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𝐅𝐢𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥|𝐑𝐞𝐚𝐥 𝐒𝐭𝐨𝐫𝐢𝐞𝐬|𝐓𝐡𝐫𝐞𝐚𝐝 𝐏𝐨𝐬𝐭 | 𝐇𝐔𝐌𝐀𝐍𝐈𝐓𝐘 𝐈𝐒 𝐌𝐘 𝐑𝐄𝐋𝐈𝐆𝐈𝐎𝐍 | 𝐉𝐀𝐘 𝐒𝐇𝐑𝐄𝐄 𝐑𝐀𝐌🙏
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#आधुनिक विवाहों का कलेश: जहाँ ‘वफादारी’ सिर्फ़ एक पुरानी रीति है।। लेकिन ‘Wife Sharing’!🤯 एक कमरे में पत्नी द्वारा अपने पति का आदान-प्रदान या Sharing आमतौर पर खुले रिश्तों को संदर्भित करता है, जहाँ जोड़े सहमति से दूसरों के साथ जुड़ते हैं!🧐 #Modern #MaritalPlay #dynamics
THREAD MSG1,278,639 次观看 • 1 年前
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#तालिबान के शासन ने अफगान #महिलाओं को हताशा की ओर धकेल दिया है.. 😢 तालिबान के कब्जे के बाद, अफगान महिलाओं ने अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए अपनी किडनी बेचने का सहारा लिया। जब वह पैसा खत्म हो गया, तो कई महिलाओं को अपने बच्चों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा ताकि बाकी लोग भुखमरी और गरीबी से बच सकें। #Talibanwomens
LAW and RULES345,112 次观看 • 1 年前
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#पाकिस्तान में लगभग तीन महीने पहले एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल अरसलान पर महिला शिक्षकों और छात्राओं का यौन शोषण करने और छिपे हुए कैमरे की मदद से अश्लील वीडियो बनाने और उन्हें विदेश में बेचने का आरोप लगा था।.. फिर मामला दर्ज हुआ और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. #viralvideo
THREAD MSG278,482 次观看 • 1 年前

सौभाग्यशाली हैं वे जिनको प्रेम की पीड़ा पकड़ती है..!❣️ क्योंकि वे धीरे—धीरे भीतर से अमीर हो जाते हैं। प्रेम खूब काटता है; जैसे मूर्तिकार पत्थर को काटता है, छैनी लेकर, हथौड़ा लेकर लगा रहता है पत्थर पर। निश्चित ही पत्थर रोता होगा और पत्थर सोचता होगा: जो पत्थर नहीं मूर्ति बनाए जा रहे हैं, बड़े धन्यभागी हैं। मगर यह ऊपर की बात है। जिस दिन मूर्ति बन जाएगी, उस दिन पता चलेगा कि जो पत्थर मूर्ति बन गया उसमें कुछ घटा। ऐसा हुआ कि पश्चिम का एक बड़ा मूर्तिकार माइकलएंजलो एक दिन संगमरमर, पत्थर बेचने वाले की दुकान पर गया। कोई पत्थर खरीदना चाहता था—कोई मूर्ति गढ़ने के लिए। कोई पत्थर उसे जंचा नहीं। एक पत्थर सड़क के उस तरफ, दुकान की दूसरी तरफ पड़ा था किनारे पर रास्ते के; वह कई दिन से पड़ा था। माइकलएंजलो ने कहा: यह पत्थर किसका है? उस दुकानदार ने कहा: यह मेरा ही है; लेकिन यह इतना अनगढ़ है कि इसे कोई लेता भी नहीं। वर्षों हम इसको रखे रहे, जगह ही घेरे था; हमने इसे फेंक दिया। इसमें तुम्हारी उत्सुकता है, इसे तुम मुफ्त में ले जा सकते हो। हम चाहते हैं जगह खाली हो। माइकलएंजलो वह पत्थर ले गया। उसने उस पर तीन साल मेहनत की। उसमें उसने मरियम और जीसस को उभारा। कुछ दिन पहले तुमने अखबारों में खबर पढ़ी होगी कि एक पागल आदमी ने वैटिकन के चर्च में जाकर जीसस की एक मूर्ति तोड़ दी थी। वह वही मूर्ति थी। वह दुनिया की सर्वाधिक सुंदर मूर्ति थी। मरियम—जीसस की मां—बैठी है; उसकी आंख से आंसू टपक रहे हैं, क्योंकि बेटे को सूली लग गई है। और जीसस सूली से उतारे गए हैं। वह लाश लिए बैठी है। वह अपूर्व मूर्ति थी। जब तीन साल बाद उस संगमरमर के दुकानदार ने वह मूर्ति देखी तो उसे विश्वास भी नहीं आया कि यह, उस