
Tribal Army
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Tribal Army Provides a platform to challenge the generational neglect of Indigenous people of India.
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लकड़ियों का गट्ठर उठाए चलते एक बुज़ुर्ग आदिवासी बाबा के कंधे पर निडर होकर बैठा कठफोड़वा पक्षी यह दर्शाता है कि प्रकृति उन लोगों पर भरोसा करती है जो उसके साथ प्रेम और सम्मान से जीते हैं, न कि उस पर हुकूमत करके। पीढ़ियों से आदिवासी समुदाय जंगल, पक्षियों और वन्यजीवों के साथ गहरा और आत्मीय रिश्ता निभाते आए हैं।
Tribal Army121,683 views • 16 days ago
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भारत के चीफ जस्टिस Dy चंद्रचूड़ का पीएम मोदी के साथ गणपति पूजा में भाग लेना धर्मनिरपेक्षता और न्यायिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाता हैं। सत्ताधारी प्रमुख राजनीतिक व्यक्तियों के साथ धार्मिक आयोजनों में शामिल होना न्यायपालिका की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता को कमजोर करता हैं।
Tribal Army619,177 views • 1 year ago

मणिपुर में शांति स्थापित नहीं होने का एक प्रमुख कारण यह भी रहा है कि वहां हमारी भारतीय सेना द्वारा जारी राहत कार्य के काम में कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा मीरा पैबी समूह की महिलाओं को रास्ता रोकने के लिए आगे कर दिया जाता है, जिसके चलते जवान गंतव्य स्थान तक आगे नहीं बढ़ पाते हैं।
Tribal Army684,357 views • 1 year ago
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⚠️ TRIGGER WARNING ⚠️ ईद पर जागने वाला PETA, बाकि के 363 दिन सोता रहता हैं।
Tribal Army619,991 views • 1 year ago

2026 जनगणना में ‘सरना धर्म’ को अलग धार्मिक पहचान के रूप में मान्यता दी जाए !
Tribal Army25,395 views • 19 days ago

आदिवासी जल,ज़मीन,जंगल के रक्षक है जंगली नहीं। #ArrestSudhirChaudhary
Tribal Army627,553 views • 2 years ago

अपने बयान को घुमाना और उससे मुकरना कोई बाबा रामदेव से सीखें। #Boycott_Patanjali
Tribal Army621,671 views • 2 years ago

देश में जितनी बेरोजगारी बढ़ेगी, उतने ही ऐसे पाखंडी नमूने पैदा होंगे !
Tribal Army69,248 views • 2 months ago
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महाराष्ट्र के पुणे शहर से 20 किमी दूर खड़कवासला डैम के पास एक वृद्ध आदिवासी महिला को तीन पत्थरों की चूल्हा जलाकर भोजन बनाते देखना दिल दहला देने वाला है। यह दृश्य न केवल सरकार की आदिवासी विरोधी नीतियों का परिणाम है, बल्कि उज्ज्वला योजना और पीएम आवास योजना जैसी योजनाओं की असफलता को भी उजागर करता है। बीजेपी सरकार द्वारा हर घर में गैस सिलेंडर और हर परिवार को घर देने का दावा किया गया था, लेकिन यह दावा उन लाखों आदिवासी परिवारों तक नहीं पहुंच सका, जिनकी आज भी हालत बदतर है। आदिवासी कातकरी समाज के उत्थान के लिए बनाई गई योजनाएं केवल कागजों पर सजी हैं। यह घटना बताती है कि सरकार के दावे और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई है। हम इस गंभीर लापरवाही की कड़ी निंदा करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि उज्ज्वला योजना और पीएम आवास योजना के तहत वंचित आदिवासी परिवारों को तुरंत लाभान्वित किया जाए। उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। Devendra Fadnavis Eknath Shinde - एकनाथ शिंदे Ajit Pawar CMO Maharashtra Jual Oram President of India Narendra Modi BJP
Tribal Army275,394 views • 1 year ago

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्ना में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 14 साल के बच्चे को घड़ी चोरी के आरोप में अमानवीयता की हदें पार कर उल्टा लटकाकर डंडों से पीटा गया और मिर्च की धुनी दी गई। इस निर्मम प्रताड़ना के दौरान बच्चा लगातार छोड़ देने की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि हमारी संवेदनाओं को भी झकझोर देती है। ऐसे बर्बर कृत्यों पर रोक लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और बच्चा इस प्रकार की यातना का शिकार न बने। मध्य प्रदेश में वंचित तबकों के लोगों के प्रति अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। आए दिन दलितों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों के लोगों के साथ बर्बरता की खबरें सामने आ रही हैं, जो न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि समाज की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है। ऐसी घटनाएं हमारे तंत्र की कमजोरियों को दिखाती हैं और यह स्पष्ट करती हैं कि कमजोर तबकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। सरकार और प्रशासन को इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि समाज में समानता और न्याय की भावना मजबूत हो सके। Dr Mohan Yadav Madhya Pradesh Police DGP MP Kamal Nath
Tribal Army309,667 views • 1 year ago

यह कोई फिल्म का दृश्य नहीं है, बल्कि हकीकत है। छत्तीसगढ़ की एक आदिवासी बीएड सहायक शिक्षक बेटी, जिसने मेहनत और परिश्रम से शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा, आज अपने हक के लिए लड़ रही है। बीजेपी सरकार ने उनकी नौकरी छीन ली, और जब उन्होंने मंत्री के आवास पर अपने अधिकारों की मांग करते हुए धरना दिया, तो पुलिस ने सभी बीएड सहायक शिक्षक बेटियों को बस में भरकर तानाशाही तरीके से खदेड़ दिया। यह घटना न केवल उनकी आजीविका छीनने का उदाहरण है, बल्कि यह बताती है कि लोकतंत्र में भी आदिवासियों और महिलाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। Vishnu Deo Sai Narendra Modi President of India
Tribal Army250,707 views • 1 year ago