#bhopal

#Bhopal | #Offbeat क्या भोपाल में सक्रिय है अंडकोष चोर गैंग? भोपाल का एक 17 वर्षीय किशोर 6 अगस्त को लापता हुआ। गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ। पांच दिन बाद 11 अगस्त को छोटे तालाब में उसकी लाश मिली। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों ने शव की पहचान कि। पुलिस ने करीब 13 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और खुलासा किया कि, प्रथम दृष्टि में पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने मृतक किशोर को कथित अपना अंडकोष बेचने पर ₹2 करोड़ का लालच दिया था। जिसे विदेश भेजने की योजना थी। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से अंडकोष नहीं मिला। फिलहाल पुलिस इस कथित सौदे के पीछे शामिल लोगों और विदेश भेजने की पूरी योजना की गहराई से जांच कर रही है। इस से पूर्व भी एक डेड बॉडी बिना अंडकोष के मिली थी। बाइट: शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी, भोपाल
काश/if Kakvi426,912 次观看 • 25 天前

Who approved a divider that suddenly starts in the middle of the road? Total setup for disaster!! Engineer or authority responsible needs to be held accountable. This is criminal road design *Speeding car slammed into a divider and overturned on #Bhopal's Subhashnagar flyover. Both front tyres ripped off, two young passengers injured, hospitalised
Nabila Jamal1,712,724 次观看 • 1 年前

In the #Twisha suicide mystery case in #Bhopal, new details have emerged regarding the hours leading up to the incident. According to reports, Twisha had visited Expression Beauty Parlor just hours before allegedly taking her own life, where she spent nearly three hours trying to relax herself. Exclusive CCTV footage from the beauty parlor reportedly shows Twisha receiving a head massage while resting her feet on a table. The footage is said to capture the three hours immediately before the alleged suicide and has now become a key part of the ongoing investigation. #TwishaSharma #MadhyaPradesh
News9427,655 次观看 • 3 个月前

#Bhopal | #BulldozerJustice | भोपाल के नारियलखेड़ा [फ़िज़ा कॉलोनी] में कल ज़िला प्रशासन ने एक जिनी भूमि से कब्ज़ा हटाया। बुलडोजर सुबह छः बजे पहुंचा। तब कोई स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था तो कोई दूध लाने जा रहा था। तभी क्षेत्र की बिजली काट दी गई। बैरीकेडिंग कर रास्तो को ब्लॉक कर दिया गया। ना अंदर के लोग बाहर जा सकते हैं, ना बाहर के लोग अंदर। कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए गए। कोई नहीं समझ पा रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। कुछ घंटों के अंदर एक एक कर लगभग 40+ मकान और दो दर्जन दुकानें तोड़ दी गई। अंदाज़ लगाइये कि बुलडोजर आपके दरवाजे पर हो और आपको पता तक नहीं हो के अगला घर/दुकान आपका है। लोगों को सामना निकालने तक कि मोहलत नहीं मिली। ऐसा मंज़र था जैसे सुबह सुबह भूकंप आ गया हो और मल्बे में दबे हुए सामान और बेबस लोग रो रहे हैं। जो बच्चे सुबह स्कूल जा पाए जब वह लौटे तो उनका घर टूट चुका था और मां-बाप सड़कों पर बैठे रो रहे थे। ज़िला प्रशासन ने दलील दी के कोर्ट के आदेश पर 78 डेसिमल ज़मीन से 35 साल पुराने कब्ज़े हटाए गए। मीडिया की एंट्री प्रतिबंधित थी। ज़्यादातर मैनस्ट्रीम मीडिया ने ज़िला प्रशासन का ही पक्ष लिया। कुछ के लिए यह खबर ही नहीं थी। उसका एक मुख्य कारण यह भी था कि पीड़ित पक्ष मुस्लिम थे। वह भी लेबर क्लास। ख़ैर, भोपाल कि मीडिया तो इस मुद्दे को पचा गई मगर #GenZe सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने काफ़ी हिम्मत दिखाई और अपने चैनलों के ज़रिए उन्होंने इस बुलडोजर जस्टिस की सच्चाई दिखाई। उन्होंने लोगों से बात कर कई तथ्य सामने लाए :- - पीड़ितों को पूर्व सूचना नहीं दी गई। - सामान निकालने तक की मोहलत नहीं मिली। - जो लोगों मेहनत कर कुछ सामान निकाल पाए, उनका सामान तक चोरी हो गया। - पीड़ितों की माने तो वह 40-50 सालों से वहां रह रहे हैं। उन्होंने यह ज़मीन प्राइवेट बिल्डर से ली थी।जमीन रजिस्ट्री हुई, घर बन गया, तब ज़िला प्रशासन कहा था। - जहाँ सरकार पकड़ पकड़ कर पीएम आवास के तहत लोगों को घर दे रही है, बुलडोजर चलाने से पहले इनका पुनर्वास नहीं किया गया। - जिस तरह कोर्ट के आदेशों का पालन करना ज़िला प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है। ठीक उसी तरह, नागरिकों को सुरक्षा देना, उनका भरना पोषण करना और उनके साथ न्याय करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। - लोगों का कहना था कि हाई कोर्ट में चुनाव चल रहे हैं जिस वजह कर हम कोर्ट नहीं जा पाए। - सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुलडोजर कार्यवाही की गाइडलाइन का पूरी तरह से अनदेखा किया गया। मन मुताबिक काम हुआ। - भोपाल में पिछले दो हफ्तों से मूसलाधार बारिश हो रही है। कई क्षेत्र जलमग्न है। ऐसे में यह 40+ परिवार के पास ना रहने के लिए जगह है, और ना गुज़रा करने के लिए खाना। - चुनाव के दौरान लोगों के पैर के काटे को अपने दांतों से निकालने वाले नेता भी पीड़ितों के साथ खड़े नहीं दिखे। वीडियो थ्रेड 🧵
काश/if Kakvi35,279 次观看 • 22 天前

#Bhopal #Communalism हबीबगंज रेलवे स्टेशन (RKMP) पर शनिवार रात दो बजे GRP के हेड कॉन्स्टेबल नजर दौलत खान ड्यूटी पर तैनात थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गश्त के दौरान उन्होंने कुछ युवको को कार में शराब पीते देखा और वहाँ से जानें के लिए कहा। इस बात पर शराबी खफ़ा हो गए। और दोनों में बहस होने लगी। इसी बीच शराबियों ने उसका मुस्लिम नाम देख कर गाली गलौज शुरू कर दिया और फ़िर हमला कर दिया और कपड़े फाड़ दिए। जब हेड कॉन्स्टेबल को अन्य पुलिसकर्मी बचाने आए तो एक आरोपी ने कहा, "तुम हिंदू भाई हो, हट जाओ।" घटना का वीडियो रविवार को सामने आया। हालांकि इस घटना पर भोपाल पुलिस या GRP पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फ़िल्हाल मामला ठंडे बेस्ट में जाता दिख रहा है।
काश/if Kakvi397,617 次观看 • 1 年前





