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मुज़फ्फरनगर में एक मुस्लिम फूड ब्लॉगर को सिर्फ इसलिए जेल भेज दिया गया क्योंकि उसके नॉनवेज फूड रिव्यू वीडियो में शिव चौक की प्रतिमा और तिरंगा कुछ सेकंड के लिए दिखाई दे गए। अनस अहमद नाम के इस ब्लॉगर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया, जबकि वीडियो में न तो किसी धर्म के खिलाफ टिप्पणी थी और न ही कोई भड़काऊ बात। विवाद बढ़ने के बाद अनस ने माफी भी मांगी और कहा कि उसका किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। बावजूद इसके पुलिस ने BNS की धारा 170 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या भीड़ के दबाव में बिना किसी स्पष्ट अपराध के किसी को जेल भेज देना ही नया कानून बन गया है?
Observer Post Hindi49,560 görüntüleme • 2 ay önce

सूरत के नासिर नगर में सैकड़ों मुस्लिम परिवारों के घरों पर हुई रहस्यमयी तोड़फोड़ ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी पुलिस बल और मशीनों की मौजूदगी में 100 से अधिक घरों को ध्वस्त कर दिया गया, लेकिन अब नगर निगम, पुलिस और जनप्रतिनिधि सभी इस कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि बिना उचित नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के उन्हें बेघर कर दिया गया। इस बीच आरोप लग रहे हैं कि निजी निर्माण परियोजना को रास्ता देने के लिए यह कार्रवाई की गई। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन भीषण गर्मी में बेघर हुए परिवार अब भी न्याय और जवाबदेही का इंतजार कर रहे हैं।
Observer Post Hindi32,464 görüntüleme • 1 ay önce

गाज़ियाबाद के खोड़ा में सूर्य चौहान हत्याकांड के बाद घटनास्थल पर पहुंचने वाले कुछ यूट्यूबर्स और तथाकथित पत्रकारों की रिपोर्टिंग शैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनसे बार-बार उकसाने वाले सवाल पूछे जा रहे हैं और संवेदनशील माहौल को सनसनीखेज़ कंटेंट में बदला जा रहा है। क्या यह पत्रकारिता है या व्यूज़ के लिए नफ़रत का कारोबार? इसी मुद्दे पर हमारी यह खास रिपोर्ट।
Observer Post Hindi36,040 görüntüleme • 1 ay önce

भोपाल में एक मुस्लिम युवक के साथ कथित मारपीट और सार्वजनिक अपमान की घटना पर बनाई गई हमारी वीडियो को Meta ने “नए IT Rules” का हवाला देते हुए भारत में कुछ ही मिनटों में हटा दिया। सवाल यह है कि सड़क पर कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई धीमी क्यों है, लेकिन ऐसी घटनाओं को दिखाने वाली खबरों पर तुरंत रोक लग जाती है? सेंसरशिप के बावजूद हम सवाल पूछना और ज़मीनी हकीकत दिखाना जारी रखेंगे।
Observer Post Hindi41,901 görüntüleme • 2 ay önce

बरेली से 7 मुसलमान मर्दों को अचानक सादे कपड़ों में उठाया गया न कोई वॉरंट, न FIR, न गिरफ़्तारी मेमो। परिवारवालों को हफ़्तों तक नहीं पता चला कि उनके लोग कहाँ हैं। बाद में पता चला कि पुलिस की SOG ने उन्हें हिरासत में लिया है और इल्ज़ाम लगाया धर्मांतरण रैकेट का। परिजनों का कहना है कि हिरासत में उन्हें पीटा गया, बिजली के झटके दिए गए और खाली काग़ज़ों पर जबरन दस्तख़त करवाए गए। एक बीवी बताती है कि उसके शौहर ने अदालत में ज़ख़्म दिखाने चाहे, लेकिन पुलिस ने वहीं से घसीटकर ले लिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर सख़्त रुख़ अपनाया है। अदालत ने कहा अगर ये इल्ज़ाम सही हैं, तो ये संविधान के आर्टिकल 21 यानी जीवन और व्यक्तिगत आज़ादी के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट ने ADG, IG और SSP बरेली को 8 सितंबर को पेश होने का आदेश दिया है। #Bareilly #AllahabadHighCourt #ConversionCase #ObserverPost
Observer Post Hindi138,312 görüntüleme • 10 ay önce

CJP के प्रदर्शन के दौरान पहुंचे एक हिंदुत्व संगठन से जुड़े कुछ युवकों ने प्रदर्शनकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और बिना कोई सबूत पेश किए उमर खालिद तथा अन्य लोगों का नाम लेते हुए विवादित दावे किए। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं और आयोजकों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। जब आरोपों के आधार के बारे में पूछा गया, तो वे कोई ठोस प्रमाण नहीं दे सके। इस दौरान Observer Post की पत्रकार पाटेश्वरी सिंह ने उनसे विस्तार से बातचीत की और उनके आरोपों पर सवाल किए। बातचीत में युवकों ने कई दावे किए, लेकिन उनके समर्थन में कोई स्पष्ट साक्ष्य पेश नहीं किया। उल्लेखनीय है कि यह प्रदर्शन मुख्य रूप से शिक्षा और सामाजिक मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था।
Observer Post Hindi26,222 görüntüleme • 1 ay önce

