#मन

रात की चुप्पी में #सपनों की सरगम, #दिल पूछे कब होगा नई सुबह का आगमन, उम्मीद की किरणें #खिड़की पे दस्तक देंगी, एक नए दिन की रोशनी फिर #राहें चुनेंगी, हवा में छुपे बदलाव की खुशबू, #मन को कहती है थम जा, अभी नहीं रुको, हर #इंतज़ार का मंज़िल से रिश्ता है, इसमें सच्चा #वादा है...!!! #रोशनी🧚♀️
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