
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳
@TriShool_Achuk • 48,245 subscribers
भारतीय हूँ जिसकी,केवल एकमात्र इच्छा कि देशके लिए पीढ़ियों को समर्पित योगदान दे सकूं!❤😊❣🙏 आप यहाँ पठनिय की उम्मीद कर सकते है,लीक से हटकर,स्वरचित भी अज्ञात भी!
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लड़के गिद्दों की तरह आपकी बेटी के स्कूल/कॉलेज के बाहर ताक लगाकर बैठे है पहले बच्ची का पीछा करेंगे फिर नंबर लेंगे फिर मिलने बुलायेंगे गिफ्ट्स देकर इम्प्रेस करेंगे फिर शारीरिक संबंध बनाकर फोटो/विडियो बनायेंगे फिर शुरू होता है लड़की को ब्लैकमेल करने का खेल.... वाह अजमेर..
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳1,053,116 просмотров • 1 год назад

🇮🇳 रोंगटे खड़े कर देने वाली दौड़ ...आखिरी 400 मीटर... सांसें थम गईं, दिल की धड़कनें तेज हो गईं... और फिर चीन की धरती पर लहराया तिरंगा! 🥇 ओरडोस (चीन) के ट्रैक पर मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले का फाइनल अपने चरम पर था। स्टेडियम में हजारों दर्शकों का शोर गूंज रहा था। मेजबान चीन की टीम बढ़त बनाए हुए थी, जबकि भारत के सामने फिलीपींस की चुनौती भी थी। हर किसी को लग रहा था कि गोल्ड अब चीन की झोली में जाने वाला है। भारत की ओर से पहली लेग में आस्तिक प्रधान ने शानदार शुरुआत दिलाई। दूसरी लेग में सैंड्रा मोल साबू ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा। तीसरी लेग में सेटू मिश्रा ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन तेज रफ्तार प्रतिद्वंद्वियों के कारण भारत पिछड़ गया। जब आखिरी लैप के लिए बैटन श्रावणी सचिन सांगले के हाथों में पहुंचा, तब भारत काफी पीछे था। चीन की धाविका करीब 10 मीटर से भी अधिक की बढ़त बना चुकी थी। ट्रैक पर मौजूद हर किसी को लग रहा था कि अब भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना लगभग असंभव है। लेकिन श्रावणी ने हार मानने के बजाय अपने कदम और तेज कर दिए। शुरुआती 100 मीटर तक उन्होंने अपनी लय बनाई रखी और फिर धीरे-धीरे चीन और फिलीपींस के बीच बने फासले को कम करना शुरू किया। हर कदम के साथ भारत उम्मीद की ओर बढ़ रहा था। स्टैंड में बैठे भारतीय समर्थक लगातार चीख रहे थे—"चलो भारत... चलो श्रावणी!" अंतिम 150 मीटर में श्रावणी की रफ्तार तूफान बन चुकी थी। अब चीन की बढ़त लगातार घट रही थी। अंतिम 100 मीटर में उन्होंने चीन की एंकर को लगभग पकड़ लिया और फिर दोनों धाविकाएं कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ने लगीं। पूरा स्टेडियम अपनी सीटों से उठ चुका था। किसी की पलकें तक नहीं झपक रही थीं। फिर आया आखिरी 50 मीटर... श्रावणी ने अपने शरीर की बची-खुची सारी ताकत ट्रैक पर झोंक दी। फिनिश लाइन से ठीक पहले उन्होंने बेहतरीन लंज (Dive) लगाया। दोनों धाविकाएं लगभग एक साथ फिनिश लाइन पार कर गईं। कुछ पल के लिए पूरा स्टेडियम शांत हो गया। सभी की निगाहें इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड पर टिक गईं। कुछ सेकंड बाद परिणाम सामने आया... 🇮🇳 भारत – 3:18.64 🇨🇳 चीन – 3:18.74 सिर्फ 0.10 सेकंड... और गोल्ड भारत के नाम! पूरा भारतीय दल खुशी से झूम उठा। श्रावणी ने दोनों हाथ आसमान की ओर उठा दिए। साथी खिलाड़ी दौड़कर उन्हें गले लगाने पहुंचे। चीन की धरती पर तिरंगा सबसे ऊंचा लहराया और राष्ट्रगान की धुन गूंजने लगी। यह केवल एक स्वर्ण पदक नहीं था, बल्कि आखिरी क्षण तक संघर्ष करने, हार न मानने और असंभव को संभव बना देने की मिसाल थी। करीब 10 मीटर से अधिक के अंतर को पाटकर श्रावणी सांगले ने जो वापसी की, उसने इस रेस को एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल कर दिया। 🇮🇳🥇🔥
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳22,106 просмотров • 8 дней назад

