
saket साकेत ಸಾಕೇತ್ 🇮🇳
@saket71 • 45,941 subscribers
Writer/Columnist: - RT# endorsement. “गंजहों की गोष्ठी”, "The Revolutionary-Bismil" हिंदी कथा संग्रह - "एक स्वर, सहस्त्र प्रतिध्वनियाँ"
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Every time you give them an option- they vote- In Nepal, in Tamilnadu, in Bangladesh. Did you notice Sonal Mehrotra Kapoor missed West Bengal. That she missed Assam. When it was pointed out that Vijay Joseph is 50, Yunus was well into 70, she says age isn’t important. This Cockroach Janta Party narrative has more holes in it than a mosquito net.
saket साकेत ಸಾಕೇತ್ 🇮🇳72,286 görüntüleme • 3 ay önce

This is funny. #NitishKumar 😂😂 as Spy in Pakistan #Dhurandhar
saket साकेत ಸಾಕೇತ್ 🇮🇳71,904 görüntüleme • 8 ay önce

Why #WestBengal isn’t afraid of losing job to AI?
saket साकेत ಸಾಕೇತ್ 🇮🇳29,039 görüntüleme • 4 ay önce

अभूतपूर्व, अद्भुत, अमिताभ Amitabh Agnihotri 🙏🙏👏👏
saket साकेत ಸಾಕೇತ್ 🇮🇳47,571 görüntüleme • 1 yıl önce

अविनाश जैसे बौने बुद्धिजीवी साहिर के पीछे ना छुपें, इस लिए, साहिर का ही उत्तर, साहिर के शब्दों में। हम अम्न चाहते हैं मगर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ गर जंग लाज़मी है तो फिर जंग ही सही ज़ालिम को जो न रोके वो शामिल है ज़ुल्म में क़ातिल को जो न टोके वो क़ातिल के साथ है हम सर-ब-कफ़ उठे हैं कि हक़ फ़तह-याब हो कह दो उसे जो लश्कर-ए-बातिल के साथ है इस ढंग पर है ज़ोर तो ये ढंग ही सही ज़ालिम की कोई ज़ात न मज़हब न कोई क़ौम ज़ालिम के लब पे ज़िक्र भी इन का गुनाह है फलती नहीं है शाख़-ए-सितम इस ज़मीन पर तारीख़ जानती है ज़माना गवाह है कुछ कोर-बातिनों की नज़र तंग ही सही ये ज़र की जंग है न ज़मीनों की जंग है ये जंग है बक़ा के उसूलों के वास्ते जो ख़ून हम ने नज़्र दिया है ज़मीन को वो ख़ून है गुलाब के फूलों के वास्ते फूटेगी सुब्ह-ए-अम्न लहू-रंग ही सही - साहिर लुधियानवी (सर-ब-कफ़: हाथ में सर लिए, हक़ फ़तह-याब: सच पाने वाला; लश्कर -ए -बातिल - झूठ की फौज, कोर बातिनों - मतांध (fanatics), बका- अस्तित्व )
saket साकेत ಸಾಕೇತ್ 🇮🇳43,242 görüntüleme • 1 yıl önce
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