#ugcregulations

📍#UGCRegulations 📱 क्लास में मोबाइल मत चलाओ कहना आज भारत में अपराध बन चुका है। बरेली में मैथ टीचर विवेक जोहरी ने बस इतना कहा, “मोबाइल रखो, पढ़ाई करो।” इनाम मिला POCSO केस। ⏳ 8 साल जेल, मुकदमा, अपमान। तब जाकर बरी हुए। लेकिन ज़िंदगी के 8 साल कौन लौटाएगा? ⚖️ तीन बच्चियाँ, एक आरोप। माता-पिता ने जाँच नहीं की, पुलिस ने सवाल नहीं किए, समाज ने फैसला सुना दिया “कुछ तो किया होगा।” 👉 यही है हमारी मेंटैलिटी। प्रयागराज में विष्णु तिवारी, POCSO + SC/ST + बलात्कार। ⛓️ 20 साल जेल, फिर सबूत के अभाव में बरी। पूरा केस झूठा। लेकिन झूठ बोलने वालों को क्या सज़ा? कुछ भी नहीं‼️ आज रोज़ की हेडलाइन👇 फर्जी SC/ST केस, फर्जी POCSO, फर्जी बलात्कार फर्जी दहेज, फर्जी घरेलू हिंसा 📊 नतीजा? भारत में महिलाओं से ज़्यादा पुरुष आत्महत्या कर रहे हैं। 📍 बुलंदशहर केस पहले दोस्ती, फोटो-वीडियो। फिर iPhone, फिर पैसे। अब धमकी— 💬 “1 लाख दो, नहीं तो केस।” नाम है 👉 हनी-ट्रैप & एक्सटॉर्शन 🐝 ❓ सवाल सीधा है— अगर आरोपी झूठा निकले तो शिकायतकर्ता पर कार्रवाई क्यों नहीं? कोर्ट बरी कर देता है, लेकिन झूठ बोलने वाला हीरो बनकर निकल जाता है। 👉 समाधान कोई रॉकेट साइंस नहीं👇 ✔️ झूठी शिकायत = जघन्य अपराध ✔️ झूठी जाँच = कड़ी सज़ा ✔️ झूठी गवाही = 10–20 साल ✔️ झूठे दस्तावेज़ = गैर-ज़मानती अपराध अगर POCSO में 20 साल की सज़ा है, तो झूठा POCSO केस करने वाले को भी 20 साल। बराबरी यहीं से शुरू होगी। ⚖️ साफ़ बात मैं कानून के खिलाफ नहीं हूँ, मैं कानून के दुरुपयोग के खिलाफ हूँ। 📌 FIR के साथ अंडरटेकिंग हो “मेरी शिकायत सच है, झूठी निकली तो सज़ा मंज़ूर।” 📌 जाँच अधिकारी भी जवाबदेह हो। जिस दिन झूठ डरने लगेगा, उस दिन न्याय तेज़ होगा, मुकदमे कम होंगे और विवेक जोहरी जैसे लोग टूटने से बचेंगे। 🙏 विवेक जोहरी बरी हो गए, लेकिन ❓ झूठ बोलने वाली लड़कियाँ? ❓ झूठा केस कराने वाले माता-पिता? ❓ झूठी गवाही देने वाले? 👉 यही असली सवाल है। 👉 यही न्याय की असली परीक्षा। ⚖️ Ashwini Upadhyay गृहमंत्री कार्यालय, HMO India PMO India
अखण्ड भारत संकल्प107,825 次观看 • 5 个月前









