Adv. Vijay Singh's banner
Adv. Vijay Singh's profile picture

Adv. Vijay Singh

@VijaySingh_law • 13,386 subscribers

Advocate | National Coordinator (Social Media & Campaigns), Congress Sevadal Justice. Accountability. Organisation. Rahul Gandhi Views personal

Shorts

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस.वाई. कुरैशी ने दो टूक कह दिया... "अगर ज्ञानेश कुमार में ज़रा भी शर्म बची है, तो इस्तीफा दे देना चाहिए!" 🔥

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस.वाई. कुरैशी ने दो टूक कह दिया... "अगर ज्ञानेश कुमार में ज़रा भी शर्म बची है, तो इस्तीफा दे देना चाहिए!" 🔥

24,882 次观看

ज्ञानेश कुमार के लिए राहुल गांधी का दरवाज़ा अभी खुला है। राहुल गांधी दयालु हैं, राष्ट्रीय हित में उन्हें माफ करने को तैयार हैं। सरकारी गवाह बनने का प्रस्ताव बिल्कुल सही है। -- संजय राउत

ज्ञानेश कुमार के लिए राहुल गांधी का दरवाज़ा अभी खुला है। राहुल गांधी दयालु हैं, राष्ट्रीय हित में उन्हें माफ करने को तैयार हैं। सरकारी गवाह बनने का प्रस्ताव बिल्कुल सही है। -- संजय राउत

90,254 次观看

घंटे का प्रधान मंत्री। 🔔 शुद्ध पीने का पानी तक नहीं दे पाया। विराट कोहली इंदौर पहुँचे, देश के पानी पर भरोसा नहीं, इम्पोर्टेड बोतल साथ। शुभमन गिल पहुँचे, भरोसे के नाम पर वॉटर प्यूरिफायर मशीन। यह है मोदी सरकार का न्यू इंडिया। नल से ज़हर, भाषण में अमृत। #MauniAmavasya

घंटे का प्रधान मंत्री। 🔔 शुद्ध पीने का पानी तक नहीं दे पाया। विराट कोहली इंदौर पहुँचे, देश के पानी पर भरोसा नहीं, इम्पोर्टेड बोतल साथ। शुभमन गिल पहुँचे, भरोसे के नाम पर वॉटर प्यूरिफायर मशीन। यह है मोदी सरकार का न्यू इंडिया। नल से ज़हर, भाषण में अमृत। #MauniAmavasya

233,633 次观看

धुन संघियों ने बजाई, लेकिन जवाब इस लड़की ने दे दिया! 🔥🗿

धुन संघियों ने बजाई, लेकिन जवाब इस लड़की ने दे दिया! 🔥🗿

11,759 次观看

पांच राज्यों के चुनाव न होते, तो आज पेट्रोल-डीज़ल 150 रुपये पार कर चुका होता। जिस दिन आख़िरी वोट पड़ेगा, उसी शाम दाम बढ़ने की पटकथा तैयार है। — वरिष्ठ पत्रकार शीतल सिंह 🔥

पांच राज्यों के चुनाव न होते, तो आज पेट्रोल-डीज़ल 150 रुपये पार कर चुका होता। जिस दिन आख़िरी वोट पड़ेगा, उसी शाम दाम बढ़ने की पटकथा तैयार है। — वरिष्ठ पत्रकार शीतल सिंह 🔥

133,184 次观看

“जितने भी भाजपा के ठरकी नेता हैं, बाहर आ जाओ, सर्विस मैं दूंगी तुम्हें।” - एक महिला की आवाज़ उत्तराखंड में अंकिता भंडारी के लिए महिलाएँ सड़कों पर हैं। अब VIP बचाओ नहीं चलेगा। सीधी माँग है - CBI जाँच। #ankitabhandari

“जितने भी भाजपा के ठरकी नेता हैं, बाहर आ जाओ, सर्विस मैं दूंगी तुम्हें।” - एक महिला की आवाज़ उत्तराखंड में अंकिता भंडारी के लिए महिलाएँ सड़कों पर हैं। अब VIP बचाओ नहीं चलेगा। सीधी माँग है - CBI जाँच। #ankitabhandari

145,260 次观看

बिल्कुल सटीक सवाल Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ जी!🔥 140 साल पुरानी पार्टी, जो 44 साल 7 महीने देश की सत्ता में रही, उसके पास आज भी ज़्यादातर राज्यों में किराए के दफ़्तर हैं। लेकिन भाजपा और संघ ने महज़ 11 सालों में हर राज्य में 7-स्टार ऑफिस खड़े कर लिए! सवाल सिर्फ़ एक है, इतना पैसा आया कहाँ से? #PawanKhera #BJPCorruption #RSSBusinessModel #FreeRationDistribution #अन्न_दान #GodMorningSunday

