#प्रोफ़ेसर_की_डायरी

ये लखनऊ विश्वविद्यालय के चांसलर और वाइस चांसलर हैं! देश के विश्वविद्यालय कैसे बर्बाद किए जा रहे हैं. हमने तो पहले ही #प्रोफ़ेसर_की_डायरी लिख कर आपको आगाह कर दिया कि देश के विश्वविद्यालयों में अब तर्क, विवेक व वैज्ञानिकता ख़तरे में है. ये लखनऊ विश्वविद्यालय का ये दृश्य उसकी एक बानगी है.
Dr. Laxman Yadav55,770 views • 1 year ago

मैंने अपनी किताब #प्रोफ़ेसर_की_डायरी में एक समाजशास्त्रीय सवाल उठाया कि शिक्षा जगत के सम्मान को कमतर करते हुए ब्यूरोक्रेसी को महिमामंडित किया गया. IAS-IPS को एक प्रोफ़ेसर से बेतहाशा ज़्यादा तवज्जो दी गई. उसकी वजहों में पॉवर की सामंती सोच के साथ ऊपर की कमाई भी निहित है. मगर प्रोफ़ेसर के साथ ऐसा कुछ न जुड़ा. फिर धीरे-धीरे शिक्षा की बर्बादी का पहिया तेज़ी से घुमाया जाने लगा. एक भी IAS-IPS अधिकारी सामाजिक लड़ाई लड़ पाता है? सरकारी फ़ैसले को रोक सकता है? नहीं. वो केवल दस्तख़त करता जाता है. जबकि एक शिक्षक समाज की लड़ाई लड़ते हुए उसे सकारात्मक दिशा दे सकता है. इसलिए यह नुक़सान शिक्षा जगत पर भरोसा का हुआ. देर कर दी हमें. बीते दिनों जारी हुए राउंड टेबल के मेरे पॉडकास्ट का ये हिस्सा जब देखा, तो अपनी वह बात बरबस याद आ गई.
Dr. Laxman Yadav12,952 views • 11 months ago
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