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चीन सालों से दुनिया को प्रभावित करने और भारतीय माइंडसेट को मैनिपुलेट करने के लिए यह नैरेटिव चलाता रहा कि Chaina बहुत महान है, भारत से 100 साल आगे है और भारत में सब कुछ घटिया व बेकार है। लेकिन अब यह रणनीति उसी पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। 🇮🇳 पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर कई भारतीय यूजर्स ने चीन की उस चमकदार छवि पर सवाल उठाए हैं, जिसे वर्षों से दुनिया के सामने पेश किया जाता रहा। चीन ने अपनी सकारात्मक छवि बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया, इंफ्लुएंसर्स को बुलाया, ऊंची-ऊंची इमारतें, चमचमाते शहर और आधुनिक सड़कें दिखाईं। नतीजा यह हुआ कि कई लोग, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल हैं, यह मानने लगे कि चीन भारत से बहुत आगे निकल चुका है। आलोचकों का दावा है कि इस प्रचार के पीछे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने वर्षों तक मेहनत और संसाधन लगाए। वहीं कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने चीन की गरीबी, झुग्गियों, असमानता और सामाजिक चुनौतियों को सामने लाने का प्रयास किया है। उनके अनुसार चीन में आज भी ऐसे क्षेत्र हैं जहां लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। विशेष रूप से चीन का हुकौ (Hukou) सिस्टम चर्चा का विषय बना है। इस व्यवस्था के तहत नागरिकों के अधिकार और सरकारी सुविधाएं काफी हद तक उनके पंजीकृत क्षेत्र पर निर्भर करती हैं। आलोचकों का कहना है कि इससे ग्रामीण और शहरी आबादी के बीच बड़ा अंतर पैदा होता है। कई प्रवासी मजदूर शहरों में काम तो कर सकते हैं, लेकिन उन्हें और उनके परिवारों को समान सुविधाएं नहीं मिल पातीं। इसलिए जो लोग बार-बार कहते हैं कि "चीन हमसे 100 साल आगे है", उनके दावे पर अब कई लोग सवाल उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि चीन की उपलब्धियां वास्तविक हैं, लेकिन उसकी चमकदार छवि के पीछे की चुनौतियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अब जब सोशल मीडिया पर चीन की आंतरिक समस्याओं को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं, तो चीन के सरकारी मीडिया जैसे ग्लोबल टाइम्स की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। वहीं राजनीतिक स्तर पर भी इस बहस का असर दिखाई देता है। कुछ लोगों का मानना है कि राहुल गांधी जैसे नेताओं के लिए अब चीन की खुलकर प्रशंसा करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। 🤔🇨🇳🇮🇳 🔥 निष्कर्ष: किसी भी देश का मूल्यांकन केवल उसकी ऊंची इमारतों और चमकदार शहरों से नहीं, बल्कि वहां के आम नागरिक के जीवन, अवसरों और समान अधिकारों से किया जाना चाहिए।

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