ देने से कतराता नहीं.. मैं ख़ुशनसीब हूँ कि करोड़ों लोगों की आस्था को मुस्कुराते हुए अपनी आँखों से देखूँगी…

707,364 просмотров

Dear Swiggy तुम अब बदल गए हो तुम में वो Swag नहीं रहा, Service नहीं रही न कस्टमर की भूख की चिंता रही अब तुमसे हमारी निभ नहीं पाएगी, अलविदा

Dear Swiggy तुम अब बदल गए हो तुम में वो Swag नहीं रहा, Service नहीं रही न कस्टमर की भूख की चिंता रही अब तुमसे हमारी निभ नहीं पाएगी, अलविदा

753,054 просмотров

मोहम्मदाबाद मे मुख्तार के पैतृक घर पर लोगों का इकट्ठा होना शुरू हो गया है मुख्तार के घर के आसपास पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। मऊ, बांदा और गाजीपुर में धारा 144 लागू की गई

मोहम्मदाबाद मे मुख्तार के पैतृक घर पर लोगों का इकट्ठा होना शुरू हो गया है मुख्तार के घर के आसपास पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। मऊ, बांदा और गाजीपुर में धारा 144 लागू की गई

621,759 просмотров

एयर मार्शल ए.के.भारती ने राम चरित मानस की चौपाई से दिया एक बड़ा संदेश! “बिनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत। बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीति।" Gen मुनीर तर्जुमा करवा कर समझ लीजिएगा

एयर मार्शल ए.के.भारती ने राम चरित मानस की चौपाई से दिया एक बड़ा संदेश! “बिनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत। बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीति।" Gen मुनीर तर्जुमा करवा कर समझ लीजिएगा

324,852 просмотров

I.N.D.I.A गठबंधन की बैठक ख़त्म खड़गे जी ने आँकड़ा दे दिया है- 295 सीटों से कम नहीं आने वाली।

I.N.D.I.A गठबंधन की बैठक ख़त्म खड़गे जी ने आँकड़ा दे दिया है- 295 सीटों से कम नहीं आने वाली।

528,681 просмотров

कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल… भारत नहीं सहेगा- PM नरेंद्र मोदी

कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल… भारत नहीं सहेगा- PM नरेंद्र मोदी

295,294 просмотров

इस देश की संस्कृति से बड़े सारों को एलर्जी होने लगी है इन एजेंडाख़ोरों को चिढ़ है भगवा रंग से, तिलकधारियों से.. बात छोटी सी है.. लेकिन इसके मायने बहुत गहरे हैं। कल रोज़ा इफ़्तारी के लिए घर जाने की सोची.. बिल्डिंग के नीचे पहुँचकर पता लगा कि कुछ गफ़लत में गाड़ी मुझ तक पहुँच ही नहीं पाई है..और इफ़्तारी का वक्त क़रीब था.. इसी दौरान Main Road पर एक ऑटो दिखा.. सोचा इसी को पकड़ा जाए। आनन-फ़ानन में उसकी तरफ़ बढ़ने लगी। देख रही थी कि ऑटो चालक दो सवारियों को मना भी कर चुका था.. मैं ऑटो के पास पहुँची.. माथे पर बड़ा सा तिलक लगाए ऑटो वाला किसी से फ़ोन पर बात कर रहा था- मैंने कहा- भाई रोज़ा इफ़्तारी का वक़्त होने वाला है घर छोड़ दोगे.. ऑटो-चालक ने कान से फ़ोन हटाया और कुछ सेकंड सोचने के बाद कहा आओ बैठो। न किराए पर बात हुई न ही पते पर.. ऑटो वाले का नाम पुष्पाल सिंह था वो मुझे केवल इसलिए छोड़ने आए ताकि इफ़्तारी न छूट जाए। जबकि उनका भी अहम दिन था..नवरात्र पर पूजा सामग्री के लिए पत्नी से ही फ़ोन पर बात कर रहे थे। ये है मेरा भारत, यही है मेरे भारत की सनातनी परंपरा…

इस देश की संस्कृति से बड़े सारों को एलर्जी होने लगी है इन एजेंडाख़ोरों को चिढ़ है भगवा रंग से, तिलकधारियों से.. बात छोटी सी है.. लेकिन इसके मायने बहुत गहरे हैं। कल रोज़ा इफ़्तारी के लिए घर जाने की सोची.. बिल्डिंग के नीचे पहुँचकर पता लगा कि कुछ गफ़लत में गाड़ी मुझ तक पहुँच ही नहीं पाई है..और इफ़्तारी का वक्त क़रीब था.. इसी दौरान Main Road पर एक ऑटो दिखा.. सोचा इसी को पकड़ा जाए। आनन-फ़ानन में उसकी तरफ़ बढ़ने लगी। देख रही थी कि ऑटो चालक दो सवारियों को मना भी कर चुका था.. मैं ऑटो के पास पहुँची.. माथे पर बड़ा सा तिलक लगाए ऑटो वाला किसी से फ़ोन पर बात कर रहा था- मैंने कहा- भाई रोज़ा इफ़्तारी का वक़्त होने वाला है घर छोड़ दोगे.. ऑटो-चालक ने कान से फ़ोन हटाया और कुछ सेकंड सोचने के बाद कहा आओ बैठो। न किराए पर बात हुई न ही पते पर.. ऑटो वाले का नाम पुष्पाल सिंह था वो मुझे केवल इसलिए छोड़ने आए ताकि इफ़्तारी न छूट जाए। जबकि उनका भी अहम दिन था..नवरात्र पर पूजा सामग्री के लिए पत्नी से ही फ़ोन पर बात कर रहे थे। ये है मेरा भारत, यही है मेरे भारत की सनातनी परंपरा…

