
गहड़वाल साहब
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(जय श्रीराम, नमो बुध्दाय, जय जिनेन्द्र)🙏❤️
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सिवान के “संतोष सिंह” के लिए संवेदना, लेकिन उनके कृत्य सजा के योग्य है. आज संतोष सिंह के प्रति ब्राम्हण व अन्य सवर्णों कि आवाज देखकर आंखो में आश्रू आ गये मेरे.. क्या यह क्षत्रियों के लिए आवाज उठा रहे..? फिर उसी बिहार में जब मधुबनी व मलमलिया में जब ब्राम्हण व भूमिहार सवर्णों ने क्षत्रियों का घरों में घुसकर, सड़कों को पकड़ पकड़ कर न’रसंहार किया था, तब आपकी संवेदनाएं कह थी ..? कितने सवर्णों ने मधुबनी के अ’पराधी “पंडित प्रवीण झा” व “पंडित चंदन झा” के एनकाउंटर कि मांग किए थे ..? कितने सवर्णों ने मलमलिया के अ’पराधी भूमिहार शत्रुघ्न सिंह के खिलाफ कार्रवाई कि मांग किया था ? जब मलमलिया व मधुबनी में त’लवार, फ’रशे व बं’दूको से कई क्षत्रियों का न’रसंहार हुआ था, तब अगर पीड़ीत क्षत्रिय परिवार के प्रति संवेदना रखकर उन अ’पराधियों के खिलाफ कार्रवाई कि मांग किए होते तो आपकी उदारता समझ में आता, लेकिन उस समय सभी सवर्ण मौन थे, मुख समर्थन कर रहे थे | स्वजातिय का बचाव कर रहे थे, आज हिंसक दलित वर्ग से हैं तो आज आपकी संवेदनाएं जाग गयी है, क्षत्रियों से अधिक आप आवाज उठा रहे...खैर सिर्फ सवर्ण नहीं कुछ सपा व राजद के OBC लठैत भी आवाज उठा रहे हैं... सच्चाई यह है का न ही सवर्णों को संतोष सिंह के प्रति संवेदना है और न ही लठैतों को... यह सिर्फ क्षत्रियों व दलितों को आपस में चढ़ाकर लड़ाने कि प्रोपेगेंडा है, कुछ राजनैतिक रुप से गोटीया सेट कर रहे कुछ सामाजिक.... ऐसे बुद्धिजीवियों के उकसाने में कोई क्षत्रिय आकर दलित समाज व बाबा साहब के प्रति कुछ भी अमर्यादित बयानबाजी या कृत्य मत करना.. वरना कैरियर खराब हो जाएगा और जातिय संघर्ष बढ़ जाएगा...बस तथाकथित सवर्णों व लठैतों का सपना पूरा हो जाएगा... शेष अगले लेख में .....
गहड़वाल साहब112,944 次观看 • 1 个月前
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आतंक का पर्याय था श्रीप्रकाश शुक्ला... • भूमिहार श्रीप्रकाश शुक्ला अपने ही करीबी, राईट हैंड आनंद पाण्डेय कि बहन से संबंध रखता था.. • कल राजेश पाण्डेय कि पुस्तक में हम लोगों ने पढ़ा कि उसका विधायक पवन पाण्डेय कि पत्नी से संबंध था | • पुर्वांचल के कद्दावर स्वजातिय नेता कि बेटी के साथ भी संबंध था, सुनने में आता है, लोग बताते हैं कि जबरदस्ती रख लिया था.... यही मुख्य वजह था उसकी अंत का...... स्वजातिय दबंग नेता जी ने ठिकाने लगवा दिया और नैरेटिव गढ़ा गया कि 6 करोड़ में मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जी कि सुपारी लिया था उसने इसलिए STF ने मा’र दिया | • कुल मिलाकर श्रीप्रकाश शुक्ला का अपने स्वजातियों का गैंग था और वह अपने स्वजातिय, अपने ही मित्र, अपने ही गुरु व बड़े के घर पर बुरी नजर रखता था.... “ किसी कि बीबी, किसी कि बहन, किसी कि बेटी”..... कुल मिलाकर वह पुरा र........... था....😐 समझ में नहीं आता ऐसे लोगों के भी समर्थक होते हैं , जाति देखकर समर्थन करने वाले ✊💦
