देखने मे लगे छोटा,,,🖋️ मगर घाव करे गंभीर,,,,🖋️

कुछ चीज़े पीछे से देखने मे आनंद आता है,,,,🖋️...

स्त्री को पसीने पसंद आते है,,,,🖋️ मगर सिर्फ मर्द के,,,🖋️

कलेजा काँप जाता है यार जुदा होने पर,,,🖋️ और...

जिंदगी बहुत बेरहम है कभी मुसीबत मे आज़मा कर...

उत्सुक स्त्री की जरूरत,,,🖋️ एक मज़बूत मर्द,,,🖋️

कैसे ऐतबार करे इंसान की मोहब्बत का,,, मैय्यत पर...

ओ पुरुष समझ जाओ,,,🖋️ अभी भी मौका है,,,🖋️

जैसे वो रोज–रोज़ मेरा तेल निकालने की बात करती...

जिस्मों की चाहत ने,,,🖋️ मोहब्बत के भाव गिरा दिया,,,🖋️

मर्द को पसीना पसंद है,,,,,🖋️ वो भी स्त्री की,,,,,🖋️

इज्जते के बिना,,,🖋️ प्रेम का कोई आस्तित्व नहीं है..🖋️

टेंसन गया तेल लेने,,,🖋️ भाई भाभी तो बवाल है,,,🖋️

चिराग़ सबके बुझेंगे मुर्शद,,,,🖋️ हवा किसी की सगी नहीं होती,,,,🖋️

कमजोर वक्त,,,,,🖋️ अच्छे चरित्र पर भी दाग लगा देता है,,,,🖋️

किसी एक से ऐसे बांधो की,,🖋️ सबसे आजाद हो जाओ,,🖋️