
Vishnu Shankar Jain
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Lawyer (AOR) Supreme Court of India. Politically Right. I want restoration of Kashi and Mathura.
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मेरे दादाजी आगरा में जज थे। उन्होंने स्वयं वे कमरे देखे थे, जहाँ उनके अनुसार कई हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ कृत्रिम दीवारों के पीछे बंद की गई हैं। बात ताजमहल को तोड़ने की नहीं, बल्कि उन दीवारों को खोलकर निष्पक्ष जाँच के माध्यम से सत्य सामने लाने की है।
Vishnu Shankar Jain606,453 views • 14 days ago

कृपया किसी भी मुस्लिम विद्वान से पूछिए कि क्या मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाना और वहाँ नमाज़ पढ़ना जायज़ है। सामान्य उत्तर "नहीं" होगा। इसी प्रकार, हिंदू शास्त्रों के अनुसार जहाँ एक बार देवता की स्थापना हो जाती है, वह स्थान सदैव देवता का ही माना जाता है—"Once a Temple, Always a Temple
Vishnu Shankar Jain98,342 views • 3 days ago

लोगों के दिमाग में बैठा दिया गया है कि ताजमहल शाहजहाँ ने बनवाया था, और यह प्यार की निशानी है। यह सब बेकार की बातें हैं। मेरा दावा है कि यह पहले "तेजोमहालय" नाम का हिंदू मंदिर था, जिसे 1156 ई. में राजा परमार देव ने बनवाया था। मेरे पास इस दावे के समर्थन में दस्तावेज़ी साक्ष्य हैं।
Vishnu Shankar Jain320,820 views • 17 days ago

मैंने ऐसा दौर भी देखा है। मेरे पिताजी को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया, लेकिन 40–45 मिनट तक उनसे एक भी सवाल नहीं पूछा गया। कई बार स्टूडियो पहुँचने के बाद जानबूझकर तार खींच दिया जाता था और कह दिया जाता था, "अब आप लाइव नहीं हो पाएँगे।" ऐसे अनुभव हमने कई बार देखे हैं।
Vishnu Shankar Jain211,050 views • 18 days ago

आप रणकपुर के जैन मंदिर जाइए। वहाँ भैरव-भैरवी की पूजा होती है। पूजा-पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन संस्कृति अलग नहीं होती। यह एक बहुत बड़ी साज़िश है, जिसके तहत जैन समाज को हिंदू समाज से अलग दिखाने की कोशिश की जा रही है। जब संविधान में जैन, सिख और बौद्ध को एक साथ माना गया है, तो फिर उन्हें अलग कैसे माना जा सकता है?
Vishnu Shankar Jain64,426 views • 10 days ago

मुस्लिम पक्ष द्वारा कहा गया कि राम मंदिर तो हमने आपको दे दिया। मैं पूछना चाहता हूँ—राम मंदिर दिया कहाँ? सेक्शन 5 में तो राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को अपवाद माना गया है, यह नहीं कहा गया कि मंदिर दे दिया, बल्कि सिर्फ कानूनी लड़ाई लड़ने की अनुमति दी गई थी।
Vishnu Shankar Jain114,869 views • 27 days ago

हमारी रिसर्च के अनुसार, शाहजहाँ ने इस संरचना को राजा जयसिंह से विनिमय में प्राप्त किया। हमारे अध्ययन के अनुसार यह पहले से मौजूद शिवालय "तेजोमहालय" था, जहाँ टपकने वाले पानी को शिवलिंग के अभिषेक से जोड़ा जाता है तथा ऊपर और नीचे बनी दो कब्रों को बाद में दर्शकों के लिए बनाया गया।
Vishnu Shankar Jain66,609 views • 16 days ago

आज प्रधानमंत्री जी ने णमोकार मंत्र के महत्व पर प्रकाश डाला। पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ जी ने भी बताया कि वे न्यायालय जाने से पहले णमोकार मंत्र का स्मरण करते थे। माँ अंबिका और माँ वाग्देवी, दोनों को माँ सरस्वती के विभिन्न स्वरूप माना जाता है। हमारी आध्यात्मिक परंपराओं का मूल भाव एक है, केवल आराधना के स्वरूप भिन्न हैं।
Vishnu Shankar Jain27,045 views • 7 days ago