
Vishva Hindu Parishad -VHP
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प्रेस वक्तव्य: मोहर्रम व मजहबी जलूसों के माध्यम से हिंदुओ पर हमले बर्दाश्त नहीं : डॉ. सुरेन्द्र जैन, केंद्रीय संयुक्त महामंत्री नई दिल्ली। जुलाई, 30, 2023। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेन्द्र जैन ने मोहर्रम के अवसर पर मुस्लिम समाज के एक वर्ग द्वारा देशभर में की गई हिंसा की निंदा करते हुए कहा है कि यह हिंसक वृत्ति संपूर्ण सभ्य समाज के लिए चिंता का विषय है। कहीं पर कावड़ियों पर हमले किए गए तो कहीं पर मंदिर के ऊपर मोहर्रम का झंडा लगाने से रोकने पर हमले किए गए। दिल्ली की नांगलोई में तो केवल पुलिस पर ही नहीं, वहां से निकल रहे बसों, कारों स्कूटर व मोटरसाइकिलो पर हमले किए गए तथा हिंदुओं को लाठियों और पत्थरों से पीटा गया। इसके कारण वहां वाहनों का तो नुकसान हुआ ही, दसियों हिंदू व पुलिस वाले भी घायल हो गए। विहिप इस अमानवीय हिंसा की कठोरतम शब्दों मे निंदा करती है। चाहे ईद हो या मोहर्रम और रमजान, चाहे मुस्लिम त्यौहार हो या हिंदू त्योहार, इस प्रकार की हिंदू विरोधी आक्रामकता पिछले कई वर्षों में तेजी से बढ़ रही है। इन हमलों में एक विशेष रणनीति दिखाई दे रही है। हमलावरों में अवयस्क बच्चों को आगे किया जाता है जिससे अगर वे पकडे भी जाएं तो मामूली सजा पाकर जेल से छूट जाए। यह स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है कि यह एक योजनाबद्ध षड्यंत्र के अंतर्गत हो रहा है। पहले मुस्लिम समाज के कुछ नेता और मौलवी किसी ना किसी बहाने से हिंसा के लिए भड़काते हैं और फिर पकड़े जाने पर बड़े वकीलों की फौज खड़ी हो जाती हैं। डॉ. जैन ने कहा कि इन षडयंत्रों से हिंदुओं और देश का तो नुकसान हो ही रहा है, स्वयं मुस्लिम समाज के लिए भी आत्मघाती है। वे अपनी युवा पीढ़ी को विकास नहीं, विनाश की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझना होगा कि हिंदू भी कब तक मार खाता रहेगा। पुलिस प्रशासन को भी अपनी भूमिका पर पुनर्विचार करना होगा। हिंदू त्यौहार व शोभायात्राओं में मुस्लिम बहुल इलाकों को संवेदनशील घोषित कर वहां से यात्रा का मार्ग बदल दिया जाता है तो मुस्लिम त्योहारों और जलूसों में भी यही मापदंड अपनाना चाहिए। उन्होंने पूछा की क्या हिंदुओं को शांति से अपने त्यौहार मनाने का भी अधिकार नहीं है? क्या वह मुस्लिम त्योहारों पर भी अपने ऊपर संभावित हमलों की आशंका के कारण तनाव में ही रहेगा? यह यक्ष प्रश्न उन राजनेताओं के लिए भी महत्वपूर्ण है जो वोट बैंक के लिए किसी भी बहाने से उनको भड़काने का प्रयास करते रहते हैं। विश्व हिंदू परिषद इन सेकुलरवादी राजनेताओं और मुस्लिम नेताओं से यह अपील करती है कि उन्हें अपनी भूमिका पर पुनर्विचार करना चाहिए। वे किस प्रकार के समाज का निर्माण करना चाहते हैं? त्योहारों के अवसर पर समाज बंटना नहीं चाहिए अपितु उनको मिलकर मनाना चाहिए। यह अलगाववादी मानसिकता समाज के सभी वर्गों के लिए घातक है। सबको मिलकर इस मानसिकता को रोकना चाहिए न कि अपने स्वार्थों के लिए ये स्वार्थी नेता और मौलवी इसको प्रोत्साहन दें। जारीकर्ता विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता, विहिप
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हिंदू समाज ने तय किया है कि राज्य सरकारों को हमारे मंदिर वापस करने होंगे। विजयवाड़ा से इसकी शुरुआत हुई है। मंदिरों का पैसा लेकर, मंदिर में बैठे सरकार के बाबू गुंडागर्दी करेंगे, यह नहीं चलेगा : श्री आलोक कुमार, अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, विहिप #MahaKumbh2025 #महाकुंभ #VHP #FreeTemple
