Загрузка видео...
Не удалось загрузить видео
05 वर्ष में जातिवाद खत्म करने की गारंटी
21,602 просмотров • 2 месяцев назад •via X (Twitter)
Комментарии: 25

किसी भी व्यक्ति का वर्ण एक ही हो सकता है | इस तरह, मैं सुबह शास्त्र अध्यापन करता हूँ तो ब्राह्मण, शाम होते होते यदि घर की गायों का दूध बेचूँ तो वैश्य हो जाऊँगा | गीता से लेकर मनुस्मृति तक वर्ण जन्म के आधारित पर है | @AshwiniUpadhyay जी आपका सारा कार्य सराहनीय है और विचार अच्छे | लेकिन इस 'कर्म आधारित वर्ण' के सिद्धांत का, मैं और सभी हिंदू जो प्राचीन किसी भी मान्य आचार्य की परंपरा में हैं, संप्रदाय की सिद्धांतों को मानते हैं, विरोध करते हैं | आर्य समाज की कुछ बातें सत्य तो कुछ बातें शास्त्रों के विपरीत हैं जैसे उनका पुराणों का खंडन | गीता में जब अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण से वर्णसंकरता की चिंता व्यक्त करते हैं, तो 'जन्म आधारित वर्ण' स्वत: सपष्ट हो जाता है | अर्जुन कोई भ्रमित व्यक्ति नहीं, अपितु आत्मज्ञानी महापुरुष पहले से थे | आपका @kharge जी के मनुस्मृति पर आपत्तिजनक भाषण के विरोध का मैं समर्थन करता हूँ | कृपया @Nigrahacharya जी का यह वीडियो अवश्य देखें :

बागड़ बिल्ला, ढोंगी और जाहिल क्या कहे? भारत संविधान से चलता है, लोकतंत्र है?

सर आपको लगता है की यहां के नेता सचमुच जातिवाद ख़त्म करना चाहते हैँ, उनकी रोटी सिकनी बंद हों जाएगी, वों चाहते ही नहीं की जातिवाद ख़त्म हों क्यूंकि तब उनसे लोग पूछेंगे की उन्होंने क्या काम किया है 5 सालों मे,

We must correct the whole system set by JN and his corrupt ideology . We at @hfbritain fighting battle with Conversion brigade and tookde gang for over 25 years in the UK . Caste is not an Indian word . Europeans hoisted it on us , otherwise divided and rule wd not have been possible .

इतनी बुद्धि ना तो हमारे देश के नाकरा नेताओं में है , ना तो निकम्में नौकरशाहों में है और ना ही निठल्ले न्यायधीशों में है 🤣😂

वर्ण कर्म से तय होता है,तो जो पढ़ाए वही ब्राह्मण,जो खेती करे वही किसान,जो व्यापार करे वही वैश्य—फिर जन्म के आधार पर ऊँच-नीच क्यों? और अगर किसी गैर-ब्राह्मण ने कथा कराई तो उसका अपमान क्यों किया गया? सिद्धांत और व्यवहार मे इतना विरोधाभास क्यों? पहले इसका जवाब दीजिए,फिर उपदेश दीजिए

After giving this much of reservation why govt. Needs to issue 403 cr for all this murtis of ambedkar,ravidas,valmiki Many engineers are sitting at home in UP why govt is not providing the free cybersecurity course to engineers atleast crime can be stopped

जय हो मनु महाराज की 🔱🚩

आरक्षण जातिवाद का सबसे बड़ा कारण है

kuch nhi hoga waqeel sahab ye desh ghor jaatiwadi hai

आपकी हिम्मत है दुग्गल साहब को ये सच बोलने की जैसे सकपाल ने अंग्रेजों का विरोध नहीं किया कभी वही आज आप कर रहे है क्रांतिकारी बनना आसान नहीं वो वीर जिन्होंने सकपाल की तरह अपनी जाती नहीं बल्कि अपना देस प्यारा था उनको नमन है

फिर नेताजी वोट किस बात पर मांगेंगे ?

Muslim ka gotra 😂😂😂😂😂😂

सर, सनातन धर्म का अर्थ है "शाश्वत कर्तव्य" या ब्रह्मांडीय नियम, जिसका पालन इंसानों या आर्यों के एक ही समूह द्वारा किया जाता था। जबकि हिंदू धर्म बाद में बाहरी आक्रमणकारियों (मुसलमानों और ईसाइयों) द्वारा दिया गया नाम है, जिसे उन्होंने इसे एक अलग धार्मिक व्यवस्था के रूप में दुनिया भर में प्रचारित किया। 'हिंदू धर्म' शब्द भौगोलिक शब्द "सिंधु" (सिंधु नदी) से निकला है। बाहरी लोगों (मुसलमानों और ईसाइयों) ने सिंधु नदी के पार रहने वाले लोगों/आर्यों (जिन्हें 'भारत' कहा जाता था) का वर्णन करने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया। इसलिए, 'हिंदू धर्म' शब्द मुसलमानों (बाहरी आक्रमणकारियों) द्वारा दिया गया था, जो आर्यों के बीच 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपना रहे थे। उन्होंने ब्राह्मणों की मदद से जातियां बनाईं; ब्राह्मणों ने शुरू में वैदिक व्यवस्था के 4 वर्णों को 4 जातियों में बदल दिया था। जाति व्यवस्था का विकास 19वीं सदी के आसपास बाहरी आक्रमणकारियों ने किया था। 'फूट डालो और राज करो' की नीति के तहत, उन्होंने इंसानों/आर्यों के एक ही समूह को 4 जातियों से बढ़ाकर 3000 जातियों और फिर 25000 उप-जातियों में बांट दिया। इसलिए, 'हिंदू धर्म' शब्द और उससे जुड़ी जाति व्यवस्था सनातन धर्म की उपज नहीं हैं। ये दोनों बाहरी आक्रमणकारियों (मुसलमानों और ईसाइयों) की 'फूट डालो और राज करो' नीति का परिणाम हैं। इसलिए, भारत सरकार को संवैधानिक रूप से इन्हें खत्म करना चाहिए। इसके बाद, सनातन भारत की सफलता के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण नीति लागू की जा सकती है। ऐसा मेरा मानना है। यह जानकारी आपके और जनता के विचार और टिप्पणी के लिए प्रस्तुत है। कृपया इस पर ध्यान दें और अपनी राय दें। 🙏

आप के विचार बताए rha पर

School me kon krta h jaativaad reservation se sab b use khtm kro

ये नेता मंत्री लोग नहीं होने देना चाहते है क्योंकि फिर इन्हें वोट कैसे मिलेगा। सभी लोग पढ़ लिख गए जाती भेद से ऊपर उठकर तो इन अनपढ़ नेता को वोट कौन करेगा ।

💯

jaativaad rahega reservation htao garibo ko reservation do apne aap sab sahi hoga Article 14 17 sc st act most sc st act on onc 80 saal ki report kaha h

शुरुआत आप कीजिए और उपाध्याय सरनेम हटा दो। है दम या सिर बल बक ही करते हो।

अच्छा सुझाव है 🫡

बाबा साहिब का लिखा हुआ संविधान पढ़ाना शुरू कर दिया जाए

सुझाव उत्तम लग रहा है, किन्तु जिन्हें उनका गोत्र मालूम ही नहीं है वे फिर क्या लिखेंगे?

@aajtak

बिल्कुल ठीक बात है

