
Abhishek Kumar Kushwaha
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National Secretary And Spokesperson of Adiguru Shankaracharya Gurukul, Social Activist, Political Commentator, (Grandson of Freedom Fighter) Son of Farmer🌾
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अंजना ओम कश्यप या मीडिया का विरोध या समर्थन अपनी जगह.! लेकिन दिल पर हाथ रखकर सोचिए ये एक शिक्षक की भाषा है या लफंगों वाली? फैजल ख़ान अपने घर की महिलाओं के लिए ऐसी शब्दावली का उपयोग कर सकते हैं क्या? ये आदमी कॉमेडी करने के चक्कर में शिक्षकों की गरिमा को तार-तार कर रहा है।
Abhishek Kumar Kushwaha11,339 次观看 • 4 天前
0:52
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The reason why we stand with Israel will be clearly seen in this video, There is no humanity in Hamas organization and the people of Gaza, they do not want to live in peace, their work has become only to kill innocent people. #IsraelPalestineWar #IStandWithIsrael 🇮🇱
Abhishek Kumar Kushwaha390,893 次观看 • 2 年前
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ये महिला मधु सिंह है, बच्चों को सरकारी नौकरी की तैयारी करवाती है। वीडियो क्लास में ये अजीब तरीके से अपने वस्त्रों का चयन करती है। क्योंकि इनका चेंनल नया है, तो यह ज्यादा व्यूज पाने के लिए अश्लीलता का सहारा अपनाती है। क्या ऐसे लोगो ने शिक्षकों को कलंकित नही किया है। इनके YouTube चेंनल पर अब लाखो व्यूज आ रहे हैं। आपका क्या कहना है ??
Abhishek Kumar Kushwaha221,342 次观看 • 2 年前
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NSA अजीत डोभाल सच जानते थे... उन्होंने तब तक इंतज़ार किया, जब तक भारत के पक्ष में एक सरकार सत्ता में नहीं आ गई 🔥 > पाकिस्तान करोड़ों रुपये का नकली इंडियन करेंसी रैकेट चला रहा था। > बेसमेंट में नहीं छपी... बल्कि असली इंडियन करेंसी प्लेट्स का इस्तेमाल कर रही थी। > और सबसे बड़ा झटका? > वे प्लेट्स भारत के अंदर से बेची जा रही थीं... सत्ता में बैठे एक सीनियर मंत्री द्वारा। > जब अजीत डोभाल को इसका पता चला, तो उन्होंने कहा: “कभी कोई सरकार आएगी जिसको देश की चिंता होगी… तब कुछ करेंगे।” > क्योंकि उस राज में, काम करने का मतलब पॉलिटिकल सुसाइड था। > इसलिए उन्होंने इंतज़ार किया... साल बीत गए। > नेटवर्क भारत में नकली नोट भेजता रहा। > टेरर फंडिंग फली-फूली... ब्लैक मनी बढ़ी। > और पाकिस्तान हंसा। 📌 फिर 2014 आया। > एक राष्ट्रवादी सरकार सत्ता में आई। > और 2016 में, एक फैसले ने पूरे इकोसिस्टम को तोड़ दिया। > नोटबंदी का टारगेट सिर्फ़ ब्लैक मनी नहीं था। > इसने रातों-रात पाकिस्तान के नकली करेंसी नेटवर्क पर रोक लगा दी। > बेकार नोटों के गोदाम... टेरर फंडिंग खत्म हो गई। > हवाला चेन खत्म हो गईं। > पाकिस्तान की अंडरग्राउंड इकॉनमी को सीधा झटका लगा। यह कोई अचानक लिया गया इकॉनमिक कदम नहीं था... यह नेशनल सिक्योरिटी पर हमला था... बिना गोली चलाए। जो लोग चिल्लाते हैं “असुविधा का क्या?”, वे कभी नहीं पूछते: 👉 दशकों तक इस रैकेट को किसने बचाया? 👉 प्लेटें किसने बेचीं? 👉 चुप्पी से किसे फ़ायदा हुआ? उन लोगों को कभी मत भूलना, जिन्होंने इस फ़ैसले का विरोध किया..✋
Abhishek Kumar Kushwaha16,602 次观看 • 5 个月前
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