
mukesh chaudhary
@rudraksh3012 • 14,449 subscribers
Proud Bhartiya, Sanatani, Believe in Karma, People Management, Only Sanatani Follows Accepted
Shorts
Videos

मूंगफली और अंडे बेचने वाले ने सात वर्ग किलोमीटर जमीन वक्त को दान कर दी। लगता है किसी रजवाड़ों के वंशज थे। 🤣🤣 मुगलों के वंशज अमिताभ अग्निहोत्री जी के पास एक बार आए थे तो उनकी दशा देखकर ये समझ गए थे कि उन्हें ₹100 देंगे तभी ये ऑटो करके वापस जा पाएंगे। 😆😆। मुगल जमीन दान कर ही नहीं सकते क्योंकि उनके पास है ही नही। आप यह घोटाले नहीं चलेंगे और जिस जिस ने घोटाले किए हैं सब की असलियत सामने आएगी।
mukesh chaudhary200,523 просмотров • 1 год назад

मार्केट में केसर का दाम 4.50 लाख रुपए प्रति किलो है। और विमल पान मसाला कंपनी ₹5 के सैशे में दाने-दाने में केसर का दम होने का दावा करती है। इस झूठ को बाजार में बेचने पर विमल पान मसाला कंपनी के ऊपर केस किया गया है। इस सिलसिले में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कोर्ट में पेश होना होगा। ये बॉलीवुड के libtards पैसे के लिए समाज का कुछ भी नुकसान करने के लिए तत्पर रहते हैं। इन लोगों का पूर्ण रूप से सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए।
mukesh chaudhary136,974 просмотров • 1 год назад

चमचों मुझे ऐसा लगता है कि तुम्हें यह सुनना चाहिए। अदानी और अंबानी की सरकार कहते-कहते हैं तुम यह भी भूल गए हो कि कांग्रेस के राज में 1966 से 1998 तक रिलायंस में कोई टैक्स नहीं दिया था। क्या तुम बता सकते हो ऐसा क्यों हुआ होगा? तुम्हारे आदरणीय राजीव गांधी यानि डबल पप्पू ने 1987 में मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स लगाया और 1988 में उसका इंप्लीमेंटेशन ही रोक दिया। ऐसा क्यों किया होगा?🤔 1988 में ही बेनामी प्रॉपर्टी को रोकने के लिए बेनामी ट्रांजेक्शन एक्ट लगाया गया। परंतु उसका रूल 2011 तक नहीं बना। ऐसा क्यों किया होगा?🤔 यह मैं नहीं कह रहा हूं आप स्वयं इस वीडियो को देखिए और जानिए।
mukesh chaudhary34,999 просмотров • 6 месяцев назад

ओवैसी चाहे जितना भी घटिया या घिनौना व्यक्ति हो, लेकिन उसके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। पूरी दुनिया जानती है कि बाबरी मस्जिद एक मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी, लेकिन वह इसे नकारता है और कहता है कि मंदिर नहीं तोड़ा गया। मुगलों के कृत्य जानने के लिए इस वीडियो को अंत तक जरूर देखें।
mukesh chaudhary14,860 просмотров • 1 год назад

भगवान श्री राम की पैदा होने का सबूत मांगते हैं। 2019 में मणि शंकर अय्यर ने पूछा था कि 10000 कमरों में से किसी कमरे में राम पैदा हुए थे? UPA 2 के समय में सरकार ने कहा था कि रामसेतु जैसी कोई चीज ही नहीं है। यह तो कोरी कल्पना है। 2007 में करुणानिधि में भी श्री राम को पहचानने से इनकार कर दिया था। यानी हिंदुओं से इन्हें बात बात पर सबूत चाहिए परंतु वक्फ की गैर कानूनी रूप से कब्जाई गई जमीन के लिए यह कहते हैं कि इतने पुराने जगह के कागज कहां से लाएंगे। थू है ऐसे हिंदुओं पर। कलंक हैं ये लोग सनातन के नाम पर। खुलकर क्यों नहीं कहते हैं कि इन्होंने खतना करा लिया है? सौ: TimesNow
mukesh chaudhary13,220 просмотров • 1 год назад
Больше нет контента для загрузки
