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Vinay Ratan Singh

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राष्ट्रीय अध्यक्ष,भीम आर्मी भारत एकता मिशन @Bhimarmy_BEM संस्थापक,आज़ाद समाज पार्टी @AzadSamajParty

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15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम के अपहरण और निर्मम हत्या के मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों एवं समाज के लोगों पर लाठीचार्ज करना और न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। यह घटना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को उजागर करती है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी आवाज़ को दबाने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बच न पाए और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी न्याय दिलाया जाए।

15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम के अपहरण और निर्मम हत्या के मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों एवं समाज के लोगों पर लाठीचार्ज करना और न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। यह घटना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को उजागर करती है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी आवाज़ को दबाने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बच न पाए और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी न्याय दिलाया जाए।

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उत्तर प्रदेश के जिला इटावा के लखना में नगरपालिका प्रत्याशी आजाद समाज पार्टी के वीरू दोहरे आरतियां के कार्यालय पर विपक्षियों ने किया हमला। इसमे विधानसभा अध्यक्ष राम नारायण व अन्य कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई है। DGP UP मामले का संज्ञान ले व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दे।

उत्तर प्रदेश के जिला इटावा के लखना में नगरपालिका प्रत्याशी आजाद समाज पार्टी के वीरू दोहरे आरतियां के कार्यालय पर विपक्षियों ने किया हमला। इसमे विधानसभा अध्यक्ष राम नारायण व अन्य कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई है। DGP UP मामले का संज्ञान ले व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दे।

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*"जब शासन अंधा हो और कानून बहरा, तब ज़ुल्म नाचता है और पीड़ित तड़पता है।"* छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में जो हुआ, वह केवल अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत पर किया गया सबसे क्रूर प्रहार है। राजस्थान से छत्तीसगढ़ मजदूरी करने आए दो दलित मजदूरों की पीड़ा सिर्फ उनके शरीर तक सीमित नहीं रही — वह हमारी व्यवस्था, समाज और संवेदनाओं की हार बन गई। दलित मजदूरों द्वारा मजदूरी शुरू करने से पहले कुछ एडवांस पैसे मांगने पर पहले उन्हें बेरहमी से पीटा गया, फिर उनके कपड़े उतारकर बिजली के तार से करंट के झटके दिए गए। फिर भी क्रूरता की भूख शांत नहीं हुई, तो प्लास से उनके नाखून और प्राइवेट पार्ट तक खींचे गए। **यह कोई साधारण वारदात नहीं थी — यह जातिवादी नफ़रत की आग में झुलसते शरीर की वो चीख थी, जो अब तक न्याय की गलियों में गूंज रही है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं।** *भीम आर्मी भारत एकता मिशन की मांग है:* **1.** दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर, SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम और BNS की कठोर धाराओं में केस दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। **2.** मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाए ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। **3.** पीड़ितों को सर्वोत्तम चिकित्सा, सुरक्षा, और उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाए। **4.** सरकार दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति लागू करे। **5.** इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए और उसकी रिपोर्ट पारदर्शी रूप से सार्वजनिक की जाए। @ChhattisgarCMO @CG_Police भीम आर्मी भारत एकता मिशन न्याय के लिए प्रतिबद्ध है।

*"जब शासन अंधा हो और कानून बहरा, तब ज़ुल्म नाचता है और पीड़ित तड़पता है।"* छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में जो हुआ, वह केवल अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत पर किया गया सबसे क्रूर प्रहार है। राजस्थान से छत्तीसगढ़ मजदूरी करने आए दो दलित मजदूरों की पीड़ा सिर्फ उनके शरीर तक सीमित नहीं रही — वह हमारी व्यवस्था, समाज और संवेदनाओं की हार बन गई। दलित मजदूरों द्वारा मजदूरी शुरू करने से पहले कुछ एडवांस पैसे मांगने पर पहले उन्हें बेरहमी से पीटा गया, फिर उनके कपड़े उतारकर बिजली के तार से करंट के झटके दिए गए। फिर भी क्रूरता की भूख शांत नहीं हुई, तो प्लास से उनके नाखून और प्राइवेट पार्ट तक खींचे गए। **यह कोई साधारण वारदात नहीं थी — यह जातिवादी नफ़रत की आग में झुलसते शरीर की वो चीख थी, जो अब तक न्याय की गलियों में गूंज रही है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं।** *भीम आर्मी भारत एकता मिशन की मांग है:* **1.** दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर, SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम और BNS की कठोर धाराओं में केस दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। **2.** मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाए ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। **3.** पीड़ितों को सर्वोत्तम चिकित्सा, सुरक्षा, और उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाए। **4.** सरकार दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति लागू करे। **5.** इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए और उसकी रिपोर्ट पारदर्शी रूप से सार्वजनिक की जाए। @ChhattisgarCMO @CG_Police भीम आर्मी भारत एकता मिशन न्याय के लिए प्रतिबद्ध है।

