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Sumit Chauhan

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Founding Editor @TheNewsBeak & @TheShudra. Ex- ABP News, Zee News, India News & News Nation. Alumnus @IIMC_India. Jai Bhim - Jai Bharat

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तंत्र-मंत्र सब फेल हो गया। दूसरों को मंत्रों से ठीक करने का दावा करने वाला बागेश्वर बाबा ख़ुद बीमार हुआ तो डॉक्टरों का मज़मा लगा लिया। ख़ुद विज्ञान की शरण में हैं लेकिन जनता को मूर्ख बनाते हैं।

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तंत्र-मंत्र सब फेल हो गया। दूसरों को मंत्रों से ठीक करने का दावा करने वाला बागेश्वर बाबा ख़ुद बीमार हुआ तो डॉक्टरों का मज़मा लगा लिया। ख़ुद विज्ञान की शरण में हैं लेकिन जनता को मूर्ख बनाते हैं।

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UGC मामले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर दलित-बहुजन समाज का प्रदर्शन। यूजीसी नियमों की बहाली की माँग।

UGC मामले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर दलित-बहुजन समाज का प्रदर्शन। यूजीसी नियमों की बहाली की माँग।

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अभी-अभी : दिल्ली पुलिस ने Dr Ritu Singh के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लिया। Chandra Shekhar Aazad, Mehmood Pracha, Himanshu Valmiki और डॉ ऋतु समेत बड़ी संख्या में लोगों को पुलिस बस में भरकर ले गई। #JusticeForDrRituSingh

अभी-अभी : दिल्ली पुलिस ने Dr Ritu Singh के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लिया। Chandra Shekhar Aazad, Mehmood Pracha, Himanshu Valmiki और डॉ ऋतु समेत बड़ी संख्या में लोगों को पुलिस बस में भरकर ले गई। #JusticeForDrRituSingh

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अशोक विजयदशमी की शुभकामनाएँ अशोक विजयदशमी केवल विजय का पर्व नहीं, बल्कि अन्याय और हिंसा पर करुणा और धम्म की जीत का प्रतीक है। सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध की विभीषिका देखकर हिंसा का त्याग किया और धम्म का मार्ग अपनाया। उनकी यह ऐतिहासिक विजय मानवता की सबसे बड़ी जीत थी। सदियों बाद, इसी दिन 14 अक्टूबर 1956 को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा लेकर धम्मचक्र प्रवर्तन किया। इसने शोषण और असमानता पर आधारित व्यवस्था को गहरी चुनौती दी और समाज को समता, न्याय और बंधुत्व के रास्ते पर आगे बढ़ाया। अशोक विजयदशमी हमें याद दिलाती है कि असली विजय तलवार से नहीं, बल्कि विचार और करुणा से होती है। यही विजय धम्म की विजय है। जय भीम। नमो बुद्धाय।

अशोक विजयदशमी की शुभकामनाएँ अशोक विजयदशमी केवल विजय का पर्व नहीं, बल्कि अन्याय और हिंसा पर करुणा और धम्म की जीत का प्रतीक है। सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध की विभीषिका देखकर हिंसा का त्याग किया और धम्म का मार्ग अपनाया। उनकी यह ऐतिहासिक विजय मानवता की सबसे बड़ी जीत थी। सदियों बाद, इसी दिन 14 अक्टूबर 1956 को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा लेकर धम्मचक्र प्रवर्तन किया। इसने शोषण और असमानता पर आधारित व्यवस्था को गहरी चुनौती दी और समाज को समता, न्याय और बंधुत्व के रास्ते पर आगे बढ़ाया। अशोक विजयदशमी हमें याद दिलाती है कि असली विजय तलवार से नहीं, बल्कि विचार और करुणा से होती है। यही विजय धम्म की विजय है। जय भीम। नमो बुद्धाय।

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Jai Bhim from Statue of Liberty 💙

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मूत्रकांड : ज़रा सोचिए संविधान के दौर में ये लोग ऐसी सोच रखते हैं, तब क्या हाल रहा होगा जब मनुस्मृति का राज था?

मूत्रकांड : ज़रा सोचिए संविधान के दौर में ये लोग ऐसी सोच रखते हैं, तब क्या हाल रहा होगा जब मनुस्मृति का राज था?

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अभी अभी दिल्ली पुलिस ने Dr Ritu Singh और उनके साथियों को धरना स्थल से जबरन उठा दिया। ये दूसरी बार है, आज सुबह भी धरना ज़बरदस्ती हटाया गया था। पुलिस ऋतु और उनके साथियों को बस में भरकर ले गई।

अभी अभी दिल्ली पुलिस ने Dr Ritu Singh और उनके साथियों को धरना स्थल से जबरन उठा दिया। ये दूसरी बार है, आज सुबह भी धरना ज़बरदस्ती हटाया गया था। पुलिस ऋतु और उनके साथियों को बस में भरकर ले गई।

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हमारे लिए किसी भी भगवान से बढ़कर हैं बाबा साहब डॉ अंबेडकर 💙

हमारे लिए किसी भी भगवान से बढ़कर हैं बाबा साहब डॉ अंबेडकर 💙

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सवर्णों की हिप्पोक्रेसी देखिए आरक्षण को गंदी-गंदी गालियां देने वाले पत्रकार उत्कर्ष सिंह ने EWS का सर्टिफिकेट बनवाकर रिज़र्वेशन ले लिया और UPSC के ज़रिए IIS यानी इंडियन इंफोर्मेशन सर्विसेज़ में रैंक वन ऑफिसर बन बैठा। जो आदमी कॉलेज से लेकर दफ्तर तक में आरक्षण को गाली देता था, दलितों को मुफ्त की मलाई खाने वाला कहता था, वो खुद सुदामा कोटे की मलाई खा गया। ABP न्यूज़ और दैनिक भास्कर जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में लाखों रुपये के सैलरी पैकेज़ के बाद भी ये गरीब बन गया और IIS की नौकरी हड़प ली। क्या ये हिप्पोक्रेसी नहीं है? क्या इस दोगलेपन पर कोई नहीं बोलेगा? जल्द The News Beak पर विस्तृत रिपोर्ट आ रही है।

Sumit Chauhan

126,755 просмотров • 9 месяцев назад