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आज श्रीराम जन्मभूमि की मुक्ति का चौथा वर्ष है। 9 नवम्बर 2019 को आए सर्वोच्च न्यायालय के सर्व सम्मत निर्णय ने पांच शताब्दियों तक चले विश्व के सबसे बड़े आंदोलन के विजय श्री की घोषणा की थी। सत्य को परेशान किया जा सकता है किंतु पराजित नहीं... #श्रीरामजन्मभूमि_विजय_पर्व की अनन्त शुभकामनाएँ।
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प्रेस वक्तव्य: बंग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की अबिलंब रिहाई व हिंदुओं के लगातार उत्पीड़न पर विराम हेतु आगे आए विश्व समुदाय : विहिप नई दिल्ली। नवंबर 26, 2024। विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महा-मंत्री श्री बजरंग लाल बागड़ा ने बांग्लादेश प्रशासन द्वारा वहां के इस्कॉन मंदिर के मुख्य पुजारी की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त करते हुए उसे वहाँ के प्रशासन की कायरता पूर्ण और अलोकतांत्रिक घटना बताया है। उन्होंने कहा है कि विश्व हिंदू परिषद प्रशासन की इस कायरता पूर्ण और अलोकतांत्रिक घटना का पुरजोर विरोध करती है। इस्कॉन ने या अन्य हिंदू समाज के संगठनों ने अभी तक अपने उत्पीड़न के विरोध में जितनी भी कार्यवाहियां की हैं, समस्त लोकतांत्रिक तरीके से उन्होंने प्रदर्शन किया है। किसी भी प्रकार की हिंसा का उन्होंने प्रतिहिंसा के रूप में अभी तक कोई उत्तर नहीं दिया है। इस प्रकार के पूर्ण शांतिप्रिय और लोकतांत्रिक रूप से अपनी बात रखने वाले समाज के किसी नेतृत्व को, जो एक वर्ग का भी नेतृत्व करते हैं, इस प्रकार से अलोकतांत्रिक तरीके से गिरफ्तार करना, उनको बंद करना उनकी आवाज को दबाने की कुचेष्टा करना अलोकतांत्रिक है, अमानवीय है और हिंदू समाज के मानवाधिकारों का हनन भी है! श्री बागड़ा ने कहा कि हम प्रारंभ से ही मांग कर रहे हैं कि बांग्लादेश में जो घटनाक्रम चल रहा है उसमें वामपंथी, इस्लामिक तत्वों के साथ मिलकर वहां के हिंदू समाज का दमन कर रहे हैं। दुर्भाग्य की बात है कि पूरे विश्व समुदाय ने, वैश्विक संगठनों ने इस घटनाक्रम पर जितनी चिंता व्यक्त करनी चाहिए थी जैसी रोक लगानी चाहिए थी, ऐसी रोक नहीं लगाई है। विश्व हिंदू परिषद पूरे विश्व समुदाय से यह अपेक्षा करती है कि वहां पर हो रहे घटनाक्रम को ध्यान से देखे, उसकी गंभीरता को समझें और बांग्लादेश के प्रशासन पर दबाव बनाए कि हिंदुओं के मानवाधिकारों की रक्षा की जाए, सुरक्षा की जाए। विहिप महामंत्री ने यह भी कहा कि भारत सरकार का प्रति-उत्तर इस विषय में बहुत ही सावधानी पूर्वक और न्यूनतम रहा है। यह सही है कि एक संप्रभु देश की स्वायत्तता को किसी भी प्रकार से चुनौती देना दूसरे देश की सरकार के लिए ठीक नहीं है परंतु, एक बड़े हिंदू समुदाय का इस प्रकार का उत्पीड़न पूरा विश्व, सारे पड़ोसी देश, भारत सरकार सिर्फ देखते रहे और कुछ भी कार्यवाही नहीं करें यह भी एक सीमा तक तो स्वीकार्य है लेकिन लंबे समय तक यह भी स्वीकार नहीं किया जा सकता! विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि विश्व समुदाय इन सब घटनाओं को उनके संज्ञान में ले, बांग्लादेश के प्रशासन पर दबाव बनाए कि हिंदुओं के उत्पीड़न को रोके। हम तुरंत प्रभाव से इस्कॉन के मुख्य पुजारी श्री चिन्मय कृष्ण दास प्रभु जी की रिहाई की मांग करते हैं और किसी भी प्रकार के हिंदू नेता को, हिंदू पुजारी को, धार्मिक गुरु को बिना किसी कारण के गिरफ्तार करने की किसी भी प्रकार की मानसिकता से बांग्लादेश सरकार बचे, यह अपेक्षा भी करते हैं। जारी कर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिन्दू परिषद
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