ये दिया नहीं जलायेगा.... भले हिरण KAT दे लारेंस विश्नोई सही कर रहा है....इसको ठों का सही समय का इंतजार 👊👊कुछ समझ आया...बेवकूफ हिन्दुओं...कोई भी कितना भी बड़ा सलमान हों..अपने धर्म को पहले रखता है..और हम हिन्दू इनको सर आंखों पर बिठाते हैं,, यही इनकी असलियत है,, सुaरों की,,,,👊
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳192,548 просмотров • 3 месяцев назад

दादा अगर ऐसा ही रहा तो विपक्षियों का पश्चिम बंगाल से भी बुरा हाल होगा हर जगह 😀🙄
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳88,011 просмотров • 1 месяц назад

उद्योगपति श्री एम.एल.मित्तल से यह बात सीधे उन्हीं की ज़ुबानी सुनिए मोदी जी दिल्ली में MP अरुण जेटली के सर्वेंट क्वार्टर में 5 साल रहे उन्हें 'हिमाचल प्रदेश'और 'हरियाणा'के लिए BJP का प्रभारी बनाया गया था प्रधानमंत्री तक का यह सफ़र किसी चमत्कार से कम नहीं है 🪷🪷🪷🪷🪷
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳91,406 просмотров • 2 месяцев назад

ये उसी उत्तर प्रदेश के लिए हो रहा है जिसने मोदी को 400 पार नहीं होने दिया कृतघ्न लोग...
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳105,775 просмотров • 2 месяцев назад

आखिर क्या फर्क पड़ा आपके केंद्र में होने का? Office of Amit Shah गृहमंत्री कार्यालय, HMO India
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳112,402 просмотров • 3 месяцев назад

बाप रेsssssssss ....... मुझे नहीं पता था......इतना!!! आपको पता था कितना?
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳208,109 просмотров • 7 месяцев назад

प्रयागराज स्टेशन पर आम आदमी की तरह बैठे थे झारखंड के पूर्व CM, उनके पास बैठे लोग भी नहीं पहचान पाए पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा अपनी पत्नी मीरा मुंडा के साथ प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करके झारखंड लौटते समय प्लेटफार्म पर बैठे नजर आए। उन्होंने महाकुंभ की व्यवस्था की तारीफ की। प्लेटफार्म पर बैठने के दौरान उन्हें किसी ने नहीं पहचाना। कुंभ मेले की सफल व्यवस्था के लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई दी। आम जन की तरह प्लेटफॉर्म पर बैठे थे अर्जुन मुंडा केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा झारखंड प्रान्त के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। महज 35 वर्ष की आयु में मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले अर्जुन मुंडा के नाम देश में सबसे कम उम्र में मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। अर्जुन मुंडा अकसर आम लोगों के बीच घुलने-मिलने के लिए जाने जाते हैं, चाहे वे राजनेता हों, उद्योगपति हों या खेल जगत की हस्तियां। महाकुंभ के दौरान भी उन्होंने अपनी यही सहजता दिखाई। स्नान के बाद, बिना किसी विशेष वीआईपी सुविधा का उपयोग किए, वे आम श्रद्धालुओं की तरह प्लेटफॉर्म पर बैठकर अपनी ट्रेन का इंतजार करते नजर आए।
त्रिशूल अचूक 🔱🚩🇮🇳355,226 просмотров • 1 год назад
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