#nepal
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🇳🇵Stripping politicians, kicking and hurting them, burning their houses, and whatnot!? The question is, what next for #Nepal which was just finding its feet as a federal democratic republic since 2008. The point is. Do they understand that democracy ain't always perfect!?
Saikiran Kannan | 赛基兰坎南2,697,770 次观看 • 9 个月前

A monk from India reached Pashupatinath after seven months. He traveled by lying down and bowing on the ground all the way. Nepal traffic police helped him during his journey to make it easier and safer. #SadhuJourney #Pashupatinath #Nepal #IndiaToNepal #SpiritualJourney #Faith #Devotion #IncredibleJourney #NepalPolice #TrafficPolice #ReligiousJourney #PeacefulTravel
@Birgunjse157,026 次观看 • 19 天前

#BREAKING नेपाल बोला हमने भारतीय जमीन पर कब्ज़ा किया है. लिपुलेख पर ब्रिटेन मध्यस्थ बने: बोले नेपाल के प्रधानमंत्री #Nepal के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भारत की जमीन पर कब्जा करने का दावा किया है. लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद पर संसद में उन्होंने ये बयान दिया. अब भारतीय जमीन पर कब्जा करने वाले बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. नेपाल के कई पूर्व राजनयिकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने बालेन शाह के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है. बालेन शाह ने प्रधानमंत्री बनने के दो महीने बाद पहली बार नेपाली संसद में सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए कहा: “प्रधानमंत्री बनने के बाद, मुझे पता चला कि सिर्फ़ भारत ने ही नेपाल की ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा किया हुआ है. दोनों पक्षों को बैठकर इस मामले को देखने की ज़रूरत है.” भारत-चीन के बीच लिपुलेख और लिम्पियाधुरा मार्ग से होने वाले व्यापार पर शाह ने कहा कि लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी पर विवाद diplomatic बातचीत से सुलझाया जाएगा. नेपाल इस मुद्दे पर भारत को एक ऑफिशियल डिप्लोमैटिक नोट भेज चुका है और भारत का जवाब भी मिल उसे मिल गया है. शाह ने कहा, “भारत के जवाब में कहा गया है कि दोनों सरकारें इतिहासकारों, सर्वेयर और इलाके के जानकार एक्सपर्ट्स की टीमें बनाएंगी और आपसी बातचीत के ज़रिए समाधान निकालेंगी.” उन्होंने कहा कि नेपाल ने बॉर्डर विवाद को लेकर #China और #Britain के साथ भी डिप्लोमैटिक बातचीत की है. शाह बोले, “हमने न सिर्फ़ भारत और चीन से बल्कि UK सरकार से भी बात की है. हमारा मानना है कि UK को भी इसमें दिलचस्पी लेनी चाहिए, क्योंकि ये मामला उस समय का है जब ब्रिटिश इंडिया ने इस इलाके को छोड़ा था.”
Dibang86,546 次观看 • 14 天前
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