गहड़वाल साहब24,694 次观看 • 1 个月前

प्रतापगढ़ के सिंधौर गांव के निवासी “सौरभ विश्वकर्मा” की पीट पीटकर ह’त्या दिया गया… ह’त्यारे : 1. अवधेश तिवारी — (ब्राम्हण) 2. सौरभ तिवारी — (ब्राम्हण) 3. मिंटू उपाध्याय — (ब्राम्हण) प्रशासन ने तीनों अपराधी को भी पकड़ लिया है, परिवार दाह संस्कार करने से किया मना, बोला मांग पुरी होने पर ही दाह संस्कार करेंगे | • परिजनों ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई, • उनके सरकारी सस्ते गल्ले के लाइसेंस निरस्त करने, •मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने और 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। • इसके साथ ही परिवार ने एक शस्त्र लाइसेंस देने की भी मांग रखी है।
गहड़वाल साहब24,800 次观看 • 1 个月前

शेष....पार्ट 02... जैसा पहले ही लिखा कि, संतोष सिंह ने बाबा साहब व दलित समाज के खिलाफ गलत टिप्पणी किया, उनको सजा मिलना चाहिए.. संवैधानिक दायरे में कानूनी कार्यवाही किया जाए, लेकिन उनके साथ जो अमानवीय कृत्य (गुंडई) किया गया क्या वह संवैधानिक था..? माना, संतोष सिंह “मनुवादी” होंगे या पंडा पाखंड को मानते होंगे, उन्होंने असंवैधानिक बयांन दिया, उनको सजा मिलना चाहिए... • लेकिन आप (भीम आर्मी के गुं’डे व इस कृत्य के समर्थक) तो संवैधानिक है ना...? • संतोष सिंह बाबा साहब के विचारों को नहीं मानते आप (भीम आर्मी कार्यकर्ता) तो बाबा साहब व उनके विचारों को मानते हैं ना ..? • संतोष सिंह संविधान में विश्वास नहीं रखते, आप तो बाबा साहब के संविधान को मानते हैं व उनका सम्मान करते हैं ? • भीम आर्मी के उन कार्यकर्ताओं व उनके दलित समर्थकों से प्रश्न .... • क्या आप सच में आप संवैधानिक है ? • क्या आप सच में संविधान व संवैधानिक मापदंडों का सम्मान करते हैं ? • क्या आप सच में बाबा साहब के विचारों का अनुपालन करते हैं ? • क्या आप सच में संवैधानिक दायरे में रहते हैं ? सच्चाई यह है कि यह जो कृत्य संतोष सिंह के साथ हुआ यह अमानवीय है, असंवैधानिक है, बाबा साहब के विचारों के विपरित है, बसपा व बहन मायावती जी के विचारों के विपरित है.. इसलिए प्रबुद्ध दलित जनों को भी इस वीभत्स घटना का विरोध करना चाहिए, और भीम आर्मी के उन गुं’डो के खिलाफ कार्रवाई कि मांग करना चाहिए | Note — भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ता व अन्य वह लोग जो इस कृत्य का खुलकर समर्थन करते हैं, उनसे एक प्रश्न :— • अगर कल कोई दलित समाज का व्यक्ति यदि सवर्ण समाज या OBC समाज पर या आराध्य देवी देवताओं या किसी महापुरुष पर इस प्रकार का टिप्पणी करता है... उस स्थिति में क्या उस दलित के साथ भी इसी प्रकार का व्यवहार किया जाए, उसका भी अर्धनगन अवस्था में जुलूस निकाला जाए, और उनकी माता व बहन पर टिप्पणी किया जाए ..? क्या इस कृत्य का आप उस समय समर्थन करेंगे ? या सामंतवादी या मनुवादी बताकर उसका विरोध करेंगे ? •••••••••••••••••••••••••••√•••••••••••••••••• • सभ्य समाज में संतोष सिंह व भीम आर्मी के उन (जुलुस निकालने वाले) गुं’डो के कृत्य स्वीकार नहीं है |
गहड़वाल साहब11,959 次观看 • 1 个月前
