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Ana Sayfaya Dön

1975 इमरजेंसी, 2023 ‘BAN’ #LongLiveMedia

618,911 görüntüleme • 2 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

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Sandeep Singh2 yıl önce

यह देश का सबसे दलाल एंकर है और यह देश का सबसे अविश्वसनीय कार्यक्रम है, कृपया दूरी बनाए रखें ...

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विनीता जैन2 yıl önce

हम करें तो EMERGENCY, वो करें तो Master Stroke? ये दोगलापन नही तो फिर क्या है?

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VIKRAM2 yıl önce

रे गुल्लु,तेरे जैसे चाटुकारों के शो में अपने प्रवक्ता नही भेजने का एलान किया है INDIA गठबंधन ने,तेरे शो पर थोड़ी रोक लगाई है?

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Shivani2 yıl önce

मर्यादा में लिस्ट बनाना था इंडिया को 🙏

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Shantanu2 yıl önce

BnD ka analysis Bhai bhi karo 🤣, Rajiv tyagi amar rahe

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Pratap Solanki 🇮🇳2 yıl önce

जीतना जुमका नही गिरा बरेली की बाजार में उतना मिडिया का स्तर गिर गया हे भाजपा की सरकार में !

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chandan2 yıl önce

अजित अंजुम जी लिखते है नौ सालों में पीएम मोदी से एक भी सवाल नहीं पूछने वाले एंकर बार -बार कह रहे हैं कि हम सवाल पूछ रहे थे इसलिए हमारा बहिष्कार किया गया .. मुश्किल सवालों से डर गया विपक्ष ? अरे भाई ये तो बताओ कि मई 2014 से अब तक सत्ता में बैठे मोदी और शाह से कब एक भी सवाल पूछा . सारे सवाल विपक्ष से ही पूछने है ? मोदी के सामने लोट जाना है ? हाथ जोड़कर खड़े हो जाना है ? शहादत के दिन मोदी के जश्न पर भी कोई सवाल मोदी से नहीं पूछना है ? फिर किस सवाल की बात कर रहे हो ? #SudhirChaudhary #GodiMedia #BoyCottGodiMedia

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Saurav Singh2 yıl önce

तुम सबको सपना है की तुम लोग पत्रकार हो, असल में तुम दलाल हो। 😂

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पंकज चौधरी2 yıl önce

ओ B & D अगर इतना ही गुरुर है अपने हुनर पर तो एक बार स्टूडियो से निकल कर जनता के बीच मे आकर दिखाओ

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VANSHRAJ DUBEY2 yıl önce

अफ़सोस ये है कि 'चप्पल चटाई' में भी आप 6वें नम्बर पर रह गए ..! न घर के हुए न घाट के..!!

