
sumit kalra
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जनता की भारी डिमांड पर पप्पू भाई जान का राखी बांधने का वीडियो कांग्रेस आई टी सेल ने जारी किया है 💯😂😂
sumit kalra303,011 Aufrufe • vor 27 Tagen

जहाँ लोग कल तक चिल्ला रहे थे, “मोदी जी का समय खत्म हो गया”, आज वही लोग प्रधानमंत्री के दरवाज़े पर एक पत्र लेकर खड़े हैं। और दूसरी तरफ, एक व्यक्ति जो पिछले कुछ महीनों से चुपचाप बैठा हुआ था, अचानक मैदान में आ गया है। वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे। आइए जानते हैं… सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर तीन नए कानून/संवैधानिक संशोधन ला सकती है— 1. 131वाँ संवैधानिक संशोधन विधेयक बताया जा रहा है कि इसमें लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इसमें 35 सीटें राज्यों से और 815 सीटें केंद्रशासित क्षेत्रों से आने की बात कही जा रही है। 2. पर्यावरण सुधार कानून इसके तहत 2011 की जनगणना को आधार बनाए जाने की बात कही जा रही है। 3. केंद्रीकृत राज्य विधान इसके माध्यम से दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन करके महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किए जाने की बात कही जा रही है। यहाँ विपक्ष की सबसे बड़ी समस्या यह है कि अगर ये प्रस्ताव वास्तव में कानून बनते हैं, तो देश के राजनीतिक नक्शे के साथ-साथ राजनीति की पूरी संरचना भी बदल सकती है। उत्तर भारतीय राज्यों को अधिक सीटें मिल सकती हैं, जबकि दक्षिण भारतीय राज्यों की हिस्सेदारी कम हो सकती है। कांग्रेस अब एक बड़े राजनीतिक संकट में दिखाई दे रही है, क्योंकि एक तरफ वह दावा करती रही कि मोदी जी हार गए हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने कथित तौर पर अपनी राजनीतिक गणनाएँ अपने पक्ष में कर ली हैं। अब अगर ये प्रस्ताव पास होते हैं, तो इसका पूरा राजनीतिक श्रेय मोदी सरकार को मिल सकता है और विपक्ष के लिए इसे रोकना आसान नहीं होगा, क्योंकि आखिरकार नंबरों के खेल में मोदी सरकार मजबूत स्थिति में होगी। दोस्तों, यही है वह “मोदी मैजिक”, जिसके बारे में कहा जाता है कि मोदी गर्म माहौल में भी विपक्ष को ठंडा होने का पूरा समय देते हैं और जब सब कुछ शांत हो जाता है, तब अपनी चाल चलते हैं। अब कांग्रेस को शायद एहसास हो रहा है कि जिसे वह मोदी जी की चुप्पी समझ रही थी, उसके पीछे शायद एक बड़ी राजनीतिक रणनीति चल रही थी। विपक्ष उकसाता रहा, मोदी शांत रहे… और अब सवाल है कि अगली चाल किसकी होगी? 🚩
sumit kalra175,876 Aufrufe • vor 24 Tagen

कांग्रेस का डीएनए कांग्रेस ने देश में जितने भी आंतकवादी देशद्रोही और गदार हुए है सबको टिकट दी और इनका केस कांग्रेस पार्टी ने फ्री में लड़ा चलिए थोड़ा 2014 से पहले कुछ मुख्य समाचार का ट्रैलर देखते हैं 🙄 जब देश की अर्थव्यवस्था ICU में थी 2G, कोयला, मनरेगा घोटाले एक के बाद एक 370 को छूने की भी हिम्मत नहीं थी और आज? ये वीडियो देखकर बहुत कुछ याद आ जाएगा 👀 जो समझदार हैं वो समझेंगे
sumit kalra147,696 Aufrufe • vor 1 Monat

आने वाला वक्त CJP पार्टी के लिए काल बनेगा.. अमेरिका जाकर उनकी जान बचेगी..यहां तो अदालत में जवाब देना पड़ेगा..सरकार भले मुकदमा वापस करले हम पुलिस के फैमिली से केश डलवाएंगे.. खून के बूंद बूंद का हिसाब लिया जाएगा..पूर्व ACP दिल्ली वेद भूषण, ये हुई मर्दों वाली बात🥰
sumit kalra79,251 Aufrufe • vor 1 Monat