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आज भोपाल में सामाजिक न्याय यात्रा के समापन पर अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिय उमड़ा बहुजनो का जन सैलाब।

आज भोपाल में सामाजिक न्याय यात्रा के समापन पर अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिय उमड़ा बहुजनो का जन सैलाब।

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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में दलित युवकों के साथ जो अमानवीय बर्बरता हुई, वह इस प्रदेश में फलते-फूलते ठाकुरवाद और जातिवादी आतंक की भयावह तस्वीर है। चिकावटी हाईवे रोड पर सिर्फ 'जय भीम' बोलने पर तीन दलित युवकों को सरेआम नंगा कर सड़क पर पीटा गया। लाठी-डंडों से उन्हें अधमरा कर दिया गया। इस शर्मनाक कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि ALIGARH POLICE ने दोषियों को पकड़ने के बजाय पीड़ित दलित युवकों को ही थाने में बंद कर शांति भंग की धारा में फंसा दिया। यह न केवल अन्याय है, बल्कि संविधान और कानून का खुला अपमान है। Yogi Adityanath जी, क्या यही है आपके 'सुशासन' का सच? आपके राज में दलितों की जान, सम्मान और अधिकार सुरक्षित नहीं हैं। प्रदेश में खुलेआम जातीय अत्याचार हो रहे हैं और पुलिस सत्ता के इशारे पर अत्याचारियों की ढाल बनी हुई है। भीमआर्मी भारत एकता मिशन की मांग हैं: - पीड़ित दलित युवकों को तत्काल सम्मान सहित रिहा किया जाए। - दोषी ठाकुर हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम कार्रवाई हो। - घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। - पीड़ितों को उचित मुआवजा और सरकारी सुरक्षा दी जाए। यह लड़ाई सिर्फ तीन दलित युवकों की नहीं है, यह पूरे बहुजन समाज की अस्मिता और सम्मान की लड़ाई है। - Yogi Adityanath - ALIGARH POLICE - UP POLICE - DGP UP #JusticeForDalits #StopCasteViolence #SaveConstitution #भीमआर्मी #जयभीम

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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में दलित युवकों के साथ जो अमानवीय बर्बरता हुई, वह इस प्रदेश में फलते-फूलते ठाकुरवाद और जातिवादी आतंक की भयावह तस्वीर है। चिकावटी हाईवे रोड पर सिर्फ 'जय भीम' बोलने पर तीन दलित युवकों को सरेआम नंगा कर सड़क पर पीटा गया। लाठी-डंडों से उन्हें अधमरा कर दिया गया। इस शर्मनाक कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि ALIGARH POLICE ने दोषियों को पकड़ने के बजाय पीड़ित दलित युवकों को ही थाने में बंद कर शांति भंग की धारा में फंसा दिया। यह न केवल अन्याय है, बल्कि संविधान और कानून का खुला अपमान है। Yogi Adityanath जी, क्या यही है आपके 'सुशासन' का सच? आपके राज में दलितों की जान, सम्मान और अधिकार सुरक्षित नहीं हैं। प्रदेश में खुलेआम जातीय अत्याचार हो रहे हैं और पुलिस सत्ता के इशारे पर अत्याचारियों की ढाल बनी हुई है। भीमआर्मी भारत एकता मिशन की मांग हैं: - पीड़ित दलित युवकों को तत्काल सम्मान सहित रिहा किया जाए। - दोषी ठाकुर हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम कार्रवाई हो। - घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। - पीड़ितों को उचित मुआवजा और सरकारी सुरक्षा दी जाए। यह लड़ाई सिर्फ तीन दलित युवकों की नहीं है, यह पूरे बहुजन समाज की अस्मिता और सम्मान की लड़ाई है। - Yogi Adityanath - ALIGARH POLICE - UP POLICE - DGP UP #JusticeForDalits #StopCasteViolence #SaveConstitution #भीमआर्मी #जयभीम

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15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम के अपहरण और निर्मम हत्या के मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों एवं समाज के लोगों पर लाठीचार्ज करना और न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। यह घटना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को उजागर करती है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी आवाज़ को दबाने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बच न पाए और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी न्याय दिलाया जाए।