बिल्कुल सटीक सवाल Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ जी!🔥 140 साल पुरानी पार्टी, जो 44 साल 7 महीने देश की सत्ता में रही, उसके पास आज भी ज़्यादातर राज्यों में किराए के दफ़्तर हैं। लेकिन भाजपा और संघ ने महज़ 11 सालों में हर राज्य में 7-स्टार ऑफिस खड़े कर लिए! सवाल सिर्फ़ एक है, इतना पैसा आया कहाँ से? #PawanKhera #BJPCorruption #RSSBusinessModel #FreeRationDistribution #अन्न_दान #GodMorningSunday

174,194 次观看

वो आएगा तो सिर्फ़ भारत नहीं बदलेगा, पूरी दुनिया हमारे बदलाव को महसूस करेगी। 🇮🇳❤️

वो आएगा तो सिर्फ़ भारत नहीं बदलेगा, पूरी दुनिया हमारे बदलाव को महसूस करेगी। 🇮🇳❤️

106,640 次观看

🚨 तूफ़ान आएगा... कहकर संसद में डर बेचा गया। कोरोना का हवाला, वही पुरानी स्क्रिप्ट, तैयार रहो। सच ये है, तैयारी नहीं… बहाना तैयार है। कल हालात बिगड़े तो लाइन भी तय, हमने पहले ही बताया था। लेकिन ये नहीं बताया, इनकी तैयारी क्या है?

🚨 तूफ़ान आएगा... कहकर संसद में डर बेचा गया। कोरोना का हवाला, वही पुरानी स्क्रिप्ट, तैयार रहो। सच ये है, तैयारी नहीं… बहाना तैयार है। कल हालात बिगड़े तो लाइन भी तय, हमने पहले ही बताया था। लेकिन ये नहीं बताया, इनकी तैयारी क्या है?

57,291 次观看

एयरपोर्ट स्टाफ़ ने राहुल गांधी से सेल्फ़ी चाही। रुक नहीं पाए, पर नज़रअंदाज़ भी नहीं किया। हाथ मिलाया, मुस्कुराए। ❤️ यही नेतृत्व है। इसीलिए हमारे नेता राहुल गांधी हैं और नरेंद्र मोदी से बेहतर प्रधानमंत्री साबित होंगे। #RahulGandhi

एयरपोर्ट स्टाफ़ ने राहुल गांधी से सेल्फ़ी चाही। रुक नहीं पाए, पर नज़रअंदाज़ भी नहीं किया। हाथ मिलाया, मुस्कुराए। ❤️ यही नेतृत्व है। इसीलिए हमारे नेता राहुल गांधी हैं और नरेंद्र मोदी से बेहतर प्रधानमंत्री साबित होंगे। #RahulGandhi

74,466 次观看

संघी डर फैलाते हैं कि "अगर मुसलमान ज़्यादा हो गए तो दीवाली-होली मनाने नहीं देंगे।" सच्चाई ये है कि 76% मुस्लिम आबादी वाले देश में लोग आज भी दीवाली मनाते हैं, रोशनी जलाते हैं, खुशियाँ बाँटते हैं। धर्म और नफ़रत की राजनीति पर दुकान चलाने वाले ही डर बेचते हैं, क्योंकि उन्हें मोहब्बत में बाज़ार नहीं दिखता। #दीपावली #HappyDiwali

संघी डर फैलाते हैं कि "अगर मुसलमान ज़्यादा हो गए तो दीवाली-होली मनाने नहीं देंगे।" सच्चाई ये है कि 76% मुस्लिम आबादी वाले देश में लोग आज भी दीवाली मनाते हैं, रोशनी जलाते हैं, खुशियाँ बाँटते हैं। धर्म और नफ़रत की राजनीति पर दुकान चलाने वाले ही डर बेचते हैं, क्योंकि उन्हें मोहब्बत में बाज़ार नहीं दिखता। #दीपावली #HappyDiwali

81,872 次观看

BREAKING 🔥 जहाँ भारत होना चाहिए था, वहाँ पाकिस्तान दिख रहा है “पहले नरेंद्र मोदी खुद को Peacemaker बताते थे… आज हाल ये कि ईरान-अमेरिका तनाव में पाकिस्तान मध्यस्थ बन रहा है।” प्रियंका गांधी जी का सीधा सवाल, भारत कहाँ है इस तस्वीर में?

BREAKING 🔥 जहाँ भारत होना चाहिए था, वहाँ पाकिस्तान दिख रहा है “पहले नरेंद्र मोदी खुद को Peacemaker बताते थे… आज हाल ये कि ईरान-अमेरिका तनाव में पाकिस्तान मध्यस्थ बन रहा है।” प्रियंका गांधी जी का सीधा सवाल, भारत कहाँ है इस तस्वीर में?