अचानक से राहुल गांधी मनुस्मृति जलाने लगे, जबकि हाल में मनुस्मृति को लेकर कोई विवाद नहीं है... अचानक राहुल गांधी पेपर कप में चाय दलितों के लिए और शीशे के ग्लास में चाय सवर्णों के लिए बताने लगे, जबकि हाल में दलित उत्पीड़न की कोई बड़ी घटना नहीं दिखी... अचानक से देश में "आरक्षण हटाओ आंदोलन..." चलने लगा, जबकि आरक्षण मोदी सरकार लेकर नहीं आई, ये तो वर्षों से है... जो UGC कभी आया ही नहीं, जो सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, उसे Rollback UGC के नाम पर कैंपेन चल रहा है? अरे भाई! किसे rollback करें, किसे वापस लें? जो कभी लागू नहीं हुआ, उसे कैसे rollback करें? कैसे वापस लें? अचानक से कोई निशु आज़ाद और बड़बोला भारद्वाज प्रसिद्ध हो जाते हैं और जंतर- मंतर पर एक-डेढ़ महीने पहले हुई लड़ाई को एकदम ताज़ा- ताज़ा राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बना दिया जाता है... सियासत में जब वर्तमान में कोई मुद्दा नहीं मिले, तो गड़े मुर्दे उखाड़ो...पुराने विवादों को झाड़-पोंछ कर फिर से हवा दो... लोगों की भावनाओं को भड़काओ... पार्थ, रथ को उत्तर प्रदेश की ओर मोड़ो... Credit : Pankaj Prasoon ✍️
sumit kalra26,898 Aufrufe • vor 19 Tagen

अरविंद केजरीवाल जी ने गंभीरता से बताया कि उनके दोनों बच्चे टीयर गैस के गोलों के बीच संसद मार्च में 'कदम से कदम मिलाकर' चल रहे थे। वाह! पिता की भावुक अपील सुनकर तो दिल पसीज गया। पर सवाल ये है सर - बच्चे वहाँ थे तो एक वीडियो क्यों नहीं? एक सेल्फी? एक तस्वीर? जंतर मंतर पर हजारों कैमरे, सैकड़ों यूट्यूबर, लाइव स्ट्रीमिंग, AAP का पूरा आईटी सेल अलर्ट मोड पर... फिर भी कोई एक फ्रेम नहीं मिला? भाई, इतने बड़े प्रोटेस्ट में CM के बच्चे मौजूद हों और कोई नजर न आए? वो शायद 'इनविजिबिलिटी क्लोक' पहनकर गए होंगे! या फिर ये भी 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' वाला मामला है? जब बयान देने की बारी आती है तो बच्चे आगे, जब सबूत देने की बारी आती है तो... 'चुप्पी'। अब जनता भी पूछ रही है - सर, वीडियो कहाँ है? या फिर ये भी "वायरल होने लायक" नहीं था? 🤣🤣
sumit kalra68,195 Aufrufe • vor 2 Monaten
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कर्म का हिसाब कभी-कभी बहुत अप्रत्याशित ढंग से लौटता है। दशकों तक दूसरों के संघर्ष, युद्ध और अस्थिरता पर उपदेश देने वाली ताकतों को जब वही असुरक्षा अपने दरवाज़े पर दिखाई देती है, तब रणनीति की सारी अकड़ चिंता में बदल जाती है। सऊदी की शाही जीवनशैली और उसके विशाल शाही परिवार की चर्चाएँ दुनिया भर में होती रही हैं। सोशल मीडिया पर तो “एक हज़ार रानियों” तक के दावे भी घूमते हैं। अब ज़रा कल्पना कीजिए... जिन्हें दशकों तक सुरक्षा, संपन्नता और सत्ता का अभेद्य कवच मिला हो, उनके लिए सीमा के पास बढ़ती अस्थिरता कितनी बड़ी चिंता बन सकती है। यमन की जटिल स्थिति हो या खाड़ी की सुरक्षा, असली सवाल यह है: क्या शक्ति केवल हथियारों से आती है, या स्थिरता और दूरदर्शी नीति से भी? युद्ध की आग जब दूर होती है तो रणनीति लगती है, लेकिन वही आग सीमा के करीब पहुँचे तो हर गणित बदल जाता है। इसलिए दूसरों के संकट को तमाशा समझने वालों के लिए एक पुरानी सीख है: कर्म का रिटर्न टिकट कभी रद्द नहीं होता। आज किसी और की बेचैनी पर हँसने से पहले याद रखिए, भू-राजनीति में स्थायी विजेता नहीं होते, केवल बदलते हुए समीकरण होते हैं। बाकी... हल्ला सबकी जान, अमन और इज़्ज़त की हिफाज़त करे। 🙏 #Karma #MiddleEast #SaudiArabia #Yemen
sumit kalra12,293 Aufrufe • vor 10 Tagen

