
शिवम मिश्रा 📖 🖊️
@Shivamm92618171 • 11,382 subscribers
किसी सत्ता के अथवा किसी भी नेता के ग़ुलाम नहीं और जो ग़ुलाम हों 🫵 पहली फुर्सत में यहाँ से निकल ले 🤟🚩
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बस ज़िद थी उर्मिला नहीं, वो खान उर्म है बस ये भाई को जान ना बनाने का ज़ुर्म है .........☹️💗☺️✍️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️977,114 просмотров • 10 месяцев назад

जब IAS का रेप किया गया था पश्चिम चंपारण बेतिया बिहार में बिल्कुल सुरक्षित नहीं थीं किसी कि भी हों बेटियां.......✍️☹️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️573,761 просмотров • 9 месяцев назад

मर तो गया था मैं तुमने दोबारा मार डाला जैसे हो बिहार का राजनीतिक मसाला...✍️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️344,688 просмотров • 10 месяцев назад

अच्छे लोगों को भी, बिगाड़ते हैं लोग आप ही बताएं इन्हें लगा है कैसा रोग ...✍️🙏☺️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️277,984 просмотров • 9 месяцев назад

ऐसे छल है उस बल का क्या करूं ऐसे कैसे किसी पर भी इतना मरूं ...✍️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️143,825 просмотров • 9 месяцев назад

सोए हुए #बिहार के, हिन्दुओं को जगाएं जिसे मूवी का नाम जानना है वो कमेंट में आए
शिवम मिश्रा 📖 🖊️125,405 просмотров • 9 месяцев назад

यह घटना 2004 कि बिहार के सिवान कि है अध्यापिका रेप हत्या कांड ..... रणधीर सिंह यादव इस ख़बर को प्रकाशित करने ही वाले थे कि, उत्तर प्रदेश मिर्जापुर माँ विंध्यवासिनी का दर्शन करके आ रहे परिवार वालों के गाड़ी का एक्सीडेंट करा दिया जाता है, सब के सब मारे जाते हैं.... बिहार में जब लालू सरकार था तो सच में में जंगलराज ही था, नेताजी और गुंडे माफिया लोग,बच्चों को पढ़ाने वाली टीचर को भी नहीं, छोड़ते थे, मीडिया वाले न्यूज तक कवर नहीं कर पाते थे
शिवम मिश्रा 📖 🖊️116,662 просмотров • 9 месяцев назад

भावुकता जब दर्द से मिली,मानवता का अवतार हुआ डॉक्टर जब आतंकवादी हुए, पेशा भी शर्मसार हुआ ....✍️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️101,377 просмотров • 9 месяцев назад

क्षमा चाहता हूं, हंसी आती है, ऐसी नादानी पर जैसे केजरीवाल कलंक था हमारी राजधानी पर 😀😀🤩🤟.....✍️🪷🚩
शिवम मिश्रा 📖 🖊️96,922 просмотров • 9 месяцев назад

प्यारे प्रेम कि प्याली को फेंकते हैं दर्द दे कर फ़िर दर्द को, देखते हैं ...✍️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️77,729 просмотров • 9 месяцев назад

ज़माना क्या सादगी थी क्या ज़माना था, बस एक नज़र ही, नज़र का दीवाना था ...✍️😊
शिवम मिश्रा 📖 🖊️75,648 просмотров • 9 месяцев назад

जवानी जल रही है, आतंकवाद कि लड़ाई में गज़वा ए हिंद भी उबल रही है जैसे कढ़ाई में ....✍️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️57,461 просмотров • 9 месяцев назад

छोटी सी उमर में ही अब लग जाता है रोग घर में रोमांस होगा तो, बच्चे लगाएंगे भोग ....✍️🫵🚩
शिवम मिश्रा 📖 🖊️50,931 просмотров • 9 месяцев назад

क्यूं किसी को बेहतर कि तलाश में बेहतरीन नहीं मिलता.....✍️☺️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️47,218 просмотров • 9 месяцев назад

वही आवाज़, वही चेहरा, वही आंखें ना जानें क्यूं अब मुझे ख़ौफ़ से ताकें ...✍️☺️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️42,122 просмотров • 9 месяцев назад

अजीब सी कहानी होती है मित्र बॉडर पर रह रहे जवान कि वंदे मातरम् तक बोलते नहीं अपमान करते हैं जो भगवान की 🇮🇳 ...✍️☺️
शिवम मिश्रा 📖 🖊️38,674 просмотров • 8 месяцев назад