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Sanjay Nirupam

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Took blessings from Hon Prime Minister of India Shri Narendra Modiji today for Dindoshi Assembly election. His words to me ‘ ये लड़ाई हर हाल में जीतनी है ‘ was extremely motivating. दिंडोशी में महायुती का भगवा लहरा के रहेंगे। #Dindoshi #maharashtraassemblyelection2024 #Mahayuti Eknath Shinde - एकनाथ शिंदे Dr Shrikant Lata Eknath Shinde

Took blessings from Hon Prime Minister of India Shri Narendra Modiji today for Dindoshi Assembly election. His words to me ‘ ये लड़ाई हर हाल में जीतनी है ‘ was extremely motivating. दिंडोशी में महायुती का भगवा लहरा के रहेंगे। #Dindoshi #maharashtraassemblyelection2024 #Mahayuti Eknath Shinde - एकनाथ शिंदे Dr Shrikant Lata Eknath Shinde

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ममता बैनर्जी की पार्टी और उनके नेताओं के खिलाफ कितना भयंकर जनाक्रोश था,इसका एक और नज़ारा देखिए। आज उनकी पार्टी के एक विधायक पर लोगों ने अंडे फेंके। #MLAKunalGhosh

ममता बैनर्जी की पार्टी और उनके नेताओं के खिलाफ कितना भयंकर जनाक्रोश था,इसका एक और नज़ारा देखिए। आज उनकी पार्टी के एक विधायक पर लोगों ने अंडे फेंके। #MLAKunalGhosh

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यह वीडियो नवी मुंबई का है। कल का है। एक महीने पहले एक मज़दूर रोटी की तलाश में यहाँ आया। एक रेस्टोरेंट में उसे वेटर की नौकरी मिल गई। मनसेवाले कह रहे हैं कि तुम मराठी बोलो। इतना फ़ास्ट लर्नर होता तो रोज़गार के लिए दर-दर भटकता ? महाराष्ट्र में मराठी भाषा सबको बोलनी चाहिए। इस भाषा के सम्मान के प्रति हम सब वचनबद्ध हैं। लेकिन इसके लिए क़ानून हाथ में लेना,गुंडागर्दी करना और किसी गरीब को पीटना यह सब महाराष्ट्र की समृद्ध संस्कृति को कलंकित करता है। निवेदन है कि राज्य के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री Devendra Fadnavis पूरे मामले का संज्ञान लें और कार्रवाई करें। किसी ने मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन दिया इसका अर्थ यह नहीं है कि उसे गरीब मज़दूरों को सरेआम पीटने का लाइसेंस मिल गया है। तातड़ी ने कार्रवाई झाली पाहिजे। #NaviMumbai

Sanjay Nirupam

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जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी धार्मिक कम,राजनीतिक ज़्यादा है। उबाठा के प्रमुख से मिलना उनका व्यक्तिगत फ़ैसला हो सकता है। इस पर कोई एतराज नहीं है। पर शिवसेना के अंदरूनी विवाद पर राजनीतिक भाष्य करने से उन्हें बचना चाहिए था। यह उन्हें शोभा नहीं देता। कौन मुख्यमंत्री बनेगा,कौन नहीं, यह जनता तय करेगी,शंकराचार्य नहीं। बोलते-बोलते वे यह भी बोल गए कि जो विश्वासघात करते हैं, वे हिंदू नहीं हो सकते। यह बड़ा अजीबोग़रीब तर्क है। पहले तो यह तय होना है कि विश्वासघात किसने किया ? और यह शंकराचार्य नहीं तय कर सकते। दूसरा, हिंदू पौराणिक कथाओं और इतिहास में विश्वासघात के तमाम प्रकरण उपलब्ध हैं। क्या वे हिंदू नहीं थे ? विश्वासघात एक मानवीय अवगुण है। इसका किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। हाँ,इस अवगुण की वजह से कोई अच्छा या बुरा हिंदू हो सकता है। मगर वह हिंदू हो ही नहीं सकता, यह कुतर्क है। #Avimukteshwaranandji

Sanjay Nirupam

16,568 Aufrufe • vor 2 Jahren

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