श्रीनगर की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ में बोलते मीर वाइज उमर फारुख ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, उत्तर प्रदेश के संभल में 500 साल पुरानी शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान पुलिस की गोलीबारी में पाँच मुस्लिम युवक मारे गए। सर्वे का आदेश न्यायालय ने दिया था। भेदभावपूर्ण पुलिस कार्रवाई में इन युवकों की हत्या बहुत दुखद और निंदनीय है।"
Observer Post Hindi96,991 görüntüleme • 1 yıl önce
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पति ने पत्नी के हाथ-पैर बांधे, उसे और बच्चों की पेशाब पिलाई, सिर मुंडवाया, कपड़े फाड़े, पीटा और पूरी हैवानियत का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। यह किसी अपराधी गिरोह की नहीं, एक पति की करतूत है। सवाल है—क्या शक किसी महिला की गरिमा और इंसानियत छीन लेने का लाइसेंस बन सकता है? और क्या हम इसे भी 'पति-पत्नी का निजी मामला' कहकर भूल जाएंगे?
Observer Post Hindi10,687 görüntüleme • 1 ay önce

चार साल से जेल में बंद और 70 बार जमानत सुनवाई का सामना कर चुके शरजील इमाम अब बिहार की राजनीति में उतरने की तैयारी में हैं। 2019-20 में सीएए-एनआरसी विरोध का चेहरा बने शरजील पर अब तक किसी केस में दोष साबित नहीं हुआ, फिर भी वो जेल में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो किशनगंज की बहादुरगंज सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। सवाल उठ रहा है – क्या विरोध की आवाज़ उठाना अब अपराध है? क्या भारत में न्याय मिलने में देरी ही नई सज़ा बन चुकी है? #sharjeelimam #biharelection2025 #biharassemblyelections2025
Observer Post Hindi47,359 görüntüleme • 1 yıl önce

उत्तम नगर हिंसा मामले में अब एक मुस्लिम महिला का बयान सामने आया है, जो घटना की अलग तस्वीर पेश करता है। वायरल वीडियो में महिला का दावा है कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब 20 वर्षीय प्रिंस ने उस पर गंदे पानी से भरे गुब्बारे फेंके। विरोध करने पर कथित रूप से कुछ नशे में धुत लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई और मामला बड़े टकराव में बदल गया। महिला का आरोप है कि बाद की कार्रवाई में पुलिस ने उसके घर के सभी पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो में वह रोते हुए सरकार से मदद और न्याय की अपील कर रहीं हैं।
Observer Post Hindi22,964 görüntüleme • 4 ay önce

उत्तरप्रदेश के जौनपुर ज़िला अस्पताल में एक गर्भवती मुस्लिम महिला ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर ने उसकी डिलीवरी करने से इनकार कर दिया। महिला के पति अरमान का कहना है कि डॉक्टर ने न सिर्फ उनकी पत्नी शमा परवीन, बल्कि एक अन्य मुस्लिम महिला को भी चेकअप से मना कर दिया, जबकि बाकी मरीजों को देखा गया।
Observer Post Hindi37,446 görüntüleme • 9 ay önce

क्या भारत में मुसलमान होना ही गुनाह बन गया है? शर्जील इमाम और उमर खालिद जैसे कई मुस्लिम एक्टिविस्ट सालों से जेल में हैं, लेकिन अब तक पुख्ता सबूत सामने नहीं आए। बार-बार उनकी जमानत टलती है, उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा जाता है। क्या यह न्याय है या अन्याय? क्या कानून सबके लिए बराबर है या सिर्फ नाम के लिए? #JusticeForMuslims #SharjeelImam #UmarKhalid #HumanRights #ObserverPost #Afreenfatima
Observer Post Hindi28,133 görüntüleme • 11 ay önce

हैदराबाद से पांच बार के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के MPLADS फंड पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. 18वीं लोकसभा में उन्हें 9.80 करोड़ रुपये मिले, लेकिन सिर्फ 57.66 लाख खर्च दिख रहा है और एक भी काम ‘Completed’ नहीं है. वहीं 17वीं लोकसभा में 69 में से सिर्फ 8 काम पूरे दिखाए गए. क्या यह तकनीकी गड़बड़ी है, प्रशासनिक लापरवाही या जमीनी काम की कमी? इस वीडियो में हम पूरे डेटा के साथ समझाते हैं. #AsaduddinOwaisi #MPLADS #Hyderabad #Owaisi #aimim
Observer Post Hindi16,023 görüntüleme • 6 ay önce

हैदराबाद में बड़ा खुलासा हुआ है। एक हिंदू शख़्स ई.एन. रवि कुमार, जिसने अपना नाम बदलकर ‘रफ़ी’ रखा, पर आरोप है कि उसने तीन मुस्लिम कॉलेज गर्ल्स को प्यार और शादी के नाम पर फँसाया। पुलिस के मुताबिक रवि पहले मुस्लिम पहचान दिखाकर मुस्लिम लड़कियों को टारगेट करता, उनकी प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड करता और फिर ब्लैकमेल करके शादी करता। तीसरी पत्नी ने जब उत्पीड़न से तंग आकर शिकायत की तो मामला खुला। अब उसके ख़िलाफ़ धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज हो चुका है। पुलिस को शक है कि और भी मुस्लिम लड़कियाँ उसके जाल में फँसी होंगी।
Observer Post Hindi23,546 görüntüleme • 11 ay önce

उत्तर प्रदेश के कानपुर में ईद-ए-मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान लगे I Love Muhammad बैनर ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। बैनर लगाने वाले मुस्लिम युवकों पर FIR, हंगामा करने वालों पर कोई केस नहीं, पुलिस बोली – यह परंपरा के ख़िलाफ़ है. #ILoveMohammad #ILoveMuhammad
Observer Post Hindi22,425 görüntüleme • 10 ay önce