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संतोष त्रिवेदी

@santoshtrivedi_7,619 subscribers

शायरी संकलन और साहित्य प्रेमी... ♥️✍️। संगीत प्रेमी 🎶 ।। ..यात्री..।।.. अभी लिखना सीख रहा हूं......✍️ ।। दर्शन।।

Shorts

जब मैं अपनी जिद पे आता हूं, तो सिर्फ जिद देखता हूं, नुकसान नहीं।

जब मैं अपनी जिद पे आता हूं, तो सिर्फ जिद देखता हूं, नुकसान नहीं।

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युद्ध जीते जाते हैं अभ्यास के दौरान, युद्ध वाले दिन तो बस प्रमाण दिए जाते हैं.....

युद्ध जीते जाते हैं अभ्यास के दौरान, युद्ध वाले दिन तो बस प्रमाण दिए जाते हैं.....

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मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला.....

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला.....

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हारा हुआ सा लगता है वजूद मेरा, हर एक ने लूटा है दिल का वास्ता देकर ......

हारा हुआ सा लगता है वजूद मेरा, हर एक ने लूटा है दिल का वास्ता देकर ......

48,575 görüntüleme

और अंत में, मैं वैसा हुआ, जैसा मैं कभी, होना नहीं चाहता था। 💔

और अंत में, मैं वैसा हुआ, जैसा मैं कभी, होना नहीं चाहता था। 💔

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ख्वाहिशों का काफिला भी बड़ा अजीब है ग़ालिब, अक्सर वहीं से होकर गुजरता है जहां रास्ता न हो । #

ख्वाहिशों का काफिला भी बड़ा अजीब है ग़ालिब, अक्सर वहीं से होकर गुजरता है जहां रास्ता न हो । #

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इतने अच्छे बनोगे तो मर जाओगे, थोड़े दुश्मन भी तैयार करते रहो। मदन मोहन दानिश जी

इतने अच्छे बनोगे तो मर जाओगे, थोड़े दुश्मन भी तैयार करते रहो। मदन मोहन दानिश जी

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ऐरे-ग़ैरे को ठहरने की इजाज़त नहीं दी दिल को दिल रक्खा है बाज़ार नहीं होने दिया...

ऐरे-ग़ैरे को ठहरने की इजाज़त नहीं दी दिल को दिल रक्खा है बाज़ार नहीं होने दिया...

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ये जिंदगी भी कैसे बहाने में कट गई, जैसा नहीं हूं वैसा दिखाने में कट गई। ~ विजेन्द्र सिंह परवाज जी

ये जिंदगी भी कैसे बहाने में कट गई, जैसा नहीं हूं वैसा दिखाने में कट गई। ~ विजेन्द्र सिंह परवाज जी

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तुम तो फिर गैर हो तुमसे तो शिकायत कैसी, मेरे अपने मुझे गैरों की तरह देखते हैं ..... हिमांशी बाबरा जी

तुम तो फिर गैर हो तुमसे तो शिकायत कैसी, मेरे अपने मुझे गैरों की तरह देखते हैं ..... हिमांशी बाबरा जी

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संघर्ष से ही लिखेंगे अपनी कहानी, हमें विरासत में नहीं मिला है कुछ भी, ~ संतोष त्रिवेदी #restart謎 #restart

संघर्ष से ही लिखेंगे अपनी कहानी, हमें विरासत में नहीं मिला है कुछ भी, ~ संतोष त्रिवेदी #restart謎 #restart

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जा दिखा दुनिया को, मुझको क्या दिखाता है गुरूर, तू समंदर है तो हो, मैं तो मगर प्यासा नहीं। ~ वसीम बरेलवी साहब

जा दिखा दुनिया को, मुझको क्या दिखाता है गुरूर, तू समंदर है तो हो, मैं तो मगर प्यासा नहीं। ~ वसीम बरेलवी साहब

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दुश्मनों से प्यार होता जाएगा, दोस्तों को आजमाते जाइए। आशुतोष राणा जी

दुश्मनों से प्यार होता जाएगा, दोस्तों को आजमाते जाइए। आशुतोष राणा जी

14,075 görüntüleme

न फिक्र कोई, न जुस्तजू है, न ख्वाब कोई, न आरजू है, ये शख्स तो कब का मर चुका है, तो बेकफन फिर ये लाश क्यों है। जावेद अख्तर

न फिक्र कोई, न जुस्तजू है, न ख्वाब कोई, न आरजू है, ये शख्स तो कब का मर चुका है, तो बेकफन फिर ये लाश क्यों है। जावेद अख्तर

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ज्यादा सोचने से बचना चाहिए मोहन, ख्याली जख्मों की कोई दवा नहीं होती। ~ बालमोहन पांडेय जी

ज्यादा सोचने से बचना चाहिए मोहन, ख्याली जख्मों की कोई दवा नहीं होती। ~ बालमोहन पांडेय जी

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आईने बेचता था, कोई पूछता न था, जब से मुखौटे रख लिए धंधा चमक गया । महशर आफरीदी

आईने बेचता था, कोई पूछता न था, जब से मुखौटे रख लिए धंधा चमक गया । महशर आफरीदी

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जैसा दिखाई देने की करते हो कोशिशें, मैं खूब जानता हूं कि ऐसे नहीं हो तुम। वसीम बरेलवी साहब

जैसा दिखाई देने की करते हो कोशिशें, मैं खूब जानता हूं कि ऐसे नहीं हो तुम। वसीम बरेलवी साहब

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वो तुमको यकीन दिलाएंगे कि वो शेर हैं, तुम यकीन करने से मना कर देना, फिर देखना, वो भौंकने लगेंगे। #अज्ञात

वो तुमको यकीन दिलाएंगे कि वो शेर हैं, तुम यकीन करने से मना कर देना, फिर देखना, वो भौंकने लगेंगे। #अज्ञात

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मिलोगी जब तुम पता चलेगा मैं और भी काला हो गया हूँ ये हाशिए में लिखा हुआ है मैं धूप में जलके इतना काला नहीं हुआ था कि जितना इस रात में सुलगकर सियाह हुआ हूँ गुलज़ार साहब ✍️

मिलोगी जब तुम पता चलेगा मैं और भी काला हो गया हूँ ये हाशिए में लिखा हुआ है मैं धूप में जलके इतना काला नहीं हुआ था कि जितना इस रात में सुलगकर सियाह हुआ हूँ गुलज़ार साहब ✍️

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सफर वही तक जहाँ तक तुम हो, नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो, वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर, खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो। ♥️🌹

सफर वही तक जहाँ तक तुम हो, नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो, वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर, खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो। ♥️🌹

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