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देवड़ी मंदिर का मुख्य आकर्षण है माँ दुर्गा की 700 वर्ष पुरानी अष्टभुजीय मूर्ति, जो आदिवासी और हिंदू संस्कृति के सामंजस्य का प्रतीक है। यहाँ की पवित्र वातावरण और ऐतिहासिक महत्व पर्यटकों व तीर्थयात्रियों को समान रूप से आकर्षित करता है। #Jharkhand #Deoritemple Hemant Soren
Jharkhand Tourism57,820 Aufrufe • vor 10 Monaten

मुड़मा जतरा 2025 आदिवासी एकता, संस्कृति और परंपरा का अनोखा उत्सव – जहाँ लोकधुनों की गूंज और समुदाय की आस्था एक साथ झूम उठती है। झारखंड की इस जीवंत परंपरा के साक्षी बनिए और महसूस कीजिए एकता, विश्वास और संस्कृति का संगम। मुड़मा गाँव, रांची आज ही आइए! Hemant Soren
Jharkhand Tourism14,472 Aufrufe • vor 8 Monaten

धरती पर बिछे काशी फूल का मतलब है - वर्षा ऋतु की विदाई और मां भगवती के आगमन का शुभ संकेत। हम कामना करते हैं कि आपके जीवन में भी काशी फूल जैसी निर्मलता और सौंदर्य की बहार आए। #JharkhandTourism #Jharkhand #IncredibleIndia #ExploreJharkhand #KashiPhool Hemant Soren
Jharkhand Tourism11,250 Aufrufe • vor 9 Monaten

राजरप्पा मंदिर जहां शक्ति का वास है और नदियों का संगम होता है। छिन्नमस्तिका देवी का यह प्राचीन मंदिर झारखंड के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहाँ दमोदर और भैरवी नदियों का पवित्र मिलन होता है। आइए, आस्था और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करें। Hemant Soren
Jharkhand Tourism11,750 Aufrufe • vor 1 Jahr

जमशेदपुर के पास स्थित दलमा वन्यजीव अभयारण्य, हरियाली, वन्यजीवन और ट्रेकिंग ट्रेल्स का खजाना है। यहाँ जंगली हाथियों को नजदीक से देखने का मौका मिलता है, साथ ही शांति और अद्वितीय नज़ारों का आनंद भी। #JharkhandTourism #DalmaWildlifeSanctuary #NatureEscape Hemant Soren
Jharkhand Tourism10,488 Aufrufe • vor 1 Jahr

कला और संस्कृति के महाकुंभ में आप सभी का स्वागत! इस राष्ट्रीय शिविर में केरल से हिमाचल के लगभग 80 आदिवासी और लोक चित्रकार भाग लेंगे जहां अद्भुत चित्रकारों की बेहतरीन पेशकश देखने को मिलेगी। स्थान : पतरातू लेक रीसॉर्ट, झारखण्ड दिनांक : 28 जनवरी से 3 फरवरी '23 Hemant Soren
Jharkhand Tourism17,928 Aufrufe • vor 3 Jahren

The history of #Basukinath temple is related to Sagar Manthan. During the churning of ocean, Vasuki Nag was made the medium to churn the mountain. Vasuki Nag worshiped Lord Shiva . This is the reason why Lord Shiva sitting here is called #Basukinath. Hemant Soren
Jharkhand Tourism11,071 Aufrufe • vor 2 Jahren
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