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Ana Sayfaya Dön

40 साल में सहारनपुर में पहली बार Congress ने खाता खोला है वो भी सिर्फ राजपूतों के समर्थन से। राजपूतों के स्वाभिमान पर बात आयेगी तो किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं होगा। Rajput's Of INDIA

337,327 görüntüleme • 2 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

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Chota Don2 yıl önce

@INCIndia बहुत शानदार , मुल्लो के साथ मिलकर हिन्दुओ को हरा दिया, गज़ब।

Mukesh Ambani ( Parody ) profil fotoğrafı
Mukesh Ambani ( Parody )2 yıl önce

@INCIndia ये वही राजपूत है जिसने बुल्ले का लोला उठा के सीट लिया है और तुमको शर्म भी नहीं आती है समाज के ठेकेदार बना है

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Om Kunwar (हिंदू)2 yıl önce

@INCIndia राजपूतों के नाम से चलने वाला अब्दुल.... इसको अपना नाम लिखने में शर्म आती है, इसीलिए फर्जी नाम लिखता है

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VatsRohit2 yıl önce

@INCIndia Mughalon ne bhi Bharat pe raaj tume jaie Rajputon ke samarthan se hi kiya tha. Isme koi nai baat nahin hain.

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Zeennat Rana2 yıl önce

@INCIndia आप कभी भी राजपूत नहीं हो सकते ! I guarantee.

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S K Pandey2 yıl önce

@INCIndia ….अकबर को सौंप देंगे..हद है वैसे यह Twitter राजपूतों का नहीं है..फ़र्ज़ी है

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Satya Sanatan Official2 yıl önce

@INCIndia मतलब पहली बात कि इतिहास में कुछ गलत नहीं लिखा है। और दूसरी बात कि अब मुल्ले राजपूतों की शान बचाएंगे? दोनों बातें सुनकर मजा आ गया। 😂😂

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जॉन कबीर2 yıl önce

@INCIndia किले के दरवाजे हमेशा अंदर से ही खोले गए हैं ✍️

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Deepak2 yıl önce

@INCIndia राजपूत का इतिहास मुस्लिमों के प्रति बहुत शानदार रहा है। हमेशा वो मुस्लिमों और मुगलो केलिए खड़े रहे है। हमे गर्व है राजपूतो पे।

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Mohit Singh Rathore2 yıl önce

@INCIndia ऐसे ही कुछ ग़द्दारो ने सम्राट पृथ्वीराज से भी गद्दारी की थी, उसका परिणाम देश आज तक भुगत रहा है। ये फ़र्ज़ी राजपूत सम्मान के नाम पे आज थूक चाटने को भी तैयार हो गए। इस से ज़्यादा दुर्भाग्य क्या होगा।

Benzer Videolar

"सवर्णों का अलग देश बनेगा तो उसमें राजपूतों का शासन चलेगा" ये सब ट्वीट करके आईटी सेल वाले क्या अचीव करना चाहते हैं, इतना सबको समझ आता है। पहली बात तो कि राजपूतों को इसमें ना घसीटो। 2024 में इन दोनों गुजरातियों ने टिकट वितरण में उनका जो सफाया किया था, वो सबको याद है... इसलिए हितैषी बनने की आवश्यकता नहीं है। आज अनेक राज्यों में एक भी क्षत्रिय सांसद नहीं है, इसका कारण सिर्फ और सिर्फ महामानव और उनके सिपहसालार हैं जिन्होंने ओबीसीवाद की अग्नि में उनकी आहुति दे दी। उस समय तो सवर्णों के चैंपियन बने हैंडल्स भी राजपूतों को गद्दार, पाकिस्तानी कह रहे थे। खैर.... दूसरा, जब बाबासाहेब के चरणरज से उपजे इस देश की स्थापना नहीं हुई थी, तब भी 500 रियासतों में शासन राजपूतों का ही चलता था। इसलिए सत्ता और शासन के सिद्धांत उन्हें मत समझाओ। वो भलीभांति जानते हैं। यह देश उनके पूर्वजों द्वारा दी गई रियासतों, भूदान आंदोलन में बांटी गई जमीनों और असंख्य जगह दिए गए दान से बना है जिसे लेकर कृतघ्न और नीच लोगो ने उनकी संतानों का ही गला घोंटना शुरू कर दिया और मजबूत जमीनी खेतिहर होते हुए, पढ़े लिखे होकर, थार चलाते हुए भी रोज आरक्षण डकारते हैं। राजपूतों का क्या होगा और नहीं होगा, इसके लिए तुम्हारे प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। वो जहाँ भी हैं, जैसे भी हैं, अपना हित देख लेंगे। अपने कुतर्कों से फूट डालने का जो प्रयास कर रहे हो, वो सबको समझ आ रहा है। बाकी ये लो, एक Caste Kanging का वीडियो देखते जाओ

The Social Scientist

15,064 görüntüleme • 7 ay önce

जय भवानी! स्वाभिमान की बात है, किसी पार्टी की नहीं! आज कुछ लोग बार-बार मायावती जी के राज में राजा भैया को जेल भेजे जाने की बात याद दिला रहे हैं। ठीक है, वो भी एक दौर था — लेकिन फिर हम ये क्यों भूल जाते हैं कि BJP के शासन में भी हमारे समाज पर कितने अत्याचार हुए? गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक, न जाने कितनी बार हमारे समाज के युवाओं पर लाठियाँ बरसाई गईं, बहन-बेटियों पर अभद्र टिप्पणियाँ की गईं, और हमारे समाज के बड़े लोगों की पगड़ियाँ उछाली गईं। लेकिन अफ़सोस की बात है, तब किसी ने कोई बड़ा विरोध नहीं किया। मायावती जी को बुलाने का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि जो "Thakur vs Dalit" वाला फर्जी राजनीतिक कार्ड खेला जा रहा है, उसे पूरी तरह रद्द किया जा सके। हमारा मकसद किसी दल को मंच देना नहीं, बल्कि समाज को एक करना और स्वाभिमान की बात को मज़बूती से उठाना है। समाज को चाहिए कि समय के अनुसार अपनी राजनीति, सोच और रणनीति बदले, क्योंकि जो समाज समय के साथ नहीं बदलता, उसका राजनीतिक पतन निश्चित है। नोट – 12 अप्रैल को समाज का हर भाई जरूर पहुंचे, सभी लोग आ रहे है। इस कार्यक्रम को कोई भी राजनीतिक रंग न दे। चाहे किसी भी दल का नेता मंच पर हो, मुद्दा सिर्फ और सिर्फ समाज का होगा। यह युवाओं की आवाज है, हमारी मांग है – स्वाभिमान से समझौता नहीं! जय भवानी! 🚩

Rajput's Of INDIA

18,866 görüntüleme • 1 yıl önce