Benzer Videolar

BJP से बड़प्पन की उम्मीद करना बेमानी है. और नरेंद्र मोदी से बड़ा दिल दिखाने की अपेक्षा करना बेवक़ूफ़ी संसद सत्र शुरू हुआ, नेता विपक्ष राहुल गांधी और नेता सदन नरेंद्र मोदी एक साथ स्पीकर महोदय को लेकर ऊपर पहुँचे एक नई शुरुआत की पहल ख़ुद राहुल गांधी ने पहले हाथ बढ़ा कर की. नेता प्रतिपक्ष के रूप में सदन में उनका पहला वक्तव्य बेहद उम्दा था. धीर गंभीर बात, हिंदुस्तान के लोगों के प्रतिनिधित्व की बात करते हुए - विपक्ष की आवाज़ को जगह दिये जाने की पुरज़ोर पैरवी की. यहाँ से अगर BJP चाहती तो एक अच्छी पहल हो सकती थी लेकिन छोटे मन के लोगों से बड़ी बातों की उम्मीद करना ही ग़लत है. स्पीकर ने 49 साल पहले लगी इमरजेंसी का प्रस्ताव रखा, फिर आज 27 जून को राष्ट्रपति ने सरकार द्वारा लिखित अभिभाषण में भी 25 जून 1975 की इमरजेंसी का ज़िक्र किया पुराने घाव कुरेदने से क्या हासिल होगा? इमरजेंसी का निर्णय ग़लत था, इसमें कोई दोराय नहीं है. लेकिन यह भी सच है कि इंदिरा जी ने ख़ुद उस गलती को माना था और लोकतांत्रिक चुनाव कराए थे. यही नहीं, इमरजेंसी से कोई वास्ता ना होने के बावजूद स्वयं राहुल गांधी ने इमरजेंसी को एक गलती बताया है और ऐसा कभी दोबारा ना हो इसीलिए वह संविधान को हर हाल में सुरक्षित रखने के किए प्रतिबद्ध हैं लेकिन अब क्योंकि छेड़ ही दिया है तो कुछ सवाल पूछ ही लिए जायें : 1) एक साथ एक ही सत्र में क़रीब 146 विपक्षी सांसदों को लोक सभा से निलंबित करना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 2) विपक्षी सांसदों के माइक बंद कर देना, क्या यह एमरजेंसी नहीं है? 3) राहुल गांधी के 14 मिनट के भाषण में 11 मिनट ओम बिरला की शक्ल दिखाना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 4) 51 मिनट के राष्ट्रपति के आज के अभिभाषण में 6 बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को और 73 बार नरेंद्र मोदी को दिखाना, क्या ये इमरजेंसी नहीं है? 5) स्पीकर का ‘जय संविधान’ बोलने पर आपत्ति करना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 6) जबरन काले कृषि क़ानून, CAA, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 पास कराना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 7) सिर्फ़ वॉइस वोट से क़ानून को पारित कराना, लोकसभा में 35% विधेयक एक घंटे से कम समय में पारित कराना और मात्र 16% बिल को Parliamentary Standing Committee के भेजना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 8) संसद के प्रांगण से छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा गाँधी और बाबासाहेब की प्रतिमाओं को बिना विपक्ष से चर्चा किये बियाबान में डाल देना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 9) विधायकों की नीलामी करके चुनी हुई सरकारें गिराना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 10) विपक्ष को ED, CBI, Income Tax से प्रताड़ित करना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 11) चुनाव के दौरान मुख्यमंत्रियों को जेल में डालना, मुख्य विपक्षी पार्टी के बैंक खाते बंद करना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 11) विपक्षी नेताओं की, न्यायाधीशों की, अफ़सरों की, अपने ख़ुद के मंत्रियों की पेगसस से जासूसी करना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 12) एक साल से जलते हुए मणिपुर को उसके हाल पर छोड़ देना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 13) चीनी अतिक्रमण से आक्रोशित लद्दाख की अनदेखी करना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 14) किसानों को सवा साल तक दिल्ली की सरहद पर छोड़ देना जिसमें 750 किसानों की शहादत हो गई, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 15) किसान नरसंहार के मुख्य अभियुक्त के पिता को गृह राज्यमंत्री बनाए रखना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 16) रोज़गार की माँग करते युवाओं को पुलिस से बर्बर लाठीचार्ज कराना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 17) छात्रों को प्रदर्शन करने पर जेल में डाल देना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 18) पेपर पर पेपर लीक होना, परीक्षाएँ स्थगित होना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 19) 21 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट को गिरफ़्तार करना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 20) पत्रकारों पर असहज सच दिखाने के लिए राष्ट्रद्रोह के मुक़दमे लगाना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 21) मीडिया को अपने बस में करने के बाद सोशल मीडिया और यूट्यूब पर शिकंजा कसने की कोशिश करना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 22) सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ की सबसे बड़ी फैक्ट्री चलाने के बाद अगर किसी और का पोस्ट ठीक ना लगे तो उसे सीधे जेल में डाल देना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 23) मनमाने फ़रमानों से लॉकडाउन लगाना, नोटबंदी करना, क्या यह इमरजेंसी नहीं है? 24) औरतों के ख़िलाफ़ जघन्य से जघन्य अपराध हों और सरकार हर बार आरोपी को संरक्षण दे, क्या यह इमरजेंसी नहीं है?

Supriya Shrinate

431,344 görüntüleme • 2 yıl önce