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सामाजिक और राजनीतिक विश्लेषण में रुचि रखने वाला | विचारों का आदान-प्रदान | सच्चाई की खोज में | सामाजिकन्याय राजनीतिकचर्चा

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विधानसभा चुनाव से ही नरेंद्र मोदी के सह पर यादवों को आज जो अपराधी बताने की साजिश चल रही है। यादवों को बदनाम करने की साजिश नई नहीं है, लेकिन अब जवाब भी उसी भाषा में मिलेगा। JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज सिंह ने बिल्कुल सही कहा — “जितना आपके बाबूजी ने सब्जी का दुकान नहीं खोला होगा, उससे कहीं ज्यादा राम लखन बाबू ने बिहार और झारखंड में विद्यालय और महाविद्यालय खोले हैं।” जिस समाज ने शिक्षा, राजनीति, खेती और सामाजिक न्याय की लड़ाई में अपना खून-पसीना दिया, उसे अपराधी बताने वाले पहले इतिहास पढ़ लें। जाके देख रिकॉर्ड में… इंसान है या भगवान!

विधानसभा चुनाव से ही नरेंद्र मोदी के सह पर यादवों को आज जो अपराधी बताने की साजिश चल रही है। यादवों को बदनाम करने की साजिश नई नहीं है, लेकिन अब जवाब भी उसी भाषा में मिलेगा। JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज सिंह ने बिल्कुल सही कहा — “जितना आपके बाबूजी ने सब्जी का दुकान नहीं खोला होगा, उससे कहीं ज्यादा राम लखन बाबू ने बिहार और झारखंड में विद्यालय और महाविद्यालय खोले हैं।” जिस समाज ने शिक्षा, राजनीति, खेती और सामाजिक न्याय की लड़ाई में अपना खून-पसीना दिया, उसे अपराधी बताने वाले पहले इतिहास पढ़ लें। जाके देख रिकॉर्ड में… इंसान है या भगवान!

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TT : यादव जी हो? यात्री : हाँ सर। TT : कृष्णौत कि मंज़रौत? यात्री : मंज़रौत। उसके बाद कई थप्पड़ मारे गए। गमछा खींचकर पीटा गया। इस प्रकार यादव समाज को अपमानित किया जा रहा है। उपजाति पूछकर मारा जा रहा है। और कुछ फेसबुकिए गुंडे फेसबुक पर हवा बनाते हैं — ये कर देंगे, वो कर देंगे। सच्चाई ये है कि अहीर समाज के लड़के बिना राजद के आह्वान पर समाज के लिए 1 इंच भी सड़क पर नहीं आयेंगे, बस फेसबुक पर बिलबिलायेंगे। वहीं राजद बोल दे कि बिहार बंद करना है या रोड जाम करना है, तो FIR करवा लेंगे लेकिन सड़क जाम कर देंगे। बिहार में यादव समाज समाजहित नहीं, राजदहित सोचता है। जिसका खामियाजा भुगतना होगा। ये तो शुरुआत है… अभी आगे-आगे देखो होता है क्या? घर से निकाल-निकाल कर मारा जायेगा।

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