38,087 次观看

2024 में “400 पार” क्यों टूटा? क्योंकि सोशल मीडिया ने सच दिखा दिया। अब 2029 के लिए मोदी सरकार कानूनों की बाढ़ ला रही है, ताकि कांग्रेस, वाम और हर असहमत आवाज़ को ऑनलाइन ही दबाया जा सके। मीडिया पहले से गोदी में है। अगला टारगेट, जनता।

2024 में “400 पार” क्यों टूटा? क्योंकि सोशल मीडिया ने सच दिखा दिया। अब 2029 के लिए मोदी सरकार कानूनों की बाढ़ ला रही है, ताकि कांग्रेस, वाम और हर असहमत आवाज़ को ऑनलाइन ही दबाया जा सके। मीडिया पहले से गोदी में है। अगला टारगेट, जनता।

27,656 次观看

12 साल से देश भी बज रहा है, जनता भी… और तालियाँ अब भी रुक नहीं रहीं। दुख बस इतना है कि इस शोर को ‘विकास’ कहा जा रहा है।

12 साल से देश भी बज रहा है, जनता भी… और तालियाँ अब भी रुक नहीं रहीं। दुख बस इतना है कि इस शोर को ‘विकास’ कहा जा रहा है।

24,180 次观看

भ्रष्टाचार अब हादसा नहीं, पूरा सिस्टम बन चुका है। ₹36,230 करोड़ का गंगा एक्सप्रेसवे 30 दिन में ही धंसने लगा। फोटोशूट मजबूत था, सड़क नहीं। 🤡

भ्रष्टाचार अब हादसा नहीं, पूरा सिस्टम बन चुका है। ₹36,230 करोड़ का गंगा एक्सप्रेसवे 30 दिन में ही धंसने लगा। फोटोशूट मजबूत था, सड़क नहीं। 🤡

17,824 次观看

इंडिया AI समिट में स्टार्टअप वाले ने पूछा, “तुम्हारी फेवरेट प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है?” गलगोटिया के छात्र का जवाब, “संस्कृत।” स्टार्टअप वाला ऐसे सन्न हुआ, जैसे AI समिट में नहीं, सीधे गुरुकुल सम्मेलन में पहुंच गया हो। 😅

इंडिया AI समिट में स्टार्टअप वाले ने पूछा, “तुम्हारी फेवरेट प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है?” गलगोटिया के छात्र का जवाब, “संस्कृत।” स्टार्टअप वाला ऐसे सन्न हुआ, जैसे AI समिट में नहीं, सीधे गुरुकुल सम्मेलन में पहुंच गया हो। 😅

24,992 次观看

कहाँ लाकर खड़ा कर दिया देश हमारा। लोग मेडिकल कॉलेज लाने के लिए लड़ते हैं। यहाँ उसे बंद कराने की लड़ाई लड़ी गई। हिंदू–मुसलमान की राजनीति में वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS मान्यता गई। इलाज और भविष्य गया, नफ़रती चिंटू जश्न मना रहे हैं। #Jammu #ShriMataVaishnoDeviMedicalCollege

कहाँ लाकर खड़ा कर दिया देश हमारा। लोग मेडिकल कॉलेज लाने के लिए लड़ते हैं। यहाँ उसे बंद कराने की लड़ाई लड़ी गई। हिंदू–मुसलमान की राजनीति में वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS मान्यता गई। इलाज और भविष्य गया, नफ़रती चिंटू जश्न मना रहे हैं। #Jammu #ShriMataVaishnoDeviMedicalCollege

19,776 次观看

क्या हम मर चुके हैं? तब (2012): निर्भया ने पूरे देश को सड़कों पर उतार दिया। राष्ट्रपति भवन तक गूंज थी। ग़ुस्सा था। सवाल थे। दबाव था। अब: उन्नाव रेप पीड़िता और उसकी माँ, साथ में बस दो महिलाएँ। बाक़ी देश? 2014 के बाद क्या बदला? न न्याय बदला। न अपराध रुके। बस हमारी संवेदना सुन्न हो गई। क्या गुलामी हमारे ख़ून में है या डर को राष्ट्रवाद का नाम दे दिया गया है? आख़िरी पंक्ति, ज़रा रुककर पढ़िए: जब हम देश, राज्य, शहर यहाँ तक कि अपनी ही समाज की चिंता करना छोड़ दें तो सवाल यह नहीं कि हालात कैसे हैं, सवाल यह है: क्या हम मरी हुई सामाजिक चेतना में जी रहे हैं? "खालसा पंथ" #Unnao #JusticeForWomen

क्या हम मर चुके हैं? तब (2012): निर्भया ने पूरे देश को सड़कों पर उतार दिया। राष्ट्रपति भवन तक गूंज थी। ग़ुस्सा था। सवाल थे। दबाव था। अब: उन्नाव रेप पीड़िता और उसकी माँ, साथ में बस दो महिलाएँ। बाक़ी देश? 2014 के बाद क्या बदला? न न्याय बदला। न अपराध रुके। बस हमारी संवेदना सुन्न हो गई। क्या गुलामी हमारे ख़ून में है या डर को राष्ट्रवाद का नाम दे दिया गया है? आख़िरी पंक्ति, ज़रा रुककर पढ़िए: जब हम देश, राज्य, शहर यहाँ तक कि अपनी ही समाज की चिंता करना छोड़ दें तो सवाल यह नहीं कि हालात कैसे हैं, सवाल यह है: क्या हम मरी हुई सामाजिक चेतना में जी रहे हैं? "खालसा पंथ" #Unnao #JusticeForWomen

11,238 次观看

Videos