वीडियो देखो। मूसलाधार बारिश। सड़क पर पानी भरा है। और एक जवान... अकेला... बंदूक लेकर खड़ा है। ना छाता, ना शिकायत। सिर्फ ड्यूटी। और उधर कल एक पर्यटक भैंस जैसी महिला ने उसी तरह की चेकपोस्ट पर सुरक्षा कर्मियों से बहस की। कहा - "हम Gen Z हैं, बर्दाश्त नहीं करेंगे" और धरना दे दिया। रुको। और सोचो। Gen Z कौन है? क्या Gen Z वो है जो 2 मिनट चेकिंग में बहस करे? या Gen Z वो है जो -40 डिग्री में, बारिश में, धूप में, परिवार छोड़कर, घर छोड़कर बॉर्डर पर खड़ा हो? जो जवान इस वीडियो में दिख रहा है ना, वही असली Gen Z है। वो शिकायत नहीं करता। वो बहस नहीं करता। वो बस खड़ा रहता है। ताकि तुम बेफिक्र घूम सको। पर्यटक होने का मतलब ये नहीं कि नियम तोड़ दो। फोटो खींचने का मतलब ये नहीं कि जवान से बदतमीजी करो। लद्दाख हमारा है। घूमो, एन्जॉय करो। पर वहां खड़े जवान का सम्मान करना सीखो। वो तुम्हारी "एटीट्यूड" बर्दाश्त करने के लिए नहीं खड़ा। वो देश की सुरक्षा के लिए खड़ा है। "हम Gen Z हैं" - ये लाइन गर्व से बोलो। पर बोलने से पहले उन जवानों को देखो जो सच में Gen Z वाली हिम्मत दिखा रहे हैं। सलाम है उन सभी जवानों को 🙏🇮🇳 जो बिना शिकायत, बिना थके, हर मौसम में हमारे लिए खड़े हैं। इस पोस्ट को शेयर करो ताकि हर "टूरिस्ट" तक ये बात पहुंचे।
sumit kalra36,720 Aufrufe • vor 1 Monat

मोदीजी ,बस इसी तरह आपकी सरकार व दिल्ली पुलिस का मजाक उड़ेगा क्योंकि आप काम ही ऐसे कर रहे हो
sumit kalra20,367 Aufrufe • vor 19 Tagen

इसे तो पूरे देश में हर व्यक्ति को भेजना चाहिए 🙏 Excellent. Make it viral . 🙏🙏🙏
sumit kalra27,166 Aufrufe • vor 26 Tagen

राहुल गांधी को इसलिए प्रधानमंत्री बनना चाहिए, और एकमात्र राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री बनने के योग्य हैं, क्योंकि वह प्रधानमंत्री के घर में पैदा हुए हैं। जिंदगी के 25 साल उन्होंने प्रधानमंत्री के घर में गुजारे हैं! राहुल गांधी शहजादे हैं, चाँदी का चम्मच मुँह में लेकर पैदा हुए हैं। उन्हें प्रधानमंत्री पद मिलना ही चाहिए, क्योंकि यह उनका जन्मसिद्ध अधिकार है...! ::- मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ऐसे-ऐसे चाटुकार लोग ही वर्तमान समय में तरक्की करते हैं...! बस चाटते रहो, चाटते रहो...!
sumit kalra18,087 Aufrufe • vor 27 Tagen

एक पूर्व RBI गवर्नर का बयान है: “आप सुपरपावर क्यों बनना चाहते हो?” 🙄 तो फिर आप RBI गवर्नर क्यों बने? किसी बैंक में क्लर्क की नौकरी कर लेते! 😏 यही सवाल आज भी प्रासंगिक है। क्या भारत को वैश्विक शक्ति बनते देखना कुछ लोगों को असहज करता है? आरोप लगाए जाते रहे हैं कि भारत की तेज़ी से बढ़ती ताकत से चिंतित बाहरी ताकतें और उनके हित जुड़े समूह ऐसे नैरेटिव को बढ़ावा देते हैं, जिसका अंतिम उद्देश्य भारत की वैश्विक आवाज़ और प्रभाव को कमजोर करना है। भारत को विकसित और शक्तिशाली बनाने की कोशिशों का विरोध सिर्फ राजनीतिक बहस नहीं है। सवाल सीधा है: भारत को आगे बढ़ता देखना है या हमेशा उसे रोकने वाली मानसिकता को ही आगे रखना है? 🇮🇳
sumit kalra12,546 Aufrufe • vor 20 Tagen