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@vruriesberries • 11,386 subscribers
जो करे इनको जुदा मज़हब नहीं इल्ज़ाम है। I was, am and always will be a student… the day I stop learning is the day I die
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*⬆️गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेता और गुजरात राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री* *"श्री शंकरसिंह जी वाघेला" ने खुद कैमरे पर स्विकार किया कि गोधरा और गुजरात के दंगों में भाजपा शामिल थी, और गोधरा के ट्रेन कोच को बाहर से गरीब गुजराती मुसलमानों ने नहीं बल्कि कोच के भीतर से संघी बीजेपी के लोगों ने जलाया था क्योंकि वे हिंदू मुस्लिम दंगे कराना चाहते थे और इसके बिना बीजेपी गुजरात में सत्ता में नहीं आ सकती थी.* 😢😢🥵🥵🥵 इतिहास गवाह हैं सत्ता के लिये कुछ भी कर सकता है
M G609,563 görüntüleme • 3 yıl önce

मोहन भागवत जी के लिए एक शेर है कि- 'इकबाल बड़ा मनमोहक है, मन बातों से मोह लेता है। गुफ्तार का गाज़ी बन तो गया, किरदार का गाज़ी बन न सका।' ये सब गुफ्तार के गाज़ी हैं। ये लोग बातचीत में ही सिर्फ बतोले फोड़ा करते हैं। अगर बातचीत में ये लोग बतोले नहीं फोड़ते हैं, तो आज की डेट में अमित शाह जी से माफी क्यों नहीं मंगवा देते? क्यों भगोड़े हो रहे हैं अमित शाह जी संसद के? क्यों भगोड़े हो रहे हैं नरेंद्र मोदी जी संसद के? अरे अभिनंदन का काम किया है तो संसद में अभिनंदन करा दो। पेलेट गन चलवाना अभिनंदन का काम है? लाठी चलवाना अभिनंदन का काम है? पुलिस के साथ सादी वर्दी में पता नहीं कौन आतंकवादी थे, गुंडे थे, संघ के कार्यकर्ता थे, या बजरंग दल के कार्यकर्ता थे, जिन्होंने छात्रों को लाठी-लाठी मार करके गिरा दिया? जिन्होंने महिलाओं के, बच्चियों के कपड़े फाड़ दिए, जिन्होंने छोटी-छोटी बच्चियों के पीछे लाठी... क्या-क्या मतलब मैं कह नहीं पा रहा हूं क्या दुस्साहस किया उन लोगों ने। आंदोलन संवाद का माध्यम है, ये मोहन भागवत जी कह रहे हैं। लेकिन आंदोलन का अपमान कौन कर रहा है? आंदोलन का अपमान कर रही है भारतीय जनता पार्टी। बकायदा वीडियो कॉल पर बात की है। उनकी मांगों को समर्थन दिया है। और हेमंत सोरेन जी ने चार कैबिनेट मिनिस्टर की सदस्यीय समिति बना दी है। 11 सदस्यीय समिति छात्रों की बन गई है। हमने छात्रों से पूछा है कि बताइए, आपके धरना स्थल पर आकर के बात करनी है, कि आप कहां आएंगे, या आप न्यूट्रल जगह पर आएंगे? छात्रों ने कहा है कि हमें एक दिन का समय दीजिए। हम एक दिन के समय में आपको बताते हैं। बॉल छात्रों के कोर्ट में है। तो सारी की सारी बातें छात्रों के साथ संवाद चल रहा है। आप, आप बताइए कि जब यहां पर धरना, आमरण अनशन शुरू हुआ था, आमरण अनशन से पहले से लेकर के और 20 दिन तक, क्या एक भी बार भी छात्रों के साथ नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने संवाद किया क्या? जब आमरण अनशन के 20 दिन हो गए तब भी संवाद किया क्या? ये असंवेदनशील सरकार है। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Surendra Rajput जी
M G21,981 görüntüleme • 2 ay önce
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