Vinay Ratan Singh

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ग्वालियर में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान की जो शर्मनाक घटना सामने आई है, वह केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की आत्मा पर सीधा हमला है। यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि मध्यप्रदेश में संविधान विरोधी ताक़तें पूरी तरह बेखौफ़ होकर सक्रिय हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है। ग्वालियर, भिंड सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बाबा साहब की प्रतिमाओं, नाम और विचारधारा पर बार-बार हमले हो रहे हैं। ये घटनाएँ किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि बाबा साहब के अपमान की एक सुनियोजित और संगठित श्रृंखला की ओर साफ़ इशारा करती हैं। सबसे गंभीर और चिंताजनक प्रश्न यह है कि — आख़िर ऐसी घिनौनी घटनाओं के बावजूद आरोपी खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? अब तक सख़्त गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या इन संविधान विरोधी तत्वों को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है? यह समझना होगा कि बाबा साहब का अपमान केवल दलित समाज का अपमान नहीं, बल्कि यह भारत के संविधान, कानून के राज और करोड़ों नागरिकों की आस्था का अपमान है। ऐसी घटनाओं पर नरमी बरतना अपराधियों का मनोबल बढ़ाने और सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करने जैसा है। हम स्पष्ट और दो टूक माँग करते हैं— • सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। • उनके विरुद्ध SC/ST Act सहित कठोरतम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। • इन असामाजिक तत्वों को संरक्षण देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हम सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हैं— यदि बाबा साहब का अपमान करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी, त्वरित और उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं होती, तो यह माना जाएगा कि सरकार स्वयं संविधान विरोधी ताक़तों के साथ खड़ी है। ऐसे में भीम आर्मी चुप नहीं बैठेगी। बाबा साहब के सम्मान और संविधान की रक्षा के लिए एक व्यापक और निर्णायक आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जो सरकार और प्रशासन — दोनों की नींद उड़ा देगा। Gwalior Police Lee chang jae Chief Minister, MP जय भीम

Vinay Ratan Singh

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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में दलित युवकों के साथ जो अमानवीय बर्बरता हुई, वह इस प्रदेश में फलते-फूलते ठाकुरवाद और जातिवादी आतंक की भयावह तस्वीर है। चिकावटी हाईवे रोड पर सिर्फ 'जय भीम' बोलने पर तीन दलित युवकों को सरेआम नंगा कर सड़क पर पीटा गया। लाठी-डंडों से उन्हें अधमरा कर दिया गया। इस शर्मनाक कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि ALIGARH POLICE ने दोषियों को पकड़ने के बजाय पीड़ित दलित युवकों को ही थाने में बंद कर शांति भंग की धारा में फंसा दिया। यह न केवल अन्याय है, बल्कि संविधान और कानून का खुला अपमान है। Yogi Adityanath जी, क्या यही है आपके 'सुशासन' का सच? आपके राज में दलितों की जान, सम्मान और अधिकार सुरक्षित नहीं हैं। प्रदेश में खुलेआम जातीय अत्याचार हो रहे हैं और पुलिस सत्ता के इशारे पर अत्याचारियों की ढाल बनी हुई है। भीमआर्मी भारत एकता मिशन की मांग हैं: - पीड़ित दलित युवकों को तत्काल सम्मान सहित रिहा किया जाए। - दोषी ठाकुर हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम कार्रवाई हो। - घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। - पीड़ितों को उचित मुआवजा और सरकारी सुरक्षा दी जाए। यह लड़ाई सिर्फ तीन दलित युवकों की नहीं है, यह पूरे बहुजन समाज की अस्मिता और सम्मान की लड़ाई है। - Yogi Adityanath - ALIGARH POLICE - UP POLICE - DGP UP #JusticeForDalits #StopCasteViolence #SaveConstitution #भीमआर्मी #जयभीम
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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में दलित युवकों के साथ जो अमानवीय बर्बरता हुई, वह इस प्रदेश में फलते-फूलते ठाकुरवाद और जातिवादी आतंक की भयावह तस्वीर है। चिकावटी हाईवे रोड पर सिर्फ 'जय भीम' बोलने पर तीन दलित युवकों को सरेआम नंगा कर सड़क पर पीटा गया। लाठी-डंडों से उन्हें अधमरा कर दिया गया। इस शर्मनाक कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि ALIGARH POLICE ने दोषियों को पकड़ने के बजाय पीड़ित दलित युवकों को ही थाने में बंद कर शांति भंग की धारा में फंसा दिया। यह न केवल अन्याय है, बल्कि संविधान और कानून का खुला अपमान है। Yogi Adityanath जी, क्या यही है आपके 'सुशासन' का सच? आपके राज में दलितों की जान, सम्मान और अधिकार सुरक्षित नहीं हैं। प्रदेश में खुलेआम जातीय अत्याचार हो रहे हैं और पुलिस सत्ता के इशारे पर अत्याचारियों की ढाल बनी हुई है। भीमआर्मी भारत एकता मिशन की मांग हैं: - पीड़ित दलित युवकों को तत्काल सम्मान सहित रिहा किया जाए। - दोषी ठाकुर हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम कार्रवाई हो। - घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। - पीड़ितों को उचित मुआवजा और सरकारी सुरक्षा दी जाए। यह लड़ाई सिर्फ तीन दलित युवकों की नहीं है, यह पूरे बहुजन समाज की अस्मिता और सम्मान की लड़ाई है। - Yogi Adityanath - ALIGARH POLICE - UP POLICE - DGP UP #JusticeForDalits #StopCasteViolence #SaveConstitution #भीमआर्मी #जयभीम

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