512,584 просмотров

Videos

RubikaLiyaquat's profile picture

Can you call them a professional army? Jokers

Rubika Liyaquat

4,143,050 просмотров • 1 год назад

RubikaLiyaquat's profile picture

Jaane Pehchaane Anjaane… what an incredible ORDINARY show… ये मोबाइल की दुनिया है… यहां हर चीज़ एक क्लिक पर आपकी है… everything is extraordinary… larger than life… most of the times unbelievable… But the irony is, it fits in the screen. सब कुछ असामान्य… लेकिन मेरा सवाल है…सामान्य कहाँ है? Where is our very own ordinary? As ordinary as watching a theatrical show… आँखों के सामने भावनाओं को उभरते हुए देखना… असामान्य कलाकार… Anupam Kher Swaroop Sampat Rawal meghna malik बग़ैर टेक के, सामान्य तरीक़े से हमें अपने ख़ुद से मिला रहे थे… आम ज़िंदगी के किरदार… अपने अकेलेपन, अपने अतीत.. अपने भविष्य को..अपने आप को खोज रहे थे… और थियेटर की उस साधारण सी कुर्सी पर बैठे मैं, पापा और उदयपुर से आए मेरे मामा को लग रहा था कि स्टेज पर मौजूद वो लोग… हम ही तो हैं… माँ के जाने के बाद पापा का नज़रिया… मामी और मामा के अलग हो जाने के बाद मामा की जद्दोजहद… एक मज़बूत, आत्मनिर्भर लड़की के संघर्ष… सबके जीवन का एक हिस्सा वहाँ स्टेज पर जी रहा था… काफी समय बाद महसूस हुआ कि ज़िंदगी की सबसे गहरी कहानियाँ किसी OTT प्लेटफ़ॉर्म पर नहीं, हमारे सामने साँस लेती हुई खड़ी होती हैं। अपनी माँ-बाबू जी के साथ इस बार कुछ सामान्य सा कीजिए… थिएटर में जाने पहचाने अनजाने देखिए… और एक-दूसरे की भावनाओं का स्पर्श कीजिए। ❤️ #jaanepehchaaneanjaane

Rubika Liyaquat

75,229 просмотров • 10 дней назад

RubikaLiyaquat's profile picture

Holi mubarak Bharat ❤️😇🤲🏻

Rubika Liyaquat

462,362 просмотров • 3 месяцев назад

RubikaLiyaquat's profile picture

राहुल गांधी जी… ‘चमची-चमचा वातावरण’ से बाहर निकलिए…उस ज़माने को गुज़रे बरसों हो गए हैं…क्या हुआ आपकी मुहब्बत की दुकान का? न भाषा में संयम, न मर्यादा.. इतनी कुंठा क्यूँ? दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपके सलाहकारों ने आपको राजनेता की बजाए troller बना दिया। पीएम ने अब तक 71 साक्षात्कार दे दिए हैं..हर सवाल उनसे पूछा गया है… महंगाई से लेकर घुसपैठियों वाले बयान तक चीन से लेकर पाकिस्तान.. देश से लेकर विदेश तक। पत्रकार का धर्म है सवाल पूछना.. हम हर क़िस्म का सवाल पूछेंगे। आप को किसने रोका है? आप केवल 1 दे दीजिए। आप अपनी राजनीति पर ध्यान केंद्रित कीजिए, पत्रकारिता से आपको चुनाव नहीं लड़ना है.. चुनाव मोदी से लड़ना है। और हाँ.. मेरा नाम रुबिका लियाक़त है..नाम अगली बार पर्ची पर लिखकर ले जाइएगा..

Rubika Liyaquat

3,662,373 просмотров • 2 лет назад

RubikaLiyaquat's profile picture

आज सोसाइटी की हर दिशा में छोटी-छोटी बच्चियाँ दिख रही थीं… दौड़ती हुई, हंसती हुई, ज़मीन पर पांव नहीं, जैसे हवा में चल रही हों। कोई उन्हें बुला रहा था, कोई उनके लिए दरवाज़ा खोल रहा था…और हर घर में उनके लिए एक ही पहचान….. ‘देवी’। अष्टमी के दिन… इतनी सारी देवियां एक साथ। ये सिर्फ भारत में ही हो सकता है। बताइए, दुनिया के किस देश में इतनी छोटी उम्र में लड़कियों को इस तरह देवी माना जाता है? उनके पैर धोए जाते हैं, उन्हें घर बुलाया जाता है, उन्हें प्यार से खिलाया जाता है। और सबसे खूबसूरत बात…ये बच्चियां किसी बड़े या अमीर घर से नहीं थीं… फिर भी हर घर में उन्हें पूरे सम्मान के साथ बुलाया गया। कुछ लोग कहेंगे ये सिर्फ एक दिन की परंपरा है… पर ज़रा उनके चेहरे देखिए, उनकी खुशी देखिए, उनका आत्मविश्वास देखिए। ये पल, ये एहसास… उनके साथ रहेंगे। इस देश की संस्कृति से सच में बहुत प्यारी है ❤️

Rubika Liyaquat

252,181 просмотров • 2 месяцев назад