
Mahendra Singh Taratra
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श्री क्षत्रिय युवक संघ का स्वयंसेवक।
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राजपूतों का जितना बड़ा नुकसान शराब ने किया है उतना शायद ही किसी और ने किया हो। हमारा सबसे बड़ा कोई दुश्मन है तो वो शराब है और हम इस दुश्मन के ही महिमा मंडन में मरे जा रहे है। जागीरे गई ,राज गया वो तो पुरानी हुई अब पी पी करके क्यों बर्बाद हुए जा रहे हो। अब कोई युद्ध भी तो नहीं है फिर भी मौतें हो रही, कारण शराब। विधवाओं से घर भरे पड़े है और गांव के गांव मर्दों से खाली हो गए है। शराब को हमारे अस्तित्व से इस तरह जोड़ दिया गया है कि शराब न पीए वो कैसा राजपूत । शादी ब्याह आदि अवसर पर अनावश्यक खर्चे घटाने की बजाय बढ़ाए जा रहे है और उस सब का केंद्र शराब और रात वाली पार्टी। वो पार्टी हमारे युवाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर का काम करती है, वहां से वो भी इसकी चकचौंध देख आकर्षित होते है। मतलब हमने पूरी व्यवस्था कर रखी है पीढ़ियां बर्बाद करने की। कोई बाप ये नहीं चाहता कि उसका बेटा या दामाद शराबी हो पर उसी बाप को अपने बेटे की बारात में शराब चाहिए ही चाहिए। इसलिए अब भी वक्त है ठाकरों, इस दुश्मन को पहचानो और इससे दूरी बनाओ। अन्य जातियां भी जो राजपूतों की देखा देखी इन रात वाली पार्टियों की तरफ बड़ी ललचाई नज़रों से देखती है न वो सावधान रहे, बहुत गहरे दलदल में फंसने जा रहे हो आप।
Mahendra Singh Taratra196,475 просмотров • 1 год назад

प्रसिद्ध लेखिका, पद्मश्री से सम्मानित, सांसद और विधायक रही रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत जी बता रही है कि तथाकथित ग्रेट मराठा ने मेवाड़ और राजस्थान को किस तरह लूटा। गायों के छाने (गोबर के उपले) तक ले जाते थे। राजस्थान को मुगलों से अधिक इन मराठों ने लूटा। ये मूलतः लुटेरे ही थे। फिर भी मराठे महान है राजपूत क्रूर और अत्याचारी। इस देश को कितना गलत पढ़ाया और बताया गया। खैर धीरे धीरे सब झूठे narratives बिखेरे जाएंगे।
Mahendra Singh Taratra58,097 просмотров • 1 год назад

इससे दर्दनाक क्या दृश्य होगा...दो दिन पहले इसी अस्पताल में पुरुष नर्सिंग कर्मी महिलाओं से छेड़छाड़ करता पकड़ा गया, आज फिर एक महिला की मृत्यु हो गई है। चिकित्सकों पर परिजनों द्वारा लापरवाही का आरोप लगाया गया है। ये ठीक बात है कि डॉक्टर की कोई दुश्मनी नहीं है कि जान कर कुछ करे, पर कहीं न कहीं लापरवाही की घटनाएं हम देखते ही रहते है। #Barmer #hospital
Mahendra Singh Taratra56,554 просмотров • 1 год назад

प्रथम चरण के मतदान के बाद नेशनल मीडिया और सोशल मीडिया के बड़े बड़े हैंडल्स द्वारा राजपूतों की नाराज़गी की चर्चा है। साफ तौर पर कहा जा रहा है राजपूतों की नाराज़गी भाजपा को भारी पड़ेगी। ये सब हमारी एकजुटता और राजनीतिक समझ के कारण संभव हुआ है। ऐसे में ये प्रश्न बड़ा स्वाभाविक तौर पर उभरता है कि विरोध के बावजूद परिणाम हमारे अनुकूल न आए तो क्या होगा ? इसके लिए हमें भगवद गीता की ओर देखना चाहिए जिसमे परिणामों की परवाह किए बिना अपने कर्तव्य करने की बात कही गई है।
Mahendra Singh Taratra27,559 просмотров • 2 лет назад

घोर जातिवादी नाथी के बाड़े वाला व्यक्ति जाट पंचायत में खुले मंच से कहता है जाति पहले पार्टी देश बाद में, पूरे परिवार को घोटाले करके RAS बना दिया। ऐसे व्यक्ति को तमाम विरोध के बाद भी शिक्षा मंत्री बनाया और पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष भी। इस वीडियो में ये मान भी रहे है कि खून खेल किया तीन साल... अब ऐसे जातिवादी व्यक्ति के विरोध के कारण कर्नल से #RPSC सदस्य बनाकर अब इस्तीफे का दबाव बनाया जा रहा है, राजपूत ये कभी सहन नहीं करेंगे। इसका इन चुनावों में बड़ा नुकसान होगा। Ashok Gehlot Rajasthan PCC Congress Jitendra Singh Alwar Bhanwar Singh Bhati Pratap Khachariyawas Manvendra Singh
Mahendra Singh Taratra26,212 просмотров • 2 лет назад

राजस्थान,गुजरात,उत्तरप्रदेश आदि उत्तर भारत के राज्यो में भाजपा से नाराजगी जाहिर कर रहे राजपूत समाज के विद्रोह को अब IT cell वाले ये कहकर नकार रहे है कि ये ट्विटर आदि पर विरोध करने वाले राजपूत नहीं है fake ID's है। तो विरोध केवल सोशल मीडिया पर ही नहीं है गुजरात,राजस्थान, उत्तरप्रदेश में धरातल पर विद्रोह की आंच को अच्छे से महसूस किया जा सकता है। BJP को इस नाराजगी की उपेक्षा करने की बजाय गहराई से सोचना चाहिए कि आखिर राजपूत नाराज़ क्यों है ?
Mahendra Singh Taratra23,062 просмотров • 2 лет назад

इतिहास विकृतिकरण पर एक ईमानदार बात। ये "महापुरुष वितरण योजना" अब बंद कीजिए।
Mahendra Singh Taratra19,176 просмотров • 2 лет назад

इतिहास से हमारा रागात्मक संबंध होता है। इस से हमारी पहचान है। ऐतिहासिक इमारतें केवल पत्थर कंकर नहीं बल्कि हमारे जीवन का प्रेरणा स्त्रोत होती है। 600 वर्ष पुरानी छतरी को इस प्रकार तोड़ देना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। सरकार की धूड़ उड़ी है। #कोटा_एयरपोर्ट_सूरजमलहाड़ा_के_नाम
Mahendra Singh Taratra15,406 просмотров • 1 год назад

मारवाड़ में राठौड़ राज्य के संस्थापक राव सीहाजी से राव रणमल जी तक लगातार 13 पीढ़ियां युद्ध में काम आई। इसीलिए राठौड़ो को "रणबंका राठौड़" कहा गया। ऐसा नहीं था कि राजा महलों में बैठे है और सेना लड़ रही है। राजा युद्ध का नेतृत्व करते थे, आगे होकर लड़ते थे, सेना का मनोबल बढ़ाते थे। राज्य और देश के लिए पीढ़ियां होम देने के बाद भी आज पूछा जाता है कि राजपूतों ने किया ही क्या ? चुन चुन के बुराइयों और कमजोरियों को ही प्रचारित किया जाता है, उनके त्याग,बलिदान और उपलब्धियों की चर्चा नहीं की जाती। video credit :- Anirudh D. Bharatpur
Mahendra Singh Taratra12,072 просмотров • 1 год назад
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