
Santosh Patel DSP
@Santoshpateldsp • 35,663 subscribers
DSP Santosh Patel From Panna MP Working SDOP Behat Gwalior MP Police
Shorts
Videos

सलमान ख़ान से भोपाल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के समय मुलाक़ात हुई थी। ये हमारी भावनाओं को समझकर फ्री में सब्ज़ी दे दिया करते थे।14 साल बाद जब अचानक मिले तो दोनों बहुत खुश हुए।बुरे समय में साथ निभाने वाले को भूल जाना किसी पाप से कम नहीं।बंदे में एक दोष न हो, बंदा ऐहसान फ़रामोश न हो
Santosh Patel DSP549,512 görüntüleme • 1 yıl önce

पिता बोले गाँव वापस आ जाओ और भैंस चराओ लेकिन ब्याज में फ़ीस लेकर MTech करने इंदौर पहुँचा तो क़िलेदार सर कड़क प्रोफेसर मिले जिन्होंने कविताओं के कारण कॉलेज से भगवा दिया।10 वर्ष बाद मिठाई लेकर चरण छूने घर गया तो गुरु ने कविता सुनाई इसी को कहते हैं जो भी होता है अच्छे के लिये होताहै
Santosh Patel DSP463,381 görüntüleme • 1 yıl önce

बीच सड़क में कुर्सी डाले बैठे गाँव के दो व्यक्ति..जिनकी बदौलत कोई भी जनहानि नहीं हुई।मुख्य सड़क का नाला लगातार 24 घंटे उफान पर था लेकिन बिना वर्दी की मौजूदगी के राहगीरों को सही व उचित मार्गदर्शन देने का काम करने वाले महानुभावों को प्रणाम। जनसेवा का भाव गांवों को खूबसूरत बनाता है
Santosh Patel DSP295,586 görüntüleme • 10 ay önce

नया मोबाइल भी जेल भिजवा सकता है क्योंकि चोरी का हो सकता है इसलिए फ़ोन ख़रीदने से पहले मोबाइल के डिब्बे में लिखा IMEI नंबर देखें फिर एक मेसेज लिखे। जिसमें KYM और फिर IMEI नंबर लिखे जिसे 14422 में भेज दें तत्काल चोरी का फ़ोन होगा तो जानकारी आ जाएगी वरना सिर्फ मॉडल की जानकारी मिलेगी
Santosh Patel DSP64,755 görüntüleme • 2 ay önce

बालाघाट एसपी सर का शुक्रिया जो जंगलों में खुशियाँ बिखेर रहे हैl बैगा आदिवासी गांव में जब पुलिस मदद के लिए पहुंची तो 2 महिलायें दरोगा जी की ओर पत्थर लेकर दौड़ी लेकिन जब साथ में खाना खाया, मदद की तो अटूट विश्वास बन गया।अब अम्मा ने बैंक से निकाले रुपये सुरक्षित रखने पुलिस को दे दिए
Santosh Patel DSP211,934 görüntüleme • 10 ay önce

मोबाइल को कभी भी गहन या गारंटी के रूप में न रखें अन्यथा जेल जाने का रास्ता खुल सकता है। चोरी का मोबाइल लेकर आते हैं और मोबाइल को रखकर उधार पैसे ले जाते हैं। उसके बाद पैसे लौटाने नहीं आते और हम मोबाइल चलाते हैं तो पुलिस पकड़ने आ जाती है। CEIR Portal का उपयोग करें
Santosh Patel DSP167,337 görüntüleme • 8 ay önce

एक युवक की बाइक में केक टंगा था और इसी मोड़ में घायल पड़ा था। जब उठाकर अस्पताल भेजा तो पता चला कि मॉल से नौकरी कर बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए गाँव वापस जा रहा था। उस दिन दो कमियाँ दिखी थीं एक उसके पास हेलमेट नहीं थी और दूसरी झाड़ियों के वजह से वाहन दिखाई नहीं दिया वरना जान बचती
Santosh Patel DSP314,950 görüntüleme • 1 yıl önce

छूआछूत की विदाई-आकाश सफ़ाई करने आता था। शुरुआत में बर्तनों से पानी भी नहीं पीता था लेकिन साथ में खाया तो बेटे के लिए हलुआ,पराठे लाने लगा औ सफ़ाई से भाई की फीलिंग चालू हुई।यदि सम्मान न करता तो ख़ुदा पूछता कि तुम्हें तुम्हारे काम का सम्मान मिला लेकिन तुमने उसके काम को काम नहीं समझा
Santosh Patel DSP264,369 görüntüleme • 1 yıl önce

पत्नी की मृत्यु के बाद SI मानसिक डिस्टर्ब हुआ और 40 साल से गुम रहा जिसका इकलौता बेटा पिता को मृत मान चुका था लेकिन फेसबुक के एक वीडियो से पिता पुत्र मिल गए। अनाथ बेटा बैतूल से महाराष्ट्र में शिफ्ट हो गया था..पिता के चरण छूकर भावुक हो गया। रील ऐसी बनाओ जो रिश्ते बनाये न कि तोड़े।
Santosh Patel DSP171,342 görüntüleme • 10 ay önce

