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सतीश सोनी

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जब-जब जुल्मी जुल्म करेगा सत्ता के हथियारों से.. चप्पा-चप्पा गूँज उठेगा हनुमान बेनीवाल के नारों से !!

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श्रृंगार करो कर्जा नहीं तकनीक बढ़ाओ खर्चा नहीं ! समय के साथ बदलाव जरूरी है क्योंकि समय के साथ जो खुद को नहीं बदलता है वो पिछड़ जाता है आज सोने के भावों में जिस तरह का उठापटक हो रहा है तो वह एक असुरक्षित निवेश हो चुका है साथ ही कर्ज का घर हो गया है।

श्रृंगार करो कर्जा नहीं तकनीक बढ़ाओ खर्चा नहीं ! समय के साथ बदलाव जरूरी है क्योंकि समय के साथ जो खुद को नहीं बदलता है वो पिछड़ जाता है आज सोने के भावों में जिस तरह का उठापटक हो रहा है तो वह एक असुरक्षित निवेश हो चुका है साथ ही कर्ज का घर हो गया है।

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पब्लिश के मुद्दों पे संघर्ष क्यों नहीं करते आप ??? शानदार सवाल दागा है शरत जी ने 🫡 Sharat

पब्लिश के मुद्दों पे संघर्ष क्यों नहीं करते आप ??? शानदार सवाल दागा है शरत जी ने 🫡 Sharat

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इंस्टा पे ये वीडियो मिला, हमशक्ल वाला मुद्दा ट्रेंड में है ये भाई किसका हमशक्ल हो सकता है 🤗

इंस्टा पे ये वीडियो मिला, हमशक्ल वाला मुद्दा ट्रेंड में है ये भाई किसका हमशक्ल हो सकता है 🤗

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AI के जमाने में हमारे भाजपा के खींवसर विधायक की मांग कितनी शानदार है कि विपक्ष के लोग भी टेबल बजाओ 😆 शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार की कोई कमी है नहीं बस यदि मुद्दा बचा है।

AI के जमाने में हमारे भाजपा के खींवसर विधायक की मांग कितनी शानदार है कि विपक्ष के लोग भी टेबल बजाओ 😆 शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार की कोई कमी है नहीं बस यदि मुद्दा बचा है।

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मेरी हार्दिक इच्छा ही की इस वीडियो को जबरदस्त वायरल करना है 🤗 HANUMAN BENIWAL #पर्ची_राजस्थान_ले_डूबी #भजनलाल_हटाओ_राजस्थान_बचाओ

मेरी हार्दिक इच्छा ही की इस वीडियो को जबरदस्त वायरल करना है 🤗 HANUMAN BENIWAL #पर्ची_राजस्थान_ले_डूबी #भजनलाल_हटाओ_राजस्थान_बचाओ

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गुनाह मेरा ही था मैं चालबाज नहीं था फसा के नहीं रखा जालबाज़ नहीं था मेरी कमजोरियों के तिनके तुमने पहाड़ बना दिए मेरे संघर्ष के सागर को मैं भुना न सका साफ दिल का जो था गद्दारी चला ना सका कर तो राजनीति ही रहा था मगर , खुद को गद्दारों का सरदार बना न सका। ऐ उड़ते परिंदो , अच्छा करने की गफलत में , पंख मत फैलाना, मैं भी चला था अंगारो के रस्ते, अपनो की खातिर मगर, अपनो की ही लाव से मैं पार पा न सका दिन देखा न रात हार किसी के बीच हाजिर था मुझे क्या पता उनकी नजरों में मात्र मुसाफिर था थक कर भी थका नजर नहीं आया पीड़ित को न्याय दिलाना ही मेरा मुकाम था मैं तो आज भी वही हूं जो पहले आपका अपना हनुमान था। HANUMAN BENIWAL Ummeda Ram Beniwal

सतीश सोनी

17,722 просмотров • 2 лет назад

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