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Vivek Shrivastava

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Founder @newsthehunter Journalist Ex Rajasthan Patrika, Ex ETV Bharat, HS, JNV From Barmer Rajasthan. Tweets Are Personal. RTs are not endorsement.

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संघ विचारधारा की कांग्रेस संगठन में एंट्री… अब ये मत कह देना कि “मेरी अनुशंसा पर हुआ” है! #Rajasthan

संघ विचारधारा की कांग्रेस संगठन में एंट्री… अब ये मत कह देना कि “मेरी अनुशंसा पर हुआ” है! #Rajasthan

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पिछले एक दशक में कई राजनीतिक रैलियां देखी है कवर की है…रैली से ठीक पहले अलग पंडाल लग रहे है…यह संकेत है कि भीड़ उम्मीद से कहीं अधिक पहुँच गई है!

पिछले एक दशक में कई राजनीतिक रैलियां देखी है कवर की है…रैली से ठीक पहले अलग पंडाल लग रहे है…यह संकेत है कि भीड़ उम्मीद से कहीं अधिक पहुँच गई है!

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49 सिविल लाइंस पर “चौथी बार गहलोत सरकार”

49 सिविल लाइंस पर “चौथी बार गहलोत सरकार”

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किसी की चूक नहीं है महाराज सब जनता की गलती है।SMS अस्पताल में आग से लेकर हर हादसे दुर्घटना की जिम्मेदार जनता है। आप पैलेस पधारें विश्राम करें, जनता गुनहगार है भुगत लेगी। Gajendra Singh Khimsar

किसी की चूक नहीं है महाराज सब जनता की गलती है।SMS अस्पताल में आग से लेकर हर हादसे दुर्घटना की जिम्मेदार जनता है। आप पैलेस पधारें विश्राम करें, जनता गुनहगार है भुगत लेगी। Gajendra Singh Khimsar

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“युवाओं में जोश भरते सचिन पायलट” उम्मीद है डिफेंडर-एंडेवर की रील में मस्त युवा इससे प्रेरित होंगे” #Rajasthan

“युवाओं में जोश भरते सचिन पायलट” उम्मीद है डिफेंडर-एंडेवर की रील में मस्त युवा इससे प्रेरित होंगे” #Rajasthan

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कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया जाँच एजेंसी के सामने कहते हैं कि वे बाबूलाल कटारा को जानते तक नहीं, लेकिन 2014 की रजिस्ट्री चीख़-चीख़ कर सच बयान कर रही है…ज़मीन कन्वर्ट करवाई गई, कटारा की पत्नी से उनके भाई ने ज़मीन खरीदी और फिर वही ज़मीन खोड़निया परिवार के नाम दर्ज हो गई। सवाल सीधा है… क्या जाँच एजेंसी की फ़ाइलों में सिर्फ़ बयान मायने रखते हैं या दस्तावेज़ भी? अगर काग़ज़ात बोल रहे हों और जाँच मौन हो जाए, तो इसे लापरवाही कहें या मिलीभगत? पेपर लीक की कार्रवाई बाबूलाल कटारा पर आकर ठहर जाना इस बात का संकेत है कि माफ़िया की जड़ें अभी भी सुरक्षित हैं। जिन हाथों ने सवालपत्र बेचे, जिन रिश्तों ने सौदेबाज़ी की ज़मीन तैयार की, उन तक पहुँचने की हिम्मत सिस्टम क्यों नहीं दिखा पा रहा? इस घोटाले ने सिर्फ़ परीक्षाएँ नहीं छीनीं… इसने युवाओं का भरोसा, माता-पिता की उम्मीदें और कई घरों की आर्थिक–मानसिक शांति छीन ली। कोई सालों की मेहनत हार गया, कोई उम्र की दहलीज़ पार कर गया, और कोई आज भी एक तारीख़, एक आदेश, एक न्याय की आस में बैठा है। न्याय कब मिलेगा? जब जाँच नामों पर नहीं, नेटवर्क पर होगी। जब राजनीति से ऊपर उठकर कार्रवाई होगी। जब एजेंसी सिर्फ़ “आरोपी” नहीं, संरक्षण देने वालों तक पहुँचेगी। वरना इतिहास यही लिखेगा…. पेपर लीक नहीं रुका, युवा टूटते रहे, और सत्ता ने चुप्पी को जाँच का नाम दे दिया। ED Bhajanlal Sharma #Rajasthan

कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया जाँच एजेंसी के सामने कहते हैं कि वे बाबूलाल कटारा को जानते तक नहीं, लेकिन 2014 की रजिस्ट्री चीख़-चीख़ कर सच बयान कर रही है…ज़मीन कन्वर्ट करवाई गई, कटारा की पत्नी से उनके भाई ने ज़मीन खरीदी और फिर वही ज़मीन खोड़निया परिवार के नाम दर्ज हो गई। सवाल सीधा है… क्या जाँच एजेंसी की फ़ाइलों में सिर्फ़ बयान मायने रखते हैं या दस्तावेज़ भी? अगर काग़ज़ात बोल रहे हों और जाँच मौन हो जाए, तो इसे लापरवाही कहें या मिलीभगत? पेपर लीक की कार्रवाई बाबूलाल कटारा पर आकर ठहर जाना इस बात का संकेत है कि माफ़िया की जड़ें अभी भी सुरक्षित हैं। जिन हाथों ने सवालपत्र बेचे, जिन रिश्तों ने सौदेबाज़ी की ज़मीन तैयार की, उन तक पहुँचने की हिम्मत सिस्टम क्यों नहीं दिखा पा रहा? इस घोटाले ने सिर्फ़ परीक्षाएँ नहीं छीनीं… इसने युवाओं का भरोसा, माता-पिता की उम्मीदें और कई घरों की आर्थिक–मानसिक शांति छीन ली। कोई सालों की मेहनत हार गया, कोई उम्र की दहलीज़ पार कर गया, और कोई आज भी एक तारीख़, एक आदेश, एक न्याय की आस में बैठा है। न्याय कब मिलेगा? जब जाँच नामों पर नहीं, नेटवर्क पर होगी। जब राजनीति से ऊपर उठकर कार्रवाई होगी। जब एजेंसी सिर्फ़ “आरोपी” नहीं, संरक्षण देने वालों तक पहुँचेगी। वरना इतिहास यही लिखेगा…. पेपर लीक नहीं रुका, युवा टूटते रहे, और सत्ता ने चुप्पी को जाँच का नाम दे दिया। ED Bhajanlal Sharma #Rajasthan

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“साया जो सर से उठ गया…” आज दौसा की सरज़मीं पर जब स्क्रीन पर स्वर्गीय राजेश पायलट साहब के जीवन का चलचित्र चल रहा था, तब मंच के सामने बैठे सचिन पायलट की आँखों में एक अलग ही कशिश थी। नज़रे सामने थीं — लेकिन दिल अतीत के उस मोड़ पर था जहाँ एक बेटा सिर्फ़ अपने पिता को देख रहा था, न कि एक नेता को। एक दृश्य आया — पिता और पुत्र की साथ वाली तस्वीर। वो एक लम्हा नहीं था, एक जज़्बा था… वो सीन नहीं था, एक कशमकश थी — जहाँ एक बेटा भीड़ के बीच अकेला हो गया। “पिता के साये में जो सुकून था, वो ना तख़्त दे सका, ना ताज… हर मुसीबत आसान लगती थी, जब होती थी पास उनकी आवाज़…” सचिन की आँखों में पलकों के पीछे अटका हुआ समंदर था। भीड़ सड़क तक उमड़ आई थी — कोई जाति, कोई दल नहीं था वहाँ, बस एक ही नारा था — “राजेश पायलट अमर रहें!” आज समझ आया कि विरासत केवल नाम से नहीं, इरादों, इंसाफ़ और इज़्ज़त से ज़िंदा रहती है। और सचिन ने उस नाम को केवल जिया नहीं — “मुकम्मल किया है…” “बड़े लोगों की पहचान ये नहीं कि कितने लोगों से मिले, पहचान ये है कि कितने लोग उन्हें आज भी दिल से याद करते हैं…” स्वर्गीय राजेश पायलट साहब को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि। Sachin Pilot #RajeshPilotJi #Rajasthan

“साया जो सर से उठ गया…” आज दौसा की सरज़मीं पर जब स्क्रीन पर स्वर्गीय राजेश पायलट साहब के जीवन का चलचित्र चल रहा था, तब मंच के सामने बैठे सचिन पायलट की आँखों में एक अलग ही कशिश थी। नज़रे सामने थीं — लेकिन दिल अतीत के उस मोड़ पर था जहाँ एक बेटा सिर्फ़ अपने पिता को देख रहा था, न कि एक नेता को। एक दृश्य आया — पिता और पुत्र की साथ वाली तस्वीर। वो एक लम्हा नहीं था, एक जज़्बा था… वो सीन नहीं था, एक कशमकश थी — जहाँ एक बेटा भीड़ के बीच अकेला हो गया। “पिता के साये में जो सुकून था, वो ना तख़्त दे सका, ना ताज… हर मुसीबत आसान लगती थी, जब होती थी पास उनकी आवाज़…” सचिन की आँखों में पलकों के पीछे अटका हुआ समंदर था। भीड़ सड़क तक उमड़ आई थी — कोई जाति, कोई दल नहीं था वहाँ, बस एक ही नारा था — “राजेश पायलट अमर रहें!” आज समझ आया कि विरासत केवल नाम से नहीं, इरादों, इंसाफ़ और इज़्ज़त से ज़िंदा रहती है। और सचिन ने उस नाम को केवल जिया नहीं — “मुकम्मल किया है…” “बड़े लोगों की पहचान ये नहीं कि कितने लोगों से मिले, पहचान ये है कि कितने लोग उन्हें आज भी दिल से याद करते हैं…” स्वर्गीय राजेश पायलट साहब को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि। Sachin Pilot #RajeshPilotJi #Rajasthan