पत्थर से यह मूर्ति निकल ही नहीं सकती, तुम मुझे धोखा दे रहे हो! उस पत्थर में यह मूर्ति हो ही नहीं सकती। और तुम्हें कैसे दिखाई पड़ा? वह अनगढ़ बेकार सा पत्थर जिसे कोई खरीदने को राजी नहीं था, न मालूम कितने मूर्तिकार इनकार कर चुके थे, तुम्हें उसमें कैसे कुछ दिखाई पड़ा? माइकलएंजलो ने कहा: इसमें मेरा कुछ भी हाथ नहीं। जब मैं वहां से निकलता था तो मरियम ने मुझे, जीसस ने मुझे पुकारा, कि देखो हम यहां छिपे पड़े हैं, हमें मुक्त करो। यह बात बड़ी प्यारी है कि माइकलएंजलो कहता है कि मूर्ति मैंने बनाई नहीं; वह तो मूर्ति में जो छिपा था, उसने मुझे पुकारा कि मुझे मुक्त करो! तो मैंने कुछ किया नहीं है; व्यर्थ जो पत्थर इसके चारों तरफ जुड़े थे, उन्हें छांट कर अलग कर दिया है, बस। मूर्ति तो थी ही; प्रकट हो गई है। प्रेम ऐसे ही निखारता है, जैसे मूर्तिकार छैनी लेकर पत्थर को काटता है। पीड़ा बहुत होती है। लेकिन पीड़ा धन्यभाग है। क्योंकि धीरे—धीरे तुम्हारी मूर्ति निर्मित होती है। भक्त भगवान की पीड़ा में जितना जलता है उतना ही भगवान के करीब होने लगता है। एक दिन वह घड़ी आती है कि भक्त तो विलीन हो जाता है, भगवान ही शेष रह जाता है। भक्त तो अनगढ़ पत्थर था; जब मूर्ति उघड़ आती है तो भगवान ही रह जाता है। तुम सभी ऐसे पत्थर हो जिनके पीछे भगवान छिपा है। माइकलएंजलो उस पत्थर को उठा कर ले गया था। तुम्हारे भीतर जो छिपा है वह मुझे पुकारता है—उसी की आशा से कि शायद कुछ संभावना है। चोट करनी होगी निश्चित। खार फैला के बागे हस्ती में गुंचाओ गुल खिलाए जाते हैं बिजलियां गिर रही हैं हम पे इधर वो उधर मुस्कुराए जाते हैं। और पीड़ा बहुत होती है भक्त को कि हम यहां मुश्किल में पड़े हैं, और तुम वहां खड़े मुस्कुरा रहे हो—आकाशों में, बादलों पर सवार, चांदत्तारों में बैठे! तुम वहां मुस्कुरा रहे हो; यहां हम पीड़ा से जले जा रहे हैं! लेकिन परमात्मा मुस्कुराता है, जब कोई प्रेम से जलता है।; तुम्हें भविष्य पता नहीं है। जब कोई बीज टूटता है तो बीज को कैसे पता हो कि वृक्ष पैदा होगा और हजारों फूल लगेंगे और पक्षी इस पर बसेरा करेंगे और घोंसले बनाएंगे और यात्री मेरी छाया में विश्राम करेंगे। बीज जब टूटता है तो बीज को कैसे पता हो! यह तो माली जो बैठा है किनारे और मुस्कुरा रहा है उसको पता है कि टूटो, जल्दी टूटो! यह तो गुरु को पता होता है कि शिष्य जब टूट रहा है, नष्ट हो रहा है तो अपूर्व घट रहा है। शिष्य तो तड़फता है, परेशान होता है। वह तो सोचता है यह किस झंझट में पड़ गए। पहले ही भले—चंगे थे। सब ठीक तो था, जैसा था ठीक था। न कोई बड़ी आकांक्षा थी, न कोई बड़ी पीड़ा थी। बड़ी आकांक्षा के साथ बड़ी पीड़ा आती है। और परमात्मा सबसे बड़ी आकांक्षा है। इसलिए प्रेम के साथ सबसे बड़ी पीड़ा आती है। जो उस पीड़ा को झेलने को तैयार हैं वे ही केवल चल पाते हैं। #womeninmaledominatedfields
𝗦𝗰𝗿𝗶𝗽𝘁 𝗦𝗼𝗰𝗶𝗲𝘁𝘆137,911 次观看 • 1 年前
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मुख्य मांगें:📍 ∆UPSI भर्ती परीक्षा 2025-26 के DV/PST परिणाम के साथ ही सभी अभ्यर्थियों का व्यक्तिगत स्कोरकार्ड जारी किया जाए। ∆विभाग में रिक्त पदों को देखते हुए कम से कम 2000 पद बढ़ाए जाएं। Yogi Adityanath Uttar Pradesh Police Recruitment & Promotion Board Yogi Adityanath Office #UPSI_INCREASE_2000_POST #UPSI_SHOW_MARKS
खींचातानी22,251 次观看 • 4 个月前