मेरे गाँव में अहिरवार समाज का पहला लड़का जो पढ़ाई के बाद सरकारी सेवा में चयनित हुआ। पुलिस सिपाही बनने के बाद उसे सम्मान मिलेगा इसलिए लड़के को सम्मान न देकर उसके माता पिता को सम्मानित किया ताकि दूसरे पैरेंट्स भी प्रेरणा लें एयर अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल दें।
Santosh Patel DSP206,017 görüntüleme • 1 yıl önce

कोहरे की बरसात के बीच रात के ढाई बजे SP_Gwalior को चेकिंग करते वक्त ठंड लगी तो 73 वर्ष के दादा की आग काम आई। नातिन की पढ़ाई के लिए बुढ़ापे में भी रात्रि चौकीदारी करते हैं। हमारी पुलिस ने रात में ही शेष तीन माह की फ़ीस की व्यवस्था करके गिव एंड टेक के फ़ार्मूले को ज़िंदा रखा
Santosh Patel DSP220,405 görüntüleme • 1 yıl önce

पुलिस की गाड़ी देख डर गयीं कि कहीं फँसा न दें।ईंट भट्ठों की ज़िंदगी शिक्षा से बहुत दूर रहती है। ये हमारे गाँव तरफ़ के लोग हैं जिनके साथ ख़ुशी के पल बिताए और उन्हें ऐह्सास करवाया कि हमारा बचपन भी ऐसे ही ईंट के फड़ों में बीता लेकिन ज़्यादा समय स्कूल में दिया इसलिए कुछ ख़ास कर पाये।
Santosh Patel DSP313,965 görüntüleme • 2 yıl önce

१०वीं की परीक्षा देने गाँव से एक छात्र छतरपुर आया तो टीचर ने स्कूल में नहीं प्रवेश दिया क्योंकि ग़लत केंद्र में पहुंचा था। 5 मिनट में 5 किमी दूर सही परीक्षा केंद्र में पहुँचे के लिए छात्र ने दौड़ लगाई तो हवलदार राजेश बागरी जी ने फरिश्ते की भाँति एग्जाम सेंटर में पहुँचाकर साल बचाई
Santosh Patel DSP55,372 görüntüleme • 3 ay önce

ये सलमान भाई के घर का वीडियो है। उन्हें मानव व मीडिया से जो सम्मान मिल रहा है वो ज़िंदगी की सबसे बड़ी ख़ुशी के जैसा लग रहा है। अगर कुछ देने लायक़ हों तो देते रहना चाहिए क्योंकि ये दुनिया एक दिन कई गुना लौटाती है।दुआ है कि आपकी सब्ज़ी हमेशा हरी रहे और ज़िंदगी ख़ुशियों से भरी रहे।
Santosh Patel DSP202,044 görüntüleme • 1 yıl önce

एक दिव्यांग जो शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम है और वह दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेने अपने पिता के साथ आया हुआ था। देखिए उसके हौंसले और पिता का बच्चों के प्रति समर्पण जिसे कंधे में उठाकर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में ले जाते हैं। #Divyang #दिव्यांग #सामाजिक_न्याय #SocialJustice #DSP
Santosh Patel DSP332,080 görüntüleme • 3 yıl önce

भरत व शैलेंद्र गुर्जर दो सगे भाईओं में जमीन को लेकर हाथापाई हुई दोनों एक दूसरे की fir करवाने आये। विवाद को 2 कागज लिखकर थाने से कोर्ट कचहरी में भेज सकते थे लेकिन मौके में पहुंचकर रिश्तेदारों के सहयोग से प्रयास किया तो मामला 1 घण्टे में सुलझ गया। छोटे भाई ने खुशी में रबड़ी बटवाई।
Santosh Patel DSP295,069 görüntüleme • 2 yıl önce

रात 12 बजे 3 मासूम बेटियां अंधेरे में सड़क किनारे सो रही थीं क्योंकि मम्मी पापा अस्पताल में भर्ती थे और घर में लाइट नहीं थी। अस्पताल से चौकीदार का बिजली के लिए फोन आया, न तो ये मेरा विभाग था न ही डयूटी थी लेकिन एक फोन बिजली घर मे लगाया तो 5 मिनट में उजाला हो गया#officerpower
Santosh Patel DSP300,585 görüntüleme • 3 yıl önce

मजदूरी के आधे पैसे न देने वाले #Agra के मालिक को घाटीगाँव में मजदूरी के पूरे 60 हजार रुपये 3 घंटे में घाटीगाँव देने आना पड़ा। जो मजदूरों की मजदूरी खाएगा, कभी बड़ा नहीं बन पाएगा। भले ही दौलत का पहाड़ खड़ा कर ले मगर बद्दुवाओं के बोझ में दब जाएगा। #laboursafety #labourissues #police
Santosh Patel DSP298,947 görüntüleme • 3 yıl önce