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AICC महासचिव सचिन पायलट ने आज मालपुरा के संवरिया गांव में भरत चौधरी को आशीर्वाद देने पहुंचे है। Bharat Raj Choudhary

AICC महासचिव सचिन पायलट ने आज मालपुरा के संवरिया गांव में भरत चौधरी को आशीर्वाद देने पहुंचे है। Bharat Raj Choudhary

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राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दिया इस्तीफा….विधानसभा की समिति के पद से दिया इस्तीफ़ा। Nandini R Mishra

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दिया इस्तीफा….विधानसभा की समिति के पद से दिया इस्तीफ़ा। Nandini R Mishra

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CJP वालों ने पहले तो स्कूल निरीक्षण के नाम पर भैंसों का अपमान किया अब यह दोनों ना जाने किस को “गधा” बोलकर पूरे गधे नस्ल का अपमान किया है। अरे भाई साहब “गधा” एक शांत जानवर है वो किसी को नहीं छेड़ रहा…किसी को कोई नुकसान नहीं कर रहा और तो और उसपर कभी भी कितना भी वजन डालो पहुँचा देता है। आजतक किसी गधे ने इंसान को ना नुकसान पहुंचाया फिर यह गधा समाज की अपमानित क्यों कर रहें है। मैं इस बार पर अभिजीत और आशुतोष दोनों से भैंस और गधा के अपमान पर माफ़ी माँगने की अपील करता हूँ। आप दोनों जिस किसी को यह कह रहे उसका नाम सीधे लीजिए कृपया कर शांतिप्रिय जानवर नस्ल का उपयोग ना करें अन्यथा मजबूरन हमें आपके खिलाफ धरना देना पड़ेगा! Abhijeet Dipke Ashutosh Ranka

Vivek Shrivastava

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सामान्य से लेकर मूल OBC तक… क्या अब रविंद्र सिंह भाटी में अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रहे हैं? पंचायतीराज चुनावों की घोषणा हो चुकी है। इसी बीच श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर से सामने आया यह दृश्य बहुत कुछ कहता है। इतनी बड़ी भीड़, बिना किसी बड़े संसाधन और बिना किसी स्थापित संगठन के इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा। यह जनाधार भाटी के लिए सिर्फ उपलब्धि नहीं, उससे कहीं बड़ी जिम्मेदारी है। क्योंकि अगर जनता राष्ट्रीय दलों के पारंपरिक विकल्पों से इतर किसी नए चेहरे में उम्मीद तलाश रही है, तो उस उम्मीद की कीमत समझनी होगी और उसका सम्मान भी करना होगा। मैंने कई मौकों पर रविंद्र सिंह भाटी की खुलकर आलोचना की है। जहां असहमति जरूरी लगी, वहां लिखी भी लेकिन पत्रकारिता का अर्थ सिर्फ आलोचना करना नहीं है। जब किसी मुद्दे पर कोई नेता बिना बड़े संसाधनों और बिना किसी मजबूत संगठनात्मक ढांचे के इस तरह जनता को जोड़ता दिखाई दे, तो उसकी तारीफ भी बनती है। रविंद्र, यह जनता की कमाई है। इसका ख्याल रखना। “ये भीड़ नहीं, उम्मीदों का समंदर है, इसे संभालकर रखना, जो भरोसा मिला है जनता से, उसे दिल में उतारकर रखना। रास्ते रोकेंगे, सियासत दबाएगी, तूफ़ान भी आएंगे, मगर जो चल पड़े हैं लोगों के लिए… वो मंज़िल भी बनाएंगे। आज कारवां तुम्हारे साथ है, कल इतिहास गवाह होगा, अगर जनता का भरोसा निभा लिया… तो ये आसमान भी तुम्हारा होगा।” Ravindra Singh Bhati

Vivek Shrivastava

23,045 Aufrufe • vor 22 Tagen