वो वक़्त गुज़र गया जब तेरी हसरत थी हमें अब तूँ ख़ुदा भी बन जा तो भी हम सज़दा नहीं करेंगे #ज़िंदगीनामा #zindaginama1
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जितने ऊँचे हो जाओगे , और अकेले हो जाओगे मिट्टी हो मिट्टी से आख़िर , कितने मैले हो जाओगे #ज़िंदगीनामा #zindaginama1
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परवाह न कर तमाशे होते रहेंगे ताउम्र तूँ बस ये ख़याल रख की तेरा क़िरदार बे-दाग़ रहे #ज़िंदगीनामा #zindaginama1
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राह में ख़तरे भी हैं लेकिन ठहरता कौन है मौत कल आती है आज आ जाए डरता कौन है तेरी लश्कर के मुक़ाबिल मैं अकेला हूँ मगर फ़ैसला मैदान में होगा कि मरता कौन है #ज़िंदगीनामा #zindaginama1
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बदला जो वक़्त गहरी रफ़ाक़त बदल गयी सूरज ढला तो साए की सूरत बदल गयी एक उम्र तक मैं उसकी जरूरत बना रहा फिर यूँ हुआ कि उसकी ज़रूरत बदल गयी #ज़िंदगीनामा #zindaginama1
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अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जायेगा मगर तुम्हारी तरह कौन मुझको चाहेगा ~ बशीर बद्र 🌼 #ज़िंदगीनामा #zindaginama1
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इश्क़ उससे करो जिसमें ख़ामियां बहुत हैं ये हुश्न से भरे चेहरे इतराते बहुत हैं मोहब्बत तो रूह से होनी चाहिए न मेरे यार ये लफ़्ज़ों से जताने वाले रुलाते बहुत हैं #ज़िंदगीनामा #zindaginama1
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जो नशे सस्ते हैं उनमें एक याराना भी है इश्क़ महंगा शौक है और उसपे जुर्माना भी है उससे मिलने जाते-जाते रुक गया ये सोचकर सिर्फ़ जाना ही नहीं लौटकर आना भी है #ज़िंदगीनामा #zindaginama1
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कुछ दिनों से ख़ुद से ख़फ़ा सा बैठा हूँ मैं अपनी ज़िंदगी का तमाशा बना कर बैठा हूँ और जितना लोग पाने की ख्वाइश रखते हैं उतना मैं पहले से गवा कर बैठा हूँ #ज़िंदगीनामा #zindaginama1